Shuru
Apke Nagar Ki App…
सुनील अस्तेय का बड़ा बयान।
Banwari katariya
सुनील अस्तेय का बड़ा बयान।
More news from राजस्थान and nearby areas
- बकानी :- केंद्र सरकार की हर घर नल योजना के अंतर्गत लोगो को मिलेगा पानी, क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोड़ी मे हर घर नल योजना का किया शुभारम्भ, प्रशासक प्रतिनिधि रामप्रसाद लोधा ने नल चालू कर किया शुभारम्भ,2
- सुसनेर नगर में कांग्रेसियों ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विजय शाह राजेंद्र शुक्ला का पुतला फुका की इस्तीफे की मांग1
- तेज बारिश और आंधी से किसानों की फसलों को भारी नुकसान, भारतीय किसान संघ करेगा ज्ञापन शाजापुर, 20 फरवरी। 19 फरवरी की रात 11:00 बजे से लगातार हो रही तेज बारिश और आंधी ने शाजापुर तहसील के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अचानक बदले मौसम ने खेतों में खड़ी गेहूं, मसूर, राईडा, लहसुन और प्याज की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर गेहूं की फसल आड़ी गिर गई है, जिससे 60 से 80 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। भारतीय किसान संघ के जिला कोषाध्यक्ष ललित नगर एवं तहसील मंत्री ज्ञान सिंह गुर्जर ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि शाजापुर तहसील के ग्राम सेतखेड़ी, पचोला, खामखेड़ा, खोरिया, नायता, बिकलाखेड़ी सहित कई गांवों में तेज हवा और बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी फसलें बिछ गईं, जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। किसानों का कहना है कि पहले ही जल संकट, बिजली की समस्या और खाद के लिए लंबी कतारों जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए दिन-रात खेतों में पहरा देना पड़ा। कई किसानों ने अपनी जेब खाली कर तार फेंसिंग और झटका मशीन जैसी व्यवस्थाएं की थीं, लेकिन प्राकृतिक आपदा के आगे सारी मेहनत बेकार साबित होती नजर आ रही है। बताया गया कि जहां पहले एक बीघा फसल की कटाई पर 3 से साढ़े 3 हजार रुपये खर्च आता था, वहीं अब फसल गिरने के कारण कटाई खर्च बढ़कर लगभग 4 से 4.5 हजार रुपये तक पहुंच जाएगा। पैदावार में कमी और लागत में वृद्धि से किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। इस संबंध में भारतीय किसान संघ ने निर्णय लिया है कि 23 फरवरी 2025, सोमवार को माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और राहत पैकेज देने की मांग की जाएगी।1
- टपकती छत के नीचे नौनिहालों ने दी बोर्ड परीक्षा! शाजापुर के पिपलिया गोपाल स्कूल की शर्मनाक तस्वीर; तीन दिन पहले बच्चों से साफ कराया था शौचालय, अब भीगते हुए दिलाया हिंदी का पेपर। शाजापुर। शिक्षा व्यवस्था को लेकर किए जाने वाले बड़े-बड़े दावों की असल हकीकत देखनी हो, तो शाजापुर के एक सरकारी स्कूल का रुख कर लीजिए। यहां 'स्मार्ट क्लास' और 'हाईटेक एजुकेशन' तो दूर की कौड़ी है, बच्चों के नसीब में सूखी जगह बैठकर परीक्षा देने तक की सुविधा नहीं है। शुक्रवार को जब नौनिहाल अपने भविष्य की इबारत लिखने के लिए बोर्ड परीक्षा दे रहे थे, तब आसमान से बारिश और जर्जर छत से शिक्षा विभाग की 'लापरवाही' टपक रही थी। बच्चे एक हाथ से जवाब लिख रहे थे और दूसरे हाथ से अपनी कॉपी को भीगने से बचा रहे थे। नीचे बिछी टाटपट्टी, ऊपर से टपका पानी जानकारी के अनुसार, यह शर्मनाक मामला ग्राम पिपलिया गोपाल स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय का है। शुक्रवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे की शिफ्ट में कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित की गई थी। छात्रों का हिंदी का पहला पेपर था। परीक्षा कक्ष में 144 विद्यार्थी नीचे टाटपट्टी पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे, तभी अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई। बाल्टी और मग रखकर रोका गया पानी, फिर भी भीगे बच्चे बारिश शुरू होते ही स्कूल की खस्ताहाल इमारत ने जवाब दे दिया और छत से पानी क्लासरूम में टपकने लगा। हालात इतने बदतर हो गए कि पानी को फैलने से रोकने के लिए शिक्षकों को क्लासरूम के बीच में बाल्टी और मग रखने पड़े। इसके बावजूद नीचे बिछी टाटपट्टी और फर्श पूरी तरह से गीले हो गए। बच्चे मजबूरी में भीगते हुए, उसी गीली जगह पर बैठकर 3 घंटे तक अपना पेपर देने को विवश रहे। पानी सीधा बच्चों के कपड़ों और उनकी कॉपियों पर गिर रहा था। शिक्षिका का तर्क: 'अचानक आ गई बारिश' इस पूरी अव्यवस्था और बदहाली पर जब स्कूल की शिक्षिका शबाना परवीन से बात की गई, तो उनका कहना था कि उन्हें बारिश होने की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया, "जैसे ही परीक्षा शुरू हुई, वैसे ही बारिश भी आ गई। अचानक ही छत के रास्ते क्लास के अंदर पानी आना शुरू हो गया।"1
- Post by Ghanshyam Vaishnav4
- Post by Mr Imtiyaz khan1
- शाजापुर जिले में बारिश और तेज हवा से जिले के दर्जनों गांवों की गेहूं की फसलें आड़ी, उत्पादन पर पड़ेगा असर1
- शाजापुर में भीषण सड़क हादसा: ट्रक से टकराई सब्जियों से भरी पिकअप, पुलिस ने रेस्क्यू कर बचाई जान शाजापुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। सुनेरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पनवाड़ी के पास सब्जियों से भरा एक पिकअप वाहन आगे चल रहे ट्रक से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह से पिचक गया और उसमें सवार चालक व परिचालक केबिन के अंदर ही बुरी तरह फंस गए। गनीमत यह रही कि समय पर पहुंची पुलिस की तत्परता से दोनों की जान बच गई। इंदौर से उत्तर प्रदेश जा रहा था वाहन प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे एक पिकअप वाहन इंदौर से भारी मात्रा में सब्जियां लादकर उत्तर प्रदेश की ओर जा रहा था। इसी दौरान पनवाड़ी के समीप चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और पिकअप आगे चल रहे एक ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। डायल 112 की टीम ने की कड़ी मशक्कत घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच गई। प्रधान आरक्षक बैजनाथ सिंह और पायलट महेंद्र सिंह जादौन ने तुरंत मोर्चा संभाला और बचाव कार्य शुरू किया। केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण दरवाजे लॉक हो गए थे। पुलिस टीम ने भारी मशक्कत के बाद वाहन का दरवाजा किसी तरह खोला और अंदर फंसे चालक व परिचालक को सुरक्षित बाहर निकाला। इस खौफनाक दुर्घटना में राहत की बात यह रही कि दोनों को केवल मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- Post by AM NEWS1