राजस्थान के कोटा जिले के सिमलिया क्षेत्र स्थित पोलाई खुर्द गांव में पानी-पतासे खाने के बाद करीब 115 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई है। इन सभी बच्चों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायतें सामने आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दीगोद के उपखंड अधिकारी दीपक महावर, सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नावर और सुल्तानपुर के बीसीएमओ डॉ. राजेश सामर तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे। डॉ. सामर ने तुरंत 108 एम्बुलेंस सहित दो मेडिकल टीमों को गांव में रवाना कर उपचार और सर्वे का काम शुरू करवाया। गंभीर रूप से प्रभावित करीब एक दर्जन बच्चों को सिमलिया के सीएचसी में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है, जबकि एएनएम और आशा कार्यकर्ता पूरे गांव में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। इस घटना की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को शोली गांव भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, पानी-पतासे बेचने वाला विक्रेता इसी शोली गांव से आया था, जिसके बाद विभाग मामले की जांच में जुट गया है।
राजस्थान के कोटा जिले के सिमलिया क्षेत्र स्थित पोलाई खुर्द गांव में पानी-पतासे खाने के बाद करीब 115 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई है। इन सभी बच्चों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायतें सामने आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दीगोद के उपखंड अधिकारी दीपक महावर, सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नावर और सुल्तानपुर के बीसीएमओ डॉ. राजेश सामर तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे। डॉ. सामर ने तुरंत 108 एम्बुलेंस सहित
दो मेडिकल टीमों को गांव में रवाना कर उपचार और सर्वे का काम शुरू करवाया। गंभीर रूप से प्रभावित करीब एक दर्जन बच्चों को सिमलिया के सीएचसी में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है, जबकि एएनएम और आशा कार्यकर्ता पूरे गांव में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। इस घटना की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को शोली गांव भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, पानी-पतासे बेचने वाला विक्रेता इसी शोली गांव से आया था, जिसके बाद विभाग मामले की जांच में जुट गया है।
- झालावाड़ के बकानी में किसान संघ का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। इस मामले में अब तक कोई भी समाधान नहीं निकल पाया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि किसान संघ के जिलाध्यक्ष की बात को सुना जाए। किसी भी तरह का ठोस समाधान न होने के कारण बकानी में यह आंदोलन लगातार बना हुआ है।1
- Post by Dhanraj Meena1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ से पत्रकार रामप्रसाद धनगर गुर्जर की यह खबर है।1
- मंदसौर जिले के भानपुरा में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत नगर में एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया है। इस जागरूकता अभियान के बीच यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि स्कूलों के आसपास की दुकानों पर मिल रहे नशीले पदार्थों के खिलाफ आखिर कब कार्यवाही की जाएगी।1
- मुंबई के अंधेरी इलाके में अभिनेत्री सब्बी सूरी को स्पॉट किया गया है, जहाँ उनका अंदाज कैमरों में कैद हो गया। सार्वजनिक स्थान पर अपने सामान्य अंदाज में नजर आईं अभिनेत्री की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई हैं। उनके प्रशंसकों के बीच इस वीडियो और तस्वीरों को बेहद तेजी से साझा किया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के तोलाखेड़ी से पत्रकार रामप्रसाद धनगर गुर्जर की जानकारी सामने आई है।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की गरोठ तहसील के अंतर्गत आने वाले गाँव बोरखेड़ी रेडका का डेरा में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहाँ के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुँचे, जिसके कारण स्कूल आए बच्चे काफी देर तक खड़े होकर उनका इंतजार करते रहे। शासन द्वारा शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए इ-अटेंडेंस की व्यवस्था शुरू की गई है, लेकिन इसके बावजूद शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुँच रहे हैं। गरोठ विकासखंड के इस विद्यालय में शिक्षकों की इस लापरवाही के कारण बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरने और प्रसिद्ध वैज्ञानिक व एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनशन के 18 दिन बीतने के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि यह एक प्रायोजित आंदोलन है। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके का एयरपोर्ट पर जिस तरह से भव्य स्वागत हुआ और पुलिस ने बिना मांगे ही जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन की अनुमति दे दी, उससे यह आंदोलन पहले ही दिन से शक के दायरे में है। इसके बाद, एनएसए (NSA) के तहत जोधपुर जेल में बंद सोनम वांगचुक की जिस तरह से रिहाई हुई और उन्होंने अनशन शुरू किया, उसने इस संदेह को और गहरा कर दिया है। इस आंदोलन के प्रायोजित होने का एक बड़ा प्रमाण यह है कि ये लोग सरकार से सवाल पूछने के बजाय राहुल गांधी को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। वहीं, जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहीं लेफ्ट की स्टूडेंट यूनियनों से दूरी दिखाने के लिए इस आंदोलन ने अपना मंच उनके साथ साझा न करके एक अलग मंच तैयार किया है। दरअसल, पेपर लीक मामले में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) विनोद जाखड़ के नेतृत्व में लगातार आक्रामक प्रदर्शन कर रही है, जिन्होंने पहले भी राजस्थान यूनिवर्सिटी में आरएसएस के दखल के खिलाफ आंदोलन किया था। हर जगह एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के जबरदस्त प्रदर्शन के कारण सरकार के पास इस विरोध को काउंटर करने के लिए एक समानांतर आंदोलन खड़ा करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। सोनम वांगचुक साहब से अपील की गई है कि वे अपना अनशन तोड़ दें क्योंकि देश को उनके जैसे लोगों की काफी जरूरत है, वरना अगर उनके साथ कुछ अनहोनी होती है तो यह सरकार उस पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आएगी। इसी बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के इस धरने में प्रसिद्ध कॉमेडियन कुणाल कामरा ने भी शिरकत की है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में थमलाव मार्ग पर बीती रात डेढ़ बजे दो बसों में भीषण आग लग गई। रावतभाटा नगर पालिका के फायर प्रभारी राजेश जयपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आग की सूचना मिलते ही तुरंत दो दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत यह रही कि हादसे के समय बस में कोई भी सवार मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस अग्निकांड में दोनों ही बसें जलकर पूरी तरह खाक हो गई हैं। बसों में आग किन अज्ञात कारणों के चलते लगी, इसका अभी पता नहीं चल सका है।1