सरदारपुर तहसील के भोपावर तीर्थ पर हुआ मुख्य त्रैलोक्य द्वार का उद्घाटन राजगढ़। विष्व प्रसिद्ध जैन तीर्थ श्री भोपावर महातीर्थ के मुख्य द्वार का उद्घाटन हुआ। बड़ी बात यह है कि इस द्वार पर किसी लाभार्थी का नहीं बल्कि संत और भगवान दोनों ही नाम अंकित किए गए हैं। इनकी लिखावट में करीब 100 ग्राम सोने का भी उपयोग किया गया है। इस मुख्य द्वार का नाम ‘त्रैलोक्य शाष्वता 87 हजार वर्ष प्राचीन भोपावर श्री शांतिनाथ भगवान जैन तीर्थ मंगलद्वार भोपावर तीर्थोद्धारक मालव भूषण आचार्य भगवंत नवरत्न सागर सूरिष्वरजी महजारा मंगल द्वार‘ दिया गया है। इसका उद्घाटन ट्रस्ट अध्यक्ष रमणभाई जैन मूथा मोंटेक्स ग्रुप के करकमलो से हुआ है। श्री शांतिनाथ जैन श्वेतांबर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि 25 फीट उंचे इस मुख्य द्वार के उपर सुंदर एवं आकर्षक गजलक्ष्मी की प्रतिमा भी स्थापित की गई हैं। साथ ही 108 अलग-अलग तरह की प्रतिमाओं का निर्माण भी इस मुख्य द्वार पर किया गया है। तीर्थ अध्यक्ष रमणभाई ने कहा दो दषक से भी अधिक समय पूर्व मालव भूषण तप षिरोमणी आचार्यश्री नवरत्न सागर सूरिष्वरजी मसा ने इस तीर्थ के जीर्णोद्धार का दायित्व मुझे सौपा था। तभी से मैं गुरुदेव की प्रेरणा से इस तीर्थ के जीर्णोद्धार में लगा हुआ है। करीब 4 वर्ष पूर्व इसकी प्रतिष्ठा करवा दी गई थी और आज इसके मुख्य द्वार को भी बनाकर गुरु की इस भेंट को गुरु के नाम पर करते हुए उन्हें समर्पित कर रहे हैं। यह जैन तीर्थ के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि जब नामकरण के लिए आए करोड़ों रुपए के प्रस्ताव को अस्वीकार कर गुरुदेव के नाम पर द्वार को समर्पित किया गया। कलष के साथ गेट तक पहुंची महिलाएं विभिन्न महिला मंडल भी उपस्थित रही। राजगढ़ महिला मंडल की सदस्याओं ने अपने सिर पर कलष धारण किया था और वे इसके बाद मुख्य द्वार तक पहुंुची। यहां रमणभाई सहित अन्य पदाधिकारियों ने अगवानी की। गेट की उंचाई अधिक होने से महिलाओं और युवतियों को क्रेन के माध्यम से गेट के उपर स्थापित लक्ष्मीजी की प्रतिमा का पूजन-अर्चन विधिपूर्वक करवाया गया। इस अवसर पर तीर्थ अध्यक्ष रमणभाई के साथ ही ट्रस्टी मुकेष वर्धन, महेंद्र संघवी, विजय मेहता, आनंदीलाल अंबोर, प्रतिक डोसी, प्रफुल्ल जैन उपस्थित रहे। वहीं आषा बेन और लता बेन सहित अहमदाबाद से हरेष भाई भी उपस्थित रहे। बनेगा आकर्षक स्वर्ण परिकर श्री मूथा ने बताया कि भगवान शांतिनाथ के गर्भगृह में आकर्षक, अलौकिक, ऐतिहासिक और अद्वितीय स्वर्ण परिकर बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए ले-आउट और थ्रीडी नक्षा भी तैयार किया जा चुका है। संभवतः संपूर्ण भारत के जैन तीर्थों के इतिहास में यह पहला परिकर होगा, जो पूरी तरह से स्वर्ण मंडित होगा। इसकी अनुमानित लागत करोड़ों में जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि परिकर निर्माण में बड़ी मात्रा में स्वर्ण का भी उपयोग होगा।
सरदारपुर तहसील के भोपावर तीर्थ पर हुआ मुख्य त्रैलोक्य द्वार का उद्घाटन राजगढ़। विष्व प्रसिद्ध जैन तीर्थ श्री भोपावर महातीर्थ के मुख्य द्वार का उद्घाटन हुआ। बड़ी बात यह है कि इस द्वार पर किसी लाभार्थी का नहीं बल्कि संत और भगवान दोनों ही नाम अंकित किए गए हैं। इनकी लिखावट में करीब 100 ग्राम सोने का भी उपयोग किया गया है। इस मुख्य द्वार का नाम ‘त्रैलोक्य शाष्वता 87 हजार वर्ष प्राचीन भोपावर श्री शांतिनाथ भगवान जैन तीर्थ मंगलद्वार भोपावर तीर्थोद्धारक मालव भूषण आचार्य भगवंत नवरत्न सागर सूरिष्वरजी महजारा मंगल द्वार‘ दिया गया है। इसका उद्घाटन ट्रस्ट अध्यक्ष रमणभाई जैन मूथा मोंटेक्स ग्रुप के करकमलो से हुआ है। श्री शांतिनाथ जैन श्वेतांबर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि 25 फीट उंचे इस मुख्य द्वार के उपर सुंदर एवं आकर्षक गजलक्ष्मी की प्रतिमा भी स्थापित की गई हैं। साथ ही 108 अलग-अलग तरह की प्रतिमाओं का निर्माण भी इस मुख्य द्वार पर किया
गया है। तीर्थ अध्यक्ष रमणभाई ने कहा दो दषक से भी अधिक समय पूर्व मालव भूषण तप षिरोमणी आचार्यश्री नवरत्न सागर सूरिष्वरजी मसा ने इस तीर्थ के जीर्णोद्धार का दायित्व मुझे सौपा था। तभी से मैं गुरुदेव की प्रेरणा से इस तीर्थ के जीर्णोद्धार में लगा हुआ है। करीब 4 वर्ष पूर्व इसकी प्रतिष्ठा करवा दी गई थी और आज इसके मुख्य द्वार को भी बनाकर गुरु की इस भेंट को गुरु के नाम पर करते हुए उन्हें समर्पित कर रहे हैं। यह जैन तीर्थ के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि जब नामकरण के लिए आए करोड़ों रुपए के प्रस्ताव को अस्वीकार कर गुरुदेव के नाम पर द्वार को समर्पित किया गया। कलष के साथ गेट तक पहुंची महिलाएं विभिन्न महिला मंडल भी उपस्थित रही। राजगढ़ महिला मंडल की सदस्याओं ने अपने सिर पर कलष धारण किया था और वे इसके बाद मुख्य द्वार तक पहुंुची। यहां रमणभाई सहित अन्य पदाधिकारियों
ने अगवानी की। गेट की उंचाई अधिक होने से महिलाओं और युवतियों को क्रेन के माध्यम से गेट के उपर स्थापित लक्ष्मीजी की प्रतिमा का पूजन-अर्चन विधिपूर्वक करवाया गया। इस अवसर पर तीर्थ अध्यक्ष रमणभाई के साथ ही ट्रस्टी मुकेष वर्धन, महेंद्र संघवी, विजय मेहता, आनंदीलाल अंबोर, प्रतिक डोसी, प्रफुल्ल जैन उपस्थित रहे। वहीं आषा बेन और लता बेन सहित अहमदाबाद से हरेष भाई भी उपस्थित रहे। बनेगा आकर्षक स्वर्ण परिकर श्री मूथा ने बताया कि भगवान शांतिनाथ के गर्भगृह में आकर्षक, अलौकिक, ऐतिहासिक और अद्वितीय स्वर्ण परिकर बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए ले-आउट और थ्रीडी नक्षा भी तैयार किया जा चुका है। संभवतः संपूर्ण भारत के जैन तीर्थों के इतिहास में यह पहला परिकर होगा, जो पूरी तरह से स्वर्ण मंडित होगा। इसकी अनुमानित लागत करोड़ों में जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि परिकर निर्माण में बड़ी मात्रा में स्वर्ण का भी उपयोग होगा।
- प्रदेश महिला कांग्रेस महासचिव जिला अध्यक्ष प्रीति माहेश्वरी के नेतृत्व में जिला कांग्रेस मुख्यालय धार से पैदल मार्च निकला और तत्काल महिला आरक्षण पूर्वअनुसार 2023 में जो कानून बनाया गया था उसी को तत्काल लागू कर महिलाओं को आरक्षण देने की बात को लेकर महिलाओं ने देश के प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया।। प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने महिलाओं के प्रति राजनीतिक जनभागीदारी को मजबूत करने के लिए तत्काल महिला आरक्षण लागू करें के नारे के साथ रेली निकली गई।।। जिसमें प्रदेश महिला कांग्रेस महासचिव जिला अध्यक्ष प्रीति माहेश्वरी, राजकुमारी खरौड महिला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धामनोद, साधना पटेल तिरला महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष, रायकू बाई मंडलोई महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बाग, सुमन पटेल उमरबन महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष, ममता डावर महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष, पपीता खरोड, कमली डावर, आशा कनेल, शुखली अमलियार, राधा बाई, रायकुबाई, सीता बाई, सुमन बाई, शायदी बाई, अनेक महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।।।।2
- Post by अनिल डामोर1
- Post by Surendra prasad Dubey1
- Post by डॉ मयंक बैरागी एमबीबीएस1
- मांडू में भीषण गर्मी, पर्यटक 99% तक घटेः ऐतिहासिक स्थलों और महलों में सन्नाटा, गर्मी से जनजीवन प्रभावित राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/मांडू में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अप्रैल माह में पर्यटकों की संख्या में 99 की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके परिणामस्वरूप, ऐतिहासिक जहाज महल, रानी रूपमती महल और बाज बहादुर महल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। नगर में अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही तापमान का यह स्तर चिंताजनक माना जा रहा है। बुधवार दोपहर को 42-43 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान और चिलचिलाती धूप के कारण इन स्थलों पर इक्का-दुक्का पर्यटक ही नजर आए।सामान्य गर्मी के दिनों में जहां प्रतिदिन 1 से 2 हजार पर्यटक मांडू आते थे, वहीं अब यह संख्या 50 से भी कम रह गई है। तापमान 41-43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण वीकेंड पर भी पर्यटकों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है। गर्मी में मांडू का पर्यटन कम हो जाता है गाइड राजू गौरसिया ने बताया कि मांडू का बिजनेस पर्यटकों पर ही निर्भर है। गर्मी में 3 महीने पर्यटकों की संख्या कम हो जाती है। इस बार अप्रैल महीने में ही गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे पर्यटकों की संख्या कम हो गई है। 7 दिन से पर्यटक न के बराबर पहुंचे मांडू में भारती पुरातत्व विभाग के सीए प्रशांत पाटणकर ने बताया कि इस बार गर्मी का कुछ ज्यादा असर है, इसके चलते पिछले 7 दिन से पर्यटक की संख्या न के बराबर है। दिन में महलों में सन्नाटा छाया रहता है।2
- Post by Sunil Bhawel1
- मुंबई आगरा हाईवे बिजासन घाट में ट्रक-ट्रेलर की भीषण टक्कर, चालक की मौके पर मौत, दूसरे घायल ने अस्पताल में तोड़ा दम1
- Post by Surendra prasad Dubey1