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शाहजहांपुर के जलालाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम कोना याकूबपुर में 42 वर्षीय लक्ष्मण सिंह ने आम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह विवाहित थे और अपने पीछे पत्नी शीला देवी व चार छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि परिजनों ने शव को फंदे से उतारकर घर ले आए थे। पुलिस के अनुसार, लक्ष्मण सिंह लंबे समय से काला पीलिया (जॉन्डिस) से पीड़ित थे और बीमारी के कारण मानसिक अवसाद में चल रहे थे। खेत में काम कर रहे लोगों ने सोमवार की रात उन्हें फंदे पर लटका देखा और तत्काल परिजनों को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मामले में फील्ड यूनिट की मदद से साक्ष्य संकलित किए, पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, और सूचना फौती दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।
R. N. SHARMA
शाहजहांपुर के जलालाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम कोना याकूबपुर में 42 वर्षीय लक्ष्मण सिंह ने आम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह विवाहित थे और अपने पीछे पत्नी शीला देवी व चार छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि परिजनों ने शव को फंदे से उतारकर घर ले आए थे। पुलिस के अनुसार, लक्ष्मण सिंह लंबे समय से काला पीलिया (जॉन्डिस) से पीड़ित थे और बीमारी के कारण मानसिक अवसाद में चल रहे थे। खेत में काम कर रहे लोगों ने सोमवार की रात उन्हें फंदे पर लटका देखा और तत्काल परिजनों को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मामले में फील्ड यूनिट की मदद से साक्ष्य संकलित किए, पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, और सूचना फौती दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।
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- शाहजहांपुर के जलालाबाद क्षेत्र स्थित मालूपुर और गुरगांव गांवों में पिछले कई दिनों से बिजली का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण ग्रामीण भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से न केवल पेयजल का संकट गहरा गया है, बल्कि उनके घरेलू उपकरण भी बंद पड़े हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत विभाग के कई चक्कर लगाने के बावजूद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया। इसी नाराजगी के चलते सोमवार दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील समाधान दिवस पहुंचे और जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने तत्काल ट्रांसफार्मर बदलवाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने की पुरजोर मांग की। मामले की गंभीरता को समझते हुए, जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत मुदित सोनकर को तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिशासी अभियंता ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सोमवार शाम तक ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। ज्ञापन पर मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद इलियास, अशोक कुमार, शबाब खान और उस्मान खान सहित कई अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर थे।1
- चंदे के बहाने लोगों के घरों में घुसकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये अपराधी भक्ति का चोला पहनकर घरों में दाखिल होते थे, लेकिन उनका असली मकसद भीतर से लूटना था।1
- कोतवाली शहर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए मु0अ0सं0 464/26 और धारा 305(a) बीएनएस से संबंधित मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन अभियुक्तों के पास से चोरी किए गए आभूषण और नगदी भी बरामद की है।1
- फर्रुखाबाद के राजेपुर ब्लॉक परिसर में, खंड विकास अधिकारी के निर्देशों के बाद, फरियादियों और कर्मचारियों के लिए ठंडे पानी का इंतजाम किया गया है।1
- हरदोई की तहसील शाहाबाद में तैनात लेखपाल पूजा ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लेखपाल पूजा के अनुसार, शाम करीब 5:10 बजे एसडीएम ने उन्हें अपने दफ़्तर बुलाया। जब उन्होंने ऑफिस में काम करने से मना किया, तो एसडीएम ने बदतमीजी और गलत हरकत करने का प्रयास किया। पीड़िता लेखपाल ने बताया कि जब एसडीएम ने उनकी जाति पूछी और उन्होंने खुद को रैदास (चमार) बिरादरी का बताया, तो एसडीएम ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। ऑफिस में बवाल बढ़ता देख, लेखपाल पूजा ने अपने पिता, वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश कुमार वर्मा को बुलाया, जो पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। राकेश कुमार वर्मा के एसडीएम कार्यालय पहुँचने पर वहाँ काफी हंगामा हुआ। इसके बाद, पीड़िता लेखपाल ने थाने में तहरीर दी। इस घटना के दौरान, तहसील के अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़िता लेखपाल पूजा और उनके पिता वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश कुमार वर्मा के बयान भी सामने आए हैं।4
- जलालाबाद/परशुरामपुरी विधानसभा क्षेत्र के संभावित प्रत्याशी, वरिष्ठ सर्जन और समाजसेवी डॉ. केपी गुप्ता ने अल्लाहगंज थाना क्षेत्र के ग्राम नगला-हू पहुंचकर एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दो मजदूरों के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। यह हृदयविदारक घटना तब हुई जब खेत पर काम कर रहे दोनों मजदूर सड़क पर जा रहे थे और एक अनियंत्रित इको कार की चपेट में आ गए, जिससे उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। बताया गया है कि दोनों मृतक एक ही गांव के निवासी थे। इस दुःखद हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है। डॉ. केपी गुप्ता ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वह इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से आग्रह किया कि वह उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।1
- करण अर्जुन एंटरटेनमेंट की ओर से एक कॉमेडी वीडियो साझा किया गया है। दर्शकों को इस विशेष कॉमेडी वीडियो का भरपूर आनंद लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।1
- शाहजहांपुर में कनौजिया अस्पताल के सामने एक पेट्रोल पंप के पास शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना एक बड़े खतरे का कारण बन सकती थी, लेकिन दमकल विभाग की त्वरित और तत्पर कार्रवाई के चलते समय रहते आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। इस आपातकालीन प्रतिक्रिया के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ।1
- बदायूं के कछला में गंगा स्नान कर घर लौट रहे एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब ई-रिक्शा की टक्कर से उनके डेढ़ साल के मासूम बेटे सुशांत की मौत हो गई। बदायूं जनपद के गांव उपरेला निवासी यह परिवार सोमवार को गंगा स्नान कर लौट रहा था, तभी रास्ते में गांव रिनोइया निवासी रामब्रिज के ई-रिक्शा ने सुशांत को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने घायल बच्चे को तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। मेडिकल कॉलेज परिसर में मृतक बालक के परिजनों ने ई-रिक्शा चालक रामब्रिज और उसके साथ आए लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। यह विवाद जल्द ही हाथापाई में बदल गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें कुर्सियाँ भी चलीं और लात-घूँसे बरसाए गए, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस पूरी घटना का किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में अस्पताल के अंदर मरीजों और तीमारदारों के बीच हो रही मारपीट साफ दिखाई दे रही है। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी परिसर में विवाद और मारपीट की घटनाएँ हुई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिए रिटायर्ड फौजियों को सुरक्षाकर्मी के रूप में तैनात किया था। हालाँकि, इस घटना में तैनात गार्ड्स की कथित लापरवाही भी उजागर हुई, क्योंकि उनकी मौजूदगी के बावजूद इतनी देर तक मारपीट होती रही और इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाया कि अगर फौजी जवानों के रहते भी अस्पताल में कानून-व्यवस्था नहीं संभल पा रही है, तो आम मरीज और उनके परिजन कैसे सुरक्षित रहेंगे। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस और सीओ मौके पर पहुँचे, जिन्होंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ई-रिक्शा को कब्जे में ले लिया गया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। सीएमएस ने मामले की जाँच कराने और सुरक्षा में तैनात गार्ड्स की भूमिका की समीक्षा करने की बात कही है, तथा दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल, गांव उपरेला में सुशांत की मौत से मातम पसरा हुआ है, और इस घटना ने जहाँ एक परिवार से उनका डेढ़ साल का बेटा छीन लिया, वहीं सरकारी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को भी उजागर कर दिया है।1