बदायूं के कछला में गंगा स्नान कर घर लौट रहे एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब ई-रिक्शा की टक्कर से उनके डेढ़ साल के मासूम बेटे सुशांत की मौत हो गई। बदायूं जनपद के गांव उपरेला निवासी यह परिवार सोमवार को गंगा स्नान कर लौट रहा था, तभी रास्ते में गांव रिनोइया निवासी रामब्रिज के ई-रिक्शा ने सुशांत को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने घायल बच्चे को तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। मेडिकल कॉलेज परिसर में मृतक बालक के परिजनों ने ई-रिक्शा चालक रामब्रिज और उसके साथ आए लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। यह विवाद जल्द ही हाथापाई में बदल गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें कुर्सियाँ भी चलीं और लात-घूँसे बरसाए गए, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस पूरी घटना का किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में अस्पताल के अंदर मरीजों और तीमारदारों के बीच हो रही मारपीट साफ दिखाई दे रही है। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी परिसर में विवाद और मारपीट की घटनाएँ हुई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिए रिटायर्ड फौजियों को सुरक्षाकर्मी के रूप में तैनात किया था। हालाँकि, इस घटना में तैनात गार्ड्स की कथित लापरवाही भी उजागर हुई, क्योंकि उनकी मौजूदगी के बावजूद इतनी देर तक मारपीट होती रही और इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाया कि अगर फौजी जवानों के रहते भी अस्पताल में कानून-व्यवस्था नहीं संभल पा रही है, तो आम मरीज और उनके परिजन कैसे सुरक्षित रहेंगे। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस और सीओ मौके पर पहुँचे, जिन्होंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ई-रिक्शा को कब्जे में ले लिया गया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। सीएमएस ने मामले की जाँच कराने और सुरक्षा में तैनात गार्ड्स की भूमिका की समीक्षा करने की बात कही है, तथा दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल, गांव उपरेला में सुशांत की मौत से मातम पसरा हुआ है, और इस घटना ने जहाँ एक परिवार से उनका डेढ़ साल का बेटा छीन लिया, वहीं सरकारी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को भी उजागर कर दिया है।
बदायूं के कछला में गंगा स्नान कर घर लौट रहे एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब ई-रिक्शा की टक्कर से उनके डेढ़ साल के मासूम बेटे सुशांत की मौत हो गई। बदायूं जनपद के गांव उपरेला निवासी यह परिवार सोमवार को गंगा स्नान कर लौट रहा था, तभी रास्ते में गांव रिनोइया निवासी रामब्रिज के ई-रिक्शा ने सुशांत को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने घायल बच्चे को तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। मेडिकल कॉलेज परिसर में मृतक बालक के परिजनों ने ई-रिक्शा चालक रामब्रिज और उसके साथ आए लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। यह विवाद जल्द ही हाथापाई में बदल गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें कुर्सियाँ भी चलीं और लात-घूँसे बरसाए गए, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस पूरी घटना का किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में अस्पताल के अंदर मरीजों और तीमारदारों के बीच हो रही मारपीट साफ दिखाई दे रही है। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी परिसर में विवाद और मारपीट की घटनाएँ हुई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिए रिटायर्ड फौजियों को सुरक्षाकर्मी के रूप में तैनात किया था। हालाँकि, इस घटना में तैनात गार्ड्स की कथित लापरवाही भी उजागर हुई, क्योंकि उनकी मौजूदगी के बावजूद इतनी देर तक मारपीट होती रही और इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाया कि अगर फौजी जवानों के रहते भी अस्पताल में कानून-व्यवस्था नहीं संभल पा रही है, तो आम मरीज और उनके परिजन कैसे सुरक्षित रहेंगे। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस और सीओ मौके पर पहुँचे, जिन्होंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ई-रिक्शा को कब्जे में ले लिया गया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। सीएमएस ने मामले की जाँच कराने और सुरक्षा में तैनात गार्ड्स की भूमिका की समीक्षा करने की बात कही है, तथा दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल, गांव उपरेला में सुशांत की मौत से मातम पसरा हुआ है, और इस घटना ने जहाँ एक परिवार से उनका डेढ़ साल का बेटा छीन लिया, वहीं सरकारी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को भी उजागर कर दिया है।
- कोतवाली शहर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए मु0अ0सं0 464/26 और धारा 305(a) बीएनएस से संबंधित मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन अभियुक्तों के पास से चोरी किए गए आभूषण और नगदी भी बरामद की है।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पुलिस अभिरक्षा में एक आरोपी की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद शुरुआत में यह चर्चा थी कि आरोपी ने जहर खाया होगा, लेकिन बाद में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से पुष्टि की गई है कि आरोपी की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।1
- धमास धमाका घरेलू उपाय पर आधारित एक वीडियो जारी किया गया है। दर्शकों से अपील की गई है कि वे इस वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और फॉलो करें।1
- हरदोई जिले के पाली कस्बे के मोहल्ला पटियानीम से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक सांप को एक छिपकली को अपना निवाला बनाते हुए और धीरे-धीरे उसे जिंदा निगलते हुए देखा जा सकता है। छिपकली को निगलने वाला यह सर्प एक 'कॉमन बुल्फ़ स्नैक' है, जो दीवारों पर आसानी से चढ़ने में माहिर होता है। यह सर्प आमतौर पर छिपकलियों को अपना भोजन बनाता है और इसमें किसी प्रकार का जहर नहीं होता है।3
- लाल चौराहा रोड के अवरुद्ध हो जाने के कारण, पचराय वाले रोड पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।1
- फिल्म 'थंगलान' की शुरुआत थंगलान (चियान विक्रम) नाम के एक गरीब आदिवासी से होती है, जो अपने परिवार और कबीले के साथ एक छोटे से गाँव में रहता है। इस समुदाय की ज़मीन ज़मींदारों द्वारा हड़प ली गई थी, जिसके कारण उन्हें बंधुआ मजदूर बनने पर मजबूर होना पड़ा। इसी बीच, ब्रिटिश अधिकारी लॉर्ड क्लेमेंट को पता चलता है कि इस इलाके की मिट्टी में सोना दबा हुआ है। सोने की तलाश के लिए, वह थंगलान को अपने साथ जोड़ता है, क्योंकि आदिवासियों को उस ज़मीन और जंगलों की गहरी समझ होती है। थंगलान अपने परिवार और गाँव वालों की गरीबी मिटाने तथा उन्हें उनका सम्मान वापस दिलाने की लालच में अंग्रेजों की मदद करने के लिए तैयार हो जाता है। यह फिल्म 19वीं सदी के ब्रिटिश शासनकाल के दौरान कर्नाटक के कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF) की सच्ची घटनाओं पर आधारित है। 'थंगलान' आदिवासियों और मजदूरों के संघर्ष, ब्रिटिश शोषण और सोने की खदानों के काले सच को दर्शाती है।1
- शाहजहांपुर में बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव-2026 के सपा प्रत्याशी हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर के समर्थन में एक समन्वय सम्मेलन आयोजित किया गया। महानगर के सुभाषनगर स्थित बंधन मैरिज लॉन में हुए इस कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ता, शिक्षक और विद्यालय प्रबंधक शामिल हुए। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव मुख्य अतिथि और पूर्व मंत्री मोहम्मद अनीस अहमद खान उर्फ फूल बाबू विशिष्ट अतिथि रहे, जिनका सपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन तनवीर खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बुके व फूलमालाओं से स्वागत किया। महानगर अध्यक्ष चौधरी रामकुमार भोजवाल ने अंगवस्त्र भेंट कर अतिथियों को सम्मानित किया। मुख्य अतिथि लाल बिहारी यादव ने प्रदेश सरकार पर शिक्षकों, वित्तविहीन शिक्षकों, सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और मदरसा शिक्षकों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं, और सपा सरकार बनने पर शिक्षकों के हितों की रक्षा की जाएगी, पुरानी पेंशन बहाल की जाएगी, तथा वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय सहित उनकी विभिन्न लंबित मांगों को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शिक्षक मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने और अधिक से अधिक मतदाता बनवाने का आह्वान किया। पूर्व मंत्री मोहम्मद अनीस अहमद खान ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से विद्यालयों तक पहुंचकर शिक्षक मतदाताओं से लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा, और इस शिक्षक एमएलसी चुनाव को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। सपा प्रत्याशी हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर ने आश्वासन दिया कि यदि उन्हें शिक्षकों का समर्थन मिला तो वे विधान परिषद में शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे और उनके अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगे। कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष तनवीर खान ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, प्रबंधकों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में पूर्व विधायक राजेश यादव, पूर्व मंत्री अवधेश कुमार वर्मा, पूर्व एमएलसी कुंवर जयेश प्रसाद, पूर्व एमएलसी अमित यादव उर्फ रिंकू सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, शिक्षक, विद्यालय प्रबंधक और कार्यकर्ता मौजूद रहे, और पूर्व जिला महासचिव रामसागर यादव ने कार्यक्रम का संचालन किया।1
- फिल्म की शुरुआत थंगलान (चियान विक्रम) नाम के एक गरीब आदिवासी से होती है, जो अपने परिवार और कबीले के साथ एक छोटे से गाँव में रहता है। इस समुदाय की ज़मीन ज़मींदारों ने हड़प ली थी, जिसके कारण उन्हें बंधुआ मज़दूर बनने पर मजबूर होना पड़ा। इसी दौरान, ब्रिटिश अधिकारी लॉर्ड क्लेमेंट को पता चलता है कि उस इलाके की मिट्टी में सोना छिपा है। सोने की तलाश के लिए, वह थंगलान को अपने साथ शामिल करता है क्योंकि आदिवासियों को ज़मीन और जंगलों की गहरी समझ होती है। थंगलान अपने परिवार और गाँव वालों की गरीबी मिटाने और उन्हें उनका सम्मान वापस दिलाने की लालच में अंग्रेजों की मदद करने को तैयार हो जाता है।1
- कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में सीएम ग्रिड्स योजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही सड़क अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या का कारण बन गई है। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद, सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। यह सड़क अक्टूबर 2025 तक पूरी होनी थी, लेकिन जुलाई 2026 तक भी यह पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है, जिससे क्षेत्रवासियों और व्यापारियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर सड़क के कई हिस्सों में कीचड़, गहरे गड्ढे, अधूरे नाले और मिट्टी के ढेर देखे जा सकते हैं, जिससे रोजाना का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, क्योंकि सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना तक दूभर हो जाता है। दुकानदारों का आरोप है कि सड़क निर्माण में इस अप्रत्याशित देरी से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और ग्राहक उनकी दुकानों पर आने से कतराते हैं। क्षेत्रवासियों ने परियोजना के करोड़ों रुपये की लागत के बावजूद कार्य की धीमी गति पर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है ताकि उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके। अब यह एक बड़ा सवाल बन गया है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी करोड़ों रुपये की यह परियोजना अधूरी क्यों है और इस देरी के लिए कौन जिम्मेदार है। स्थानीय लोग बेसब्री से सड़क निर्माण के जल्द पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।1