आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में मिल रही भारी अनियमितता की शिकायत मीडियाकर्मियों की पड़ताल में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिना ड्रेस की दिखाई दीं सेविका-सहायिका केन्द्रों पर चापाकल मिला खराब तो मीटर में लाइन होने के बावजूद भी नहीं हो रही थी बिजली आपूर्ति सेविकाओं ने बताया विभाग व पीएचईडी को सूचना देकर थक चुके हैं बावजूद नहीं बनवाया जा रहा चापाकल शोभा बिगहा केन्द्र में नहीं बना था बच्चों का पोषाहार रजौली। प्रफुल्ल कुमार सुमन छोटे-छोटे मासूम बच्चों के लिए केंद्र सरकार प्रायोजित आईसीडीएस के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में सेविका-सहायिकाओं के द्वारा भारी अनियमितता की शिकायतें मिल रही है। मीडियाकर्मियों के द्वारा सोमवार को रजौली प्रखंड के अंधरवारी पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्रों की पड़ताल में कई अनियमितताएं देखने को मिली। तीनों आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका व सहायिकाएं बिना ड्रेस के दिखाई दीं तो केंद्र में पीने के पानी के लिए लगा चापाकल खराब मिला। बिजली की आपूर्ति भी ठप दिखा। हद की बात तो यह है कि यह आंगनबाड़ी केंद्र कोई सामान्य आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है बल्कि सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र है जिन पर आईसीडीएस के द्वारा सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। बावजूद केंद्र के संचालन में आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा, महिला पर्यवेक्षिकाओं व सीडीपीओ के द्वारा भारी लापरवाही बरते जाने से अनियमितताएं उजागर हो गई। आंगनबाड़ी सेविकाओं ने जहां केन्द्रों पर पानी पीने के लिए चापाकल के खराब होने की शिकायत की तो वही केंद्रों पर बिजली मीटर लगे होने के बावजूद भी बच्चों को ना बिजली के पंखे की सुविधा मिल रही है और ना ही बिजली बल्ब के। जैसे-तैसे आंगनबाड़ी केंद्र पर छोटे-छोटे नौनिहालों बच्चों को स्कूल पूर्व की शिक्षा दी जा रही थी। हालांकि पड़ताल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र खुले मिले लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों की संख्या काफी कम दिखाई दी। आईए देखते हैं कि किस आंगनवाड़ी केंद्रों पर क्या पाई गई अनियमितता और कितनी मिली शिकायत। *सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र अंधरवारी नारायण बिगहा समय- 10:11बजे* पड़ताल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र पर सेविका बबीता कुमारी व सहायिका रीना देवी बगैर ड्रेस में ही केंद्र चला रही थी। केंद्र में 12 बच्चे उपस्थित थे। पोषाहार में मीनू में पुलाव बनाए जाने की जगह खिचड़ी बना हुआ था। सेविका बबीता कुमारी ने बताया कि शादी-विवाह के लग्न के कारण बच्चे काम आ रहे हैं। बच्चे पुलाव नहीं खाते हैं इसलिए उन्होंने खिचड़ी बनाया है। केंद्र का चापाकल 4 वर्षों से खराब पड़ा है कई बार पीएचईडी को चापाकल बनाने के लिए शिकायत की लेकिन चापाकल नहीं बनवाया गया। महिला पर्यवेक्षिका, सीडीपीओ को भी बताई बावजूद चापाकल नहीं बना। *सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र अंधरवारी प्रथम समय-10: 26 बजे* केंद्र की पड़ताल में सेविका कांति कुमारी व सहायिका कौशल्या देवी बिना ड्रेस में केंद्र पर उपस्थित थी। केन्द्र में 8 बच्चे बैठे मिले। सहायिका के द्वारा जल्दी-जल्दी 12 और बच्चों को बुला दिया गया जिससे बच्चों की संख्या बढ़कर 20 हो गई। साढ़े 10 बजे तक केंद्र में सोमवार का पुलाव नहीं बना है। सेविका ने बताया कि अभी पुलाव बनेगा उसके बाद बच्चों को वितरण किया जाएगा। जबकि महज 1 घंटे बाद केंद्र बंद होने वाला था इस आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चों के पानी पीने के लिए चापाकल की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। खाना बनाने में पानी की समस्या होती है। आंगनबाड़ी केंद्र के बाहर पीएचईडी विभाग का नल लगा है। लेकिन वह टाइम से आता है। जिसके कारण खाना बनाने में काफी परेशानी होती है। *सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र अंधरवारी द्वितीय समय 10:55 बजे* सेविका मनी देवी अनुपस्थित मिली। सहायिका चमेली देवी बिना ड्रेस के केन्द्र पर उपस्थित थी। केंद्र पर एक भी बच्चा मौजूद नहीं था। केन्द्र पर उपस्थित सेविका के बेटे ने बताया कि उनकी मां की तबियत खराब है। विगत एक सप्ताह से बीमार होने के कारण वह पटना में इलाजरत थी। इस आंगनवाड़ी केंद्र में बिजली मीटर लगा है। लेकिन केन्द्र में बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। सेविका के द्वारा कई बार ऑफिस को भी सूचना दिया गया। लेकिन बिजली की समस्या ठीक नहीं हुई। सहायिका चमेली देवी ने बताया कि पोषाहार में मीनू में पुलाव बनाने की बजाय सब्जी भात बनाया है। लेकिन खाना बनने वाली जगह को देखने पर पता चला कि गैस-चूल्हे, बर्तन व मसाला आदि के पास काफी धूल-कण जमा था। ऐसा लग रहा था मानो एक सप्ताह से खाना नहीं बना हो। आंगनबाड़ी केंद्र में चापाकल 2 साल से खराब है अभी तक चापाकल की मरम्मति नहीं हुई है। बगल के पंचायत भवन के पास लगे चापाकल से पानी लाकर आंगनबाड़ी केंद्र में खाना बनाया जाता है। पानी लाने में दिक्कत उत्पन्न होती है। पानी की दिक्कत होने के कारण केंद्र का शौचालय लगभग 1 वर्ष से बंद पड़ा था।
आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में मिल रही भारी अनियमितता की शिकायत मीडियाकर्मियों की पड़ताल में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिना ड्रेस की दिखाई दीं सेविका-सहायिका केन्द्रों पर चापाकल मिला खराब तो मीटर में लाइन होने के बावजूद भी नहीं हो रही थी बिजली आपूर्ति सेविकाओं ने बताया विभाग व पीएचईडी को सूचना देकर थक चुके हैं बावजूद नहीं बनवाया जा रहा चापाकल शोभा बिगहा केन्द्र में नहीं बना था बच्चों का पोषाहार रजौली। प्रफुल्ल कुमार सुमन छोटे-छोटे मासूम बच्चों के लिए केंद्र सरकार प्रायोजित आईसीडीएस के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में सेविका-सहायिकाओं के द्वारा भारी अनियमितता की शिकायतें मिल रही है। मीडियाकर्मियों के द्वारा सोमवार को रजौली प्रखंड के अंधरवारी पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्रों की पड़ताल में कई अनियमितताएं देखने को मिली। तीनों आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका व सहायिकाएं बिना ड्रेस के दिखाई दीं तो केंद्र में पीने के पानी के लिए लगा चापाकल खराब मिला। बिजली की आपूर्ति भी ठप दिखा। हद की बात तो यह है कि यह आंगनबाड़ी केंद्र कोई सामान्य आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है बल्कि सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र है जिन पर आईसीडीएस के द्वारा सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। बावजूद केंद्र
के संचालन में आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा, महिला पर्यवेक्षिकाओं व सीडीपीओ के द्वारा भारी लापरवाही बरते जाने से अनियमितताएं उजागर हो गई। आंगनबाड़ी सेविकाओं ने जहां केन्द्रों पर पानी पीने के लिए चापाकल के खराब होने की शिकायत की तो वही केंद्रों पर बिजली मीटर लगे होने के बावजूद भी बच्चों को ना बिजली के पंखे की सुविधा मिल रही है और ना ही बिजली बल्ब के। जैसे-तैसे आंगनबाड़ी केंद्र पर छोटे-छोटे नौनिहालों बच्चों को स्कूल पूर्व की शिक्षा दी जा रही थी। हालांकि पड़ताल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र खुले मिले लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों की संख्या काफी कम दिखाई दी। आईए देखते हैं कि किस आंगनवाड़ी केंद्रों पर क्या पाई गई अनियमितता और कितनी मिली शिकायत। *सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र अंधरवारी नारायण बिगहा समय- 10:11बजे* पड़ताल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र पर सेविका बबीता कुमारी व सहायिका रीना देवी बगैर ड्रेस में ही केंद्र चला रही थी। केंद्र में 12 बच्चे उपस्थित थे। पोषाहार में मीनू में पुलाव बनाए जाने की जगह खिचड़ी बना हुआ था। सेविका बबीता कुमारी ने बताया कि शादी-विवाह के लग्न के कारण बच्चे काम आ रहे हैं। बच्चे पुलाव नहीं खाते हैं इसलिए उन्होंने खिचड़ी
बनाया है। केंद्र का चापाकल 4 वर्षों से खराब पड़ा है कई बार पीएचईडी को चापाकल बनाने के लिए शिकायत की लेकिन चापाकल नहीं बनवाया गया। महिला पर्यवेक्षिका, सीडीपीओ को भी बताई बावजूद चापाकल नहीं बना। *सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र अंधरवारी प्रथम समय-10: 26 बजे* केंद्र की पड़ताल में सेविका कांति कुमारी व सहायिका कौशल्या देवी बिना ड्रेस में केंद्र पर उपस्थित थी। केन्द्र में 8 बच्चे बैठे मिले। सहायिका के द्वारा जल्दी-जल्दी 12 और बच्चों को बुला दिया गया जिससे बच्चों की संख्या बढ़कर 20 हो गई। साढ़े 10 बजे तक केंद्र में सोमवार का पुलाव नहीं बना है। सेविका ने बताया कि अभी पुलाव बनेगा उसके बाद बच्चों को वितरण किया जाएगा। जबकि महज 1 घंटे बाद केंद्र बंद होने वाला था इस आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चों के पानी पीने के लिए चापाकल की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। खाना बनाने में पानी की समस्या होती है। आंगनबाड़ी केंद्र के बाहर पीएचईडी विभाग का नल लगा है। लेकिन वह टाइम से आता है। जिसके कारण खाना बनाने में काफी परेशानी होती है। *सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र अंधरवारी द्वितीय समय 10:55 बजे* सेविका मनी देवी अनुपस्थित मिली। सहायिका चमेली देवी बिना ड्रेस
के केन्द्र पर उपस्थित थी। केंद्र पर एक भी बच्चा मौजूद नहीं था। केन्द्र पर उपस्थित सेविका के बेटे ने बताया कि उनकी मां की तबियत खराब है। विगत एक सप्ताह से बीमार होने के कारण वह पटना में इलाजरत थी। इस आंगनवाड़ी केंद्र में बिजली मीटर लगा है। लेकिन केन्द्र में बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। सेविका के द्वारा कई बार ऑफिस को भी सूचना दिया गया। लेकिन बिजली की समस्या ठीक नहीं हुई। सहायिका चमेली देवी ने बताया कि पोषाहार में मीनू में पुलाव बनाने की बजाय सब्जी भात बनाया है। लेकिन खाना बनने वाली जगह को देखने पर पता चला कि गैस-चूल्हे, बर्तन व मसाला आदि के पास काफी धूल-कण जमा था। ऐसा लग रहा था मानो एक सप्ताह से खाना नहीं बना हो। आंगनबाड़ी केंद्र में चापाकल 2 साल से खराब है अभी तक चापाकल की मरम्मति नहीं हुई है। बगल के पंचायत भवन के पास लगे चापाकल से पानी लाकर आंगनबाड़ी केंद्र में खाना बनाया जाता है। पानी लाने में दिक्कत उत्पन्न होती है। पानी की दिक्कत होने के कारण केंद्र का शौचालय लगभग 1 वर्ष से बंद पड़ा था।
- Post by News Of Nawada1
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- कोडरमा: अंतर्राजीय चोर गिरोह के खिलाफ जीआरपी की बड़ी कार्रवाई, तीन गिरफ्तार1
- कोडरमा। जिले के डोमचांच नगर क्षेत्र स्थित टैक्सी स्टैंड में अव्यवस्थित यातायात के कारण एक एंबुलेंस लंबी देर तक जाम में फंसी रही, जिससे मरीज की हालत गंभीर होने की आशंका बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहनों और ट्रैफिक नियंत्रण की कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यहां रोजाना जाम की समस्या बनी रहती है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। घटना ने एक बार फिर यातायात व्यवस्था और आपात सेवाओं की सुचारु आवाजाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने वाला गिरोह धराया, जीआरपी ने दो महिला समेत तीन को पकड़ा कोडरमा जीआरपी ने ट्रेन में छिनतई और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक पुरुष और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि ये लोग ट्रेन में चढ़कर पहले यात्रियों की रेकी करते थे और मौका मिलते ही मोबाइल व सामान उड़ा लेते थे। संदेह के आधार पर पकड़े जाने के बाद पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुटी है।1
- Post by Sunil Kumar journalist1
- 10 रुपये की. झालमुरी खाते दिखे प्रधानमंत्री, वीडियो वायरल संजय वर्मा " सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री एक साधारण भेलपुरी की दुकान पर पहुंचकर मात्र 10 रुपये की झालमुरी का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि प्रधानमंत्री बेहद सादगी के साथ आम लोगों के बीच खड़े होकर झालमुरी खाते हैं। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की भारी भीड़ जुट जाती है और कई लोग अपने मोबाइल फोन से इस पल को कैद करते दिखाई देते हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे प्रधानमंत्री की सादगी और आम जनता से जुड़ाव का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक नजरिए से भी देख रहे हैं। खासकर पश्चिम बंगाल की राजनीति के संदर्भ में इस वीडियो को जोड़ते हुए चर्चा हो रही है कि इस तरह की छवि का आगामी समय में असर पड़ सकता है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कई बार सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो पुराने, संपादित या भ्रामक भी हो सकते हैं। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच करना आवश्यक है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के दृश्य आम जनता के बीच नेताओं की छवि को प्रभावित करते हैं। सादगी और आम लोगों के बीच उपस्थिति लोगों को आकर्षित करती है, लेकिन इसका वास्तविक राजनीतिक प्रभाव कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है। फिलहाल, यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।1
- Post by News Of Nawada1