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वोटर को लुभाने के लिए एक तरफ मोदी जी झालमुरी खा रहे तो दूसरी तरफ मैथिली ठाकुर अलग माहौल बना रही।
News Of Nawada
वोटर को लुभाने के लिए एक तरफ मोदी जी झालमुरी खा रहे तो दूसरी तरफ मैथिली ठाकुर अलग माहौल बना रही।
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- Post by News Of Nawada1
- भीम आर्मी जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राजवंशी जी के अगुवाई में आज 19 अप्रैल 2026 को बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के 135वां जयंती के सिलसिले और मौका पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें चाहने वालों का उमड़ा जनसैलाब।1
- रब ने बना दी जोड़ी। जुबेद और खदीजा दोनों करते से मोहब्बत। दोनों ने रस्मो रिवाज के साथ कर ली शादी। बैंड बाजा के साथ गई बारात, दूल्हा ने दुल्हन को ले आए अपने साथ।1
- नए एसपी का सख्त संदेश: अपराधियों की अब खैर नहीं, तस्करी और अवैध वसूली के खिलाफ चलेगा कड़ा अभियान1
- ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने वाला गिरोह धराया, जीआरपी ने दो महिला समेत तीन को पकड़ा कोडरमा जीआरपी ने ट्रेन में छिनतई और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक पुरुष और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि ये लोग ट्रेन में चढ़कर पहले यात्रियों की रेकी करते थे और मौका मिलते ही मोबाइल व सामान उड़ा लेते थे। संदेह के आधार पर पकड़े जाने के बाद पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुटी है।1
- Post by Sunil Kumar journalist1
- 10 रुपये की. झालमुरी खाते दिखे प्रधानमंत्री, वीडियो वायरल संजय वर्मा " सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री एक साधारण भेलपुरी की दुकान पर पहुंचकर मात्र 10 रुपये की झालमुरी का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि प्रधानमंत्री बेहद सादगी के साथ आम लोगों के बीच खड़े होकर झालमुरी खाते हैं। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की भारी भीड़ जुट जाती है और कई लोग अपने मोबाइल फोन से इस पल को कैद करते दिखाई देते हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे प्रधानमंत्री की सादगी और आम जनता से जुड़ाव का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक नजरिए से भी देख रहे हैं। खासकर पश्चिम बंगाल की राजनीति के संदर्भ में इस वीडियो को जोड़ते हुए चर्चा हो रही है कि इस तरह की छवि का आगामी समय में असर पड़ सकता है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कई बार सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो पुराने, संपादित या भ्रामक भी हो सकते हैं। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच करना आवश्यक है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के दृश्य आम जनता के बीच नेताओं की छवि को प्रभावित करते हैं। सादगी और आम लोगों के बीच उपस्थिति लोगों को आकर्षित करती है, लेकिन इसका वास्तविक राजनीतिक प्रभाव कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है। फिलहाल, यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।1
- Post by News Of Nawada1