दौली खेड़ा के पास हरे पेड़ों के कटान का आरोप, वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल लखनऊ। वन रेंज दुबग्गा अंतर्गत थाना काकोरी क्षेत्र के दौलीखेड़ा के पास हरे-भरे पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्राली में लकड़ी की खुलेआम लोडिंग की जा रही है। और ट्राली पूरी तरह लकड़ी से भरी हुई देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हरे पेड़ों का कटान हो रहा है, जिससे हरियाली को नुकसान पहुँच रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित वन विभाग के अधिकारियों की ओर से प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसके कारण लकड़ी ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने वन दरोगा विजेंद्र सिंह पर भी लकड़ी ठेकेदारों से मिलीभगत और कार्यवाही न करने के आरोप लगाए हैं। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार हरियाली बढ़ाने और वृक्षारोपण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में यदि अवैध कटान की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो यह पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वन दरोगा विजेंद्र सिंह ने सूखे पेड़ बात कर अपना पल्ला झाड़ लिया जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि वहां पर काफी बड़े पैमाने पर कटान चल रहा है और लोडिंग कर आरा मशीनों पर लकड़ी भेजी जा रही है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
दौली खेड़ा के पास हरे पेड़ों के कटान का आरोप, वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल लखनऊ। वन रेंज दुबग्गा अंतर्गत थाना काकोरी क्षेत्र के दौलीखेड़ा के पास हरे-भरे पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्राली में लकड़ी की खुलेआम लोडिंग की जा रही है। और ट्राली पूरी तरह लकड़ी से भरी हुई देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हरे पेड़ों का कटान हो रहा है, जिससे हरियाली को नुकसान पहुँच रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित वन विभाग के अधिकारियों की ओर से प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसके कारण लकड़ी ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने वन दरोगा विजेंद्र सिंह पर भी लकड़ी ठेकेदारों से मिलीभगत और कार्यवाही न करने के आरोप लगाए हैं। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार हरियाली बढ़ाने और वृक्षारोपण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में यदि अवैध कटान की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो यह पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वन दरोगा विजेंद्र सिंह ने सूखे पेड़ बात कर अपना पल्ला झाड़ लिया जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि वहां पर काफी बड़े पैमाने पर कटान चल रहा है और लोडिंग कर आरा मशीनों पर लकड़ी भेजी जा रही है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
- लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर बने 2001 बैच के IPS अधिकारी तरुण गाबा पदभार ग्रहण करने के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिनाईं प्राथमिकताएं लखनऊ। 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा ने लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के बाद उन्होंने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजधानी की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने कहा कि राजधानी में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना, महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना और साइबर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम जनता की सुरक्षा और पुलिस-जन संवाद को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। प्रदेश सरकार की ओर से किए गए 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादलों के तहत तरुण गाबा को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की कमान सौंपी गई है। वहीं, लखनऊ के पूर्व पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर का प्रमोशन कर उन्हें पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) नियुक्त किया गया है। नए पुलिस कमिश्नर के पदभार संभालने के बाद राजधानी में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर नई रणनीति पर नजर रहेगी। बाइट — तरुण गाबा, पुलिस कमिश्नर लखनऊ लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर बने 2001 बैच के IPS अधिकारी तरुण गाबा पदभार ग्रहण करने के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिनाईं प्राथमिकताएं लखनऊ। 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा ने लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के बाद उन्होंने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजधानी की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने कहा कि राजधानी में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना, महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना और साइबर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम जनता की सुरक्षा और पुलिस-जन संवाद को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। प्रदेश सरकार की ओर से किए गए 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादलों के तहत तरुण गाबा को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की कमान सौंपी गई है। वहीं, लखनऊ के पूर्व पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर का प्रमोशन कर उन्हें पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) नियुक्त किया गया है। नए पुलिस कमिश्नर के पदभार संभालने के बाद राजधानी में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर नई रणनीति पर नजर रहेगी। बाइट — तरुण गाबा, पुलिस कमिश्नर लखनऊ पदभार ग्रहण करने के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिनाईं प्राथमिकताएं लखनऊ। 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा ने लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के बाद उन्होंने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजधानी की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने कहा कि राजधानी में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना, महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना और साइबर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम जनता की सुरक्षा और पुलिस-जन संवाद को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। प्रदेश सरकार की ओर से किए गए 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादलों के तहत तरुण गाबा को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की कमान सौंपी गई है। वहीं, लखनऊ के पूर्व पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर का प्रमोशन कर उन्हें पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) नियुक्त किया गया है। नए पुलिस कमिश्नर के पदभार संभालने के बाद राजधानी में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर नई रणनीति पर नजर रहेगी। बाइट — तरुण गाबा, पुलिस कमिश्नर लखनऊ1
- दौली खेड़ा के पास हरे पेड़ों के कटान का आरोप, वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल लखनऊ। वन रेंज दुबग्गा अंतर्गत थाना काकोरी क्षेत्र के दौलीखेड़ा के पास हरे-भरे पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्राली में लकड़ी की खुलेआम लोडिंग की जा रही है। और ट्राली पूरी तरह लकड़ी से भरी हुई देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हरे पेड़ों का कटान हो रहा है, जिससे हरियाली को नुकसान पहुँच रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित वन विभाग के अधिकारियों की ओर से प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसके कारण लकड़ी ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने वन दरोगा विजेंद्र सिंह पर भी लकड़ी ठेकेदारों से मिलीभगत और कार्यवाही न करने के आरोप लगाए हैं। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार हरियाली बढ़ाने और वृक्षारोपण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में यदि अवैध कटान की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो यह पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वन दरोगा विजेंद्र सिंह ने सूखे पेड़ बात कर अपना पल्ला झाड़ लिया जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि वहां पर काफी बड़े पैमाने पर कटान चल रहा है और लोडिंग कर आरा मशीनों पर लकड़ी भेजी जा रही है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है।1
- लखनऊ के नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर ने पत्रकारों से की पहली वार्ता, अपराध नियंत्रण रहेगा सर्वोच्च प्राथमिकता राजधानी लखनऊ के नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर ने पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से पहली औपचारिक वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा संगठित अपराध, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद स्थापित किया जाएगा तथा शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजधानी में पुलिसिंग को आधुनिक तकनीक के साथ और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए जाएंगे। अमन राठौर ✍️1
- दौली खेड़ा के पास हरे पेड़ों के कटान का आरोप, वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल लखनऊ। वन रेंज दुबग्गा अंतर्गत थाना काकोरी क्षेत्र के दौलीखेड़ा के पास हरे-भरे पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्राली में लकड़ी की खुलेआम लोडिंग की जा रही है। और ट्राली पूरी तरह लकड़ी से भरी हुई देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हरे पेड़ों का कटान हो रहा है, जिससे हरियाली को नुकसान पहुँच रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित वन विभाग के अधिकारियों की ओर से प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसके कारण लकड़ी ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने वन दरोगा विजेंद्र सिंह पर भी लकड़ी ठेकेदारों से मिलीभगत और कार्यवाही न करने के आरोप लगाए हैं। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार हरियाली बढ़ाने और वृक्षारोपण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में यदि अवैध कटान की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो यह पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वन दरोगा विजेंद्र सिंह ने सूखे पेड़ बात कर अपना पल्ला झाड़ लिया जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि वहां पर काफी बड़े पैमाने पर कटान चल रहा है और लोडिंग कर आरा मशीनों पर लकड़ी भेजी जा रही है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है।1