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बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए, 'सम्राट सरकार' पर निशाना साधा गया है। यह आरोप लगाया गया है कि कानून व्यवस्था के नाम पर राज्य में केवल दिखावा है और बिहार के हर गली-मोहल्ले में खुलेआम मनमानी और अव्यवस्था का राज स्थापित हो गया है।

3 hrs ago
user_Hindustan Express News
Hindustan Express News
Media house शेरघाटी, गया, बिहार•
3 hrs ago

बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए, 'सम्राट सरकार' पर निशाना साधा गया है। यह आरोप लगाया गया है कि कानून व्यवस्था के नाम पर राज्य में केवल दिखावा है और बिहार के हर गली-मोहल्ले में खुलेआम मनमानी और अव्यवस्था का राज स्थापित हो गया है।

More news from बिहार and nearby areas
  • रफीगंज प्रखंड के कासमा थाना क्षेत्र स्थित दुगुल मंगहा आहार में चल रहे चहका निर्माण कार्य का जिला पार्षद प्रदीप चौरसिया ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया और कार्य में लगे मजदूरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पार्षद प्रदीप चौरसिया ने बताया कि चहका निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र के सैकड़ों किसान परिवारों को खेती और सिंचाई में काफी सुविधा मिलेगी। उनके अनुसार, आहार में पानी का बेहतर संचयन होने से किसानों को फसल सिंचाई में लाभ होगा, साथ ही अचानक होने वाली बारिश से फसलों को होने वाले नुकसान से भी बचाव हो सकेगा। उन्होंने संबंधित कार्य एजेंसी को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। स्थानीय किसानों ने भी चहका निर्माण कार्य को क्षेत्र के लिए लाभकारी बताया और इस पर खुशी जाहिर की।
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    रफीगंज प्रखंड के कासमा थाना क्षेत्र स्थित दुगुल मंगहा आहार में चल रहे चहका निर्माण कार्य का जिला पार्षद प्रदीप चौरसिया ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया और कार्य में लगे मजदूरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिला पार्षद प्रदीप चौरसिया ने बताया कि चहका निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र के सैकड़ों किसान परिवारों को खेती और सिंचाई में काफी सुविधा मिलेगी। उनके अनुसार, आहार में पानी का बेहतर संचयन होने से किसानों को फसल सिंचाई में लाभ होगा, साथ ही अचानक होने वाली बारिश से फसलों को होने वाले नुकसान से भी बचाव हो सकेगा। उन्होंने संबंधित कार्य एजेंसी को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए।

स्थानीय किसानों ने भी चहका निर्माण कार्य को क्षेत्र के लिए लाभकारी बताया और इस पर खुशी जाहिर की।
    user_Pappu Kumar
    Pappu Kumar
    पत्रकार रफीगंज, औरंगाबाद, बिहार•
    11 hrs ago
  • ऑनलाइन कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों और अंजना ओम कश्यप के बीच एक काफी तगड़ा विवाद छिड़ गया है। इसी विवाद के बीच, खान सर ने अंजना ओम कश्यप को अभी-अभी एक तगड़ा जवाब दिया है।
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    ऑनलाइन कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों और अंजना ओम कश्यप के बीच एक काफी तगड़ा विवाद छिड़ गया है। इसी विवाद के बीच, खान सर ने अंजना ओम कश्यप को अभी-अभी एक तगड़ा जवाब दिया है।
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
    13 hrs ago
  • औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड स्थित टकौरा गांव के ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण डिजिटल युग में भी बारिश और बाढ़ के दौरान बदतर जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव के लोगों को हर साल मानसून में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जहाँ विकास के दावों के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का अभाव स्पष्ट दिखता है। पंचायत मुखिया आशा देवी के पुत्र सूरज कुमार और ग्रामीण विनोद शर्मा ने बताया कि बरसात और बाढ़ के समय पूरे गांव के लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। सड़क पर तीन फीट ऊपर तक पानी का तेज बहाव रहता है, जिससे आवागमन ठप्प हो जाता है। जलभराव के कारण हजारों बीघा खेत पानी में डूब जाते हैं और पूरा गांव एक टापू में तब्दील हो जाता है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो रुक जाती है। इसके अलावा, वृद्ध, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को गांव से बाहर निकालना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है, जिससे उनकी स्वास्थ्य सेवा भी प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक पुल के निर्माण से इस बदहाल स्थिति को हमेशा के लिए बदला जा सकता है। डिजिटल युग में भी विकास से कोसों दूर इस टकौरा गांव की मुख्य समस्या पुल के अभाव में हर बरसात में गहराती है, जिससे ग्रामीणों की जिंदगी हर साल दांव पर लगी रहती है।
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    औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड स्थित टकौरा गांव के ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण डिजिटल युग में भी बारिश और बाढ़ के दौरान बदतर जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव के लोगों को हर साल मानसून में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जहाँ विकास के दावों के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का अभाव स्पष्ट दिखता है।

पंचायत मुखिया आशा देवी के पुत्र सूरज कुमार और ग्रामीण विनोद शर्मा ने बताया कि बरसात और बाढ़ के समय पूरे गांव के लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। सड़क पर तीन फीट ऊपर तक पानी का तेज बहाव रहता है, जिससे आवागमन ठप्प हो जाता है। जलभराव के कारण हजारों बीघा खेत पानी में डूब जाते हैं और पूरा गांव एक टापू में तब्दील हो जाता है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो रुक जाती है। इसके अलावा, वृद्ध, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को गांव से बाहर निकालना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है, जिससे उनकी स्वास्थ्य सेवा भी प्रभावित होती है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक पुल के निर्माण से इस बदहाल स्थिति को हमेशा के लिए बदला जा सकता है। डिजिटल युग में भी विकास से कोसों दूर इस टकौरा गांव की मुख्य समस्या पुल के अभाव में हर बरसात में गहराती है, जिससे ग्रामीणों की जिंदगी हर साल दांव पर लगी रहती है।
    user_Asutosh Mishra
    Asutosh Mishra
    Local News Reporter गोह, औरंगाबाद, बिहार•
    3 hrs ago
  • यह संदेश 'धर्म कर्म योगी' बनने पर जोर देता है, जिसमें कहा गया है कि धर्म से धन, अर्थ, सुख और समृद्धि बढ़ती है, जो मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य है। इसमें बताया गया है कि धर्म का पालन करना ही नर सेवा है, और यही नारायण सेवा है। मानव धर्म यह सिखाता है कि बेसहारा लोगों का सहारा बनें, भूखे को अन्न दें, प्यासे को पानी दें और गरीब को वस्त्र दें। पोस्ट सनातन धर्म को ज्ञान, अध्यात्म, ध्यान और अंतरात्मा की साधना के रूप में भी परिभाषित करती है।
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    यह संदेश 'धर्म कर्म योगी' बनने पर जोर देता है, जिसमें कहा गया है कि धर्म से धन, अर्थ, सुख और समृद्धि बढ़ती है, जो मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य है। इसमें बताया गया है कि धर्म का पालन करना ही नर सेवा है, और यही नारायण सेवा है। मानव धर्म यह सिखाता है कि बेसहारा लोगों का सहारा बनें, भूखे को अन्न दें, प्यासे को पानी दें और गरीब को वस्त्र दें। पोस्ट सनातन धर्म को ज्ञान, अध्यात्म, ध्यान और अंतरात्मा की साधना के रूप में भी परिभाषित करती है।
    user_Shiv shankar Kumar
    Shiv shankar Kumar
    गोह, औरंगाबाद, बिहार•
    12 hrs ago
  • कोंच प्रखंड की सिमरा पंचायत में सोमवार, 2 जून 2026 को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, सिमरा पंचायत के इतिहास में यह पहली बार था कि इस तरह का शिविर लगा, जहाँ एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनका तुरंत समाधान किया। इस शिविर में प्रभारी पदाधिकारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार, एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल, प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज, अंचलाधिकारी मुकेश कुमार, थानाध्यक्ष सुदेह कुमार और पशु चिकित्सा पदाधिकारी अविनाश कुमार सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राजस्व, परिवहन, पुलिस, विकास, पशुपालन और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की सुनवाई की और कई आवेदनों का मौके पर ही निपटारा किया। इसके साथ ही, अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें इनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित भी किया। शिवपूजन साव, इंदु कुमारी, राज कुमार चौधरी, दीना कुमार, रामसेवक यादव और सुबोध कुमार जैसे ग्रामीणों ने बताया कि सिमरा पंचायत में पहले ऐसा कोई सहयोग शिविर नहीं लगा था। उन्होंने डीटीओ राजेश कुमार, एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल, बीडीओ विपुल भारद्वाज और सीओ मुकेश कुमार की इस बात के लिए सराहना की कि उन्होंने गंभीरता से सभी की समस्याओं को सुना और समाधान का भरोसा दिया। शिविर के दौरान, अधिकारियों ने लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत पंचायत में चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की और अभियान में अच्छा प्रदर्शन करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों तथा कर्मियों की प्रशंसा की। उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया। इस सफल आयोजन को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि ऐसे शिविर नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड या जिला कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
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    कोंच प्रखंड की सिमरा पंचायत में सोमवार, 2 जून 2026 को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, सिमरा पंचायत के इतिहास में यह पहली बार था कि इस तरह का शिविर लगा, जहाँ एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनका तुरंत समाधान किया।

इस शिविर में प्रभारी पदाधिकारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार, एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल, प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज, अंचलाधिकारी मुकेश कुमार, थानाध्यक्ष सुदेह कुमार और पशु चिकित्सा पदाधिकारी अविनाश कुमार सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राजस्व, परिवहन, पुलिस, विकास, पशुपालन और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की सुनवाई की और कई आवेदनों का मौके पर ही निपटारा किया। इसके साथ ही, अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें इनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित भी किया।

शिवपूजन साव, इंदु कुमारी, राज कुमार चौधरी, दीना कुमार, रामसेवक यादव और सुबोध कुमार जैसे ग्रामीणों ने बताया कि सिमरा पंचायत में पहले ऐसा कोई सहयोग शिविर नहीं लगा था। उन्होंने डीटीओ राजेश कुमार, एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल, बीडीओ विपुल भारद्वाज और सीओ मुकेश कुमार की इस बात के लिए सराहना की कि उन्होंने गंभीरता से सभी की समस्याओं को सुना और समाधान का भरोसा दिया। शिविर के दौरान, अधिकारियों ने लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत पंचायत में चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की और अभियान में अच्छा प्रदर्शन करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों तथा कर्मियों की प्रशंसा की। उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया।

इस सफल आयोजन को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि ऐसे शिविर नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड या जिला कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
    user_नौलेश कुमार
    नौलेश कुमार
    कोंच, गया, बिहार•
    13 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में बकरीद के दौरान हुए नाबालिग 'छुरा कांड', जिसे 'सूर्या हत्याकांड' भी कहा गया है, की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि दोस्ती की आड़ में ऐसी छुरीबाजी बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि माता-पिता अपनी बिगड़ैल औलाद को समझाने में विफल रहते हैं, तो सरकार ऐसे मामलों से खुद सख्ती से निपटेगी।
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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में बकरीद के दौरान हुए नाबालिग 'छुरा कांड', जिसे 'सूर्या हत्याकांड' भी कहा गया है, की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि दोस्ती की आड़ में ऐसी छुरीबाजी बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि माता-पिता अपनी बिगड़ैल औलाद को समझाने में विफल रहते हैं, तो सरकार ऐसे मामलों से खुद सख्ती से निपटेगी।
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
    18 hrs ago
  • औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड मुख्यालय स्थित सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ रविवार रात प्रसव के लिए भर्ती दो महिलाओं की डिलीवरी मोबाइल फोन की रोशनी में कराई गई। निजामपुर निवासी अजीत यादव की पत्नी मुन्नी देवी और दुल्ल्लाह बिगहा निवासी राम दर्शन बिंद की विवाहिता पुत्री किरण देवी को प्रसव के इलाज हेतु पीएचसी के प्रसव कक्ष में पहुँचाया गया था। प्रसव कक्ष में बिजली न होने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों को चार-पांच मोबाइल फोन की रोशनी का सहारा लेकर प्रसव कराना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के परिजनों ने बताया कि प्रसव कक्ष में डेढ़ से दो घंटे तक बिजली नहीं थी, जिसके चलते मोबाइल जलाकर प्रसव कराया गया। यह घटना गोह स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाओं और बिजली की उपलब्धता न होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताती है। इस संबंध में जानकारी लेने के लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिवशंकर कुमार से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं, पीएचसी में तैनात स्वास्थ्य प्रबंधक रवि प्रकाश ने बताया कि रात में एमसीबी गिर गया होगा, जिसके कारण बिजली बाधित हुई होगी।
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    औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड मुख्यालय स्थित सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ रविवार रात प्रसव के लिए भर्ती दो महिलाओं की डिलीवरी मोबाइल फोन की रोशनी में कराई गई। निजामपुर निवासी अजीत यादव की पत्नी मुन्नी देवी और दुल्ल्लाह बिगहा निवासी राम दर्शन बिंद की विवाहिता पुत्री किरण देवी को प्रसव के इलाज हेतु पीएचसी के प्रसव कक्ष में पहुँचाया गया था।

प्रसव कक्ष में बिजली न होने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों को चार-पांच मोबाइल फोन की रोशनी का सहारा लेकर प्रसव कराना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के परिजनों ने बताया कि प्रसव कक्ष में डेढ़ से दो घंटे तक बिजली नहीं थी, जिसके चलते मोबाइल जलाकर प्रसव कराया गया।

यह घटना गोह स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाओं और बिजली की उपलब्धता न होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताती है। इस संबंध में जानकारी लेने के लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिवशंकर कुमार से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं, पीएचसी में तैनात स्वास्थ्य प्रबंधक रवि प्रकाश ने बताया कि रात में एमसीबी गिर गया होगा, जिसके कारण बिजली बाधित हुई होगी।
    user_Asutosh Mishra
    Asutosh Mishra
    Local News Reporter गोह, औरंगाबाद, बिहार•
    19 hrs ago
  • चतरा जिले में अवैध नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में सदर थाना क्षेत्र के पाराडीह जंगल में मिली गुप्त सूचना पर छापेमारी करते हुए पुलिस ने 522 ग्राम अफीम के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद अफीम की अनुमानित कीमत ढाई लाख रुपये बताई जा रही है, और इस कार्रवाई से तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। एसडीपीओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान हेडुम, थाना लावालौंग निवासी रुपेश कुमार और परसौनी, थाना इटखोरी निवासी दीपांशु कुमार के रूप में हुई है। अफीम बरामद करने के बाद दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं, और अब पुलिस यह पता लगा रही है कि अफीम कहां से लाई गई थी और इसकी आपूर्ति किन-किन इलाकों में होनी थी। इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। एसडीपीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि चतरा पुलिस अफीम, डोडा, ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोनों आरोपियों पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। इस छापेमारी में सदर थाना प्रभारी अवधेश कुमार सिंह समेत पुलिस बल शामिल था।
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    चतरा जिले में अवैध नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में सदर थाना क्षेत्र के पाराडीह जंगल में मिली गुप्त सूचना पर छापेमारी करते हुए पुलिस ने 522 ग्राम अफीम के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद अफीम की अनुमानित कीमत ढाई लाख रुपये बताई जा रही है, और इस कार्रवाई से तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

एसडीपीओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान हेडुम, थाना लावालौंग निवासी रुपेश कुमार और परसौनी, थाना इटखोरी निवासी दीपांशु कुमार के रूप में हुई है। अफीम बरामद करने के बाद दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं, और अब पुलिस यह पता लगा रही है कि अफीम कहां से लाई गई थी और इसकी आपूर्ति किन-किन इलाकों में होनी थी। इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

एसडीपीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि चतरा पुलिस अफीम, डोडा, ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोनों आरोपियों पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। इस छापेमारी में सदर थाना प्रभारी अवधेश कुमार सिंह समेत पुलिस बल शामिल था।
    user_Headline jharkhand
    Headline jharkhand
    Press-Media प्रतापपुर, चतरा, झारखंड•
    11 hrs ago
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