logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड स्थित टकौरा गांव के ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण डिजिटल युग में भी बारिश और बाढ़ के दौरान बदतर जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव के लोगों को हर साल मानसून में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जहाँ विकास के दावों के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का अभाव स्पष्ट दिखता है। पंचायत मुखिया आशा देवी के पुत्र सूरज कुमार और ग्रामीण विनोद शर्मा ने बताया कि बरसात और बाढ़ के समय पूरे गांव के लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। सड़क पर तीन फीट ऊपर तक पानी का तेज बहाव रहता है, जिससे आवागमन ठप्प हो जाता है। जलभराव के कारण हजारों बीघा खेत पानी में डूब जाते हैं और पूरा गांव एक टापू में तब्दील हो जाता है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो रुक जाती है। इसके अलावा, वृद्ध, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को गांव से बाहर निकालना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है, जिससे उनकी स्वास्थ्य सेवा भी प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक पुल के निर्माण से इस बदहाल स्थिति को हमेशा के लिए बदला जा सकता है। डिजिटल युग में भी विकास से कोसों दूर इस टकौरा गांव की मुख्य समस्या पुल के अभाव में हर बरसात में गहराती है, जिससे ग्रामीणों की जिंदगी हर साल दांव पर लगी रहती है।

1 hr ago
user_Asutosh Mishra
Asutosh Mishra
Local News Reporter गोह, औरंगाबाद, बिहार•
1 hr ago

औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड स्थित टकौरा गांव के ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण डिजिटल युग में भी बारिश और बाढ़ के दौरान बदतर जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव के लोगों को हर साल मानसून में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जहाँ विकास के दावों के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का अभाव स्पष्ट दिखता है। पंचायत मुखिया आशा देवी के पुत्र सूरज कुमार और ग्रामीण विनोद शर्मा ने बताया कि बरसात और बाढ़ के समय पूरे गांव के लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। सड़क पर तीन फीट ऊपर तक पानी का तेज बहाव रहता है, जिससे आवागमन ठप्प हो जाता है। जलभराव के कारण हजारों बीघा खेत पानी में डूब जाते हैं और पूरा गांव एक टापू में तब्दील हो जाता है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो रुक जाती है। इसके अलावा, वृद्ध, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को गांव से बाहर निकालना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है, जिससे उनकी स्वास्थ्य सेवा भी प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक पुल के निर्माण से इस बदहाल स्थिति को हमेशा के लिए बदला जा सकता है। डिजिटल युग में भी विकास से कोसों दूर इस टकौरा गांव की मुख्य समस्या पुल के अभाव में हर बरसात में गहराती है, जिससे ग्रामीणों की जिंदगी हर साल दांव पर लगी रहती है।

More news from बिहार and nearby areas
  • औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड स्थित टकौरा गांव के ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण डिजिटल युग में भी बारिश और बाढ़ के दौरान बदतर जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव के लोगों को हर साल मानसून में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जहाँ विकास के दावों के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का अभाव स्पष्ट दिखता है। पंचायत मुखिया आशा देवी के पुत्र सूरज कुमार और ग्रामीण विनोद शर्मा ने बताया कि बरसात और बाढ़ के समय पूरे गांव के लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। सड़क पर तीन फीट ऊपर तक पानी का तेज बहाव रहता है, जिससे आवागमन ठप्प हो जाता है। जलभराव के कारण हजारों बीघा खेत पानी में डूब जाते हैं और पूरा गांव एक टापू में तब्दील हो जाता है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो रुक जाती है। इसके अलावा, वृद्ध, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को गांव से बाहर निकालना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है, जिससे उनकी स्वास्थ्य सेवा भी प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक पुल के निर्माण से इस बदहाल स्थिति को हमेशा के लिए बदला जा सकता है। डिजिटल युग में भी विकास से कोसों दूर इस टकौरा गांव की मुख्य समस्या पुल के अभाव में हर बरसात में गहराती है, जिससे ग्रामीणों की जिंदगी हर साल दांव पर लगी रहती है।
    1
    औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड स्थित टकौरा गांव के ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण डिजिटल युग में भी बारिश और बाढ़ के दौरान बदतर जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव के लोगों को हर साल मानसून में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जहाँ विकास के दावों के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का अभाव स्पष्ट दिखता है।

पंचायत मुखिया आशा देवी के पुत्र सूरज कुमार और ग्रामीण विनोद शर्मा ने बताया कि बरसात और बाढ़ के समय पूरे गांव के लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। सड़क पर तीन फीट ऊपर तक पानी का तेज बहाव रहता है, जिससे आवागमन ठप्प हो जाता है। जलभराव के कारण हजारों बीघा खेत पानी में डूब जाते हैं और पूरा गांव एक टापू में तब्दील हो जाता है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो रुक जाती है। इसके अलावा, वृद्ध, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को गांव से बाहर निकालना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है, जिससे उनकी स्वास्थ्य सेवा भी प्रभावित होती है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक पुल के निर्माण से इस बदहाल स्थिति को हमेशा के लिए बदला जा सकता है। डिजिटल युग में भी विकास से कोसों दूर इस टकौरा गांव की मुख्य समस्या पुल के अभाव में हर बरसात में गहराती है, जिससे ग्रामीणों की जिंदगी हर साल दांव पर लगी रहती है।
    user_Asutosh Mishra
    Asutosh Mishra
    Local News Reporter गोह, औरंगाबाद, बिहार•
    1 hr ago
  • यह संदेश 'धर्म कर्म योगी' बनने पर जोर देता है, जिसमें कहा गया है कि धर्म से धन, अर्थ, सुख और समृद्धि बढ़ती है, जो मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य है। इसमें बताया गया है कि धर्म का पालन करना ही नर सेवा है, और यही नारायण सेवा है। मानव धर्म यह सिखाता है कि बेसहारा लोगों का सहारा बनें, भूखे को अन्न दें, प्यासे को पानी दें और गरीब को वस्त्र दें। पोस्ट सनातन धर्म को ज्ञान, अध्यात्म, ध्यान और अंतरात्मा की साधना के रूप में भी परिभाषित करती है।
    1
    यह संदेश 'धर्म कर्म योगी' बनने पर जोर देता है, जिसमें कहा गया है कि धर्म से धन, अर्थ, सुख और समृद्धि बढ़ती है, जो मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य है। इसमें बताया गया है कि धर्म का पालन करना ही नर सेवा है, और यही नारायण सेवा है। मानव धर्म यह सिखाता है कि बेसहारा लोगों का सहारा बनें, भूखे को अन्न दें, प्यासे को पानी दें और गरीब को वस्त्र दें। पोस्ट सनातन धर्म को ज्ञान, अध्यात्म, ध्यान और अंतरात्मा की साधना के रूप में भी परिभाषित करती है।
    user_Shiv shankar Kumar
    Shiv shankar Kumar
    गोह, औरंगाबाद, बिहार•
    10 hrs ago
  • औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी सभागार में टोला सेवक और तालीमी मरकज के लिए एक दिवसीय समर कैंप के सफल संचालन को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला हसपुरा बीआरसी में समर कैंप के सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
    1
    औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी सभागार में टोला सेवक और तालीमी मरकज के लिए एक दिवसीय समर कैंप के सफल संचालन को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला हसपुरा बीआरसी में समर कैंप के सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
    user_Prem Singh
    Prem Singh
    पत्रकारीता का कार्य बिगत 18 वर्षो से हासपुरा, औरंगाबाद, बिहार•
    3 hrs ago
  • न्याय व्यवस्था पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए एक तीखी टिप्पणी की गई है, जिसमें मौजूदा 'सिस्टम' पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बताया गया है कि एक बेगुनाह व्यक्ति ने 20 साल तक जेल में रहकर अपनी जवानी, परिवार और पूरा जीवन गँवा दिया, जिसे अंततः अदालत ने निर्दोष करार दिया और कहा कि उसका कोई गुनाह नहीं था। वहीं, दूसरी तरफ एक ऐसा शख्स है जिसका गुनाह साबित हो चुका है और जिसे बलात्कार के एक मामले में सजा भी मिली है। इसके बावजूद, वह जेल से बाहर आकर शान से काफिला निकालता है, दरबार लगाता है और अपने समर्थकों से जयकारे लगवाता है। इस विरोधाभासी स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा गया है कि क्या कानून गरीब के लिए लोहे की जंजीर है और रसूखदार के लिए रबर की तरह काम करता है। इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि यदि यही न्याय है, तो आम आदमी अदालत पर कैसे भरोसा कर पाएगा। देश भर से यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या इंसाफ सिर्फ ताकतवरों की जागीर बन गया है, जो न्याय प्रणाली में व्याप्त विसंगतियों और असमानता को उजागर करता है। यह टिप्पणी न्याय की सच्ची भावना और सार्वजनिक विश्वास की बहाली की मांग करती है।
    1
    न्याय व्यवस्था पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए एक तीखी टिप्पणी की गई है, जिसमें मौजूदा 'सिस्टम' पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बताया गया है कि एक बेगुनाह व्यक्ति ने 20 साल तक जेल में रहकर अपनी जवानी, परिवार और पूरा जीवन गँवा दिया, जिसे अंततः अदालत ने निर्दोष करार दिया और कहा कि उसका कोई गुनाह नहीं था।

वहीं, दूसरी तरफ एक ऐसा शख्स है जिसका गुनाह साबित हो चुका है और जिसे बलात्कार के एक मामले में सजा भी मिली है। इसके बावजूद, वह जेल से बाहर आकर शान से काफिला निकालता है, दरबार लगाता है और अपने समर्थकों से जयकारे लगवाता है। इस विरोधाभासी स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा गया है कि क्या कानून गरीब के लिए लोहे की जंजीर है और रसूखदार के लिए रबर की तरह काम करता है। इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि यदि यही न्याय है, तो आम आदमी अदालत पर कैसे भरोसा कर पाएगा।

देश भर से यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या इंसाफ सिर्फ ताकतवरों की जागीर बन गया है, जो न्याय प्रणाली में व्याप्त विसंगतियों और असमानता को उजागर करता है। यह टिप्पणी न्याय की सच्ची भावना और सार्वजनिक विश्वास की बहाली की मांग करती है।
    user_RRP न्यूज़
    RRP न्यूज़
    Local News Reporter Haspura, Aurangabad•
    4 hrs ago
  • मंगलवार को रफीगंज शहर के कासमा रोड स्थित एक भवन में भाजपा द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नव मनोनीत भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा को अंग वस्त्र और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया, जहाँ भाजपा कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा नगर अध्यक्ष संतोष कुमार साव ने की, जबकि संचालन बबलू सिंह ने किया। इसमें जिला प्रवक्ता अश्विनी तिवारी, जितेन्द्र कुमार, डॉ. मनोज शर्मा, संजय कुमार, रंजीत कुशवाहा सहित कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। साथ ही, दिनानाथ विश्वकर्मा, सुबोध कुमार सिंह, जिला पार्षद प्रदिप चौरसिया, विमलेश पासवान, मनोज यादव, राम कुमार सिंह, बालगोविंद साव, जितेन्द्र शर्मा, संजय सिंह, संजय शर्मा, सुबोध शर्मा, संतोष पाठक, वार मंडल अध्यक्ष मिथलेश कुमार, रंजीत शर्मा, भिखारी, मनोज सिंह, ढिलु सिंह समेत अन्य कई लोग भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने मुकेश शर्मा के योगदानों की सराहना करते हुए बताया कि वह दो बार औरंगाबाद भाजपा के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके कार्यों को देखते हुए भाजपा संगठन ने उन्हें पहले प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी थी और अब प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व दिया है। कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि उनके मार्गदर्शन में संगठन लगातार मजबूत हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में औरंगाबाद जिले की 6 विधानसभा सीटों में से 5 पर एनडीए को जीत मिली थी, जिसमें संगठन की अहम भूमिका रही। कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि मुकेश शर्मा के नेतृत्व में भाजपा और अधिक मजबूत होगी और उन्हें नई ऊर्जा मिलेगी।
    1
    मंगलवार को रफीगंज शहर के कासमा रोड स्थित एक भवन में भाजपा द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नव मनोनीत भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा को अंग वस्त्र और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया, जहाँ भाजपा कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा नगर अध्यक्ष संतोष कुमार साव ने की, जबकि संचालन बबलू सिंह ने किया। इसमें जिला प्रवक्ता अश्विनी तिवारी, जितेन्द्र कुमार, डॉ. मनोज शर्मा, संजय कुमार, रंजीत कुशवाहा सहित कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। साथ ही, दिनानाथ विश्वकर्मा, सुबोध कुमार सिंह, जिला पार्षद प्रदिप चौरसिया, विमलेश पासवान, मनोज यादव, राम कुमार सिंह, बालगोविंद साव, जितेन्द्र शर्मा, संजय सिंह, संजय शर्मा, सुबोध शर्मा, संतोष पाठक, वार मंडल अध्यक्ष मिथलेश कुमार, रंजीत शर्मा, भिखारी, मनोज सिंह, ढिलु सिंह समेत अन्य कई लोग भी मौजूद रहे।

वक्ताओं ने मुकेश शर्मा के योगदानों की सराहना करते हुए बताया कि वह दो बार औरंगाबाद भाजपा के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके कार्यों को देखते हुए भाजपा संगठन ने उन्हें पहले प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी थी और अब प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व दिया है। कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि उनके मार्गदर्शन में संगठन लगातार मजबूत हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में औरंगाबाद जिले की 6 विधानसभा सीटों में से 5 पर एनडीए को जीत मिली थी, जिसमें संगठन की अहम भूमिका रही। कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि मुकेश शर्मा के नेतृत्व में भाजपा और अधिक मजबूत होगी और उन्हें नई ऊर्जा मिलेगी।
    user_Pappu Kumar
    Pappu Kumar
    पत्रकार रफीगंज, औरंगाबाद, बिहार•
    7 hrs ago
  • कोंच प्रखंड की सिमरा पंचायत में सोमवार, 2 जून 2026 को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, सिमरा पंचायत के इतिहास में यह पहली बार था कि इस तरह का शिविर लगा, जहाँ एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनका तुरंत समाधान किया। इस शिविर में प्रभारी पदाधिकारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार, एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल, प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज, अंचलाधिकारी मुकेश कुमार, थानाध्यक्ष सुदेह कुमार और पशु चिकित्सा पदाधिकारी अविनाश कुमार सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राजस्व, परिवहन, पुलिस, विकास, पशुपालन और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की सुनवाई की और कई आवेदनों का मौके पर ही निपटारा किया। इसके साथ ही, अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें इनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित भी किया। शिवपूजन साव, इंदु कुमारी, राज कुमार चौधरी, दीना कुमार, रामसेवक यादव और सुबोध कुमार जैसे ग्रामीणों ने बताया कि सिमरा पंचायत में पहले ऐसा कोई सहयोग शिविर नहीं लगा था। उन्होंने डीटीओ राजेश कुमार, एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल, बीडीओ विपुल भारद्वाज और सीओ मुकेश कुमार की इस बात के लिए सराहना की कि उन्होंने गंभीरता से सभी की समस्याओं को सुना और समाधान का भरोसा दिया। शिविर के दौरान, अधिकारियों ने लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत पंचायत में चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की और अभियान में अच्छा प्रदर्शन करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों तथा कर्मियों की प्रशंसा की। उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया। इस सफल आयोजन को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि ऐसे शिविर नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड या जिला कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
    1
    कोंच प्रखंड की सिमरा पंचायत में सोमवार, 2 जून 2026 को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, सिमरा पंचायत के इतिहास में यह पहली बार था कि इस तरह का शिविर लगा, जहाँ एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनका तुरंत समाधान किया।

इस शिविर में प्रभारी पदाधिकारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार, एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल, प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज, अंचलाधिकारी मुकेश कुमार, थानाध्यक्ष सुदेह कुमार और पशु चिकित्सा पदाधिकारी अविनाश कुमार सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राजस्व, परिवहन, पुलिस, विकास, पशुपालन और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की सुनवाई की और कई आवेदनों का मौके पर ही निपटारा किया। इसके साथ ही, अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें इनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित भी किया।

शिवपूजन साव, इंदु कुमारी, राज कुमार चौधरी, दीना कुमार, रामसेवक यादव और सुबोध कुमार जैसे ग्रामीणों ने बताया कि सिमरा पंचायत में पहले ऐसा कोई सहयोग शिविर नहीं लगा था। उन्होंने डीटीओ राजेश कुमार, एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल, बीडीओ विपुल भारद्वाज और सीओ मुकेश कुमार की इस बात के लिए सराहना की कि उन्होंने गंभीरता से सभी की समस्याओं को सुना और समाधान का भरोसा दिया। शिविर के दौरान, अधिकारियों ने लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत पंचायत में चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की और अभियान में अच्छा प्रदर्शन करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों तथा कर्मियों की प्रशंसा की। उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया।

इस सफल आयोजन को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि ऐसे शिविर नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड या जिला कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
    user_नौलेश कुमार
    नौलेश कुमार
    कोंच, गया, बिहार•
    11 hrs ago
  • बक्सवाहा बैंक में हुई सेंधमारी के मामले का खुलासा हो गया है। इस घटना के संबंध में कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है।
    1
    बक्सवाहा बैंक में हुई सेंधमारी के मामले का खुलासा हो गया है। इस घटना के संबंध में कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है।
    user_भीमकुंड न्यूज़ 24
    भीमकुंड न्यूज़ 24
    अरवल, अरवल, बिहार•
    11 hrs ago
  • औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड मुख्यालय स्थित सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ रविवार रात प्रसव के लिए भर्ती दो महिलाओं की डिलीवरी मोबाइल फोन की रोशनी में कराई गई। निजामपुर निवासी अजीत यादव की पत्नी मुन्नी देवी और दुल्ल्लाह बिगहा निवासी राम दर्शन बिंद की विवाहिता पुत्री किरण देवी को प्रसव के इलाज हेतु पीएचसी के प्रसव कक्ष में पहुँचाया गया था। प्रसव कक्ष में बिजली न होने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों को चार-पांच मोबाइल फोन की रोशनी का सहारा लेकर प्रसव कराना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के परिजनों ने बताया कि प्रसव कक्ष में डेढ़ से दो घंटे तक बिजली नहीं थी, जिसके चलते मोबाइल जलाकर प्रसव कराया गया। यह घटना गोह स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाओं और बिजली की उपलब्धता न होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताती है। इस संबंध में जानकारी लेने के लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिवशंकर कुमार से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं, पीएचसी में तैनात स्वास्थ्य प्रबंधक रवि प्रकाश ने बताया कि रात में एमसीबी गिर गया होगा, जिसके कारण बिजली बाधित हुई होगी।
    1
    औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड मुख्यालय स्थित सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ रविवार रात प्रसव के लिए भर्ती दो महिलाओं की डिलीवरी मोबाइल फोन की रोशनी में कराई गई। निजामपुर निवासी अजीत यादव की पत्नी मुन्नी देवी और दुल्ल्लाह बिगहा निवासी राम दर्शन बिंद की विवाहिता पुत्री किरण देवी को प्रसव के इलाज हेतु पीएचसी के प्रसव कक्ष में पहुँचाया गया था।

प्रसव कक्ष में बिजली न होने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों को चार-पांच मोबाइल फोन की रोशनी का सहारा लेकर प्रसव कराना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के परिजनों ने बताया कि प्रसव कक्ष में डेढ़ से दो घंटे तक बिजली नहीं थी, जिसके चलते मोबाइल जलाकर प्रसव कराया गया।

यह घटना गोह स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाओं और बिजली की उपलब्धता न होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताती है। इस संबंध में जानकारी लेने के लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिवशंकर कुमार से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं, पीएचसी में तैनात स्वास्थ्य प्रबंधक रवि प्रकाश ने बताया कि रात में एमसीबी गिर गया होगा, जिसके कारण बिजली बाधित हुई होगी।
    user_Asutosh Mishra
    Asutosh Mishra
    Local News Reporter गोह, औरंगाबाद, बिहार•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.