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सहरसा के सौर बाजार अंचल कार्यालय में लाखों रुपये की लागत से लगाया गया आरओ मशीन पिछले दो महीनों से बंद पड़ा है। इसके कारण अंचल और प्रखंड कर्मियों समेत यहाँ आने वाले अन्य लोगों को पीने के शुद्ध पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय परिसर में आने वाले लोगों का कहना है कि यहाँ पीने के पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उन्हें बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ता है। अंचल कार्यालय में पहली बार शुद्ध पानी की व्यवस्था के लिए आरओ मशीन लगाई गई थी, लेकिन चालू न होने की वजह से यह सिर्फ लोगों को मुंह चिढ़ा रही है। अब देखना यह होगा कि इस संबंध में खबर चलने के बाद अंचल प्रशासन द्वारा क्या पहल की जाती है।
मिथिलेश कुमार
सहरसा के सौर बाजार अंचल कार्यालय में लाखों रुपये की लागत से लगाया गया आरओ मशीन पिछले दो महीनों से बंद पड़ा है। इसके कारण अंचल और प्रखंड कर्मियों समेत यहाँ आने वाले अन्य लोगों को पीने के शुद्ध पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय परिसर में आने वाले लोगों का कहना है कि यहाँ पीने के पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उन्हें बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ता है। अंचल कार्यालय में पहली बार शुद्ध पानी की व्यवस्था के लिए आरओ मशीन लगाई गई थी, लेकिन चालू न होने की वजह से यह सिर्फ लोगों को मुंह चिढ़ा रही है। अब देखना यह होगा कि इस संबंध में खबर चलने के बाद अंचल प्रशासन द्वारा क्या पहल की जाती है।
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- सहरसा के सौर बाजार अंचल कार्यालय में लाखों रुपये की लागत से लगाया गया आरओ मशीन पिछले दो महीनों से बंद पड़ा है। इसके कारण अंचल और प्रखंड कर्मियों समेत यहाँ आने वाले अन्य लोगों को पीने के शुद्ध पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय परिसर में आने वाले लोगों का कहना है कि यहाँ पीने के पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उन्हें बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ता है। अंचल कार्यालय में पहली बार शुद्ध पानी की व्यवस्था के लिए आरओ मशीन लगाई गई थी, लेकिन चालू न होने की वजह से यह सिर्फ लोगों को मुंह चिढ़ा रही है। अब देखना यह होगा कि इस संबंध में खबर चलने के बाद अंचल प्रशासन द्वारा क्या पहल की जाती है।1
- बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी परिसर में शराब पीने का गंभीर मामला सामने आया है। चौसा बीआरसी (BRC) भवन के भीतर शराब पीने की गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की, जहां से चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के बाद दो शिक्षकों और एक डेटा ऑपरेटर के शराब पीने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उत्पाद विभाग की सूचना पर की गई इस त्वरित कार्रवाई में गिरफ्तार लोगों में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कुल्हड़िया बासा के प्रधान शिक्षक कुंदन कुमार, एनपीएस नरघू टोला के विशिष्ट शिक्षक राधेश्याम पासवान और डेटा ऑपरेटर अरविंद कुमार शामिल हैं। थाने में ब्रेथ एनालाइजर से की गई जांच में इन तीनों के शराब पीने की पुष्टि हुई, जबकि एक अन्य शिक्षक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उत्पाद अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत इस छापेमारी को अंजाम दिया था। मधेपुरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने चौसा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि डेटा ऑपरेटर को विभागीय कार्रवाई कर टर्मिनेट करने की बात कही है। निलंबन की अवधि में दोनों शिक्षकों का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र कुमारखंड तय किया गया है, जहां उन्हें रोजाना बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी और इसी के सत्यापन के बाद ही जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके साथ ही दोनों शिक्षकों के खिलाफ अलग से विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी। यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि बीआरसी परिसर में ही शिक्षकों के प्रशिक्षण, बैठकों और शैक्षणिक योजनाओं की समीक्षा होती है। ऐसे गरिमामय सरकारी परिसर में शराब पीने का यह आरोप पूरी शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और सवाल गूंज रहा है कि क्या सरकारी दफ्तर भी शराबबंदी कानून से अछूते हैं?2
- सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में शादी में हुई मारपीट के बाद पीड़ित परिवार गमगीन है। इस घटना के बाद अब परिवार को अपने बेटे और बहू के घर पहुंचने का इंतजार है।1
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- सहरसा से पूर्णिया जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित बैजनाथ पुर चौक वर्षों से एक बड़ी समस्या का केंद्र बना हुआ है। सड़क निर्माण कार्य समय पर पूरा न होने के कारण स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सड़क मार्ग का निर्माण अधूरा रहने के कारण थोड़ी सी बारिश होते ही यह इलाका जलमग्न हो जाता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोग लंबे समय से इस जर्जर और अधूरी सड़क से निजात पाने का इंतजार कर रहे हैं।1
- तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिला अंतर्गत शबाद मंडल के दैवलागुडा गांव में शनिवार तड़के एक दिल दहलाने वाली वारदात सामने आई है, जहां जमानत पर बाहर आते ही एक आरोपी ने खूनी तांडव मचाते हुए छह लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी। इस भीषण हत्याकांड से पूरा इलाका दहल गया है। पुलिस के अनुसार, इस वारदात को पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज कराई गई एक एफआईआर की रंजिश के चलते अंजाम दिया गया। पुलिस ने आरोपी की पहचान 28 वर्षीय राज कुमार के रूप में की है, जिसे पहले पॉक्सो मामले में गिरफ्तार किया गया था और हाल ही में वह जमानत पर रिहा हुआ था। आरोपी राज कुमार ने जेल से बाहर आते ही इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया। उसने सबसे पहले अपनी 30 वर्षीय पत्नी पार्वती सरिता और अपने दो मासूम बेटों, तीन वर्षीय परीक्षित और दो वर्षीय दैविकक्षित की हत्या की। इसके बाद, आरोपी उस 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को एक खेत में ले गया, जिसने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। वहां उसने नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न किया और फिर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने लड़की की 45 वर्षीय मां चिट्याला लक्ष्मी और 65 वर्षीय दादी चिट्याला रुक्कम्मा को भी मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है। पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इस आपराधिक मामले को लेकर नाराजगी ही इन हत्याओं की वजह थी। फिलहाल, पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया है और फोरेंसिक विशेषज्ञ सबूत इकट्ठा कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी इस जांच की निगरानी कर रहे हैं और अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी जानकारियां सामने आएंगी।1