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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक दंपति की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है, जहां दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। जमीन विवाद की पुरानी रंजिश में इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने दंपति पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया।
Raigarh Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक दंपति की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है, जहां दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। जमीन विवाद की पुरानी रंजिश में इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने दंपति पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया।
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- सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के वनाचल क्षेत्र झाल में बच्चों की शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले शिक्षकों का एक बड़ा खुलासा हुआ है। 'खबर निरीक्षण' की टीम ने दो घंटे का स्टिंग ऑपरेशन कर प्राथमिक और मिडिल स्कूल की दो शिक्षिकाओं को रंगे हाथों कैमरे में कैद किया है। ये शिक्षिकाएं स्कूल के समय में बच्चों को पढ़ाने के बजाय बरमकेला के अघरिया भवन में आयोजित नेटवर्क मार्केटिंग के सेमिनार में व्यस्त थीं। इनमें से एक शिक्षिका आवश्यक अवकाश का बहाना बनाकर तो दूसरी आरटीआर (RTR) काम का बहाना देकर इस सेमिनार को अटेंड कर रही थीं और वहां लेक्चर दे रही थीं। इस मामले में प्राथमिक शाला की शिक्षिका यशवंति चौहान ने आवश्यक कार्य होने की बात कहकर ऑनलाइन अवकाश लिया था और बरमकेला में मार्केटिंग सेमिनार में लेक्चर दे रही थीं। वहीं, झाल मिडिल स्कूल की हेड मास्टर अन्नति टोप्पो सुबह स्कूल पहुंचीं और संकुल प्रभारी को आरटीआर का काम होने का बहाना बनाकर बरमकेला चली गईं, जहां वे इसी मार्केटिंग सेमिनार में शामिल पाई गईं। जब इस पूरे मामले के दौरान शिक्षिकाओं से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो वे बाथरूम जाने का बहाना बनाकर वहां से छिप गईं। सरकारी तिजोरी से लाखों रुपये का वेतन लेने के बावजूद बच्चों को पढ़ाने के बजाय प्रोडक्ट बेचने में व्यस्त इन शिक्षकों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले में बच्चों की संख्या और झाल स्कूल में भी छात्रों की संख्या लगातार घटती जा रही है। इससे पहले भी पिछले महीने जिला शिक्षा अधिकारी ने दर्जनों मार्केटिंग करने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी कर कड़ी चेतावनी दी थी कि वे स्कूल के समय में कोई अन्य कार्य नहीं करेंगे, लेकिन इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी जे आर डहरिया ने गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया है और कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा में स्कूल भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और जातिगत भेदभाव करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत पुलिस ने अवैध कबाड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पूंजीपथरा और जूटमिल थाना पुलिस ने दो अलग-अलग दिनों में कार्रवाई करते हुए दो ट्रक और एक माजदा वाहन में ले जाए जा रहे करीब 79 टन संदिग्ध स्क्रैप कबाड़ को जब्त किया है। जब्त किए गए वाहनों और कबाड़ समेत कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग ₹48 लाख आंकी गई है। पुलिस ने यह वैधानिक कार्रवाई अवैध तरीके से कबाड़ परिवहन करने और चोरी की संपत्ति होने के संदेह में की है। पहली कार्रवाई 15 जुलाई को थाना पूंजीपथरा पुलिस द्वारा की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर तमनार चौक पूंजीपथरा में घेराबंदी कर माजदा वाहन क्रमांक CG-12-AY-0313 को रोका गया। वाहन चालक कोरबा के बुधवारी बाजार निवासी 58 वर्षीय देवेन्द्र तिवारी से पूछताछ करने पर वाहन में करीब 3 टन 390 किलोग्राम स्क्रैप और टिन का कबाड़ मिला, जिसकी अनुमानित कीमत ₹91,530 है। वैध दस्तावेज पेश न करने पर पुलिस ने ₹5 लाख की कीमत वाले वाहन और कबाड़ को जब्त कर आरोपी चालक के खिलाफ धारा 35(क)(ड) बीएनएसएस/303(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की। दूसरी और तीसरी कार्रवाई 16 जुलाई को थाना जूटमिल पुलिस द्वारा की गई। जूटमिल पुलिस ने कबीर चौक क्षेत्र में छातामुड़ा-काशीराम चौक के बीच सड़क किनारे खड़े ट्रक क्रमांक CG-13-AB-9599 की जांच की, जिसमें भारी मात्रा में लोहे और टीन का स्क्रैप मिला। झारखंड के पलामू निवासी 34 वर्षीय चालक महेन्द्र यादव द्वारा दस्तावेज न दिए जाने पर धर्मकांटा से तौल कराने पर ट्रक सहित कुल वजन 40,630 किलोग्राम और कबाड़ की कीमत करीब ₹9 लाख पाई गई। इसी तरह, छातामुड़ा गांव के बाहर रायगढ़-सारंगढ़ मुख्य मार्ग पर ट्रक क्रमांक OR-15-S-0187 की जांच में भारी मात्रा में कबाड़ मिला। ओडिशा के बरगढ़ निवासी 52 वर्षीय चालक दुर्योधन पाणिग्रही के पास वैध दस्तावेज न होने पर तौल कराने पर कुल वजन 35,410 किलोग्राम और कबाड़ की कीमत करीब ₹8 लाख पाई गई। इन दोनों मामलों में संदिग्ध संपत्ति मानकर वाहन व माल जब्त कर चालकों के खिलाफ धारा 106 बीएनएसएस के तहत इस्तगासा तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई अवैध कबाड़ के कारोबार पर सख्त शिकंजा कसने के अभियान का हिस्सा है। पुलिस अब जब्त वाहनों, स्क्रैप और उनके वास्तविक मालिकों की विस्तृत जांच के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि पुलिस अवैध कबाड़ के कारोबार पर लगातार प्रहार कर रही है और बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन करने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की अवैध कबाड़ की खरीद-बिक्री और परिवहन से जुड़े हर नेटवर्क पर पैनी नजर है।4
- हनुमान धारा में करोड़ों रुपये के सरकारी गार्डन के सामने भू-माफिया का 7 एकड़ का अवैध साम्राज्य धड़ल्ले से चल रहा है। यहां बिना किसी रेरा (RERA) अप्रूवल और बिना कॉलोनाइजर एक्ट की परवाह किए धड़ल्ले से अवैध प्लॉटिंग काटी जा रही है। हद तो तब पार हो गई जब सीमांकन के बहाने करीब 2 एकड़ सरकारी जमीन को ही रास्ता बनाकर अपनी अवैध प्लॉटिंग में मिला लिया गया। इस गंभीर मामले में लगातार शिकायतों के बाद भी जिला प्रशासन पूरी तरह से मौन साधे बैठा है। प्रशासन की इस चुप्पी के बाद अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या स्थानीय अधिकारियों और भू-माफियाओं के बीच कोई तगड़ी मिलीभगत चल रही है?1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में NQAS के लिए एक टीम पहुंची है। इस टीम ने जिले में पहुंचकर वहां के शहरी स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया।1
- हनुमान धारा में बिना किसी डर के भू-माफियाओं का अवैध साम्राज्य पैर पसार रहा है, जहाँ करोड़ों के सरकारी गार्डन के ठीक सामने अवैध प्लॉटिंग का खेल धड़ल्ले से जारी है। यहाँ बिना रेरा (RERA) अप्रूवल और बिना कॉलोनाइजर एक्ट की कोई परवाह किए बिना प्लॉटिंग काटी जा रही है। हद तो तब हो गई जब सीमांकन के बहाने करीब 2 एकड़ सरकारी जमीन को ही रास्ता बनाकर अपनी प्लॉटिंग में मिला लिया गया। इस खुलेआम चल रहे अवैध काम के खिलाफ कई शिकायतें किए जाने के बाद भी जिला प्रशासन पूरी तरह से मौन बना हुआ है। प्रशासन की इस चुप्पी पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या स्थानीय अधिकारियों और भू-माफियाओं के बीच कोई तगड़ी मिलीभगत है।1
- रायगढ़ में जिला दंडाधिकारी के निष्कासन (जिला बदर) आदेश का उल्लंघन कर जिले में प्रवेश करने और पुलिस कार्यालय परिसर में पेट्रोल लेकर हंगामा करने वाले आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना 16 जुलाई 2026 की शाम की है, जब आरोपी चाहत शुक्ला हाथ में पेट्रोल से भरी प्लास्टिक की बोतल लेकर पुलिस कार्यालय परिसर पहुंच गया। वहां वह कोतवाली पुलिस द्वारा उसके खिलाफ बार-बार की जा रही जिला बदर की कार्रवाई का विरोध करते हुए जोर-जोर से शोर-शराबा और हंगामा करने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसके कब्जे से पेट्रोल की बोतल सुरक्षित रूप से छीन ली। समझाइश देने के बाद भी जब आरोपी लगातार अभद्र व्यवहार करते हुए उग्र होता रहा, तो कोतवाली पुलिस ने संज्ञेय अपराध की आशंका को देखते हुए उसे धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ इस्तगासा क्रमांक 308/2026 में धारा 170/126/135(3) बीएनएसएस के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की और 17 जुलाई 2026 को उसे एसडीएम कार्यालय रायगढ़ में पेश किया, जहां से जारी जेल वारंट के आधार पर उसे जिला जेल रायगढ़ दाखिल करा दिया गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन मोटरसाइकिल स्टैंड के पीछे का निवासी 29 वर्षीय आरोपी चाहत शुक्ला (पिता अरुण शुक्ला) साल 2023 से लगातार मारपीट जैसे कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। उसके इसी रिकॉर्ड को देखते हुए साल 2024 में उसे एक वर्ष के लिए जिला बदर किया गया था। इस अवधि के समाप्त होने के बाद भी उसकी गतिविधियां नहीं रुकीं, जिसके बाद जिला दंडाधिकारी रायगढ़ ने 23 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत उसे रायगढ़ सहित समीपवर्ती जिलों सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार-भाटापारा, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा और जशपुर की सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित किया था। इसके बावजूद आरोपी ने इस आदेश का उल्लंघन कर रायगढ़ जिले में प्रवेश किया। इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने, लोक शांति भंग करने का प्रयास करने अथवा कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस तत्काल और कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाएगी।4