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उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। शाम्भवी उपाध्याय नामक एक मासूम बच्ची को सीधे हाथ में चोट लगी थी, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसके उल्टे हाथ पर प्लास्टर चढ़ा दिया। यह घटना मेडिकल कॉलेज में हुई डॉक्टरों की चूक को उजागर करती है।
न्यूज़ पेपर
उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। शाम्भवी उपाध्याय नामक एक मासूम बच्ची को सीधे हाथ में चोट लगी थी, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसके उल्टे हाथ पर प्लास्टर चढ़ा दिया। यह घटना मेडिकल कॉलेज में हुई डॉक्टरों की चूक को उजागर करती है।
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- सीजेपी (CJP) ने पेपर लीक के मुद्दे और धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई नारे लगाए, जिनमें "मेरा लिंग- मेरी मर्जी", "मेरा जेंडर- मेरी मर्जी" और "मेरे कपड़े- मेरी मर्जी" जैसे व्यक्तिगत पसंद और स्वतंत्रता पर जोर देने वाले नारे शामिल थे।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक नशेड़ी मामा ने हैवानियत की हदें पार कर दीं। वह घर पर सो रही अपनी नौ माह की भांजी को लगभग 500 मीटर दूर जंगल में ले गया, जहाँ उसने मासूम बच्ची के साथ जघन्य हैवानियत को अंजाम दिया। इस दरिंदे मामा ने बच्ची को लहूलुहान हालत में जंगल में ही छोड़ दिया और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मामा को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि सगे मामा ने अपनी मात्र नौ माह की भांजी के साथ दुष्कर्म किया था।1
- मोदी सरकार के 'पेपर लीक' मॉडल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें दावा किया गया है कि यह हर दिन छात्रों की जान ले रहा है। हालिया जानकारी के अनुसार, इंदौर में अवंतिका मौर्य ने कथित तौर पर पेपर लीक और 'री-नीट' से जुड़े मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली है। कहा गया है कि पेपर लीक की वजह से अब तक कुल 15 छात्रों ने अपनी जान गँवा दी है। इस सूची में प्रदीप मेघवाल (राजस्थान), अंशिका पांडे (दिल्ली), ऋतिक मिश्रा (उत्तर प्रदेश), सिद्धार्थ हेगड़े (गोवा), भाग्यश्री (कर्नाटक), आकांक्षा चतुर्वेदी (मध्य प्रदेश), उमेश माली (राजस्थान), रेणु मीणा (राजस्थान), रिया कुमारी थापा (उत्तराखंड), शिवानी यादव (उत्तर प्रदेश), अनुकीर्तना (तमिलनाडु), कहान पटेल (गुजरात), रीमा बेगम (असम), मैथली अशोक सोनवाने (महाराष्ट्र) और अवंतिका मौर्य (मध्य प्रदेश) शामिल हैं। इस स्थिति को केवल आत्महत्या नहीं बल्कि 'हत्या' करार दिया गया है, जिसके लिए सीधे तौर पर धर्मेंद्र प्रधान और नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि सत्ता में बैठे लोगों के चेहरों पर इन मौतों से कोई शिकन तक नहीं आ रही। धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है और उनसे तुरंत इस्तीफा देने की मांग की गई है।1
- पलिया में महाराजा अग्रसेन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक समिति अध्यक्ष सतीश कुमार गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को और अधिक सशक्त बनाना तथा महिला सहभागिता बढ़ाने के लिए एक महिला समिति का गठन करना था। विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से ज्योति अग्रवाल को महिला समिति का अध्यक्ष और रीता अग्रवाल को महामंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई नियुक्तियों की घोषणा होते ही उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों ने ज्योति अग्रवाल और रीता अग्रवाल का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। नवनियुक्त अध्यक्ष और महामंत्री ने समिति अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया और संगठन की गरिमा बनाए रखते हुए ईमानदारी, निष्ठा एवं समर्पण भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया। समिति अध्यक्ष सतीश कुमार गर्ग ने कहा कि यह महिला समिति संगठन की गतिविधियों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, साथ ही उन्होंने दोनों पदाधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनसे समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई। इस बैठक में महामंत्री संदीप बंसल, व्यवस्थापक अशोक जैन, संरक्षक गंगालहरी एवं कैलाश अग्रवाल, निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट प्रेम प्रकाश अग्रवाल, उपाध्यक्ष गोपाल गोयल, नवीन मित्तल, इन्द्रा बंसल, मंटो गर्ग, मानसी गोयल, सुनीता अग्रवाल, रेखा मित्तल, मंजू जिन्दल, पारुल बंसल, सोनी अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, कविता मित्तल, प्रमिला अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक का समापन संगठन की मजबूती और समाज सेवा के संकल्प के साथ किया गया।3
- लखीमपुर खीरी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन कार्यालय परिसर में एक सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। बफर जोन की उपनिदेशक कीर्ति चौधरी के नेतृत्व में, कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ उन्होंने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। योग कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को योग के महत्व और इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपनिदेशक कीर्ति चौधरी ने जोर देकर कहा कि योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि व्यक्ति को तनावमुक्त और ऊर्जावान भी बनाता है। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाने वाले वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रकृति के बीच योग कर स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश दिया।2
- डॉ. मनमोहन सिंह ने अपनी अंतिम प्रेस कांफ्रेंस में यह स्पष्ट बयान दिया कि नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री बनना देश के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा।1
- लखीमपुर खीरी के नगर मोहम्मदी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें पूरा नगर योग के रंग में सराबोर नज़र आया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तत्वावधान में नगर के अस्तल सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित इस महा-शिविर में कार्यकर्ताओं और आम जनता का भारी जोश देखने को मिला, जिससे परिसर खचाखच भर गया। इस आयोजन में क्षेत्रीय विधायक और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री लोकेंद्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जिनका कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिससे पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति और योग के उत्साह से गूंज उठा। योग की विभिन्न मुद्राओं और प्राणायाम का अभ्यास करने के बाद, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री लोकेंद्र प्रताप सिंह ने मंच से जनता को सेहतमंद रहने का महामंत्र देते हुए कहा कि "अगर डॉक्टर और दवाइयों के चक्कर से बचना है, तो आज से ही अपनी जिंदगी में योग को शामिल कर लीजिए।" उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "योग अपनाएं, निरोगी जीवन पाएं।" विधायक जी ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की इस प्राचीन विधा को आज पूरी दुनिया का 'फिटनेस मंत्र' बना दिया है, क्योंकि योग केवल शरीर को लचीला बनाने के लिए नहीं, बल्कि मन को शांत और इरादों को मजबूत करने का भी ज़रिया है। इस हाई-प्रोफाइल योग शिविर में भाजपा नगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता, तेजतर्रार नेता आशीष त्रिवेदी, मीडिया प्रभारी दिनेश सिंह सोमवंशी, सह-प्रभारी संजय कुमार राठौर सहित आशीष गुप्ता, अरुण राठौर, अनुज पांडे और मीना देवी जैसे कई पदाधिकारी व सैकड़ों कार्यकर्ता भी योगिंग-जॉगिंग और अनुलोम-विलोम करते दिखे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक सुर में संकल्प लिया कि वे इस योग संदेश को घर-घर तक पहुँचाएँगे। आयोजन की भव्यता और जनभागीदारी ने यह साबित कर दिया कि मोहम्मदी में योग का यह अभियान अब एक जन-आंदोलन बन चुका है।4
- लखीमपुर खीरी के नगर पंचायत धौरहरा खीरी क्षेत्र में तहसील रोड पर बसंतपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित अमेठी तिराहे के पास रविवार को एक ओवरलोड सीमेंट लदी ट्रक अनियंत्रित होकर नाले में फंस गई। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब ट्रक चालक कथित तौर पर लापरवाही और अनियमित तरीके से वाहन चला रहा था। ट्रक जैसे ही अमेठी तिराहे से गुजर रही थी, उसका अगला पहिया अचानक सड़क किनारे बने नाले में जा गिरा, जिससे पूरा वाहन एक ओर झुक गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ट्रक को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू कराई। स्थानीय लोगों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि ओवरलोड वाहनों के आवागमन और लापरवाह ड्राइविंग के कारण इस मार्ग पर अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए।1
- उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जनपद खीरी का पलिया कस्बा और आसपास का इलाका इन दिनों गंभीर नशे के संकट से जूझ रहा है। इस शांत कहे जाने वाले क्षेत्र में नशे का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय कानून व्यवस्था और समाज में चिंता व्याप्त है। नाबालिगों और युवाओं के नशा करते हुए कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो पलिया में नशे के जहर के फैलने का सीधा प्रमाण हैं। स्थानीय सूत्रों और प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि इस पूरे गोरखधंधे के पीछे बड़े ड्रग्स माफिया सक्रिय हैं। ये सफेदपोश और शातिर अपराधी पर्दे के पीछे से बड़े पैमाने पर ड्रग्स और प्रतिबंधित नशीली दवाओं का सिंडिकेट चला रहे हैं। इनका मुख्य निशाना स्कूल-कॉलेज के छात्र और कम उम्र के युवा हैं, जिनका भविष्य इस जानलेवा लत के कारण अंधकार में धकेला जा रहा है। जनता के बीच यह बड़ा सवाल है कि जब पलिया में ड्रग्स का कोई स्थानीय निर्माण नहीं है, तो इतनी बड़ी मात्रा में यह ज़हर यहाँ कैसे पहुँच रहा है। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण तस्करी की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों का मानना है कि पुलिस और जांच एजेंसियां यदि संदिग्धों और पहले पकड़े गए अपराधियों की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और डायरी की बारीकी से जांच करें, तो इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश हो सकता है। आश्चर्य की बात यह है कि कई नशे के कारोबारी, जिन पर पहले से मुकदमे दर्ज हैं, उनके हौसले अब भी बुलंद हैं और वे निडर होकर यह 'मौत का सामान' बेच रहे हैं। इन अपराधियों को कथित तौर पर किसका संरक्षण प्राप्त है, यह एक अहम सवाल है, क्योंकि कई बड़े नाम और मुख्य सरगना अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। नशे के इस बढ़ते कारोबार का सीधा असर पलिया के अपराध ग्राफ पर भी दिख रहा है। नशे की तलब पूरी करने के लिए युवा चोरी, छिनैती, आपसी मारपीट और महिलाओं से अभद्रता जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जिनमें तेजी से वृद्धि हुई है। पलिया की जनता में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन और पलिया पुलिस से यह मांग की है कि छोटे-मोटे पैडलर्स के साथ-साथ इस धंधे के असली 'आकाओं' और ड्रग्स माफियाओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और बुलडोजर जैसी कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पलिया की युवा पीढ़ी को इस बर्बादी से बचाया जा सके।1