सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन का डीआरएम ने किया औचक निरीक्षण, ग्रामीणों ने रखीं कई समस्याएं रिपोर्ट: लक्ष्मण सिंह राजपूत सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन पर 6 मार्च 2026 को डीआरएम, पंकज त्यागी भोपाल द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने रेल से जुड़ी अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए लगभग 3 किलोमीटर लंबी सड़क वर्षों से जर्जर स्थिति में है। इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। खराब सड़क के कारण यात्रियों, विशेष रूप से स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों की दूसरी बड़ी समस्या यह है कि सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन पर पैदल पुल (फुट ओवरब्रिज) नहीं है। इसके कारण यात्रियों को कई बार ट्रैक पार करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले आठ नंबर गेट के पास रेलवे स्टेशन था, जहां से वाहनों का आवागमन होता था। बाद में स्टेशन को सात नंबर की ओर स्थापित कर दिया गया। आठ नंबर फाटक पर बनने वाला अंडरब्रिज भी सात और आठ नंबर गेट के बीच बना दिया गया। दाईं ओर का हिस्सा रेलवे की जमीन पर बनकर तैयार हो गया, लेकिन बाईं ओर किसानों की निजी जमीन होने के कारण अंडरब्रिज अधूरा पड़ा हुआ है। रेलवे विभाग का कहना है कि वहां निजी भूमि होने के कारण निर्माण नहीं किया जा सकता, जबकि भूमि मालिक उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस वजह से किसानों को अपनी खेती के लिए 14 से 15 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का स्टॉपेज दिया जाए। उनका कहना है कि रोजाना लगभग 200 से अधिक ट्रेनें इस रूट से गुजरती हैं। यदि मुख्य ट्रेनों का ठहराव यहां हो जाए तो क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी, सड़क दुर्घटनाएं भी कम होंगी और रेलवे को भी राजस्व में लाभ होगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि डीआरएम के निरीक्षण के बाद इन समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा, जिससे आम लोगों की रेल यात्रा सरल और सुगम बन सके।
सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन का डीआरएम ने किया औचक निरीक्षण, ग्रामीणों ने रखीं कई समस्याएं रिपोर्ट: लक्ष्मण सिंह राजपूत सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन पर 6 मार्च 2026 को डीआरएम, पंकज त्यागी भोपाल द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने रेल से जुड़ी अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए लगभग 3 किलोमीटर लंबी सड़क वर्षों से जर्जर स्थिति में है। इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। खराब सड़क के कारण यात्रियों, विशेष रूप से स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों की दूसरी बड़ी समस्या यह है कि सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन पर पैदल पुल (फुट ओवरब्रिज) नहीं है। इसके कारण यात्रियों को कई बार ट्रैक पार करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले आठ नंबर गेट के पास रेलवे स्टेशन था, जहां से वाहनों का आवागमन होता था। बाद में स्टेशन को सात नंबर की ओर स्थापित कर दिया गया। आठ नंबर फाटक पर बनने वाला अंडरब्रिज भी सात और आठ नंबर गेट के बीच बना दिया गया। दाईं ओर का हिस्सा रेलवे की जमीन पर बनकर तैयार हो गया, लेकिन बाईं ओर किसानों की निजी जमीन होने के कारण अंडरब्रिज अधूरा पड़ा हुआ है। रेलवे विभाग का कहना है कि वहां निजी भूमि होने के कारण निर्माण नहीं किया जा सकता, जबकि भूमि मालिक उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस वजह से किसानों को अपनी खेती के लिए 14 से 15 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का स्टॉपेज दिया जाए। उनका कहना है कि रोजाना लगभग 200 से अधिक ट्रेनें इस रूट से गुजरती हैं। यदि मुख्य ट्रेनों का ठहराव यहां हो जाए तो क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी, सड़क दुर्घटनाएं भी कम होंगी और रेलवे को भी राजस्व में लाभ होगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि डीआरएम के निरीक्षण के बाद इन समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा, जिससे आम लोगों की रेल यात्रा सरल और सुगम बन सके।
- लोकल न्यूज बीना की उज्जवल बिहार कॉलोनी में माय छोटा प्री-स्कूल में एडमिशन शुरू बीना की उज्जवल बिहार कॉलोनी, नई बस्ती में स्थित माय छोटा प्री-स्कूल में नए सत्र के लिए एडमिशन शुरू हो गए हैं। 2 से 6 साल तक के बच्चों के उज्जवल भविष्य और बेहतर शुरुआती शिक्षा के लिए अभिभावकों से निवेदन है कि एक बार स्कूल आकर विजिट जरूर करें। माय छोटा प्री-स्कूल – जहाँ बच्चों की सीखने की शुरुआत होती है। 📍 स्थान: उज्जवल बिहार कॉलोनी, नई बस्ती, बीना 📞 संपर्क: सर अनिल नामदेव – 7007023253 / 7007206004 #Hashtags: #Bina #MyChhotaPreSchool #SchoolAdmission #BinaNews #KidsEducation #AdmissionOpen #BinaMP #PreSchool #BrightFuture #EducationForKids1
- तलैया नाका स्थित शराब दुकान अन्यत्र विस्थापित होगी,अधिकारियों ने किया प्रस्ताव तैयार1
- साथियों आज से करीला मेला का शुभारंभ हो गया है उसके बावजूद भी स्टेशन रोड की हालत में अभी तक कोई भी सुधार नहीं किया गया है तीन दिन में हजारों बहन इसी रोड से गुजरेंगे ऐसी हालत में वाहनों से दुर्घटना होना एवं किसी व्यक्ति को हानि होना इसकी और ना तो नगर परिषद का ध्यान है ना ही हमारे नेताओं का साथियों देखा जाए तो इस तरह से अभी तक रोड सही न कराए जाने का अर्थ है कि प्रशासन कोई बड़ी दुर्घटना होने के बाद ही तोड़ की मरम्मत कर आएगा पिछले 10 महीने से लोड किया हालत है एवं सभी नेताओं का अब आगमन भी इसी रास्ते से हो रहा है पर अफसोस किसी भी नेता को रोड की हालत दिखाई नहीं दे रही है आपसे मेरा निवेदन है आप सब एकजुट होकर इस मुद्दे को उठाएं जिससे जल्द से जल्द रोड सही हो सके इसी के साथ मैं रोहित सवैया जिला संवाददाता अखंड भारत न्यूज़ मुंगावली1
- छोटे लाल सेन की जानकारी के अनुसार वो मजदूरी को गए थे घर पर कोई नहीं था,तभी आग भड़क उठी, आसपास के लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को एवं 112 पुलिस को फोन पर सूचना दी मौके पर नगर परिषद कर्मचारी के कर्मचारी पहुंचे, दरवाजे तोड़ कर अंदर गऐ अंदर जाकर अग्नी शामक यंत्रों से भीषण आग पर काबू पाया गनीमत रही की पास में रखा एलपीजी गैस सिलेंडर नहीं फटा वही मकान मालिक छोटे लाल सेन ने बताया कि घर में रखा गृहस्थी का सामान कुछ नगद राशि जलकर राख हो गई |1
- दमोह में रूह कंपा देने वाली वारदात: नाबालिग की हत्या के बाद वीभत्स हरकत, आरोपी गिरफ्तार मध्यप्रदेश के दमोह जिले के देहात थाना क्षेत्र के समन्ना गांव में गुरुवार दोपहर एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। यहां एक सिरफिरे आरोपी ने 16 वर्षीय किशोर की लोहे की रॉड और हथौड़े से निर्मम हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, इमलिया चौकी क्षेत्र के अर्थखेड़ा गांव निवासी भरत विश्वकर्मा (16) अपनी बहन तमन्ना के घर समन्ना गांव भाईदूज का टीका लगवाने आया था। टीका लगवाने के बाद जब वह बाइक से वापस लौट रहा था, तभी गांव के ही गुड्डा पटैल ने उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहले लोहे की रॉड से भरत के सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी पास से लोहे का हथौड़ा लाया और उसके सिर पर लगातार वार किए, जिससे किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हत्या के बाद आरोपी ने बेहद अमानवीय हरकतें कीं, जिन्हें देखकर गांव के लोग दहशत में आ गए। जब ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की तो वह मौके से भागकर गांव के पास एक खेत में जा छिपा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और खेत की घेराबंदी कर दी। इसी दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ने के लिए पथराव कर दिया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। बताया जा रहा है कि आरोपी भी खेत से ग्रामीणों और पुलिस पर पथराव कर रहा था और पास आने वालों पर लोहे की रॉड से हमला करने की कोशिश कर रहा था। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे काबू में किया और भीड़ से बचाते हुए पुलिस वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी गुड्डा पटैल पहले भी हत्या के मामले में सजा काट चुका है। एच. आर. पांडे (सीएसपी) ने बताया कि कुछ वर्ष पहले आरोपी ने अपनी पत्नी की गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। उस मामले में उसे सजा हुई थी और हाल ही में जेल से छूटने के बाद उसने यह जघन्य वारदात कर दी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। घटना के बाद से समन्ना गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है।1
- गोरखपुर में होलिका दहन कार्यक्रम के दौरान CM योगी आदित्यनाथ सांसद रवि किशन महंत श्री रामलखन दास जी महाराज महंत श्री तुवन मंदिर उत्तराधिकारी गोरखपुर होली मिलन समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल रहा है। #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #viralpost #UpNews latestnews @jay_bajni_baba_khadowara subscribe/share करें1
- *ललितपुर..* महरौनी कोतवाली अंतर्गत नगर के नया सोजना रोड स्थित नायक के बगीचा में पुराने कुएं में रस्सी के सारे लटका मिला एक व्यक्ति का शव.. शव लगभग 4 से 5 दिन पुराना बताया जा रहा है क्योंकि शव से बदबू आ रही है.. नायक के खेत पर काम करने वाले एक किसान ने शव लटका देख पुलिस को दी सूचना.. पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा चीफ एडिटर टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड विज्ञापन एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें 👇 9455422423,9695121690 सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे मृतक के पुत्र अनिल अहिरवार ने एक पत्र के माध्यम से बताया कि बीते दिनों दिनांक 3 फरवरी 2026 को महरौनी थाने में अपने पिता की गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई थी उनके पिता मानसिक रूप से विक्षिप्त भी थे।1
- सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन का डीआरएम ने किया औचक निरीक्षण, ग्रामीणों ने रखीं कई समस्याएं रिपोर्ट: लक्ष्मण सिंह राजपूत सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन पर 6 मार्च 2026 को डीआरएम, पंकज त्यागी भोपाल द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने रेल से जुड़ी अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए लगभग 3 किलोमीटर लंबी सड़क वर्षों से जर्जर स्थिति में है। इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। खराब सड़क के कारण यात्रियों, विशेष रूप से स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों की दूसरी बड़ी समस्या यह है कि सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन पर पैदल पुल (फुट ओवरब्रिज) नहीं है। इसके कारण यात्रियों को कई बार ट्रैक पार करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले आठ नंबर गेट के पास रेलवे स्टेशन था, जहां से वाहनों का आवागमन होता था। बाद में स्टेशन को सात नंबर की ओर स्थापित कर दिया गया। आठ नंबर फाटक पर बनने वाला अंडरब्रिज भी सात और आठ नंबर गेट के बीच बना दिया गया। दाईं ओर का हिस्सा रेलवे की जमीन पर बनकर तैयार हो गया, लेकिन बाईं ओर किसानों की निजी जमीन होने के कारण अंडरब्रिज अधूरा पड़ा हुआ है। रेलवे विभाग का कहना है कि वहां निजी भूमि होने के कारण निर्माण नहीं किया जा सकता, जबकि भूमि मालिक उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस वजह से किसानों को अपनी खेती के लिए 14 से 15 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का स्टॉपेज दिया जाए। उनका कहना है कि रोजाना लगभग 200 से अधिक ट्रेनें इस रूट से गुजरती हैं। यदि मुख्य ट्रेनों का ठहराव यहां हो जाए तो क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी, सड़क दुर्घटनाएं भी कम होंगी और रेलवे को भी राजस्व में लाभ होगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि डीआरएम के निरीक्षण के बाद इन समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा, जिससे आम लोगों की रेल यात्रा सरल और सुगम बन सके।1