कुशीनगर के पकहा लुकपुर में मुहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन की शहादत की याद में एक विशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस सोमवार सुबह से ही गांव के दर्जनों मोहल्लों के इमाम चौकों से निकलना शुरू हुआ और इसे कई स्थानों पर भव्य स्वागत मिला। इस दौरान रस्म ताज़िया मिलन जुलूस की शोभा बढ़ा रहे थे और युवाओं ने करतब दिखाते हुए अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से भारी भीड़ उमड़ी। पकहा लुकपुर एकवनही जटहा बाजार कंठीछपरा नौकटोला पुरनहा भरपूरवा ताज़िया कमेटी के अध्यक्ष अबुलैश अंसारी ने बताया कि मुहर्रम का संबंध कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत से है। उन्होंने बताया कि यज़ीद पलीद की फौज ने इमाम हुसैन और उनके साथियों पर पानी की आपूर्ति बंद कर दी थी, ताकि वे शासक यज़ीद पलीद की अधीनता स्वीकार कर लें। हालांकि, इमाम हुसैन और उनके साथियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया और मुहर्रम के साथ ही कर्बला में शहादत का समय निकट आ रहा था। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में, मुहर्रम से एक दिन पूर्व यानि नौवीं मुहर्रम पर, पकहा लुकपुर, एकवनही, जटहा बाजार, कंठीछपरा, पुरनहा और भरपूरवा के अलग-अलग मुहल्लों से जुलूस निकाले गए। पकहा लुकपुर गांव के विभिन्न इमाम चौकों से निकले इन जुलूसों का नेतृत्व अलग-अलग लोगों ने किया। ये सभी जुलूस अपने पारंपरिक रास्तों से होते हुए पुनः इमाम चौक पर आकर समाप्त हुए।
कुशीनगर के पकहा लुकपुर में मुहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन की शहादत की याद में एक विशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस सोमवार सुबह से ही गांव के दर्जनों मोहल्लों के इमाम चौकों से निकलना शुरू हुआ और इसे कई स्थानों पर भव्य स्वागत मिला। इस दौरान रस्म ताज़िया मिलन जुलूस की शोभा बढ़ा रहे थे और युवाओं ने करतब दिखाते हुए अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से भारी भीड़ उमड़ी। पकहा लुकपुर एकवनही जटहा बाजार कंठीछपरा नौकटोला पुरनहा भरपूरवा ताज़िया कमेटी के अध्यक्ष अबुलैश अंसारी ने बताया कि मुहर्रम का संबंध कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत से है। उन्होंने बताया कि यज़ीद पलीद की
फौज ने इमाम हुसैन और उनके साथियों पर पानी की आपूर्ति बंद कर दी थी, ताकि वे शासक यज़ीद पलीद की अधीनता स्वीकार कर लें। हालांकि, इमाम हुसैन और उनके साथियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया और मुहर्रम के साथ ही कर्बला में शहादत का समय निकट आ रहा था। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में, मुहर्रम से एक दिन पूर्व यानि नौवीं मुहर्रम पर, पकहा लुकपुर, एकवनही, जटहा बाजार, कंठीछपरा, पुरनहा और भरपूरवा के अलग-अलग मुहल्लों से जुलूस निकाले गए। पकहा लुकपुर गांव के विभिन्न इमाम चौकों से निकले इन जुलूसों का नेतृत्व अलग-अलग लोगों ने किया। ये सभी जुलूस अपने पारंपरिक रास्तों से होते हुए पुनः इमाम चौक पर आकर समाप्त हुए।
- कुशीनगर के पकहा लुकपुर और आसपास के दर्जनों मोहल्लों में सोमवार को नौवीं मुहर्रम से एक दिन पूर्व इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजिया मिलन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस सुबह इमाम चौकों से निकलना शुरू हुआ, जिसका कई स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पकहा लुकपुर, एकवनही, जटहा बाजार, कंठीछपरा, नौकटोला, पुरनहा और भरपूरवा सहित विभिन्न मोहल्लों के इमाम चौकों से जुलूस निकले। रस्म ताजिया मिलन जुलूस की शोभा बढ़ा रहे थे और करतब दिखाते युवाओं के प्रदर्शन को देखने के लिए जगह-जगह से आई लोगों की भारी भीड़ रही। पकहा लुकपुर एकवनही जटहा बाजार कंठीछपरा नौकटोला पुरनहा भरपूरवा ताजिया कमेटी के अध्यक्ष अबुलैश अंसारी ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्ष अबुलैश अंसारी ने बताया कि मुहर्रम कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन और उनके साथियों पर यजीद की फौज द्वारा पानी की आपूर्ति बंद किए जाने की घटना को याद दिलाता है। यजीद का मकसद इमाम हुसैन को उसकी अधीनता स्वीकार करने पर मजबूर करना था, लेकिन इमाम हुसैन और उनके साथियों ने इसे अस्वीकार कर दिया। मुहर्रम का हर पल कर्बला में शहादत के वक्त के करीब आने का संकेत था, और इसी ऐतिहासिक कारण से नौवीं मुहर्रम पर यह जुलूस निकाला गया। इन जुलूसों का नेतृत्व अलग-अलग लोगों ने किया और ये सभी अपने परंपरागत रास्तों से गुजरने के बाद अंततः वापस अपने इमाम चौकों पर आकर समाप्त हुए।1
- कुशीनगर के पकहा लुकपुर में मुहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन की शहादत की याद में एक विशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस सोमवार सुबह से ही गांव के दर्जनों मोहल्लों के इमाम चौकों से निकलना शुरू हुआ और इसे कई स्थानों पर भव्य स्वागत मिला। इस दौरान रस्म ताज़िया मिलन जुलूस की शोभा बढ़ा रहे थे और युवाओं ने करतब दिखाते हुए अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से भारी भीड़ उमड़ी। पकहा लुकपुर एकवनही जटहा बाजार कंठीछपरा नौकटोला पुरनहा भरपूरवा ताज़िया कमेटी के अध्यक्ष अबुलैश अंसारी ने बताया कि मुहर्रम का संबंध कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत से है। उन्होंने बताया कि यज़ीद पलीद की फौज ने इमाम हुसैन और उनके साथियों पर पानी की आपूर्ति बंद कर दी थी, ताकि वे शासक यज़ीद पलीद की अधीनता स्वीकार कर लें। हालांकि, इमाम हुसैन और उनके साथियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया और मुहर्रम के साथ ही कर्बला में शहादत का समय निकट आ रहा था। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में, मुहर्रम से एक दिन पूर्व यानि नौवीं मुहर्रम पर, पकहा लुकपुर, एकवनही, जटहा बाजार, कंठीछपरा, पुरनहा और भरपूरवा के अलग-अलग मुहल्लों से जुलूस निकाले गए। पकहा लुकपुर गांव के विभिन्न इमाम चौकों से निकले इन जुलूसों का नेतृत्व अलग-अलग लोगों ने किया। ये सभी जुलूस अपने पारंपरिक रास्तों से होते हुए पुनः इमाम चौक पर आकर समाप्त हुए।2
- गुरुवार को कुशीनगर जिले के कसया नगर में मुस्लिम समुदाय द्वारा हुसैन की याद में एक भव्य मोहर्रम जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में दुल दुल घोड़े, कर्बला, काबा और इस्लाम के विभिन्न प्रतीकों को तस्वीरों के माध्यम से बेहद शानदार तरीके से प्रदर्शित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग और बच्चे शामिल हुए। कसया नगर में गुलामने गौसिया अखाड़ा, शहीदे इस्लामिया अखाड़ा, गुलामने हुसैनिया अखाड़ा, अंजुमन अखाड़ा, पंजतन अखाड़ा सहित दर्जनों अखाड़ों ने जुलूस निकाला। इसमें कसया नगर के साथ-साथ पिपरहिया, नौका टोला, भरौली, सबया, बेलवा, नरकटिया और मिश्ररौली जैसे गांवों के अखाड़े भी शामिल थे। जुलूस नगर के गांधी चौक से शुरू होकर दीवानी कचहरी ओवर ब्रिज, सपहां मार्ग, गोरखपुर मार्ग और पडरौना मार्ग पर भ्रमण करने के बाद अपने-अपने गंतव्यों पर लौट गया। इस भव्य आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कसया थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह, चौकी प्रभारी गौरव श्रीवास्तव और पत्रकार उमर फारूक उर्फ छोटे अंसारी सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। जुलूस के बाद देर रात को नगर के चौराहों पर और शनिवार दोपहर में ताजिये के साथ मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हैं।4
- कुशीनगर जिले के पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जंगल खिरकिया (मुसहरी टोला) निवासी कमलेश निषाद ने गांव की एक महिला पर अपनी पत्नी के कीमती गहने चोरी करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। कमलेश निषाद ने कोतवाली पडरौना में दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि 23 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे उनकी पत्नी संजू देवी घर के बेड बॉक्स से गहने निकालकर पहनने की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान गांव की लक्ष्मीया पत्नी पैलू निषाद उनके घर में आ गई और बातचीत के बीच घर के अंदर चली गई। आरोप है कि लक्ष्मीया के वहां से जाने के कुछ देर बाद जब संजू देवी ने अपने गहने देखे, तो वे गायब मिले। प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया है कि चोरी हुए गहनों में नथिया, पायल, मंगलसूत्र, चांदी व सोने के आभूषण, हाथफूल, बिछिया और नकदी सहित अन्य कीमती सामान शामिल हैं। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि जब लक्ष्मीया से गहनों के बारे में पूछताछ की गई तो उसने सामान लौटाने से इनकार कर दिया, और विरोध करने पर उसके परिजनों ने जानमाल की धमकी भी दी। कमलेश निषाद ने पुलिस से मांग की है कि मामले की जांच कर आरोपितों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए और चोरी हुए सामान की बरामदगी सुनिश्चित की जाए। पुलिस को तहरीर सौंप दी गई है और मामले में जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी, तथा आरोपित पक्ष का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।2
- आज, 26 जून 2026 को बगहा के आसमान में सूरज भगवान अपने गोलकर रूप में दिखाई दिए।2
- कसया में मोहर्रम का एक भव्य जुलूस निकाला गया। इस दौरान, हुसैन की याद में लोगों का आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।1
- डीएम ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि अफवाह फैलाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- कुशीनगर में एक बाइक और कार की टक्कर में 67 वर्षीय एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुर्घटना के बाद, राहगीरों ने घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान मठिया बोदरवार निवासी अशोक सिंह पुत्र राधेश्याम सिंह के रूप में हुई है। यह घटना कप्तानगंज तहसील के बगल में हुई है, और सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1