Shuru
Apke Nagar Ki App…
पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र की मानिकपुर पंचायत स्थित कांकजोल प्रधान टोला में पिछले 2 महीने से चापाकल खराब पड़ा हुआ है। चापाकल से पानी बिल्कुल नहीं निकल रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों के सामने पीने के पानी की बड़ी किल्लत पैदा हो गई है। यह क्षेत्र खगड़ा डाकघर और रद्दीपुर ओ.पी. के अंतर्गत आता है। पानी पीने में आ रही भारी दिक्कतों को देखते हुए ग्रामीणों ने इस समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है।
M
पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र की मानिकपुर पंचायत स्थित कांकजोल प्रधान टोला में पिछले 2 महीने से चापाकल खराब पड़ा हुआ है। चापाकल से पानी बिल्कुल नहीं निकल रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों के सामने पीने के पानी की बड़ी किल्लत पैदा हो गई है। यह क्षेत्र खगड़ा डाकघर और रद्दीपुर ओ.पी. के अंतर्गत आता है। पानी पीने में आ रही भारी दिक्कतों को देखते हुए ग्रामीणों ने इस समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है।
More news from Bihar and nearby areas
- बांका के एम.के पब्लिक स्कूल में बुधवार को जूनियर क्लास के बच्चों के लिए 'वर्षा ऋतु' उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान बरसात के मौसम से जुड़ी कई खेल-कूद और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों के लिए फोटोग्राफी, फल, फूल, सब्जियों और कीड़ों से संबंधित एक विशेष खेल प्रतियोगिता रखी गई, जिसमें उन्होंने खेल-खेल में नृत्य प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उत्सव को और खास बनाते हुए बच्चों से केक भी कटवाया गया, जिससे बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के डायरेक्टर राजीव कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मानसून के प्रवेश करते ही वर्षा आरंभ हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को ऋतुओं के बारे में जानकारी देना है। खेल-खेल के माध्यम से बच्चे न केवल ऋतुओं के महत्व को आसानी से समझ सकते हैं, बल्कि उनसे होने वाले लाभ और हानियों के बारे में भी व्यावहारिक जानकारी हासिल कर पाते हैं।1
- बांका में एक हलवाई की दुकान पर दर्दनाक हादसा घटित हुआ है, जहाँ खौलते तेल की कढ़ाई में गिरने से 11 वर्षीय शुभम की मौत हो गई।1
- बिहार के बेलहर विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर जदयू विधायक मनोज यादव ने पटना में पीएचईडी मंत्री संजय सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने फूली डूमर पंचायत सहित बेलहर और चांदन प्रखंड के कई ग्रामीण इलाकों में गहराए पेयजल संकट से मंत्री को अवगत कराया और शीघ्र समाधान की मांग की। विधायक ने कहा कि गिरते भू-जल स्तर और गर्मी के कारण कई गांवों में लोगों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में नई योजनाओं की स्वीकृति देने और जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने का आग्रह किया। इसके साथ ही आगामी श्रावणी मेला को देखते हुए बाबा धाम जाने वाले लाखों कांवरिया श्रद्धालुओं के लिए पूरे कांवरिया मार्ग पर पर्याप्त और स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई। पीएचईडी मंत्री संजय सिंह ने विधायक की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि बेलहर विधानसभा क्षेत्र की पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा और श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को पेयजल की किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।1
- भागलपुर जिले के कहलगांव स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अतिरिक्त स्वास्थ्य उपकेंद्र अंतिचक का भवन अत्यंत जर्जर हालत में पहुंच चुका है, जिससे आसपास के इलाकों के ग्रामीणों में हर वक्त हादसे का भय बना हुआ है। बिक्रमशिला विश्वविद्यालय के पास स्थित इस स्वास्थ्य उपकेंद्र में रोजाना लगभग आधा दर्जन महिला प्रसव रोगियों का इलाज किया जाता है, लेकिन भवन की बदहाली के कारण यहां आने वाले मरीज और तैनात कर्मी लगातार खतरे की आशंका के बीच रहने को मजबूर हैं। ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों एएनएम सुनीता कुमारी, तनूजा कुमारी, उर्मिला सिन्हा, किरण कुमारी और महिला सुरक्षाकर्मी झूना कुमारी ने बताया कि वे डर-डरकर भगवान भरोसे काम कर रही हैं और यहां कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। इस संबंध में अनुमंडल चिकित्सा पदाधिकारी सह प्रभारी डॉ. पवन कुमार गुप्ता जी ने मीडिया को बताया कि स्थिति की पूरी जानकारी जिला स्वास्थ्य समिति भागलपुर को दे दी गई है।1
- सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे विपक्षी सांसदों को अस्पताल में रोक दिया गया है। इस कदम के विरोध में विपक्षी सांसद अस्पताल के गेट पर ही धरने पर बैठ गए हैं।1
- गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड अंतर्गत जटामा और मोहानी के बीच तीन मासूम बच्चे लावारिस हालत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। यह एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लावारिस मिले बच्चों में एक मासूम की उम्र करीब डेढ़ माह, दूसरे की लगभग डेढ़ साल और तीसरे बच्चे की उम्र करीब ढाई से तीन साल बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन बच्चों के साथ एक बुजुर्ग महिला को देखा गया था, जो सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक तीनों बच्चों को वहीं छोड़कर चली गई। बच्चों के पास से एक फोटो भी बरामद हुई है, जिसे असोता का बताया जा रहा है। हालांकि, इस फोटो और पूरे मामले की असली हकीकत क्या है, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।1
- बांका जिले के बौसी स्थित रेफर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र' का विधिवत उद्घाटन किया गया है। रेफर अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर ने फीता काटकर इस केंद्र की शुरुआत की। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत खुले इस केंद्र में लोगों को बाजार मूल्य से 50% से 90% तक कम दामों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाएँगी। उद्घाटन के दौरान प्रभारी डॉक्टर ने कहा कि "अच्छी दवाई, सस्ती दवाई" के उद्देश्य से शुरू हुए इस केंद्र से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को काफी राहत मिलेगी और अब महंगी दवाओं की वजह से किसी का इलाज नहीं रुकेगा। इस केंद्र में उपलब्ध दवाइयाँ ब्रांडेड दवाओं के बराबर असरदार हैं, जिन्हें WHO-GMP प्रमाणित कंपनियों द्वारा निर्मित और जांचा गया है। इस केंद्र का रजिस्ट्रेशन नंबर PMBJK23256 है और संपर्क नंबर 7549326540 है। केंद्र के खुलने पर स्थानीय लोगों ने खुशी जताते हुए सरकार और अस्पताल प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।1
- दिल्ली के बाद अब पटना की सड़कों पर भी अहंकारी सत्ता की तानाशाही का प्रदर्शन शुरू हो गया है। पेपर लीक के खिलाफ और नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जायज मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पटना के जेपी गोलंबर और गांधी मैदान में बर्बरता से लाठीचार्ज किया गया, वॉटर कैनन की बौछारें छोड़ी गईं और आंसू गैस के गोले दागे गए। अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे नौजवानों पर इस तरह पुलिसिया गुंडाराज का इस्तेमाल करना सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। शिक्षा माफियाओं के सामने घुटने टेकने वाले बड़बोले सत्ताधीश अब पुलिस बल के दम पर युवाओं की आवाज को कुचलना चाहते हैं। सत्ता के नशे में चूर बीजेपी और एनडीए की सरकार को कान खोलकर सुन लेना चाहिए कि छात्रों के तीखे सवालों का जवाब उनकी लाठियां और पानी की बौछारें कभी नहीं बन सकतीं। इतिहास गवाह है कि युवाओं की जिस आवाज को लाठियों और दमन से दबाने की कोशिश की जा रही है, वही आक्रोश का सैलाब बहुत जल्द इस सत्ता के अहंकार और गुरूर को चकनाचूर कर देगा।1