शराब के ब्रांड को 'संगम' नाम देने पर विवाद, पंडित सुशील पाठक, बोले सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश पवित्र तीर्थ के नाम पर शराब बेचना बर्दाश्त नहीं, डिस्टलरी कंपनी के मालिक को जेल भेजने की उठी मांग बरेली। प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के नाम पर एक डिस्टलरी कंपनी द्वारा शराब का ब्रांड लॉन्च करने का मामला गरमाता जा रहा है। धर्मगुरु पंडित सुशील पाठक ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि 'संगम' हमारे सनातन धर्म का एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ करोड़ों श्रद्धालु आस्था के साथ स्नान करने आते हैं। ऐसे पावन नाम का उपयोग शराब जैसी वस्तु के लिए करना न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह हिंदू धर्म को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है। पंडित सुशील पाठक ने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस डिस्टलरी कंपनी के मालिक ने यह दुस्साहस किया है, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और उसे सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। साधु-संत सड़कों पर उतरकर करेंगे आंदोलन और अनशन उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर संत समाज पूरी तरह एकजुट है। संगम पीठाधीश्वर शांडिल्य महाराज ने भी इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है, जिसका वे पूर्ण समर्थन करते हैं। पाठक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही इस ब्रांड नाम को वापस नहीं लिया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो साधु-संत सड़कों पर उतरकर आंदोलन और अनशन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक इस अपमान का पुरजोर विरोध जारी रहेगा।
शराब के ब्रांड को 'संगम' नाम देने पर विवाद, पंडित सुशील पाठक, बोले सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश पवित्र तीर्थ के नाम पर शराब बेचना बर्दाश्त नहीं, डिस्टलरी कंपनी के मालिक को जेल भेजने की उठी मांग बरेली। प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के नाम पर एक डिस्टलरी कंपनी द्वारा शराब का ब्रांड लॉन्च करने का मामला गरमाता जा रहा है। धर्मगुरु पंडित सुशील पाठक ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि 'संगम' हमारे सनातन धर्म का एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ करोड़ों श्रद्धालु आस्था के साथ स्नान करने आते हैं। ऐसे पावन नाम का उपयोग शराब जैसी वस्तु के लिए करना न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह हिंदू धर्म को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है। पंडित सुशील पाठक ने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस डिस्टलरी कंपनी के मालिक ने यह दुस्साहस किया है, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और उसे सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। साधु-संत सड़कों पर उतरकर करेंगे आंदोलन और अनशन उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर संत समाज पूरी तरह एकजुट है। संगम पीठाधीश्वर शांडिल्य महाराज ने भी इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है, जिसका वे पूर्ण समर्थन करते हैं। पाठक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही इस ब्रांड नाम को वापस नहीं लिया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो साधु-संत सड़कों पर उतरकर आंदोलन और अनशन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक इस अपमान का पुरजोर विरोध जारी रहेगा।
- शराब के ब्रांड को 'संगम' नाम देने पर विवाद, पंडित सुशील पाठक, बोले सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश पवित्र तीर्थ के नाम पर शराब बेचना बर्दाश्त नहीं, डिस्टलरी कंपनी के मालिक को जेल भेजने की उठी मांग बरेली। प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के नाम पर एक डिस्टलरी कंपनी द्वारा शराब का ब्रांड लॉन्च करने का मामला गरमाता जा रहा है। धर्मगुरु पंडित सुशील पाठक ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि 'संगम' हमारे सनातन धर्म का एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ करोड़ों श्रद्धालु आस्था के साथ स्नान करने आते हैं। ऐसे पावन नाम का उपयोग शराब जैसी वस्तु के लिए करना न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह हिंदू धर्म को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है। पंडित सुशील पाठक ने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस डिस्टलरी कंपनी के मालिक ने यह दुस्साहस किया है, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और उसे सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। साधु-संत सड़कों पर उतरकर करेंगे आंदोलन और अनशन उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर संत समाज पूरी तरह एकजुट है। संगम पीठाधीश्वर शांडिल्य महाराज ने भी इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है, जिसका वे पूर्ण समर्थन करते हैं। पाठक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही इस ब्रांड नाम को वापस नहीं लिया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो साधु-संत सड़कों पर उतरकर आंदोलन और अनशन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक इस अपमान का पुरजोर विरोध जारी रहेगा।1
- जिला बरेली रिपोर्टर प्रदीप सक्सेना बिना महिला ट्रेनर के नहीं चलेंगे फिटनेस सेंटर - पुष्पापांडे बरेली : राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की सदस्य पुष्पा पांडे ने जिलाधिकारी से भेंट कर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर वार्ता की श्रीमती पांडे द्वारा कहा गया कि जनपद में जिम जो भी संचालित हो रहे हैं उसको तुरंत चेक कराया जाए और जिसमें महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं उन सभी में महिला प्रशिक्षक का होना अत्यंत अनिवार्य है जिम के बाहर मालिक एवं कोच का नाम लिखा होना चाहिए जिम के अंदर किसी भी प्रकार की मेडिसिन की बिक्री नहीं होनी चाहिए इसके लिए अलग से अनुमति स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राप्त की जाए इसी प्रकार ब्यूटी पार्लर लेडीज टेलर प्रतिष्ठानों पर भी महिला स्टाफ की नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है इसके बिना सेंटर अपना संचालन बिना महिला ट्रेनर के ना करें इन सभी की सूची थाना स्तर पर बनाई जाए और इसका रिकॉर्ड रखा जाए प्रशासन द्वारा अवगत कराया गया है की एक सप्ताह के अंदर सभी सूची थाना बार बना ली जाएगी और महिला आयोग को भी उपलब्ध करा दी जाएगी वहीं आयोग की सदस्य द्वारा कल पैसे की लालच में मणिनाथ निवासी शारदा यादव की हत्या कर दी गई थी उनके परिवार से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त की और उन्हें आश्वासन दिया इस मामले में पूरी गंभीरता के साथ जांच की जाएगी और जांच में जो भी दोषी होगा वह भी इसमें जेल जाएगा I जिला बरेली रिपोर्टर प्रदीप सक्सेना बिना महिला ट्रेनर के नहीं चलेंगे फिटनेस सेंटर - पुष्पापांडे बरेली : राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की सदस्य पुष्पा पांडे ने जिलाधिकारी से भेंट कर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर वार्ता की श्रीमती पांडे द्वारा कहा गया कि जनपद में जिम जो भी संचालित हो रहे हैं उसको तुरंत चेक कराया जाए और जिसमें महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं उन सभी में महिला प्रशिक्षक का होना अत्यंत अनिवार्य है जिम के बाहर मालिक एवं कोच का नाम लिखा होना चाहिए जिम के अंदर किसी भी प्रकार की मेडिसिन की बिक्री नहीं होनी चाहिए इसके लिए अलग से अनुमति स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राप्त की जाए इसी प्रकार ब्यूटी पार्लर लेडीज टेलर प्रतिष्ठानों पर भी महिला स्टाफ की नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है इसके बिना सेंटर अपना संचालन बिना महिला ट्रेनर के ना करें इन सभी की सूची थाना स्तर पर बनाई जाए और इसका रिकॉर्ड रखा जाए प्रशासन द्वारा अवगत कराया गया है की एक सप्ताह के अंदर सभी सूची थाना बार बना ली जाएगी और महिला आयोग को भी उपलब्ध करा दी जाएगी वहीं आयोग की सदस्य द्वारा कल पैसे की लालच में मणिनाथ निवासी शारदा यादव की हत्या कर दी गई थी उनके परिवार से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त की और उन्हें आश्वासन दिया इस मामले में पूरी गंभीरता के साथ जांच की जाएगी और जांच में जो भी दोषी होगा वह भी इसमें जेल जाएगा I1
- Post by Abdul Jabbar1
- बरेली में कार के अंदर खौफनाक कत्ल, ‘लालची’ सुनते ही भड़का मुंहबोला बेटा, बुजुर्ग महिला की हत्या बरेली में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई, जहां मुंहबोले बेटे ने संपत्ति के लालच में बुजुर्ग महिला की कार में हत्या कर दी। 'लालची' कहने पर भड़के आरोपी ने पहले बेहोश किया फिर मुंह-नाक दबाकर मार डाला, शव फेंककर भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार वरुण को पता चला कि शारदा यादव के नाम करीब 80 बीघा जमीन और एक स्कूल है। उसने इस संपत्ति को अपने नाम कराने की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपने पिता संजय पाराशरी से भी चर्चा की थी। योजना के तहत उसने शारदा को मंदिर जाने के बहाने 2 मई को घर से बुलाया।1
- भारत में डिफेंस कॉरिडोर रक्षा क्षेत्र को नई गति प्रदान कर रहा है। यह पहल देश को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।1
- बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में महिला से छेड़छाड़ व रंगदारी के मुकदमे में वांछित एक अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। CO CITY 1 आशुतोष शिवम ने गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में जानकारी साझा की।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया। गोली लगने से घायल हुए इन अभियुक्तों की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।1
- देवबंद का नाम बदलने पर मौलाना बरेलवी की ललकार, जगह का नाम बदलने से वहां के लोगो की किस्मत नही बदलती। बरेली। देवबंद का नाम बदलकर देववृन्द किये जाने पर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी शहर या जगह का नाम बदलने से वहां के रहने वालों की किस्मत नहीं बदल जाती, बल्कि लोगों की किस्मत उस वक्त बदलती है जब उस शहर के विकास और डेवलपमेंट का काम हो, बेरोजगार नौजवानों को रोजगार दिये जाये, छोटे बड़े उद्योग स्थापित किए जाए, किसानों को इनकी मेहनत व मशक्कत के बराबर अनाज की किमत अदा की जाए, शिक्षा व स्वास्थ्य की व्यवस्थाएं चुस्त दुरुस्त की जाए, तब जाकर कहीं लोगों की किस्मत चमक सकती है। मौलाना ने कहा कि देवबंद का नाम देववृन्द करने से किसी का भला नहीं हो सकता। शाहजहांपुर और मीरगंज का नाम बदलने वालो को इस घटना पर जरुर ध्यान देना चाहिए कि शाहजहांपुर शहर मे एक परिवार के छः लोगों ने सिर्फ भूख और गुरबत की वजह से फांसी लगा ली थी। मीरगंज मे एक किसान ने सिर्फ भूख और गुरबत की वजह से फांसी लगायी। इस तरह की घटनाएं देश को शर्मिन्दा करने वाली है, और उन लोगो के मुंह पर जोरदार तमाचा है जो लोग शहरों का नाम बदलने का आंदोलन चला रहे हैं। मौलाना ने ऐसे लोगों को ललकारते हुए कहा कि कभी इन घटनाओं पर उन लोगो ने ध्यान दिया? क्या कभी भूखे को खाना खिलाया। क्या कभी प्यासे को पानी पिलाया। सिर्फ नाम बदलने से कुछ नहीं होता, बल्कि काम करने से सबकुछ होता है।1