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JPSC और JSSC CGL की परीक्षाओं का रद्द होना कहां तक सही???? #CMBihar #giridih_jharkhand #JharkhandNews #international #LocalNews #ndtvnews #jamshedpur #shortsvideos Hemant Soren Manish Jaiswal Information & Public Relations Department, Government of Bihar Narendra Modi BJP Jharkhand
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JPSC और JSSC CGL की परीक्षाओं का रद्द होना कहां तक सही???? #CMBihar #giridih_jharkhand #JharkhandNews #international #LocalNews #ndtvnews #jamshedpur #shortsvideos Hemant Soren Manish Jaiswal Information & Public Relations Department, Government of Bihar Narendra Modi BJP Jharkhand
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- JPSC और JSSC CGL की परीक्षाओं का रद्द होना कहां तक सही???? #CMBihar #giridih_jharkhand #JharkhandNews #international #LocalNews #ndtvnews #jamshedpur #shortsvideos Hemant Soren Manish Jaiswal Information & Public Relations Department, Government of Bihar Narendra Modi BJP Jharkhand1
- हजारीबाग जिला अंतर्गत दारू में जेएसएलपीएस की महिलाओं और बीपीएम के बीच विवाद गहराता जा रहा है। महिलाओं ने बीपीएम राजकुमार पर अभद्र व्यवहार और कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को तीनों संकुलों में ताला जड़ दिया। महिलाओं ने बीपीएम के तबादले की मांग को लेकर प्रखंड मुख्यालय में नारेबाजी भी की। महिलाओं के आवेदन के बाद उपायुक्त के निर्देश पर बीडीओ हारून रशीद ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी ने गुरुवार को दोनों पक्षों को सुना और बयान दर्ज किया। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक बीपीएम का तबादला नहीं होता, तब तक संकुलों में ताला रहेगा। जिला परिषद सदस्य गीता देवी ने भी महिलाओं का समर्थन करते हुए कहा कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर उपायुक्त से मिलकर तबादले की मांग और धरना-प्रदर्शन की बात कही। वहीं बीपीएम राजकुमार ने महिलाओं के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि वे केवल नियमों के अनुसार काम कराने और अनियमितता रोकने का प्रयास कर रहे हैं। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन के अगले कदम पर है। #दारू #जेएसएलपीएस #हजारीबाग #महिलाएं #जांच #बीपीएम #JharkhandNews1
- झारखंड महोत्सव-02 में दिखी झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झांकी झारखंड महोत्सव-02 में दिखी झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झांकी झारखंड महोत्सव-02 में दिखी झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झांकी -- लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक कलाओं की शानदार प्रस्तुतियों ने दिल्ली में बिखेरी झारखंड की माटी की खुशबू -- नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का माध्यम है महोत्सव: सांसद मनीष जायसवाल -- संस्कृति हमारी पहचान और संघर्ष की विरासत है: पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता -- झारखंड महोत्सव झांकी है, पूरी फिल्म अभी बाकी है: शादाब अंसारी झारखंड की संस्कृति को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना हमारा संकल्प: सत्य प्रकाश -- दिल्ली/हजारीबाग। झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, कला, संगीत, लोकगीत, लोकनृत्य एवं पारंपरिक विरासत को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में व्यापक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से झारखंड महोत्सव-02 का भव्य आयोजन नई दिल्ली के मंडी हाउस स्थित एलटीजी ऑडिटोरियम में किया गया। झारखंड एसोसिएशन दिल्ली एवं ओमेगा ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में झारखंड की माटी की खुशबू, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता की ऐसी मनमोहक छटा देखने को मिली, जिसने उपस्थित दर्शकों को झारखंड की लोक जीवन-शैली से रूबरू करा दिया। कार्यक्रम में हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल तथा पूर्व सांसद एवं झारखंड किसान सभा और झारखंड विस्थापित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष भुवनेश्वर प्रसाद मेहता की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों ने झारखंड की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को दिल्ली जैसे राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किए जाने की सराहना करते हुए कलाकारों एवं आयोजन से जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन किया। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि झारखंड की संस्कृति देश की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन झारखंड की लोक कला, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी मिट्टी और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित यह महोत्सव झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने की दिशा में सराहनीय पहल है। उन्होंने आयोजकों, कलाकारों और सभी सहयोगियों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि झारखंड केवल खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी विशिष्ट लोक संस्कृति, आदिवासी परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और सामाजिक विरासत के लिए भी पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि झारखंड महोत्सव जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। दिल्ली की धरती पर झारखंड की लोक संस्कृति का यह प्रदर्शन निश्चित रूप से झारखंडवासियों के लिए गर्व का विषय है। ओमेगा ग्रुप के वाइस चेयरमैन एवं संस्थापक शादाब अंसारी ने कहा कि झारखंड महोत्सव-02 झारखंड की विशाल सांस्कृतिक विरासत की एक सुंदर झांकी मात्र है। उन्होंने कहा, “झारखंड महोत्सव झांकी है, पूरी फिल्म अभी बाकी है।” उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में झारखंड की कला, संस्कृति, भाषा, लोक परंपरा और प्रतिभाओं को लेकर इससे भी बड़े और व्यापक आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। झारखंड एसोसिएशन दिल्ली के मुख्य संरक्षक सह अधिवक्ता सत्य प्रकाश ने कहा कि झारखंड महोत्सव का उद्देश्य केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि झारखंड की लोक कला, संगीत, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। दिल्ली में रहने वाले झारखंडवासियों को अपनी माटी, अपनी भाषा, अपने लोकगीत और अपनी परंपराओं से जोड़ना भी इस आयोजन की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव को आगे भी और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा, ताकि झारखंड की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिल सके। झारखंड एसोसिएशन दिल्ली के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कहा कि झारखंड महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को देश की राजधानी में एक मजबूत मंच देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि यह शुरुआत है और आने वाले समय में झारखंड की लोक संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य, कला एवं परंपराओं को और बड़े स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। *“हमर सोना झारखंड” ने बांधा समां* महोत्सव के दौरान झारखंड के मशहूर लोकगीत “हमर सोना झारखंड” आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। जैसे ही इस गीत की प्रस्तुति शुरू हुई, पूरा सभागार झारखंड की सांस्कृतिक रंगत में रंग गया। गीत की शानदार प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से खूब वाहवाही लूटी। पारंपरिक संगीत और लोकधुनों की गूंज के बीच दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। *मशहूर क़व्वाल उस्ताद यूसुफ खान निज़ामी ने बांधा समां* महोत्सव में मशहूर क़व्वाल उस्ताद यूसुफ खान निज़ामी की शानदार क़व्वाली प्रस्तुति ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक विविधता के रंग भरते हुए देर तक समां बांधे रखा और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकार का उत्साह बढ़ाया। महोत्सव के दौरान झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों की लोक संस्कृति को दर्शाती लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से झारखंड के ग्रामीण जीवन, प्रकृति, सामाजिक सरोकारों, पर्व-त्योहारों और पारंपरिक जीवनशैली की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को झारखंड की सांस्कृतिक रंगत से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में झारखंड की कला एवं सांस्कृतिक विरासत को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। दिल्ली में रह रहे झारखंडवासियों के लिए यह आयोजन अपनी जन्मभूमि और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का भावनात्मक अवसर भी बना। हजारीबाग निवासी झारखंड एसोसिएशन दिल्ली के मुख्य संरक्षक सह अधिवक्ता सत्य प्रकाश एवं ओमेगा ग्रुप के वाइस चेयरमैन एवं संस्थापक शादाब अंसारी ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि झारखंड की संस्कृति, कला और परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। गौरतलब है कि झारखंड महोत्सव का पहली बार आयोजन बिते वर्ष 2025 में दिल्ली के जय सिंह रोड स्थित वाईएमसीए ऑडिटोरियम में किया गया था। इस आगाज के साथ ही झारखंड महोत्सव का स्वरूप लगातार बढ़ता जा रहा है और झारखंड एसोसिएशन दिल्ली का भी विस्तार हो रहा है। वहीं, ओमेगा ग्रुप झारखंड महोत्सव को लेकर हर बार की तरह इस बार भी भव्य आयोजन लेकर आया, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। सभी ने आयोजन की जमकर सराहना की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में ओमेगा ग्रुप के चेयरमैन बिनय कुमार सिंह, डॉ सीताराम सिंह, निजाम अंसारी सहित ओमेगा ग्रुप की पूरी टीम का अहम योगदान रहा।1
- रामगढ़ के केंद्रीय सरना स्थल शिबू टोला पहुंचे झारखंड सरकार के पूर्ब मंत्री बंधु तिर्की Place : रामगढ़ / झारखण्ड Anchar :- रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत आदिवासी एकता महाजुटान महारैली को सफल बनाने को लेकर झारखंड के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की हजारीबाग जाने के दौरान रामगढ़ के केंद्रीय सरना स्थल शिबू टोला, कुंदरिया पहुंचे। यहां उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ राजू पाहन की अगुवाई में पूजा-अर्चना की। महारैली की सफलता और आदिवासी समाज की एकजुटता के लिए आह्वान भी किया गया। बंधु तिर्की ने आदिवासी समाज से 30 अगस्त को रांची के मोरहाबादी मैदान में भारी संख्या में पहुंचने की अपील की। महारैली का मुख्य मुद्दा प्रस्तावित परिसीमन में आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा है। मांडू कुजू से मोहम्मद साबिर की रिपोर्ट1
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- मिथिलेश यादव हत्याकांड का खुलासा! Sach Tak Jharkhand News होटल मालिक समेत 2 गिरफ्तार बीयर के पैसे पर विवाद... फिर कर दिया कत्ल!1
- बीजेपी के कार्यकर्ता सभी लोग पहुंचे और लोगों के दोबारा जोर सोर से नारे लगये गए..। रामगढ़ में बहुत ज्यादा लोगों की भीड़ कुजू नाया मोड में... दर्जनों में पहुंचे जिससे जाम के नारे लगये गए..1
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