झारखंड महोत्सव-02 में दिखी झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झांकी झारखंड महोत्सव-02 में दिखी झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झांकी झारखंड महोत्सव-02 में दिखी झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झांकी -- लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक कलाओं की शानदार प्रस्तुतियों ने दिल्ली में बिखेरी झारखंड की माटी की खुशबू -- नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का माध्यम है महोत्सव: सांसद मनीष जायसवाल -- संस्कृति हमारी पहचान और संघर्ष की विरासत है: पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता -- झारखंड महोत्सव झांकी है, पूरी फिल्म अभी बाकी है: शादाब अंसारी झारखंड की संस्कृति को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना हमारा संकल्प: सत्य प्रकाश -- दिल्ली/हजारीबाग। झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, कला, संगीत, लोकगीत, लोकनृत्य एवं पारंपरिक विरासत को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में व्यापक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से झारखंड महोत्सव-02 का भव्य आयोजन नई दिल्ली के मंडी हाउस स्थित एलटीजी ऑडिटोरियम में किया गया। झारखंड एसोसिएशन दिल्ली एवं ओमेगा ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में झारखंड की माटी की खुशबू, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता की ऐसी मनमोहक छटा देखने को मिली, जिसने उपस्थित दर्शकों को झारखंड की लोक जीवन-शैली से रूबरू करा दिया। कार्यक्रम में हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल तथा पूर्व सांसद एवं झारखंड किसान सभा और झारखंड विस्थापित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष भुवनेश्वर प्रसाद मेहता की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों ने झारखंड की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को दिल्ली जैसे राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किए जाने की सराहना करते हुए कलाकारों एवं आयोजन से जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन किया। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि झारखंड की संस्कृति देश की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन झारखंड की लोक कला, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी मिट्टी और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित यह महोत्सव झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने की दिशा में सराहनीय पहल है। उन्होंने आयोजकों, कलाकारों और सभी सहयोगियों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि झारखंड केवल खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी विशिष्ट लोक संस्कृति, आदिवासी परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और सामाजिक विरासत के लिए भी पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि झारखंड महोत्सव जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। दिल्ली की धरती पर झारखंड की लोक संस्कृति का यह प्रदर्शन निश्चित रूप से झारखंडवासियों के लिए गर्व का विषय है। ओमेगा ग्रुप के वाइस चेयरमैन एवं संस्थापक शादाब अंसारी ने कहा कि झारखंड महोत्सव-02 झारखंड की विशाल सांस्कृतिक विरासत की एक सुंदर झांकी मात्र है। उन्होंने कहा, “झारखंड महोत्सव झांकी है, पूरी फिल्म अभी बाकी है।” उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में झारखंड की कला, संस्कृति, भाषा, लोक परंपरा और प्रतिभाओं को लेकर इससे भी बड़े और व्यापक आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। झारखंड एसोसिएशन दिल्ली के मुख्य संरक्षक सह अधिवक्ता सत्य प्रकाश ने कहा कि झारखंड महोत्सव का उद्देश्य केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि झारखंड की लोक कला, संगीत, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। दिल्ली में रहने वाले झारखंडवासियों को अपनी माटी, अपनी भाषा, अपने लोकगीत और अपनी परंपराओं से जोड़ना भी इस आयोजन की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव को आगे भी और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा, ताकि झारखंड की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिल सके। झारखंड एसोसिएशन दिल्ली के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कहा कि झारखंड महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को देश की राजधानी में एक मजबूत मंच देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि यह शुरुआत है और आने वाले समय में झारखंड की लोक संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य, कला एवं परंपराओं को और बड़े स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। *“हमर सोना झारखंड” ने बांधा समां* महोत्सव के दौरान झारखंड के मशहूर लोकगीत “हमर सोना झारखंड” आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। जैसे ही इस गीत की प्रस्तुति शुरू हुई, पूरा सभागार झारखंड की सांस्कृतिक रंगत में रंग गया। गीत की शानदार प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से खूब वाहवाही लूटी। पारंपरिक संगीत और लोकधुनों की गूंज के बीच दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। *मशहूर क़व्वाल उस्ताद यूसुफ खान निज़ामी ने बांधा समां* महोत्सव में मशहूर क़व्वाल उस्ताद यूसुफ खान निज़ामी की शानदार क़व्वाली प्रस्तुति ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक विविधता के रंग भरते हुए देर तक समां बांधे रखा और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकार का उत्साह बढ़ाया। महोत्सव के दौरान झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों की लोक संस्कृति को दर्शाती लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से झारखंड के ग्रामीण जीवन, प्रकृति, सामाजिक सरोकारों, पर्व-त्योहारों और पारंपरिक जीवनशैली की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को झारखंड की सांस्कृतिक रंगत से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में झारखंड की कला एवं सांस्कृतिक विरासत को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। दिल्ली में रह रहे झारखंडवासियों के लिए यह आयोजन अपनी जन्मभूमि और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का भावनात्मक अवसर भी बना। हजारीबाग निवासी झारखंड एसोसिएशन दिल्ली के मुख्य संरक्षक सह अधिवक्ता सत्य प्रकाश एवं ओमेगा ग्रुप के वाइस चेयरमैन एवं संस्थापक शादाब अंसारी ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि झारखंड की संस्कृति, कला और परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। गौरतलब है कि झारखंड महोत्सव का पहली बार आयोजन बिते वर्ष 2025 में दिल्ली के जय सिंह रोड स्थित वाईएमसीए ऑडिटोरियम में किया गया था। इस आगाज के साथ ही झारखंड महोत्सव का स्वरूप लगातार बढ़ता जा रहा है और झारखंड एसोसिएशन दिल्ली का भी विस्तार हो रहा है। वहीं, ओमेगा ग्रुप झारखंड महोत्सव को लेकर हर बार की तरह इस बार भी भव्य आयोजन लेकर आया, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। सभी ने आयोजन की जमकर सराहना की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में ओमेगा ग्रुप के चेयरमैन बिनय कुमार सिंह, डॉ सीताराम सिंह, निजाम अंसारी सहित ओमेगा ग्रुप की पूरी टीम का अहम योगदान रहा।
झारखंड महोत्सव-02 में दिखी झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झांकी झारखंड महोत्सव-02 में दिखी झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झांकी झारखंड महोत्सव-02 में दिखी झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झांकी -- लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक कलाओं की शानदार प्रस्तुतियों ने दिल्ली में बिखेरी झारखंड की माटी की खुशबू -- नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का माध्यम है महोत्सव: सांसद मनीष जायसवाल -- संस्कृति हमारी पहचान और संघर्ष की विरासत है: पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता -- झारखंड महोत्सव झांकी है, पूरी फिल्म अभी बाकी है: शादाब अंसारी झारखंड की संस्कृति को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना हमारा संकल्प: सत्य प्रकाश -- दिल्ली/हजारीबाग। झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, कला, संगीत, लोकगीत, लोकनृत्य एवं पारंपरिक विरासत को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में व्यापक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से झारखंड महोत्सव-02 का भव्य आयोजन नई दिल्ली के मंडी हाउस स्थित एलटीजी ऑडिटोरियम में किया गया। झारखंड एसोसिएशन दिल्ली एवं ओमेगा ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में झारखंड की माटी की खुशबू, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता की ऐसी मनमोहक छटा देखने को मिली, जिसने उपस्थित दर्शकों को झारखंड की लोक जीवन-शैली से रूबरू करा दिया। कार्यक्रम में हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल तथा पूर्व सांसद एवं झारखंड किसान सभा और झारखंड विस्थापित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष भुवनेश्वर प्रसाद मेहता की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों ने झारखंड की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को दिल्ली जैसे राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किए जाने की सराहना करते हुए कलाकारों एवं आयोजन से जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन किया। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि झारखंड की संस्कृति देश की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन झारखंड की लोक कला, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी मिट्टी और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित यह महोत्सव झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने की दिशा में सराहनीय पहल है। उन्होंने आयोजकों, कलाकारों और सभी सहयोगियों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि झारखंड केवल खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी विशिष्ट लोक संस्कृति, आदिवासी परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और सामाजिक विरासत के लिए भी पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि झारखंड महोत्सव जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। दिल्ली की धरती पर झारखंड की लोक संस्कृति का यह प्रदर्शन निश्चित रूप से झारखंडवासियों के लिए गर्व का विषय है। ओमेगा ग्रुप के वाइस चेयरमैन एवं संस्थापक शादाब अंसारी ने कहा कि झारखंड महोत्सव-02 झारखंड की विशाल सांस्कृतिक विरासत की एक सुंदर झांकी मात्र है। उन्होंने कहा, “झारखंड महोत्सव झांकी है, पूरी फिल्म अभी बाकी है।” उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में झारखंड की कला, संस्कृति, भाषा, लोक परंपरा और प्रतिभाओं को लेकर इससे भी बड़े और व्यापक आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। झारखंड एसोसिएशन दिल्ली के मुख्य संरक्षक सह अधिवक्ता सत्य प्रकाश ने कहा कि झारखंड महोत्सव का उद्देश्य केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि झारखंड की लोक कला, संगीत, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। दिल्ली में रहने वाले झारखंडवासियों को अपनी माटी, अपनी भाषा, अपने लोकगीत और अपनी परंपराओं से जोड़ना भी इस आयोजन की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव को आगे भी और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा, ताकि झारखंड की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिल सके। झारखंड एसोसिएशन दिल्ली के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कहा कि झारखंड महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को देश की राजधानी में एक मजबूत मंच देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि यह शुरुआत है और आने वाले समय में झारखंड की लोक संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य, कला एवं परंपराओं को और बड़े स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। *“हमर सोना झारखंड” ने बांधा समां* महोत्सव के दौरान झारखंड के मशहूर लोकगीत “हमर सोना झारखंड” आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। जैसे ही इस गीत की प्रस्तुति शुरू हुई, पूरा सभागार झारखंड की सांस्कृतिक रंगत में रंग गया। गीत की शानदार प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से खूब वाहवाही लूटी। पारंपरिक संगीत और लोकधुनों की गूंज के बीच दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। *मशहूर क़व्वाल उस्ताद यूसुफ खान निज़ामी ने बांधा समां* महोत्सव में मशहूर क़व्वाल उस्ताद यूसुफ खान निज़ामी की शानदार क़व्वाली प्रस्तुति ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक विविधता के रंग भरते हुए देर तक समां बांधे रखा और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकार का उत्साह बढ़ाया। महोत्सव के दौरान झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों की लोक संस्कृति को दर्शाती लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से झारखंड के ग्रामीण जीवन, प्रकृति, सामाजिक सरोकारों, पर्व-त्योहारों और पारंपरिक जीवनशैली की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को झारखंड की सांस्कृतिक रंगत से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में झारखंड की कला एवं सांस्कृतिक विरासत को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। दिल्ली में रह रहे झारखंडवासियों के लिए यह आयोजन अपनी जन्मभूमि और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का भावनात्मक अवसर भी बना। हजारीबाग निवासी झारखंड एसोसिएशन दिल्ली के मुख्य संरक्षक सह अधिवक्ता सत्य प्रकाश एवं ओमेगा ग्रुप के वाइस चेयरमैन एवं संस्थापक शादाब अंसारी ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि झारखंड की संस्कृति, कला और परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। गौरतलब है कि झारखंड महोत्सव का पहली बार आयोजन बिते वर्ष 2025 में दिल्ली के जय सिंह रोड स्थित वाईएमसीए ऑडिटोरियम में किया गया था। इस आगाज के साथ ही झारखंड महोत्सव का स्वरूप लगातार बढ़ता जा रहा है और झारखंड एसोसिएशन दिल्ली का भी विस्तार हो रहा है। वहीं, ओमेगा ग्रुप झारखंड महोत्सव को लेकर हर बार की तरह इस बार भी भव्य आयोजन लेकर आया, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। सभी ने आयोजन की जमकर सराहना की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में ओमेगा ग्रुप के चेयरमैन बिनय कुमार सिंह, डॉ सीताराम सिंह, निजाम अंसारी सहित ओमेगा ग्रुप की पूरी टीम का अहम योगदान रहा।
- दारू चौक की मास्ट लाइट चार महीने से खराब, विधायक मद की राशि से लगी लाइट की सुध लेने वाला कौन? दारू (हजारीबाग): सदर विधायक महोदय के मद से दारू चौक पर लगाई गई मास्ट लाइट पिछले करीब चार महीने से खराब पड़ी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। सवाल यह है कि जब विधायक मद से सार्वजनिक सुविधा के लिए लाइट लगाई गई है, तो उसके रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है? विधायक द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि को क्या इस समस्या की जानकारी नहीं है? या फिर प्रतिनिधि महोदय अपने दायित्व के प्रति इतने लापरवाह हैं कि चार महीने से खराब पड़ी लाइट भी उनकी नजर में नहीं आ रही? दारू चौक क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि की ओर से कराए गए कार्यों की देखरेख और जनता की समस्याओं को विधायक तक पहुंचाना प्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। ऐसे में चार महीने तक समस्या का समाधान नहीं होना निश्चित रूप से गंभीर सवाल खड़ा करता है। विधायक महोदय से आग्रह है कि मामले का संज्ञान लेकर मास्ट लाइट की शीघ्र मरम्मत कराएं और जिम्मेदार लोगों से जवाबदेही तय करें।1
- केंद्र की मोदी सरकार के विरुद्ध कुजू में कांग्रेस का पैदल मार्च केंद्र सरकार द्वारा लाया गया काला बिल खान खनिज विधायक वापस लेने की उठी मांग प्रदेश के कई नेता हुए शामिल1
- गीता का संदेश #story #writer #writing #love #viral गीता का संदेश #story #writer #writing #love #viral गीता का संदेश #story #writer #writing #love #viral1
- आदिवासी खरवार भोगता समाज विकास संघ बुढ़मू की कमेटी के द्वारा सहयोग आदिवासी खरवार भोगता समाज विकास संघ बुढ़मू की कमेटी के द्वारा गुरुवार को सिरम गांव के मन्तुवा टोला निवासी बुधन गंझू को आर्थिक सहयोग किया. संघ के अध्यक्ष बसारथ गंझू ने बताया कि बुधन गंझू गंभीर बीमारी से पीड़ित है और समाज के लोगों से चंदा के माध्यम से मिली राशि बुधन गंझू को सौंपी गई. मौके पर संघ के यूथ अध्यक्ष प्रदीप भोगता, लालदेव गंझू, हजारी प्रसाद गंझू, मदन गंझू, अरूण गंझू, विजय गंझू, सालो देवी, राहुल गंझू, रघुनंदन गंझू, रमेश गंझू सहित अन्य मौजूद थे.1
- बगोदर के अटका के खेतों में फिर नजर आए गजराज, फसलों को फिर किया बर्बाद बगोदर थाना क्षेत्र के अटका अतीत लच्छीबागी में हाथियों मा कहर लगातार जारी है, एक बार फिर गुरुवार की शाम हाथियों का दल खेतों में धान की फसल को चट करते हुए दिखाया1
- झरनाकुंड से ध्वजाधारी धाम तक निकलेगी कांवर पदयात्रा, 1.5 लाख श्रद्धालुओं के लिए लगेगा विशाल सेवा शिविर झरनाकुंड से ध्वजाधारी धाम तक निकलेगी कांवर पदयात्रा, 1.5 लाख श्रद्धालुओं के लिए लगेगा विशाल सेवा शिविर #follower #nonfollowers #highlight #viralpost1
- JPSC और JSSC CGL की परीक्षाओं का रद्द होना कहां तक सही???? #CMBihar #giridih_jharkhand #JharkhandNews #international #LocalNews #ndtvnews #jamshedpur #shortsvideos Hemant Soren Manish Jaiswal Information & Public Relations Department, Government of Bihar Narendra Modi BJP Jharkhand1
- वोट बिकेगा तो गाँव बिकेगा! 🛑 अपने गाँव को बचाएं। वोट बिकेगा तो गाँव बिकेगा! 🛑 अपने गाँव को बचाएं। वोट बिकेगा तो गाँव बिकेगा! 🛑 अपने गाँव को बचाएं।1
- पीसीसी सड़क पर आवास निर्माण का विरोध, ग्रामीणों ने सीओ , बीडीओ व थाना में दिया आवेदन रातू प्रखंड क्षेत्र के पाली गांव में सरकारी पीसीसी सड़क पर आवास निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए रातू के अंचल अधिकारी , प्रखंड विकास पदाधिकारी व थाना में लिखित आवेदन देकर निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की है। आवेदन पर 70 से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पाली निवासी राधेश्याम तिवारी को अबुआ आवास योजना के तहत आवास आवंटित किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राधेश्याम की सड़क के पीछे भी जमीन उपलब्ध है, इसके बावजूद गांव की मुख्य सड़क पर ही मकान का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजना के तहत बनी पीसीसी सड़क पर मकान की एक दीवार खड़ी कर दी गई है। ग्रामीणों ने बताया कि मकान की छत का छज्जा भी सड़क की ओर निकाला जा रहा है। इससे सड़क से गुजरने वाले लोगों के साथ-साथ बड़े वाहनों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि छज्जा सड़क की ओर निकलने से ऊंचे वाहनों के टकराने की आशंका बनी रहेगी और भविष्य में इसे लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।।आवेदन में ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल निर्माण कार्य रुकवाने तथा सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। साथ ही अबुआ आवास के तहत आवंटित आवास की भी जांच कर उसे रद्द करने की मांग प्रखंड विकास पदाधिकारी, रातू से की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते निर्माण कार्य नहीं रुकवाया तो वे स्वयं मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य बंद कराने को मजबूर होंगे। उन्होंने किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होने की बात कही है।1