चरथावल में पशु क्रूरता का मामला, घायल कुत्ते की इलाज के दौरान मौत: पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार मुज़फ्फरनगर के कस्बा चरथावल में पशु क्रूरता का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति द्वारा कुत्ते को क्रूरता से पटक-पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घायल कुत्ते को उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर पशु प्रेमियों में आक्रोश फैल गया। श्री बाला जी चेरिटेबल सोसाइटी के पशु प्रेमी सन्नी चोपड़ा अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और कुत्ते के उपचार का प्रयास कराया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। कुत्ते की मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद श्री बाला जी चेरिटेबल सोसाइटी के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर कुत्ते का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया। नगर पंचायत चरथावल की जेसीबी की सहायता से गड्ढा खुदवाया गया और सभी की मौजूदगी में कुत्ते को दफनाया गया। इस दौरान चरथावल थाने पर तैनात कांस्टेबल राहुल गिरी, कांस्टेबल तजेंद धामा, शिखा त्यागी सहित अन्य कस्बेवासी भी मौजूद रहे। वहीं इस घटना को लेकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ चरथावल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस संबंध में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
चरथावल में पशु क्रूरता का मामला, घायल कुत्ते की इलाज के दौरान मौत: पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार मुज़फ्फरनगर के कस्बा चरथावल में पशु क्रूरता का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति द्वारा कुत्ते को क्रूरता से पटक-पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घायल कुत्ते को उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर पशु प्रेमियों में आक्रोश फैल गया। श्री बाला जी चेरिटेबल सोसाइटी के पशु प्रेमी सन्नी चोपड़ा अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और कुत्ते के उपचार का प्रयास कराया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। कुत्ते की मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद श्री बाला जी चेरिटेबल सोसाइटी के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर कुत्ते का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया। नगर पंचायत चरथावल की जेसीबी की सहायता से गड्ढा खुदवाया गया और सभी की मौजूदगी में कुत्ते को दफनाया गया। इस दौरान चरथावल थाने पर तैनात कांस्टेबल राहुल गिरी, कांस्टेबल तजेंद धामा, शिखा त्यागी सहित अन्य कस्बेवासी भी मौजूद रहे। वहीं इस घटना को लेकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ चरथावल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस संबंध में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- मुज़फ्फरनगर के कस्बा चरथावल में पशु क्रूरता का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति द्वारा कुत्ते को क्रूरता से पटक-पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घायल कुत्ते को उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर पशु प्रेमियों में आक्रोश फैल गया। श्री बाला जी चेरिटेबल सोसाइटी के पशु प्रेमी सन्नी चोपड़ा अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और कुत्ते के उपचार का प्रयास कराया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। कुत्ते की मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद श्री बाला जी चेरिटेबल सोसाइटी के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर कुत्ते का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया। नगर पंचायत चरथावल की जेसीबी की सहायता से गड्ढा खुदवाया गया और सभी की मौजूदगी में कुत्ते को दफनाया गया। इस दौरान चरथावल थाने पर तैनात कांस्टेबल राहुल गिरी, कांस्टेबल तजेंद धामा, शिखा त्यागी सहित अन्य कस्बेवासी भी मौजूद रहे। वहीं इस घटना को लेकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ चरथावल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस संबंध में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- मुजफ्फरनगर में साइबर ठग गिरफ्तार, 15 लाख से अधिक की ठगी का आरोप मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने लोगों को फर्जी कॉल कर सस्ता सामान बेचने का झांसा देकर UPI के माध्यम से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सचिन स्वामी निवासी गांधी कॉलोनी, नई मंडी मुजफ्फरनगर (मूल निवासी देहरादून) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन बरामद किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सस्ते मोबाइल, प्रिंटर व अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने का झांसा देता था और एडवांस पैसे लेने के बाद नंबर बंद कर देता था। पुलिस के अनुसार आरोपी के अलग-अलग मोबाइल नंबरों और बैंक खातों पर अब तक कई शिकायतें सामने आई हैं और करीब 15 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। आरोपी पहले भी साइबर ठगी के मामले में चंडीगढ़ से जेल जा चुका है। फिलहाल पुलिस अन्य शिकायतों की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है। संवाददाता शफीक राजपूत1
- बिग न्यूज मुजफ्फरनगर के बघरा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा घोटाला, रिश्वत लेते हुए वीडियो से मचा हड़कंप मुजफ्फरनगर/ बघरा। गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए चलाई जा रही प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अब मुजफ्फरनगर के विकास खंड बघरा में गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। ग्राम बघरा में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बड़े स्तर पर अनियमितताओं और रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। खंड विकास कार्यालय में बैठे दलाल, पैसे लेकर कराए जा रहे विवाह सूत्रों के अनुसार खंड विकास कार्यालय बघरा में कथित तौर पर कुछ दलालों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को संचालित किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि BDO बघरा और ADO समाज कल्याण विभाग की मौजूदगी में दलालों के माध्यम से वर-वधुओं से पैसे लेकर उनका नाम योजना में शामिल कराया गया और विवाह सम्पन्न कराए गए। चर्चा है कि एक-एक जोड़े से करीब 10 हजार रुपये तक की रकम ली गई, जिसके बाद उनका विवाह कार्यक्रम में कराया गया। इस कथित लेन-देन का वीडियो सामने आने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। फाइलों में 52 जोड़े, मौके पर केवल 43 का ही हुआ विवाह मामले में सबसे बड़ा सवाल आंकड़ों को लेकर खड़ा हो रहा है। जानकारी के अनुसार योजना से जुड़ी फाइलों में कुल 52 वर-वधुओं को पात्र दर्शाया गया था, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर सिर्फ 43 जोड़ों का ही विवाह सम्पन्न कराया गया। बताया जा रहा है कि बाकी वर-वधुओं को कागजों में अनुपस्थित दिखा दिया गया, जबकि कई लोग मौके पर मौजूद थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बाकी जोड़ों का क्या हुआ और उन्हें योजना का लाभ क्यों नहीं मिला। सामान वितरण में भी गड़बड़ी की शिकायत ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाले घरेलू सामान और सहायता राशि के वितरण में भी गड़बड़ी की गई। कुछ मामलों में पात्र लोगों को भी अपात्र बताकर योजना के लाभ से वंचित किया गया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। जांच की मांग, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी आवाज मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि गरीब बेटियों के विवाह के लिए चलाई जा रही योजना में भी इस तरह का भ्रष्टाचार हो रहा है, तो यह सरकार की मंशा और गरीबों के अधिकार दोनों के साथ बड़ा अन्याय है।4
- मुज़फ्फरनगर। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार..ने कहा कि मेरे ऊपर या मेरे परिवार पर 151 का मुकदमा तक नही है,अनिल कुमार ने कहा कि क्या गुंडे वाले गुण है मेरे पास,कुछ कहने से पहले सोचना चाहिये सपा विधायक पंकज मलिक पर बोले ..1
- भारत अमेरिका के दबाव में बुरी तरह झुक रहा है और इस तरह उसने अपने सारे मित्र देश खो दिए हैं मेरा वीडियो ब्लॉक देखिए और अपनी राय जरूर बताएं1
- थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा लोगों को फर्जी काल कर सस्ता सामान बेचने के नाम पर धोखाधडी कर UPI के माध्यम से करीब 15 लाख रुपयों से अधिक की ठगी करने वाला 01 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार। ▪️ *गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 01 मोबाइल फोन बरामद।* श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक महोदय “मेरठ जोन मेरठ” एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक महोदय “सहारनपुर परिक्षेत्र, सहारनपुर” के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद मुजफ्फरनगर श्री संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध व थाना प्रभारी साइबर क्राइम श्री सुल्तान सिंह के कुशल नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही। *घटना का संक्षिप्त विवरण-* गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विकसित आनलाईन पोर्टल, “प्रतिबिम्ब” पर जनपद मुजफ्फरनगर से फर्जी काल कर लोगों के साथ साइबर धोखाधडी करने की शिकायतें प्राप्त हुई। उक्त प्राप्त शिकायतों की थाना साइबर क्राइम द्वारा जांच की गयी तो धोखाधडी की घटना में प्रयोग किये गये मोबाइल नंबर व बैंक खाते जनपद मुजफ्फरनगर में संचालित मिले। थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा गहनता से जांच कर उक्त धोखाधड़ी की घटना में प्रकाश में आये अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना साइबर क्राइम द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।2
- थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा लोगों को फर्जी काल कर सस्ता सामान बेचने के नाम पर धोखाधडी कर UPI के माध्यम से करीब 15 लाख रुपयों से अधिक की ठगी करने वाला 01 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार।*2
- मुजफ्फरनगर में अवैध हथियारों की तस्करी का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार 07 पिस्टल, 03 तमंचे, कारतूस और स्विफ्ट कार बरामद मुजफ्फरनगर। थाना शाहपुर पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 07 पिस्टल (32 बोर), 03 तमंचे (315 बोर), 06 जिंदा कारतूस और तस्करी में प्रयुक्त एक स्विफ्ट कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार 15/16 मार्च की रात शाहपुर थाना पुलिस कसेरवा पुलिया के पास संदिग्ध व्यक्ति व वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग तितावी की ओर से नहर पटरी होते हुए बुढ़ाना की तरफ अवैध असलाह लेकर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने पलड़ी नहर पुलिया पर चेकिंग शुरू की। थोड़ी देर बाद तितावी की ओर से आ रही एक स्विफ्ट कार को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार सवार चारों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान कार से 07 पिस्टल 32 बोर, 03 तमंचे 315 बोर, 02 कारतूस 32 बोर, 04 कारतूस 315 बोर और एक स्विफ्ट कार (UP-15 DX 9007) बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकिल पुत्र सलाउद्दीन निवासी हाजीपुर थाना लोहियानगर मेरठ, फरहान पुत्र इमरान निवासी घोसीपुर थाना लोहियानगर मेरठ, मोहम्मद तालिब पुत्र मोहम्मद आबिद निवासी नरहाड़ा थाना लोहियानगर मेरठ और शाहरुख पुत्र शौकीन अहमद निवासी दिल्ली गेट मेरठ के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मेरठ से अवैध हथियार खरीदकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करते थे। पिस्टल लगभग 40 हजार रुपये में खरीदकर 65-70 हजार रुपये में और तमंचे 6 हजार रुपये में खरीदकर 8-10 हजार रुपये में बेचते थे। आरोपियों ने बताया कि पंचायत चुनाव नजदीक होने के कारण अवैध हथियारों की मांग बढ़ने लगी थी, इसी कारण वे मुजफ्फरनगर क्षेत्र में सप्लाई करने आए थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ थाना शाहपुर में आयुध अधिनियम की धारा 3/5/25 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह और थाना शाहपुर प्रभारी गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में की गई। संवाददाता शफीक राजपूत1