चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल परिसर में रविवार को एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मानवता की सेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस शिविर के दौरान कुल 43 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया है, जो अवश्यंभावी रूप से जरूरतमंद मरीजों के लिए अत्यंत मददगार साबित होगा। यह शिविर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा था, जिसके तहत अब प्रत्येक माह की 24 तारीख को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस व्यापक पहल के अंतर्गत, चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी लगातार रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर आवश्यक सहायता प्रदान करना है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन रक्तदान शिविरों में भाग लें, क्योंकि रक्तदान को 'महादान' कहा गया है। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि यह कार्य न केवल किसी जरूरतमंद की जान बचाने में सहायक होता है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी दृढ़ता प्रदान करता है। रक्तदाताओं के इस सराहनीय योगदान की स्थानीय लोगों द्वारा भी काफी प्रशंसा की गई है।
चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल परिसर में रविवार को एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मानवता की सेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस शिविर के दौरान कुल 43 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया है, जो अवश्यंभावी रूप से जरूरतमंद मरीजों के लिए अत्यंत मददगार साबित होगा। यह शिविर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा था, जिसके तहत अब प्रत्येक माह की 24 तारीख को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस व्यापक पहल के अंतर्गत, चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी लगातार रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर आवश्यक सहायता प्रदान करना है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन रक्तदान शिविरों में भाग लें, क्योंकि रक्तदान को 'महादान' कहा गया है। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि यह कार्य न केवल किसी जरूरतमंद की जान बचाने में सहायक होता है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी दृढ़ता प्रदान करता है। रक्तदाताओं के इस सराहनीय योगदान की स्थानीय लोगों द्वारा भी काफी प्रशंसा की गई है।
- चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल परिसर में रविवार को एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मानवता की सेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस शिविर के दौरान कुल 43 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया है, जो अवश्यंभावी रूप से जरूरतमंद मरीजों के लिए अत्यंत मददगार साबित होगा। यह शिविर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा था, जिसके तहत अब प्रत्येक माह की 24 तारीख को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस व्यापक पहल के अंतर्गत, चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी लगातार रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर आवश्यक सहायता प्रदान करना है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन रक्तदान शिविरों में भाग लें, क्योंकि रक्तदान को 'महादान' कहा गया है। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि यह कार्य न केवल किसी जरूरतमंद की जान बचाने में सहायक होता है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी दृढ़ता प्रदान करता है। रक्तदाताओं के इस सराहनीय योगदान की स्थानीय लोगों द्वारा भी काफी प्रशंसा की गई है।1
- पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी प्रखंड अंतर्गत बड़ा लुंती गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 9 वर्षीय मासूम सूरज तिरिया की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक सूरज तिरिया प्राथमिक विद्यालय बालमुचूसाई का दूसरी कक्षा का छात्र था। इस भयावह घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, रविवार शाम सूरज अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान अचानक तेज हवा और बारिश शुरू हो गई, जिससे बचने के लिए तीन बच्चे पास के एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। बताया जा रहा है कि सूरज पेड़ की एक डाल पकड़कर खड़ा था, तभी तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे पेड़ पर गिरी। इस वज्रपात की चपेट में आने से सूरज गंभीर रूप से झुलस गया; बिजली उसके सिर पर गिरी थी और घटना इतनी भीषण थी कि उसके कपड़े तक जल गए। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चे को गंभीर हालत में इलाज के लिए कुमारडुंगी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना में एक अन्य बच्चे को भी हल्का झटका लगा था, जिसकी स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है। परिजनों ने बताया कि सूरज छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था, उसका स्वभाव चंचल था और उसे पढ़ाई में भी काफी रुचि थी। उसकी असामयिक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।1
- सरायकेला खरसावां के चांडिल वन क्षेत्र के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत कुशपुतुल सिरका (बड़तल) गांव में शनिवार देर रात जंगली हाथी घुसने से अफरा-तफरी मच गई। रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच हुई इस घटना से ग्रामीणों की जान को खतरा पैदा हो गया और पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस रोकथाम व्यवस्था नहीं थी और घटना के समय विभाग की कोई टीम मौके पर मौजूद नहीं थी। मजबूरन, ग्रामीणों को खुद ही मोर्चा संभालना पड़ा और उन्होंने टॉर्च जलाकर व शोर मचाकर काफी मशक्कत के बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि जरा सी चूक से बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था। इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग की लापरवाही और स्थायी निगरानी व्यवस्था की कमी को उजागर किया है। आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन से कुशपुतुल गांव समेत आसपास के इलाकों को 'हाथी संवेदनशील क्षेत्र' घोषित करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में नियमित रात्रि गश्ती, स्थायी निगरानी व्यवस्था, सोलर फेंसिंग, फसल व घर क्षति के लिए त्वरित मुआवजा और हाथियों की गतिविधियों पर ड्रोन/कैमरा ट्रैप से नजर रखना शामिल है। स्थानीय समाजसेवी समीर कुमार महतो ने आसपास के गांवों के लोगों से सतर्क रहने और रात में टॉर्च का इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने हाथी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग या प्रशासन को देने को कहा, ताकि समय पर कदम उठाए जा सकें। इस संबंध में चांडिल वन रेंज के वन पदाधिकारी से संपर्क नहीं हो सका, लेकिन विभागीय सूत्रों ने बताया कि दलमा से सटे सभी गांवों में अलर्ट जारी किया गया है और क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, फसल नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। गौरतलब है कि दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी से सटे नीमडीह, चांडिल, ईचागढ़ प्रखंड के दर्जनों गांव हर साल हाथी-मानव संघर्ष से जूझते रहते हैं।4
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में व्हाइट हाउस के बाहर गोलीबारी हुई। घटना के बाद उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।1
- राजनगर प्रखंड के पांडुगीति गाँव में मंगलवार को आई तेज आंधी से एक गरीब परिवार का कच्चा मकान पूरी तरह तबाह हो गया। घर पर विशाल पेड़ गिरने से एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जो अब अस्पताल में भर्ती है। बेघर हुआ परिवार तत्काल सरकारी मदद का इंतज़ार कर रहा है, लेकिन अब तक कोई सहायता नहीं मिली है, जिससे ग्रामीणों में रोष है।1
- झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले में स्थित चांडिल अनुमंडल के अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) का तबादला कर दिया गया है।1
- आदित्यपुर के श्रीश्री प्राचिन ग्रामथान आसंगी में इस साल भी हर वर्ष की तरह धूमधाम से पूजा-अर्चना की गई। स्थानीय समुदाय ने बड़े उत्साह और आस्था के साथ इस आयोजन में भाग लिया।1
- चक्रधरपुर थाना परिसर में आगामी बकरीद त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। थाना प्रभारी अवधेश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, वार्ड पार्षदों और शांति समिति के सदस्यों सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, उपस्थित लोगों से आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ बकरीद का पर्व मनाने की अपील की गई। प्रशासन ने त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने, या सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट, वायरल फोटो एवं वीडियो साझा करने से पूरी तरह बचने की सख्त हिदायत दी। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि सोशल मीडिया की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने सभी से प्रशासन का सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने का आग्रह किया, जबकि अंचल अधिकारी सुरेश कुमार सिन्हा ने भी लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।1