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असली जेन ज़ी कौन है और क्या होगा अगर असली जेन ज़ी सड़कों पर आ गया!! असली जेन ज़ी कौन है और क्या होगा अगर असली जेन ज़ी सड़कों पर आ गया!! #JantarMantar #GenZ #thevoiceofnation
Pilibhit Darpan/ND India News
असली जेन ज़ी कौन है और क्या होगा अगर असली जेन ज़ी सड़कों पर आ गया!! असली जेन ज़ी कौन है और क्या होगा अगर असली जेन ज़ी सड़कों पर आ गया!! #JantarMantar #GenZ #thevoiceofnation
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- #pilibhit #Dmpilibhit #Pilibhitpolice #UPPolice #viralreelsシ #viralvideoシ #facebookviral #YogiAdityanath पीलीभीत के गौरी शंकर मंदिर में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का किया जलाभिषेक।1
- अमरिया में उलेमा और पेश इमामों की बैठक, जुलूस-ए-मोहम्मदी और कांवड़ यात्रा को लेकर दिया अमन का संदेश1
- शारदा नदी का फिर बढ़ा कहर, गन्ने की लहलहाती फसल समेत किसानों की जमीन समाई; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन शारदा नदी का फिर बढ़ा कहर, गन्ने की लहलहाती फसल समेत किसानों की जमीन समाई; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन पूरनपुर/पीलीभीत।ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम हजारा में शारदा नदी का कटान एक बार फिर भयावह रूप लेने लगा है। लगातार हो रहे भू-कटान से किसानों में दहशत का माहौल है। नदी ने आधा दर्जन से अधिक किसानों की कृषि भूमि को गन्ने की लहलहाती फसल समेत अपनी आगोश में समा लिया है। कटान की रफ्तार तेज होने से ग्रामीणों को अब अपने गांवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराता दिखाई दे रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी के मुहाने पर ग्राम हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर और भरतपुर सहित कई गांव बसे हुए हैं। यदि समय रहते प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में इन गांवों पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। वहीं धनाराघाट पर शारदा नदी में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण शारदा नदी के किनारे एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन से तत्काल कटान रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी दर्जनों किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि और फसलें शारदा नदी में समा गई थीं। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप इस वर्ष फिर से नदी का कटान शुरू हो गया है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि कटान प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराकर तटबंध, बोल्डर पिचिंग तथा अन्य सुरक्षा कार्य कराए जाएं, जिससे किसानों की भूमि, फसल और गांवों को बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है। प्रदर्शन के दौरान राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- 'सब पढ़ें, सब बढ़ें' या बच्चों से श्रम? बेहरी स्कूल का कथित वायरल वीडियो बना बड़ा सवाल बीसलपुर के मरौरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेहरी का वीडियो चर्चा में, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल बीसलपुर/पीलीभीत। बीसलपुर तहसील के मरौरी विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेहरी का एक कथित वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में किए जा रहे दावों ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है और स्थानीय लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि वीडियो में विद्यालय के बच्चों से श्रम कराए जाने का दावा किया जा रहा है। यदि जांच में यह दावा सही पाया जाता है तो यह बच्चों के अधिकारों और शिक्षा विभाग के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों को शिक्षा देने का केंद्र है, उनसे श्रम कराना नहीं। मामले को लेकर लोगों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब सबकी निगाहें शिक्षा विभाग पर हैं। विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है और जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे दावों के आधार पर तैयार की गई है। वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वास्तविक स्थिति शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।1
- जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने गौरीशंकर मंदिर में किया जलाभिषेक। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने गौरी शंकर मंदिर में किया जलाभिषेक श्रद्धालुओं की सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं का शहर से लेकर पुलिस चैकी शाही तक लिया जायजा जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने धनाराघाट का किया स्थलीय निरीक्षण श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु घाट पर व्यवस्था का लिया जायजा पीलीभीत ।श्रावण मास के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता के दृष्टिगत जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सुर्कीति माधव ने गौरी शंकर मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की विधिवत जलाभिषेक व पूजा-अर्चना की। उन्होंने जनपदवासियों की सुख, शान्ति एवं समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना के उपरान्त जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों का पैदल भ्रमण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को जलाभिषेक व दर्शन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, पंक्तिबद्ध व्यवस्था बनाई रखी जाये। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर से लेकर शाही पुलिस चैकी तक भ्रमण कर रूट डायवर्जन, वैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था को जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों को सतर्क रहने, श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने और भीड़ नियंत्रण पर नजर रखने के निर्देश दिए। इसके उपरान्त जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने हेतु धनाराघाट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाट परिसर, जलस्तर व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए घाट पर सीमांकन को देखा। घाट पर गोताखारों, नाव व्यवस्था को देखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलस्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही श्रद्धालुओं को निर्धारित एवं सुरक्षित स्थान पर ही जल भरने के लिए प्रेरित किया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और यात्रा शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट प्यारे लाल मौर्य, पुलिस क्षेत्राधिकारी नताशा गोयल, उप जिलाधिकारी पूरनपुर मयंक गोस्वामी सहित अन्य उपस्थित रहे।4
- कहानी: तीन मित्र और वह एक रात।अविश्वास और पराई बातों पर निर्भरता' राजा का लड़का, बनिए का लड़का और साहूकार का लड़का—तीनों घने जंगल और पगडंडियों को पार करते हुए राजा के ससुर के राज्य की सीमा पर पहुँचे। रास्ते में हंसी-मजाक हुआ, लेकिन जैसे-जैसे शाम ढलने लगी, वातावरण में एक अजीब सी खामोशी छा गई। जब वे उस नगर में पहुँचे, तो सूरज डूब चुका था। योजना के अनुसार, राजा का लड़का सीधे महल के मुख्य द्वार की ओर बढ़ा, जहाँ उसका भव्य स्वागत हुआ। वहीं, बनिए और साहूकार के लड़कों ने शहर के किनारे एक पुरानी, लेकिन सुरक्षित दिखने वाली सराय में डेरा डाला। सराय में रुकने के बाद, साहूकार के लड़के के मन में जिज्ञासा जागी। उसने कहा, "मित्र, राजा का लड़का तो महल के सुख में है, क्यों न हम नगर का भ्रमण करें और देखें कि यहाँ की शामें कैसी होती हैं?" घूमते-घूमते वे दोनों महल की बाहरी दीवार के पास पहुँचे। वहां उन्होंने देखा कि महल की एक ऊँची खिड़की पर एक सुंदर स्त्री खड़ी होकर बाहर की ओर देख रही है। वह राजा के लड़के की पत्नी नहीं थी, बल्कि कोई और थी। उसकी आँखों में एक अजीब सी बेचैनी थी। साहूकार के लड़के ने चुपके से उसे एक फूल फेंका। स्त्री ने खिड़की से नीचे झुककर देखा, मुस्कुराई, और अपनी उंगलियों से कुछ इशारा किया। अगले दिन सुबह, राजा का लड़का अपनी पत्नी को लेकर सराय पहुँचा। वह बहुत खुश था। लेकिन जैसे ही वे शहर से बाहर निकले, साहूकार का लड़का बीच-बीच में पीछे मुड़कर उसी खिड़की को देख रहा था। राजा का लड़का, जो अपने दोस्तों को बहुत मानता था, उसने पूछा, "क्या बात है मित्र, तुम इतने खामोश क्यों हो?" साहूकार के लड़के ने राजा के लड़के के कान में कहा, "मित्र, हमने कल रात सराय में जो देखा, उसे बताकर हम तुम्हारी खुशी कम नहीं करना चाहते।" राजा का लड़का गंभीर हो गया और उसने जिद्द की कि उसे सच जानना है। साहूकार का लड़का बोला, "हमने कल रात महल की खिड़की पर एक सुंदर स्त्री देखी, जो किसी के इंतज़ार में थी। हमें शक है कि तुम्हारे महल की सुरक्षा में कोई सेंध है।" राजा का लड़का क्रोधित हो गया। उसे लगा कि उसके ससुर के महल की मर्यादा को चुनौती दी गई है। उसने तुरंत अपने सैनिकों को आदेश दिया कि महल की हर उस जगह की तलाशी ली जाए जहाँ बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है। जब तलाशी हुई, तो पता चला कि वह स्त्री वास्तव में महल के खजांची की बेटी थी, जो किसी बाहरी व्यक्ति को गुप्त संदेश भेज रही थी। राजा का लड़का गर्व से अपने मित्रों की ओर मुड़ा, "देखा? मेरी सतर्कता ने एक बड़ा अनर्थ होने से बचा लिया।" परंतु कहानी यहाँ खत्म नहीं हुई। जब वे अपने राज्य पहुँचे, तो बनिए का लड़का चुपके से राजा के लड़के की पत्नी के पास गया और फुसफुसाया, "तुम्हारे पति को लगता है कि वे बहुत बुद्धिमान हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि सराय की उस खिड़की पर मैंने जिसे देखा था, वह खजांची की बेटी नहीं, बल्कि तुम्हारी अपनी सखी थी, जो तुम्हारे पति के आने की खबर पाकर वहां से हटी थी।" अब मैना का तर्क: कहानी सुनाने के बाद तोता मैना की ओर देखता है। मैना शांत भाव से मुस्कुराती है और कहती है: "तोता जी, आपने कहानी तो बहुत चतुराई से सुनाई, लेकिन आप भूल गए कि गलती न लड़के की थी और न लड़की की। गलती थी 'अविश्वास और पराई बातों पर निर्भरता' की। राजा का लड़का अपनों पर शक कर बैठा, मित्रों ने सच को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया, और उस स्त्री ने अपनी मर्यादा को खतरे में डाला। स्वार्थ किसी लिंग (gender) का नहीं, बल्कि इंसान के चरित्र का होता है। जिस दिन इंसान दूसरों की बातों में आकर अपने विश्वास को खो देता है, उस दिन वह अपने आप ही स्वार्थी हो जाता है।" तोता कुछ देर चुप रहा, उसे समझ आ गया था कि मैना की दृष्टि उससे कहीं अधिक गहरी है।1
- सावन के पहले सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, गौरी शंकर शिव मंदिर में करेंगे जलाभिषेक पीलीभीत। सावन के पहले सोमवार पर शिवभक्ति अपने चरम पर दिखाई दी। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के बीच गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों का पीलीभीत में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। हरिद्वार और कछला गंगा घाट से पवित्र गंगाजल लेकर लौटे शिवभक्त अब नगर के गौरी शंकर शिव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। भगवा वस्त्रों में सजे श्रद्धालु कंधों पर रंग-बिरंगी कांवड़ लिए उत्साह के साथ आगे बढ़ते नजर आए। कई जत्थों के साथ डीजे कांवड़, बम कांवड़ और डमरू-त्रिशूल भी आकर्षण का केंद्र रहे। पीलीभीत से हजारों श्रद्धालुओं ने हरिद्वार और कछला से गंगाजल लाकर अपनी धार्मिक आस्था का परिचय दिया। जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात है, जबकि जगह-जगह चिकित्सा शिविर, पेयजल और विश्राम की व्यवस्था की गई है। कांवड़ मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए वन-वे सिस्टम लागू किया गया है तथा ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। सावन का पहला सोमवार जिले में आस्था, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम बन गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से सुख, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की।1
- संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी: विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष का विरोध, संसद परिसर में जताया आक्रोश संसद परिसर में सोमवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और सरकार से संसद में जवाब देने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर सरकार चर्चा से बच रही है, जबकि सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया।1
- बीसलपुर में विश्व हिंदू परिषद का प्रदर्शन, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का पुतला फूंका1