शारदा नदी का फिर बढ़ा कहर, गन्ने की लहलहाती फसल समेत किसानों की जमीन समाई; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन शारदा नदी का फिर बढ़ा कहर, गन्ने की लहलहाती फसल समेत किसानों की जमीन समाई; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन पूरनपुर/पीलीभीत।ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम हजारा में शारदा नदी का कटान एक बार फिर भयावह रूप लेने लगा है। लगातार हो रहे भू-कटान से किसानों में दहशत का माहौल है। नदी ने आधा दर्जन से अधिक किसानों की कृषि भूमि को गन्ने की लहलहाती फसल समेत अपनी आगोश में समा लिया है। कटान की रफ्तार तेज होने से ग्रामीणों को अब अपने गांवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराता दिखाई दे रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी के मुहाने पर ग्राम हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर और भरतपुर सहित कई गांव बसे हुए हैं। यदि समय रहते प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में इन गांवों पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। वहीं धनाराघाट पर शारदा नदी में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण शारदा नदी के किनारे एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन से तत्काल कटान रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी दर्जनों किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि और फसलें शारदा नदी में समा गई थीं। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप इस वर्ष फिर से नदी का कटान शुरू हो गया है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि कटान प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराकर तटबंध, बोल्डर पिचिंग तथा अन्य सुरक्षा कार्य कराए जाएं, जिससे किसानों की भूमि, फसल और गांवों को बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है। प्रदर्शन के दौरान राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
शारदा नदी का फिर बढ़ा कहर, गन्ने की लहलहाती फसल समेत किसानों की जमीन समाई; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन शारदा नदी का फिर बढ़ा कहर, गन्ने की लहलहाती फसल समेत किसानों की जमीन समाई; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन पूरनपुर/पीलीभीत।ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम हजारा में शारदा नदी का कटान एक बार फिर भयावह रूप लेने लगा है। लगातार हो रहे भू-कटान से किसानों में दहशत का माहौल है। नदी ने आधा दर्जन से अधिक किसानों की कृषि भूमि को गन्ने की लहलहाती फसल समेत अपनी आगोश में समा लिया है। कटान की रफ्तार तेज होने से ग्रामीणों को अब अपने गांवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराता दिखाई दे रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी के मुहाने पर ग्राम हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर और भरतपुर सहित कई गांव बसे हुए हैं। यदि समय रहते प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में इन गांवों पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। वहीं धनाराघाट पर शारदा नदी में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण शारदा नदी के किनारे एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन से तत्काल कटान रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी दर्जनों किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि और फसलें शारदा नदी में समा गई थीं। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप इस वर्ष फिर से नदी का कटान शुरू हो गया है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि कटान प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराकर तटबंध, बोल्डर पिचिंग तथा अन्य सुरक्षा कार्य कराए जाएं, जिससे किसानों की भूमि, फसल और गांवों को बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है। प्रदर्शन के दौरान राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
- धनाराघाट पर कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने किया संयुक्त निरीक्षण श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अधिकारियों को व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश पीलीभीत। सावन माह में होने वाली कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी पीलीभीत और पुलिस अधीक्षक पीलीभीत ने धनाराघाट पहुंचकर कांवड़ यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का संयुक्त निरीक्षण किया।अधिकारियों ने घाट क्षेत्र का स्थलीय जायजा लेते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं को परखा तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने धनाराघाट पर कांवड़ियों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए बैरिकेडिंग व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही घाट पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था सहित आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की भी बारीकी से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और घाट पर आने-जाने के दौरान भीड़ का सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें। घाट और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था लगातार बनी रहनी चाहिए। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार रहें और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान घाट क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही यातायात व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी पूरनपुर, तहसीलदार पूरनपुर सहित पुलिस, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।1
- 15 वर्षीय बच्ची को धमकी देने का आरोप, संजय सिंह ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना 'बच्चों से डर गई सरकार'—संजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विचारधारा से जुड़े लोग एक 15 वर्षीय बच्ची को दुष्कर्म और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। संजय सिंह ने कहा कि सरकार बच्चों को डराने के लिए पुलिस के जरिए एफआईआर दर्ज करा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में जवाब देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।1
- #pilibhit #viralreelsシ #viralvideoシ #Dmpilibhit #Pilibhitpolice #facebookviral #UPPolice #YogiAdityanath पीलीभीत के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर से 11वीं मोटरसाइकिल कावड़ यात्रा का हुआ शुभारंभ,1
- बिजली विभाग की लापरवाही से छुट्टा पशु की मौत, करंट दौड़ रहे पोल से हुआ हादसा, पीलीभीत के थाना गजरौला क्षेत्र के कंजा हरैया गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते रविवार को एक छुट्टा पशु की करंट लगने से मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत पोल में लंबे समय से करंट उतर रहा था, जिसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को पहले भी दी गई थी, लेकिन समय रहते समस्या का समाधान नहीं कराया गया। घटना के संबंध में खेत मालिक से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि उनका खेत अमनदीप सिंह को बटाई पर दिया गया है। वहीं अमनदीप सिंह ने बताया कि वह एक दिन पहले खेत में खाद डालने गए थे, उस समय उन्हें किसी प्रकार का करंट महसूस नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि छुट्टा पशु की करंट लगने से मौत की जानकारी उन्हें बाद में मिली और इससे पहले उन्हें इस संबंध में कोई सूचना नहीं थी। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने बिजली विभाग को सूचना दी। विभाग की टीम मौके पर पहुंची और विद्युत पोल में दौड़ रहे करंट को ठीक कराया। सूचना पर ग्राम प्रशासक पति पंकज मित्रा भी मौके पर पहुंचे और बिजली विभाग के सहयोग से पोल को सुरक्षित कराया। इसके बाद जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर मृत छुट्टा पशु को दफना दिया गया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि क्षेत्र के जर्जर एवं करंट प्रवाहित करने वाले विद्युत पोलों की तत्काल जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।1
- पीएम मोदी द्वारा जंतर-मंतर पर हुड़दंग करने वालों को माफ़ी दिए जाने के निर्णय पर शहर के प्रबुद्ध और संभ्रांत जनों ने अपनी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ बुद्धिजीवियों ने इसे देशहित में लिया गया एक बड़ा और उदार फैसला बताया है, तो वहीं कुछ का मानना है कि अनुशासनहीनता के प्रति ऐसी नरमी भविष्य के लिए उचित संदेश नहीं देती। इस संवेदनशील विषय पर शहर के गणमान्य नागरिकों की तीखी और गंभीर राय जानने के लिए देखें हमारी यह खास रिपोर्ट। पीएम मोदी द्वारा जंतर-मंतर पर हुड़दंग करने वालों को माफ़ी दिए जाने के निर्णय पर शहर के प्रबुद्ध और संभ्रांत जनों ने अपनी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ बुद्धिजीवियों ने इसे देशहित में लिया गया एक बड़ा और उदार फैसला बताया है, तो वहीं कुछ का मानना है कि अनुशासनहीनता के प्रति ऐसी नरमी भविष्य के लिए उचित संदेश नहीं देती। इस संवेदनशील विषय पर शहर के गणमान्य नागरिकों की तीखी और गंभीर राय जानने के लिए देखें हमारी यह खास रिपोर्ट। #PMModi #JantarMantar #PoliticalNews #PublicOpinion #IndianPolitics #ब्रेकिंगनेवस1
- प्रधानाचार्य का वेतन 1 लाख रुपए है अब बताइए, क्या वह खुद ईंट उठाएगा ? ईंट तो वही उठाएगा, जिसके हाथों में मजबूरी होगी - या मजदूर, या मजदूर का बच्चा । फर्क सिर्फ जगह का है... कहीं भट्टे पर ईंट उठती है, तो कहीं स्कूल में ग्राम पंचायत बेहरी , पीलीभीत1
- डाक कांवड़ यात्रा रही सफल, अब 16 व 17 अगस्त को निकलेगी भव्य जलाभिषेक यात्रा डाक कांवड़ यात्रा रही सफल, अब 16 व 17 अगस्त को निकलेगी भव्य जलाभिषेक यात्रा पीलीभीत। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं भारतीय राष्ट्रीय बजरंग दल के तत्वावधान में रविवार को माधोटांडा स्थित गोमती उद्गम स्थल से इकोत्तरनाथ मंदिर तक डाक कांवड़ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने भाग लेकर भगवान भोलेनाथ के जयकारों के बीच जल लेकर पदयात्रा की। पूरे मार्ग पर धार्मिक माहौल बना रहा।गौ रक्षा प्रमुख शिवम भदोरिया ने बताया कि 2 अगस्त को आयोजित डाक कांवड़ यात्रा पूरी तरह सफल रही। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों के उत्साह और सहयोग से यात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 16 अगस्त को धनाराघाट स्थित शारदा नदी से पवित्र जल भरकर डाक कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा गोला गोकर्णनाथ स्थित भगवान शिव के मंदिर पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु विधि-विधान से जलाभिषेक करेंगे।इसके अगले दिन 17 अगस्त को धनाराघाट से शारदा नदी का जल लेकर बाइक कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा पूरनपुर स्थित चुंगी वाले बाबा मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। इसके लिए सभी श्रद्धालु सुबह तहसील परिसर में एकत्र होंगे, जहां से यात्रा विधिवत रवाना होगी।आयोजकों ने बताया कि दोनों आयोजनों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन से सहयोग लिया जा रहा है तथा सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने अधिक से अधिक शिवभक्तों से यात्रा में शामिल होकर धार्मिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की।3
- बेटियों के मुद्दे पर अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला 'बेटी बचाओ' का नारा देने वालों पर अन्याय का आरोप समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "जो लोग कहते थे 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', उन्होंने सोचो बेटियों के साथ क्या व्यवहार किया। आज भी अन्याय करने के लिए उनकी फ़ौज तैयार है।" अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है तथा न्याय दिलाने के बजाय अन्याय को बढ़ावा दिया जा रहा है।1
- पीलीभीत: कथित देह व्यापार की शिकायत पर ग्रामीणों का विरोध, निष्पक्ष जांच की मांग पीलीभीत। थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के रूपपुर कृपा गांव में कथित देह व्यापार की शिकायत को लेकर ग्रामीणों ने खुलकर विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले से क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। मौके पर ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि शिकायत सही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। #पीलीभीत #BREAKING #viral1