धनाराघाट पर कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने किया संयुक्त निरीक्षण श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अधिकारियों को व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश पीलीभीत। सावन माह में होने वाली कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी पीलीभीत और पुलिस अधीक्षक पीलीभीत ने धनाराघाट पहुंचकर कांवड़ यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का संयुक्त निरीक्षण किया।अधिकारियों ने घाट क्षेत्र का स्थलीय जायजा लेते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं को परखा तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने धनाराघाट पर कांवड़ियों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए बैरिकेडिंग व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही घाट पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था सहित आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की भी बारीकी से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और घाट पर आने-जाने के दौरान भीड़ का सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें। घाट और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था लगातार बनी रहनी चाहिए। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार रहें और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान घाट क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही यातायात व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी पूरनपुर, तहसीलदार पूरनपुर सहित पुलिस, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
धनाराघाट पर कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने किया संयुक्त निरीक्षण श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अधिकारियों को व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश पीलीभीत। सावन माह में होने वाली कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी पीलीभीत और पुलिस अधीक्षक पीलीभीत ने धनाराघाट पहुंचकर कांवड़ यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का संयुक्त निरीक्षण किया।अधिकारियों ने घाट क्षेत्र का स्थलीय जायजा लेते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं को परखा तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने धनाराघाट पर कांवड़ियों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए बैरिकेडिंग व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही घाट पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था सहित आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की भी बारीकी से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और घाट पर आने-जाने के दौरान भीड़ का सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें। घाट और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था लगातार बनी रहनी चाहिए। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार रहें और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान घाट क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही यातायात व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी पूरनपुर, तहसीलदार पूरनपुर सहित पुलिस, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
- शारदा नदी का फिर बढ़ा कहर, गन्ने की लहलहाती फसल समेत किसानों की जमीन समाई; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन पूरनपुर/पीलीभीत।ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम हजारा में शारदा नदी का कटान एक बार फिर भयावह रूप लेने लगा है। लगातार हो रहे भू-कटान से किसानों में दहशत का माहौल है। नदी ने आधा दर्जन से अधिक किसानों की कृषि भूमि को गन्ने की लहलहाती फसल समेत अपनी आगोश में समा लिया है। कटान की रफ्तार तेज होने से ग्रामीणों को अब अपने गांवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराता दिखाई दे रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी के मुहाने पर ग्राम हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर और भरतपुर सहित कई गांव बसे हुए हैं। यदि समय रहते प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में इन गांवों पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। वहीं धनाराघाट पर शारदा नदी में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण शारदा नदी के किनारे एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन से तत्काल कटान रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी दर्जनों किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि और फसलें शारदा नदी में समा गई थीं। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप इस वर्ष फिर से नदी का कटान शुरू हो गया है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि कटान प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराकर तटबंध, बोल्डर पिचिंग तथा अन्य सुरक्षा कार्य कराए जाएं, जिससे किसानों की भूमि, फसल और गांवों को बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है। प्रदर्शन के दौरान राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- जनपद पीलीभीत के बिलसंडा थाना क्षेत्र में जड़ी बूटियों से इलाज का झांसा देकर सोने चांदी के आभूषण लेकर फरार आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे जनपद पीलीभीत के बिलसंडा थाना क्षेत्र में जड़ी बूटियों से इलाज का झांसा देकर सोने चांदी के आभूषण लेकर फरार आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे1
- काशी से शुरू हुआ 'नशा मुक्त युवा' अभियान, अब बनेगा राष्ट्रीय जनआंदोलन पीएम मोदी बोले— हर युवा तक पहुंचेगा नशा मुक्त भारत का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि काशी की पावन धरती से उठा 'नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान' अब एक राष्ट्रीय परियोजना का रूप ले चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों की ताकत से यह अभियान देश के हर युवा तक पहुंचेगा और उन्हें नशामुक्त, स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करेगा। पीएम मोदी ने युवाओं से इस जनअभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया।1
- बेहतरीन गज़ल: खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें - शबीना अदीब upnewstv24 शबीना अदीब शायरी, शबीना अदीब गज़ल, खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें, मुशायरा वीडियो, बेस्ट उर्दू शायरी, महिला शायर, लाइव मुशायरा, सरफराज अहमद खान, UP News TV 24, उर्दू अदब, शायरी का जलवा, गज़ल गायकी, इमोशनल शायरी।1
- शारदा नदी का फिर बढ़ा कहर, गन्ने की लहलहाती फसल समेत किसानों की जमीन समाई; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन शारदा नदी का फिर बढ़ा कहर, गन्ने की लहलहाती फसल समेत किसानों की जमीन समाई; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन पूरनपुर/पीलीभीत।ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम हजारा में शारदा नदी का कटान एक बार फिर भयावह रूप लेने लगा है। लगातार हो रहे भू-कटान से किसानों में दहशत का माहौल है। नदी ने आधा दर्जन से अधिक किसानों की कृषि भूमि को गन्ने की लहलहाती फसल समेत अपनी आगोश में समा लिया है। कटान की रफ्तार तेज होने से ग्रामीणों को अब अपने गांवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराता दिखाई दे रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी के मुहाने पर ग्राम हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर और भरतपुर सहित कई गांव बसे हुए हैं। यदि समय रहते प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में इन गांवों पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। वहीं धनाराघाट पर शारदा नदी में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण शारदा नदी के किनारे एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन से तत्काल कटान रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी दर्जनों किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि और फसलें शारदा नदी में समा गई थीं। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप इस वर्ष फिर से नदी का कटान शुरू हो गया है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि कटान प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराकर तटबंध, बोल्डर पिचिंग तथा अन्य सुरक्षा कार्य कराए जाएं, जिससे किसानों की भूमि, फसल और गांवों को बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है। प्रदर्शन के दौरान राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- #pilibhit #Dmpilibhit #Pilibhitpolice #UPPolice #viralreelsシ #viralvideoシ #facebookviral #YogiAdityanath पीलीभीत के गौरी शंकर मंदिर में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का किया जलाभिषेक।1
- पीलीभीत में डीएम एसपी ने गौरीशंकर मंदिर का किया निरीक्षण। पीलीभीत।सावन के प्रथम सोमवार को कांवड़ियों द्वारा पीलीभीत के गौरीशंकर मंदिर में जलाभिषेक किया गया जिसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां की गई।जिसका डीएम एसपी ने जाएजा लिया।1
- धनाराघाट पर कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने किया संयुक्त निरीक्षण श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अधिकारियों को व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश पीलीभीत। सावन माह में होने वाली कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी पीलीभीत और पुलिस अधीक्षक पीलीभीत ने धनाराघाट पहुंचकर कांवड़ यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का संयुक्त निरीक्षण किया।अधिकारियों ने घाट क्षेत्र का स्थलीय जायजा लेते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं को परखा तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने धनाराघाट पर कांवड़ियों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए बैरिकेडिंग व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही घाट पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था सहित आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की भी बारीकी से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और घाट पर आने-जाने के दौरान भीड़ का सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें। घाट और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था लगातार बनी रहनी चाहिए। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार रहें और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान घाट क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही यातायात व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी पूरनपुर, तहसीलदार पूरनपुर सहित पुलिस, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।1