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#pilibhit #viralreelsシ #viralvideoシ #Dmpilibhit #Pilibhitpolice #facebookviral #UPPolice #YogiAdityanath पीलीभीत के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर से 11वीं मोटरसाइकिल कावड़ यात्रा का हुआ शुभारंभ,
समाचार Crime News
#pilibhit #viralreelsシ #viralvideoシ #Dmpilibhit #Pilibhitpolice #facebookviral #UPPolice #YogiAdityanath पीलीभीत के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर से 11वीं मोटरसाइकिल कावड़ यात्रा का हुआ शुभारंभ,
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- पीलीभीत: कथित देह व्यापार की शिकायत पर ग्रामीणों का विरोध, निष्पक्ष जांच की मांग पीलीभीत। थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के रूपपुर कृपा गांव में कथित देह व्यापार की शिकायत को लेकर ग्रामीणों ने खुलकर विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले से क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। मौके पर ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि शिकायत सही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। #पीलीभीत #BREAKING #viral1
- अमरिया में उलेमा और पेश इमामों की बैठक, जुलूस-ए-मोहम्मदी और कांवड़ यात्रा को लेकर दिया अमन का संदेश1
- शारदा नदी का फिर बढ़ा कहर, गन्ने की लहलहाती फसल समेत किसानों की जमीन समाई; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन शारदा नदी का फिर बढ़ा कहर, गन्ने की लहलहाती फसल समेत किसानों की जमीन समाई; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन पूरनपुर/पीलीभीत।ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम हजारा में शारदा नदी का कटान एक बार फिर भयावह रूप लेने लगा है। लगातार हो रहे भू-कटान से किसानों में दहशत का माहौल है। नदी ने आधा दर्जन से अधिक किसानों की कृषि भूमि को गन्ने की लहलहाती फसल समेत अपनी आगोश में समा लिया है। कटान की रफ्तार तेज होने से ग्रामीणों को अब अपने गांवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराता दिखाई दे रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी के मुहाने पर ग्राम हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर और भरतपुर सहित कई गांव बसे हुए हैं। यदि समय रहते प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में इन गांवों पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। वहीं धनाराघाट पर शारदा नदी में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण शारदा नदी के किनारे एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन से तत्काल कटान रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी दर्जनों किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि और फसलें शारदा नदी में समा गई थीं। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप इस वर्ष फिर से नदी का कटान शुरू हो गया है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि कटान प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराकर तटबंध, बोल्डर पिचिंग तथा अन्य सुरक्षा कार्य कराए जाएं, जिससे किसानों की भूमि, फसल और गांवों को बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है। प्रदर्शन के दौरान राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- शारदा नदी का फिर बढ़ा कहर, गन्ने की लहलहाती फसल समेत किसानों की जमीन समाई; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन पूरनपुर/पीलीभीत।ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम हजारा में शारदा नदी का कटान एक बार फिर भयावह रूप लेने लगा है। लगातार हो रहे भू-कटान से किसानों में दहशत का माहौल है। नदी ने आधा दर्जन से अधिक किसानों की कृषि भूमि को गन्ने की लहलहाती फसल समेत अपनी आगोश में समा लिया है। कटान की रफ्तार तेज होने से ग्रामीणों को अब अपने गांवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराता दिखाई दे रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी के मुहाने पर ग्राम हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर और भरतपुर सहित कई गांव बसे हुए हैं। यदि समय रहते प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में इन गांवों पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। वहीं धनाराघाट पर शारदा नदी में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण शारदा नदी के किनारे एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन से तत्काल कटान रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी दर्जनों किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि और फसलें शारदा नदी में समा गई थीं। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप इस वर्ष फिर से नदी का कटान शुरू हो गया है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि कटान प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराकर तटबंध, बोल्डर पिचिंग तथा अन्य सुरक्षा कार्य कराए जाएं, जिससे किसानों की भूमि, फसल और गांवों को बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है। प्रदर्शन के दौरान राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- पीलीभीत के दियोरिया में लाखों की चोरी, सोने-चांदी के जेवरात समेत नकदी पर चोरों ने किया हाथ साफ1
- भुता (बरेली)। सावन माह में कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भुता पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। भुता (बरेली)। सावन माह में कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भुता पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही।1
- सावन के पहले सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, गौरी शंकर शिव मंदिर में करेंगे जलाभिषेक पीलीभीत। सावन के पहले सोमवार पर शिवभक्ति अपने चरम पर दिखाई दी। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के बीच गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों का पीलीभीत में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। हरिद्वार और कछला गंगा घाट से पवित्र गंगाजल लेकर लौटे शिवभक्त अब नगर के गौरी शंकर शिव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। भगवा वस्त्रों में सजे श्रद्धालु कंधों पर रंग-बिरंगी कांवड़ लिए उत्साह के साथ आगे बढ़ते नजर आए। कई जत्थों के साथ डीजे कांवड़, बम कांवड़ और डमरू-त्रिशूल भी आकर्षण का केंद्र रहे। पीलीभीत से हजारों श्रद्धालुओं ने हरिद्वार और कछला से गंगाजल लाकर अपनी धार्मिक आस्था का परिचय दिया। जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात है, जबकि जगह-जगह चिकित्सा शिविर, पेयजल और विश्राम की व्यवस्था की गई है। कांवड़ मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए वन-वे सिस्टम लागू किया गया है तथा ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। सावन का पहला सोमवार जिले में आस्था, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम बन गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से सुख, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की।1
- धनाराघाट पर कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने किया संयुक्त निरीक्षण श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अधिकारियों को व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश पीलीभीत। सावन माह में होने वाली कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी पीलीभीत और पुलिस अधीक्षक पीलीभीत ने धनाराघाट पहुंचकर कांवड़ यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का संयुक्त निरीक्षण किया।अधिकारियों ने घाट क्षेत्र का स्थलीय जायजा लेते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं को परखा तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने धनाराघाट पर कांवड़ियों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए बैरिकेडिंग व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही घाट पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था सहित आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की भी बारीकी से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और घाट पर आने-जाने के दौरान भीड़ का सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें। घाट और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था लगातार बनी रहनी चाहिए। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार रहें और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान घाट क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही यातायात व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी पूरनपुर, तहसीलदार पूरनपुर सहित पुलिस, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।1
- #pilibhit #Pilibhitpolice #viralreelsシ #Dmpilibhit #viralvideoシ #facebookviral #UPPolice पीलीभीत के टनकपुर रोड पर दियूनी केसरपुर के पास गौ*वं*श को सरकारी एंबुलेंस ने मारी टक्*कर,1