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ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत: चकिया में परिजनों ने तहसील दिवस पर एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार, बद्रीनाथ अस्पताल पर लापरवाही का आरोप चकिया (चंदौली), 5 सितंबर 2026। चंदौली जिले के चकिया में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। परिवार ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही, नवजात को न दिखाने और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। शनिवार को तहसील दिवस के अवसर पर पीड़ित परिवार ने चकिया के उपजिलाधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। भदौलिया (बबुरी थाना क्षेत्र) निवासी अर्जुन की पत्नी का प्रसव 25 अगस्त 2026 को जिला संयुक्त चिकित्सालय के पास स्थित बद्रीनाथ अस्पताल (सर्जिकल सेंटर) में कराया गया था। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान नवजात की हालत गंभीर हो गई। उनके अनुसार, शिशु को परिवार के किसी भी सदस्य को एक बार भी नहीं दिखाया गया और यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बच्चा जीवित है या नहीं। हालत बिगड़ने पर पहले स्थानीय अस्पताल और फिर वाराणसी रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान शिशु की मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया है कि बद्रीनाथ अस्पताल में इलाज के नाम पर करीब 20 हजार रुपये और अन्य जगहों पर अतिरिक्त राशि वसूली गई। कुल मिलाकर लगभग एक लाख रुपये का आर्थिक बोझ डाला गया। अर्जुन ने लिखित शिकायत में एसडीएम से अस्पताल और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ जांच, मुकदमा दर्ज करने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी चकिया ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह इकलौता मामला नहीं चकिया क्षेत्र में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर लापरवाही तथा मानकों की अनदेखी के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी और सीलिंग कार्रवाई के बावजूद कई केंद्र दोबारा संचालित होने की शिकायतें मिलती रही हैं। हालिया उदाहरण – लक्ष्मी चैरिटेबल हॉस्पिटल (जुलाई 2026): चकिया कोतवाली क्षेत्र के सोनहुल स्थित लक्ष्मी चैरिटेबल हॉस्पिटल में नेवाजगंज निवासी मालती देवी की पथरी के ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। परिजनों ने डॉक्टरों और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि ऑपरेशन के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उचित इलाज नहीं किया गया तथा सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव डाला गया। अस्पताल के बेसमेंट में संचालन और बिना उचित गार्जियन की मौजूदगी में ऑपरेशन किए जाने के आरोप भी लगे थे। परिजनों ने प्रदर्शन किया और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटे थे। फरवरी 2026 का मामला – बीएन सर्जिकल सेंटर (दुबेपुर): बरौझी गांव की रिंका कुमारी का प्रसव एक निजी अस्पताल में हुआ था। ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के वाराणसी रेफर कर दिए जाने का आरोप लगा। वहां पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने हंगामा किया और संचालक फरार हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सीज कर दिया था। पहले भी इसी केंद्र पर महिला की मौत का आरोप लग चुका था। अन्य कार्रवाइयां: नवंबर 2025 में एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में आकांक्षा चाइल्ड केयर सेंटर को बिना योग्य डॉक्टर के संचालन करते पाया गया और सील कर दिया गया था। इससे पहले भी कई निजी क्लीनिकों पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अगस्त 2026 में बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर पर ही अवैध संचालन के आरोप लगे थे, जिस पर सीएमओ ने जांच समिति गठित की थी। विश्लेषण और सवाल चकिया में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीण निजी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन बार-बार सामने आने वाले ऐसे मामलों से एक बड़ा सवाल खड़ा होता है — चंदौली के चकिया क्षेत्र में झोलाछाप और अयोग्य डॉक्टरों की तादाद आखिर कितनी है? स्वास्थ्य विभाग की बार-बार छापेमारी और सीलिंग के बावजूद कई केंद्र दोबारा कैसे चालू हो जाते हैं? क्या निगरानी व्यवस्था में कोई कमी है? क्या अवैध और मानकहीन अस्पतालों पर स्थायी कार्रवाई नहीं हो पा रही है? अस्पताल प्रबंधन का पक्ष इस रिपोर्ट के समय तक उपलब्ध नहीं हो सका है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपेक्षा है कि मौजूदा शिकायत की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पूरे चकिया क्षेत्र में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की व्यापक जांच कर अवैध व अयोग्य चिकित्सकों पर नकेल कसी जाए, ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ बंद हो सके।

17 hrs ago
user_Raj india news
Raj india news
News Anchor चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
17 hrs ago

ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत: चकिया में परिजनों ने तहसील दिवस पर एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार, बद्रीनाथ अस्पताल पर लापरवाही का आरोप चकिया (चंदौली), 5 सितंबर 2026। चंदौली जिले के चकिया में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। परिवार ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही, नवजात को न दिखाने और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। शनिवार को तहसील दिवस के अवसर पर पीड़ित परिवार ने चकिया के उपजिलाधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। भदौलिया (बबुरी थाना क्षेत्र) निवासी अर्जुन की पत्नी का प्रसव 25 अगस्त 2026 को जिला संयुक्त चिकित्सालय के पास स्थित बद्रीनाथ अस्पताल (सर्जिकल सेंटर) में कराया गया था। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान नवजात की हालत गंभीर हो गई। उनके अनुसार, शिशु को परिवार के किसी भी सदस्य को एक बार भी नहीं दिखाया गया और यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बच्चा जीवित है या नहीं। हालत बिगड़ने पर पहले स्थानीय अस्पताल और फिर वाराणसी रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान शिशु की मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया है कि बद्रीनाथ अस्पताल में इलाज के नाम पर करीब 20 हजार रुपये और अन्य जगहों पर अतिरिक्त राशि वसूली गई। कुल मिलाकर लगभग एक लाख रुपये का आर्थिक बोझ डाला गया। अर्जुन ने लिखित शिकायत में एसडीएम से अस्पताल और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ जांच, मुकदमा दर्ज करने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी चकिया ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह इकलौता मामला नहीं चकिया क्षेत्र में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर लापरवाही तथा मानकों की अनदेखी के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी और सीलिंग कार्रवाई के बावजूद कई केंद्र दोबारा संचालित होने की शिकायतें मिलती रही हैं। हालिया उदाहरण – लक्ष्मी चैरिटेबल हॉस्पिटल (जुलाई 2026): चकिया कोतवाली क्षेत्र के सोनहुल स्थित लक्ष्मी चैरिटेबल हॉस्पिटल में नेवाजगंज निवासी मालती देवी की पथरी के ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। परिजनों ने डॉक्टरों और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि ऑपरेशन के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उचित इलाज

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नहीं किया गया तथा सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव डाला गया। अस्पताल के बेसमेंट में संचालन और बिना उचित गार्जियन की मौजूदगी में ऑपरेशन किए जाने के आरोप भी लगे थे। परिजनों ने प्रदर्शन किया और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटे थे। फरवरी 2026 का मामला – बीएन सर्जिकल सेंटर (दुबेपुर): बरौझी गांव की रिंका कुमारी का प्रसव एक निजी अस्पताल में हुआ था। ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के वाराणसी रेफर कर दिए जाने का आरोप लगा। वहां पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने हंगामा किया और संचालक फरार हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सीज कर दिया था। पहले भी इसी केंद्र पर महिला की मौत का आरोप लग चुका था। अन्य कार्रवाइयां: नवंबर 2025 में एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में आकांक्षा चाइल्ड केयर सेंटर को बिना योग्य डॉक्टर के संचालन करते पाया गया और सील कर दिया गया था। इससे पहले भी कई निजी क्लीनिकों पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अगस्त 2026 में बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर पर ही अवैध संचालन के आरोप लगे थे, जिस पर सीएमओ ने जांच समिति गठित की थी। विश्लेषण और सवाल चकिया में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीण निजी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन बार-बार सामने आने वाले ऐसे मामलों से एक बड़ा सवाल खड़ा होता है — चंदौली के चकिया क्षेत्र में झोलाछाप और अयोग्य डॉक्टरों की तादाद आखिर कितनी है? स्वास्थ्य विभाग की बार-बार छापेमारी और सीलिंग के बावजूद कई केंद्र दोबारा कैसे चालू हो जाते हैं? क्या निगरानी व्यवस्था में कोई कमी है? क्या अवैध और मानकहीन अस्पतालों पर स्थायी कार्रवाई नहीं हो पा रही है? अस्पताल प्रबंधन का पक्ष इस रिपोर्ट के समय तक उपलब्ध नहीं हो सका है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपेक्षा है कि मौजूदा शिकायत की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पूरे चकिया क्षेत्र में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की व्यापक जांच कर अवैध व अयोग्य चिकित्सकों पर नकेल कसी जाए, ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ बंद हो सके।

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    चकिया ब्लाक ग्रामपंचायत मुजफ्फरपुर डिबरियापर में हैंडपंप से अपने आप पानी निकलने का दृश्य देखें ।
चकिया ब्लाक ग्रामपंचायत मुजफ्फरपुर डिबरियापर में हैंडपंप से अपने आप पानी निकलने का दृश्य देखें ।
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत: चकिया में परिजनों ने तहसील दिवस पर एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार, बद्रीनाथ अस्पताल पर लापरवाही का आरोप चकिया (चंदौली), 5 सितंबर 2026। चंदौली जिले के चकिया में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। परिवार ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही, नवजात को न दिखाने और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। शनिवार को तहसील दिवस के अवसर पर पीड़ित परिवार ने चकिया के उपजिलाधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। भदौलिया (बबुरी थाना क्षेत्र) निवासी अर्जुन की पत्नी का प्रसव 25 अगस्त 2026 को जिला संयुक्त चिकित्सालय के पास स्थित बद्रीनाथ अस्पताल (सर्जिकल सेंटर) में कराया गया था। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान नवजात की हालत गंभीर हो गई। उनके अनुसार, शिशु को परिवार के किसी भी सदस्य को एक बार भी नहीं दिखाया गया और यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बच्चा जीवित है या नहीं। हालत बिगड़ने पर पहले स्थानीय अस्पताल और फिर वाराणसी रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान शिशु की मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया है कि बद्रीनाथ अस्पताल में इलाज के नाम पर करीब 20 हजार रुपये और अन्य जगहों पर अतिरिक्त राशि वसूली गई। कुल मिलाकर लगभग एक लाख रुपये का आर्थिक बोझ डाला गया। अर्जुन ने लिखित शिकायत में एसडीएम से अस्पताल और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ जांच, मुकदमा दर्ज करने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी चकिया ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह इकलौता मामला नहीं चकिया क्षेत्र में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर लापरवाही तथा मानकों की अनदेखी के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी और सीलिंग कार्रवाई के बावजूद कई केंद्र दोबारा संचालित होने की शिकायतें मिलती रही हैं। हालिया उदाहरण – लक्ष्मी चैरिटेबल हॉस्पिटल (जुलाई 2026): चकिया कोतवाली क्षेत्र के सोनहुल स्थित लक्ष्मी चैरिटेबल हॉस्पिटल में नेवाजगंज निवासी मालती देवी की पथरी के ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। परिजनों ने डॉक्टरों और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि ऑपरेशन के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उचित इलाज नहीं किया गया तथा सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव डाला गया। अस्पताल के बेसमेंट में संचालन और बिना उचित गार्जियन की मौजूदगी में ऑपरेशन किए जाने के आरोप भी लगे थे। परिजनों ने प्रदर्शन किया और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटे थे। फरवरी 2026 का मामला – बीएन सर्जिकल सेंटर (दुबेपुर): बरौझी गांव की रिंका कुमारी का प्रसव एक निजी अस्पताल में हुआ था। ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के वाराणसी रेफर कर दिए जाने का आरोप लगा। वहां पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने हंगामा किया और संचालक फरार हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सीज कर दिया था। पहले भी इसी केंद्र पर महिला की मौत का आरोप लग चुका था। अन्य कार्रवाइयां: नवंबर 2025 में एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में आकांक्षा चाइल्ड केयर सेंटर को बिना योग्य डॉक्टर के संचालन करते पाया गया और सील कर दिया गया था। इससे पहले भी कई निजी क्लीनिकों पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अगस्त 2026 में बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर पर ही अवैध संचालन के आरोप लगे थे, जिस पर सीएमओ ने जांच समिति गठित की थी। विश्लेषण और सवाल चकिया में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीण निजी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन बार-बार सामने आने वाले ऐसे मामलों से एक बड़ा सवाल खड़ा होता है — चंदौली के चकिया क्षेत्र में झोलाछाप और अयोग्य डॉक्टरों की तादाद आखिर कितनी है? स्वास्थ्य विभाग की बार-बार छापेमारी और सीलिंग के बावजूद कई केंद्र दोबारा कैसे चालू हो जाते हैं? क्या निगरानी व्यवस्था में कोई कमी है? क्या अवैध और मानकहीन अस्पतालों पर स्थायी कार्रवाई नहीं हो पा रही है? अस्पताल प्रबंधन का पक्ष इस रिपोर्ट के समय तक उपलब्ध नहीं हो सका है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपेक्षा है कि मौजूदा शिकायत की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पूरे चकिया क्षेत्र में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की व्यापक जांच कर अवैध व अयोग्य चिकित्सकों पर नकेल कसी जाए, ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ बंद हो सके।
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    ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत: चकिया में परिजनों ने तहसील दिवस पर एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार, बद्रीनाथ अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
चकिया (चंदौली), 5 सितंबर 2026। चंदौली जिले के चकिया में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। परिवार ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही, नवजात को न दिखाने और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। शनिवार को तहसील दिवस के अवसर पर पीड़ित परिवार ने चकिया के उपजिलाधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई।
भदौलिया (बबुरी थाना क्षेत्र) निवासी अर्जुन की पत्नी का प्रसव 25 अगस्त 2026 को जिला संयुक्त चिकित्सालय के पास स्थित बद्रीनाथ अस्पताल (सर्जिकल सेंटर) में कराया गया था। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान नवजात की हालत गंभीर हो गई। उनके अनुसार, शिशु को परिवार के किसी भी सदस्य को एक बार भी नहीं दिखाया गया और यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बच्चा जीवित है या नहीं। हालत बिगड़ने पर पहले स्थानीय अस्पताल और फिर वाराणसी रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान शिशु की मौत हो गई।
परिवार ने आरोप लगाया है कि बद्रीनाथ अस्पताल में इलाज के नाम पर करीब 20 हजार रुपये और अन्य जगहों पर अतिरिक्त राशि वसूली गई। कुल मिलाकर लगभग एक लाख रुपये का आर्थिक बोझ डाला गया। अर्जुन ने लिखित शिकायत में एसडीएम से अस्पताल और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ जांच, मुकदमा दर्ज करने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी चकिया ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह इकलौता मामला नहीं
चकिया क्षेत्र में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर लापरवाही तथा मानकों की अनदेखी के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी और सीलिंग कार्रवाई के बावजूद कई केंद्र दोबारा संचालित होने की शिकायतें मिलती रही हैं।
हालिया उदाहरण – लक्ष्मी चैरिटेबल हॉस्पिटल (जुलाई 2026):
चकिया कोतवाली क्षेत्र के सोनहुल स्थित लक्ष्मी चैरिटेबल हॉस्पिटल में नेवाजगंज निवासी मालती देवी की पथरी के ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। परिजनों ने डॉक्टरों और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि ऑपरेशन के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उचित इलाज नहीं किया गया तथा सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव डाला गया। अस्पताल के बेसमेंट में संचालन और बिना उचित गार्जियन की मौजूदगी में ऑपरेशन किए जाने के आरोप भी लगे थे। परिजनों ने प्रदर्शन किया और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटे थे।
फरवरी 2026 का मामला – बीएन सर्जिकल सेंटर (दुबेपुर):
बरौझी गांव की रिंका कुमारी का प्रसव एक निजी अस्पताल में हुआ था। ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के वाराणसी रेफर कर दिए जाने का आरोप लगा। वहां पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने हंगामा किया और संचालक फरार हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सीज कर दिया था। पहले भी इसी केंद्र पर महिला की मौत का आरोप लग चुका था।
अन्य कार्रवाइयां:
नवंबर 2025 में एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में आकांक्षा चाइल्ड केयर सेंटर को बिना योग्य डॉक्टर के संचालन करते पाया गया और सील कर दिया गया था। इससे पहले भी कई निजी क्लीनिकों पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अगस्त 2026 में बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर पर ही अवैध संचालन के आरोप लगे थे, जिस पर सीएमओ ने जांच समिति गठित की थी।
विश्लेषण और सवाल
चकिया में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीण निजी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन बार-बार सामने आने वाले ऐसे मामलों से एक बड़ा सवाल खड़ा होता है — चंदौली के चकिया क्षेत्र में झोलाछाप और अयोग्य डॉक्टरों की तादाद आखिर कितनी है? स्वास्थ्य विभाग की बार-बार छापेमारी और सीलिंग के बावजूद कई केंद्र दोबारा कैसे चालू हो जाते हैं? क्या निगरानी व्यवस्था में कोई कमी है? क्या अवैध और मानकहीन अस्पतालों पर स्थायी कार्रवाई नहीं हो पा रही है?
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष इस रिपोर्ट के समय तक उपलब्ध नहीं हो सका है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपेक्षा है कि मौजूदा शिकायत की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पूरे चकिया क्षेत्र में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की व्यापक जांच कर अवैध व अयोग्य चिकित्सकों पर नकेल कसी जाए, ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ बंद हो सके।
    user_Raj india news
    Raj india news
    News Anchor चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वाराणसी में वरुणा नदी से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वाराणसी में वरुणा नदी से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वाराणसी में वरुणा नदी से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वाराणसी के सलारपुर सहित गंगा एवं वरुणा नदियों के बढ़े जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें राहत सामग्री वितरित की।
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वाराणसी में वरुणा नदी से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वाराणसी में वरुणा नदी से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वाराणसी में वरुणा नदी से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वाराणसी के सलारपुर सहित गंगा एवं वरुणा नदियों के बढ़े जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें राहत सामग्री वितरित की।
    user_@karanBhaskar
    @karanBhaskar
    Singer मुगलसराय, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कैमूर SP ने दो दारोगा पुलिस पदाधिकारी को किया निलंबित भभुआ DSP ने बताया पूरा कहानी
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    कैमूर SP ने दो दारोगा पुलिस पदाधिकारी को किया निलंबित भभुआ DSP ने बताया पूरा कहानी
    user_गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    Chainpur, Kaimur (Bhabua)•
    18 hrs ago
  • पूर्ण संत रामपाल जी महाराज वे ही संत हैं जिनके के विषय में विश्व प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी के शतक 1 श्लोक 50 में कहा है कि 'तीन ओर से सागर से घिरे द्वीप यानि हिन्दुस्तान में उस महान संत का जन्म होगा, उस समय तत्वज्ञान के अभाव से अज्ञान अंधेरा होगा, नैतिकता का पतन होकर हाहाकार मचा होगा। वह धार्मिक नेता अर्थात तत्वदर्शी संत अपने धर्म बल अर्थात् भक्ति की शक्ति से तथा तत्वज्ञान द्वारा सर्व राष्ट्रों को नतमस्तक करेगा। एशिया में उसे रोकना अर्थात् उस के प्रचार में बाधा करना पागलपन होगा।' #धरती_पर_अवतार #2Days LeftAvataranDiwas #KabirIsgod #SaintRampalJi ✰संत रामपाल जी महाराज अवतरण दिवस ✰ इस पावन शुभ अवसर पर दिनांक *06, 07, 08 सितंबर 2026* पर होने वाले विश्व के सबसे बड़े नि:शुल्क खुले भंडारे में आप सभी परिवार सहित सतलोक आश्रम सोजत, पाली, राजस्थान में सादर आमंत्रित है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 𝟴𝟴𝟴𝟮𝟵𝟭𝟰𝟵𝟰𝟲, 𝟴𝟴𝟴𝟮𝟵𝟭𝟰𝟵𝟰𝟳
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    पूर्ण संत रामपाल जी महाराज वे ही संत हैं जिनके के विषय में विश्व प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी के शतक 1 श्लोक 50 में कहा है कि 
'तीन ओर से सागर से घिरे द्वीप यानि हिन्दुस्तान में उस महान संत का जन्म होगा, उस समय तत्वज्ञान के अभाव से अज्ञान अंधेरा होगा, नैतिकता का पतन होकर हाहाकार मचा होगा। वह धार्मिक नेता अर्थात तत्वदर्शी संत अपने धर्म बल अर्थात् भक्ति की शक्ति से तथा तत्वज्ञान द्वारा सर्व राष्ट्रों को नतमस्तक करेगा। एशिया में उसे रोकना अर्थात् उस के प्रचार में बाधा करना पागलपन होगा।'

#धरती_पर_अवतार #2Days LeftAvataranDiwas #KabirIsgod #SaintRampalJi

✰संत रामपाल जी महाराज अवतरण दिवस ✰

इस पावन शुभ अवसर पर दिनांक *06, 07, 08 सितंबर 2026* पर होने वाले विश्व के सबसे बड़े नि:शुल्क खुले भंडारे में आप सभी परिवार सहित सतलोक आश्रम सोजत, पाली, राजस्थान में सादर आमंत्रित है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 𝟴𝟴𝟴𝟮𝟵𝟭𝟰𝟵𝟰𝟲, 𝟴𝟴𝟴𝟮𝟵𝟭𝟰𝟵𝟰𝟳
    user_VIKESH DAS
    VIKESH DAS
    Farmer भभुआ, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    1 hr ago
  • सकलडीहा में पंचायत सहायकों का प्रदर्शन, 5 सूत्री मांगों को लेकर धरने की चेतावनी
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    सकलडीहा में पंचायत सहायकों का प्रदर्शन, 5 सूत्री मांगों को लेकर धरने की चेतावनी
    user_Ajay Singh
    Ajay Singh
    Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सकलडीहा संपूर्ण समाधान दिवस में छाए भूमि विवाद, खबर के लिए ऑल इंडिया न्यूज़ 24 धन्यवाद एसडीएम आकांक्षा सिंह ने कहा- जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मौके पर जाकर करें निष्पक्ष जांचसकलडीहा, चंदौली। सकलडीहा तहसील परिसर में शनिवार को उपजिलाधिकारी आकांक्षा सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे ग्रामीणों और फरियादियों ने अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपे। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद और राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। जमीन पर कब्जा, पैमाइश, रास्ते और बंटवारे समेत विभिन्न मामलों को लेकर ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं। भूमि विवाद से जुड़े मामलों की संख्या अधिक होने पर एसडीएम आकांक्षा सिंह ने राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करें। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद निष्पक्ष तरीके से मामले का निस्तारण किया जाए, जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। फरियादियों को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार तहसील और संबंधित कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान करना है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे शिकायतों को गंभीरता से लें और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। विशेषकर राजस्व से जुड़े मामलों में जांच के दौरान अभिलेखों के साथ-साथ मौके की स्थिति का भी सत्यापन किया जाए। समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, विकास, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें भी पहुंचीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के कर्मचारियों को शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव थी, उनमें मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर निस्तारण कराया गया। एसडीएम आकांक्षा सिंह ने अधिकारियों से कहा कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण महज औपचारिकता न हो। शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना ही निस्तारण की सफलता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की निगरानी करते हुए समय से रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान तहसीलदार सकलडीहा, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सकलडीहा विजय कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी धानापुर राकेश कुमार मिश्रा, खंड विकास अधिकारी चहनिया, खंड शिक्षा अधिकारी सकलडीहा के प्रतिनिधि, खंड शिक्षा अधिकारी धानापुर, क्षेत्राधिकारी सकलडीहा कृष्ण मुरारी शर्मा सहित तहसील के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।, हमारी खबर अच्छा लगे तो सब्सक्राइब करें लाइक करें और शेयर करें फालो करें ऑल इंडिया न्यूज़ 24 के लिए धन्यवाद
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    सकलडीहा संपूर्ण समाधान दिवस में छाए भूमि विवाद, खबर के लिए ऑल इंडिया न्यूज़ 24 धन्यवाद
एसडीएम आकांक्षा सिंह ने कहा- जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मौके पर जाकर करें निष्पक्ष जांचसकलडीहा, चंदौली। सकलडीहा तहसील परिसर में शनिवार को उपजिलाधिकारी आकांक्षा सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे ग्रामीणों और फरियादियों ने अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपे। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद और राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। जमीन पर कब्जा, पैमाइश, रास्ते और बंटवारे समेत विभिन्न मामलों को लेकर ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं। भूमि विवाद से जुड़े मामलों की संख्या अधिक होने पर एसडीएम आकांक्षा सिंह ने राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से गंभीरता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करें। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद निष्पक्ष तरीके से मामले का निस्तारण किया जाए, जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। फरियादियों को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार तहसील और संबंधित कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान करना है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे शिकायतों को गंभीरता से लें और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। विशेषकर राजस्व से जुड़े मामलों में जांच के दौरान अभिलेखों के साथ-साथ मौके की स्थिति का भी सत्यापन किया जाए।
समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, विकास, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें भी पहुंचीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के कर्मचारियों को शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव थी, उनमें मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर निस्तारण कराया गया।
एसडीएम आकांक्षा सिंह ने अधिकारियों से कहा कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण महज औपचारिकता न हो। शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना ही निस्तारण की सफलता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की निगरानी करते हुए समय से रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान तहसीलदार सकलडीहा, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सकलडीहा विजय कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी धानापुर राकेश कुमार मिश्रा, खंड विकास अधिकारी चहनिया, खंड शिक्षा अधिकारी सकलडीहा के प्रतिनिधि, खंड शिक्षा अधिकारी धानापुर, क्षेत्राधिकारी सकलडीहा कृष्ण मुरारी शर्मा सहित तहसील के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।, हमारी खबर अच्छा लगे तो सब्सक्राइब करें लाइक करें और शेयर करें फालो करें ऑल इंडिया न्यूज़ 24 के लिए धन्यवाद
    user_RANVEER
    RANVEER
    Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) सोनभद्र ऋषभ रूणवाल की बाइट उक्त गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) सोनभद्र ऋषभ रूणवाल की बाइट
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    गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) सोनभद्र ऋषभ रूणवाल की बाइट
उक्त गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) सोनभद्र ऋषभ रूणवाल की बाइट
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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