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राजसमंद के बार विट्ठल विलास बाग के बाहर बड़े नाग देवता पधारे बड़ी ही मस्कट की बात डिब्बे में बंद किया गया कई ग्रामीण इकट्ठा हो गए नाश्ते की लारी के वहां रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान
फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
राजसमंद के बार विट्ठल विलास बाग के बाहर बड़े नाग देवता पधारे बड़ी ही मस्कट की बात डिब्बे में बंद किया गया कई ग्रामीण इकट्ठा हो गए नाश्ते की लारी के वहां रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान
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- रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया, जानिए भारत में क्या होगा असर नई दिल्ली। इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इसी दिन आंशिक चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है। रक्षाबंधन और चंद्र ग्रहण एक ही दिन होने के कारण लोगों के बीच सूतक काल और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण के समय भारत के अधिकांश हिस्सों में चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा। ऐसे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में इस ग्रहण का सूतक काल प्रभावी नहीं माना जाएगा। राखी बांधने में नहीं होगी परेशानी भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण बहनें अपने भाइयों को परंपरागत तरीके से राखी बांध सकती हैं। परिवारों में रक्षाबंधन की पूजा और अन्य धार्मिक रस्में भी सामान्य रूप से की जा सकती हैं। हालांकि, अलग-अलग पंचांग और स्थानीय परंपराओं में शुभ मुहूर्त को लेकर कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग के अनुसार राखी बांधने का समय देखना बेहतर रहेगा। क्या होता है चंद्र ग्रहण? जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। इस बार होने वाला ग्रहण आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। लोगों में बनी हुई है उत्सुकता रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के दिन चंद्र ग्रहण पड़ने की खबर के बाद लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है। हालांकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण सामान्य धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रक्षाबंधन के उत्सव पर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। नोट: ग्रहण और सूतक से जुड़े नियम धार्मिक मान्यताओं और अलग-अलग पंचांग पर आधारित होते हैं। किसी विशेष पूजा या धार्मिक निर्णय के लिए अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग/पंडित से सलाह लेना उचित है।1
- नाना में सोनी समाज ने दानदाता शंकरलाल सोनी का किया सम्मान नाना में सोनी समाज ने दानदाता शंकरलाल सोनी का किया सम्मान समाज के विकास के लिए भूमि भेंट करने पर दानदाता परिवार का गाजे-बाजे के साथ स्वागत, सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने लिया भाग बाली उपखंड के नाना ग्राम में सोनी समाज के विकास एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाज को भूमि भेंट करने वाले दानदाता शंकरलाल पुत्र जवेरचंद सोनी एवं उनके परिवार का सोनी समाज की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समाज के लिए भूमि भेंट करने पर दानदाता परिवार के प्रति समाजबंधुओं ने आभार व्यक्त करते हुए उनके इस सामाजिक सहयोग की सराहना की। दानदाता शंकरलाल सोनी परिवार के नाना ग्राम पहुंचने पर ग्रामीणों एवं समाजबंधुओं ने गाजे-बाजे के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद दानदाता परिवार को जैन भवन ले जाया गया, जहां सोनी समाज की ओर से स्वागत सभा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के दौरान समाज के लोगों ने दानदाता परिवार का माल्यार्पण एवं साफा पहनाकर स्वागत-सम्मान किया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास के लिए भूमि उपलब्ध करवाना एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल है। ऐसे सामाजिक सहयोग से समाज के लिए आवश्यक भवन, सामाजिक गतिविधियों एवं अन्य जनोपयोगी कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है। दानदाता परिवार द्वारा समाज हित में किए गए इस सहयोग को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया गया। इस अवसर पर श्री ब्राह्मण स्वर्णकार समाज एवं कार्यकारी समिति नाना के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण सोनी, उपाध्यक्ष प्रकाश सोनी, सचिव सुरेश सोनी एवं कोषाध्यक्ष रूपचंद सोनी सहित समाज के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में समाज की माता-बहनों, युवाओं एवं ग्रामीणों ने भी बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह के दौरान समाजबंधुओं ने दानदाता परिवार का आभार जताते हुए कहा कि समाज के विकास में दानदाताओं का योगदान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समाज के हित में किए गए ऐसे कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। कार्यक्रम का माहौल सामाजिक एकता, भाईचारे एवं सम्मान की भावना से ओत-प्रोत रहा। समाज के पदाधिकारियों एवं उपस्थित समाजबंधुओं ने दानदाता शंकरलाल सोनी एवं उनके परिवार का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी समाज के विकास एवं उत्थान के लिए इसी प्रकार सहयोग एवं सहभागिता बनाए रखने की बात कही।1
- Jaipur : निकाय चुनाव मार्गदर्शिका पुस्तक का विमोचन, बीजेपी प्रदेश कार्यालय में विमोचन, अध्यक्ष बीजेपी प्रदेश मदन राठौड़ ने किया विमोचन #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee1
- भीलवाड़ा के रूपाहेली में पोल पर काम कर रहे लाइनमैन की करंट से मौत: पत्नी को नौकरी और 1 करोड़ मुआवजे की मांग, परिजनों ने किया प्रदर्शन1
- करजालीसे समेलिया महादेव जी कावड़ यात्रा निकल गई और जल और जल चढ़कर अभिषेक किया गया इसमें बारिश अच्छे आने के कारण2
- श्री सांवरिया सेठ जी के आज के लाइव दर्शन 🙏✨ | घर बैठे करें प्रभु के दिव्य दर्शन, पाएं सेठ जी का आशीर्वाद 🌺❤️ श्री सांवरिया सेठ जी के आज के लाइव दर्शन 🙏✨ | घर बैठे करें प्रभु के दिव्य दर्शन, पाएं सेठ जी का आशीर्वाद 🌺❤️1
- रूपनारायण दर्शन रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान1
- मोबाइल से दूरी का अनोखा सबक: स्कूल में बच्चे की आंखों पर लाल पट्टी देखकर सहमे छात्र, शिक्षिका ने समझाया स्क्रीन टाइम का खतरा एक स्कूल में बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक शिक्षिका ने कक्षा में एक छात्र को उसकी आंखों पर लाल रंग की पट्टी बांधकर लाया। छात्र की आंखों पर पट्टी देखकर पूरी कक्षा हैरान रह गई और बच्चे आपस में पूछने लगे कि आखिर रोहन को क्या हुआ है। जब बच्चों ने शिक्षिका से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि यह एक जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा है। शिक्षिका ने बच्चों को समझाने के लिए कहानी के माध्यम से बताया कि रोहन स्कूल से घर जाने के बाद लगातार मोबाइल फोन चलाता था। वह खाना खाते समय, सोने से पहले और दिनभर मोबाइल स्क्रीन देखने में लगा रहता था। इसके बाद शिक्षिका ने बच्चों से कहा कि यदि मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल किया जाए तो आंखों में थकान, सूखापन, धुंधला दिखाई देना और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। उन्होंने बच्चों को यह भी समझाया कि मोबाइल की लत पढ़ाई, नींद और दैनिक जीवन पर नकारात्मक असर डाल सकती है। आंखों पर लाल पट्टी देखकर बच्चे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उसी समय मोबाइल का इस्तेमाल कम करने और पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने का संकल्प लिया। कई बच्चों ने कहा कि वे खाना खाते समय और सोने से पहले मोबाइल नहीं चलाएंगे तथा खेलने और पढ़ाई के लिए समय निर्धारित करेंगे। कार्यक्रम के अंत में शिक्षिका ने बच्चों को स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन स्वयं दुश्मन नहीं है, लेकिन उसका अत्यधिक और अनियंत्रित इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है। बच्चों को स्क्रीन टाइम सीमित रखने, बीच-बीच में आंखों को आराम देने और अभिभावकों की निगरानी में मोबाइल इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। स्कूल में आयोजित यह जागरूकता गतिविधि बच्चों के बीच चर्चा का विषय बन गई। शिक्षकों का कहना है कि यदि ऐसे रचनात्मक और प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम देशभर के स्कूलों में आयोजित किए जाएं तो बच्चों में मोबाइल की लत कम करने और पढ़ाई तथा खेलकूद की ओर उनका ध्यान बढ़ाने में मदद मिल सकती है। नोट: कार्यक्रम में दिखाई गई आंखों की पट्टी वाली घटना एक जागरूकता-आधारित नाट्य प्रस्तुति थी।1
- भीलवाड़ा आसींद क्षेत्र के पाहरु गांव में खेत पर रखवाली करते युवक को सांप ने डसा, मौत: अंधेरे में अचानक पैर के नीचे और काट लिया, इलाज के दौरान तोड़ा दम1