दरभंगा में बंदरों से क्रूरता के मामले में कोर्ट सख्त, नगर थाना से मांगी रिपोर्ट। दरभंगा में बंदरों को कथित तौर पर क्रूर तरीके से पकड़कर रखने के मामले में अब न्यायालय ने सख्ती दिखाई है। समाज सुधारक एवं पूर्व मानद राज्य पशु कल्याण अधिकारी, भारत सरकार, सुजीत चौधरी की ओर से दरभंगा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था। परिवाद पर 11 सितंबर 2026 को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने नगर थाना, दरभंगा से रिपोर्ट तलब की है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 26 अगस्त 2026 से दरभंगा में बंदरों को कथित रूप से बिना वैध अनुमति के पकड़ा जा रहा है। आरोप है कि इनमें छोटे बच्चे और गर्भवती बंदर भी शामिल हैं और उन्हें हाथ-पैर पीछे मोड़कर, गर्दन दबाकर तथा रस्सियों से बांधकर छोटे बांस के पिंजरों में रखा जा रहा है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि पिंजरों में बड़ी संख्या में बंदरों को ठूंसकर रखने, पर्याप्त भोजन-पानी और चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण कई बंदरों की मौत हुई है। सुजीत चौधरी के मुताबिक, मामले की सूचना पुलिस, एसएसपी, जिलाधिकारी, वन विभाग और पशुपालन विभाग समेत कई अधिकारियों को दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के बाद 8 सितंबर को न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। परिवाद में कुछ लोगों पर बंदरों को अवैध रूप से पकड़ने और रात के अंधेरे में आसपास के गांवों में छोड़ने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। शिकायतकर्ता ने न्यायालय से बंदरों को तत्काल सुरक्षित कराने, उनकी स्वास्थ्य जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। अब न्यायालय द्वारा नगर थाना से रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद इस मामले में पुलिस और संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है। फिलहाल बड़ा सवाल यही है—दरभंगा में बंदरों को पकड़ने की अनुमति किसके आदेश से दी गई थी और उनके साथ कथित क्रूरता के आरोपों में सच्चाई कितनी है? इसका जवाब जांच और न्यायालय के समक्ष पेश होने वाली रिपोर्ट से सामने आएगा।
दरभंगा में बंदरों से क्रूरता के मामले में कोर्ट सख्त, नगर थाना से मांगी रिपोर्ट। दरभंगा में बंदरों को कथित तौर पर क्रूर तरीके से पकड़कर रखने के मामले में अब न्यायालय ने सख्ती दिखाई है। समाज सुधारक एवं पूर्व मानद राज्य पशु कल्याण अधिकारी, भारत सरकार, सुजीत चौधरी की ओर से दरभंगा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था। परिवाद पर 11 सितंबर 2026 को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने नगर थाना, दरभंगा से रिपोर्ट तलब की है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 26 अगस्त 2026 से दरभंगा में बंदरों को कथित रूप से बिना वैध अनुमति के पकड़ा जा रहा है। आरोप है कि इनमें छोटे बच्चे और गर्भवती बंदर भी शामिल हैं और उन्हें हाथ-पैर पीछे मोड़कर, गर्दन दबाकर तथा रस्सियों से बांधकर छोटे बांस के पिंजरों में रखा जा रहा है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि पिंजरों में बड़ी संख्या में बंदरों को ठूंसकर रखने, पर्याप्त भोजन-पानी और चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण कई बंदरों की मौत हुई है। सुजीत चौधरी के मुताबिक, मामले की सूचना पुलिस, एसएसपी, जिलाधिकारी, वन विभाग और पशुपालन विभाग समेत कई अधिकारियों को दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के बाद 8 सितंबर को न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। परिवाद में कुछ लोगों पर बंदरों को अवैध रूप से पकड़ने और रात के अंधेरे में आसपास के गांवों में छोड़ने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। शिकायतकर्ता ने न्यायालय से बंदरों को तत्काल सुरक्षित कराने, उनकी स्वास्थ्य जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। अब न्यायालय द्वारा नगर थाना से रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद इस मामले में पुलिस और संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है। फिलहाल बड़ा सवाल यही है—दरभंगा में बंदरों को पकड़ने की अनुमति किसके आदेश से दी गई थी और उनके साथ कथित क्रूरता के आरोपों में सच्चाई कितनी है? इसका जवाब जांच और न्यायालय के समक्ष पेश होने वाली रिपोर्ट से सामने आएगा।
- 580 पेटी शराब जप्त, उत्पाद विभाग ने लगभग 7 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा ट्रक, ड्राइवर फरार- वर्षा सिंह जिलाधिकारी, वैशाली हाजीपुर1
- 🧠 न्यूरो-स्पाइन मरीजों के लिए बड़ी राहत! अब इलाज के लिए समस्तीपुर से बाहर जाने की जरूरत नहीं समस्तीपुर। मस्तिष्क, नसों और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी से परेशान मरीजों के लिए राहत की खबर है। समस्तीपुर के मोहनपुर रोड स्थित प्रभात हॉस्पिटल में न्यूरो और स्पाइन से संबंधित विभिन्न समस्याओं के इलाज एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यहां लकवा, ब्रेन हेमरेज, ब्रेन ट्यूमर, सड़क दुर्घटना में सिर या रीढ़ की चोट, माइग्रेन, मिर्गी, सिरदर्द, साइटिका, गर्दन एवं कमर दर्द, पैरों में झुनझुनी, नसों में कमजोरी और अचानक चक्कर आकर गिरने जैसी समस्याओं से परेशान मरीज चिकित्सकीय सलाह और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की टीम द्वारा मरीजों की आवश्यक जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की प्रक्रिया की जाती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दूर-दराज के क्षेत्रों से भी मरीज इलाज के लिए प्रभात हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं, जहां उनकी समस्या के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। न्यूरो और स्पाइन से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करना कई बार गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे में लगातार सिरदर्द, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, चक्कर, दौरे, कमर या गर्दन के दर्द जैसी समस्या होने पर समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। प्रभात हॉस्पिटल की न्यूरो एवं स्पाइन सेवाओं के जरिए मरीजों को अपने ही शहर में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। 🧠 न्यूरो-स्पाइन मरीजों के लिए बड़ी राहत! अब इलाज के लिए समस्तीपुर से बाहर जाने की जरूरत नहीं समस्तीपुर। मस्तिष्क, नसों और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी से परेशान मरीजों के लिए राहत की खबर है। समस्तीपुर के मोहनपुर रोड स्थित प्रभात हॉस्पिटल में न्यूरो और स्पाइन से संबंधित विभिन्न समस्याओं के इलाज एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यहां लकवा, ब्रेन हेमरेज, ब्रेन ट्यूमर, सड़क दुर्घटना में सिर या रीढ़ की चोट, माइग्रेन, मिर्गी, सिरदर्द, साइटिका, गर्दन एवं कमर दर्द, पैरों में झुनझुनी, नसों में कमजोरी और अचानक चक्कर आकर गिरने जैसी समस्याओं से परेशान मरीज चिकित्सकीय सलाह और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की टीम द्वारा मरीजों की आवश्यक जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की प्रक्रिया की जाती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दूर-दराज के क्षेत्रों से भी मरीज इलाज के लिए प्रभात हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं, जहां उनकी समस्या के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। न्यूरो और स्पाइन से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करना कई बार गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे में लगातार सिरदर्द, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, चक्कर, दौरे, कमर या गर्दन के दर्द जैसी समस्या होने पर समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। प्रभात हॉस्पिटल की न्यूरो एवं स्पाइन सेवाओं के जरिए मरीजों को अपने ही शहर में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।1
- हाय दोस्तों! 👋 कल सुबह 8 बजे मैं स्कूल पढ़ने के लिए जाऊंगा। 🏫 दोपहर 1 बजे स्कूल की छुट्टी होगी और करीब 1:30 बजे तक मैं वापस घर आ जाऊंगा। 😊 आप सभी का दिन भी अच्छा रहे। ❤️ #SchoolLife #DailyVlog #SchoolVlog #MyDay #InstagramReels1
- DMCH में डॉक्टर और मरीज के परिजन के बीच मारपीट, डॉक्टर का सर फटा, इमरजेंसी सेवा कई घंटों तक ठप रही Darapan24 News DMCH में डॉक्टर और मरीज के परिजन के बीच मारपीट, डॉक्टर का सर फटा, इमरजेंसी सेवा कई घंटों तक ठप रही Darapan24 News1
- दरभंगा के 'जिम कांड' में बड़ा और सनसनीखेज खुलासा! अश्लील चैट के आरोप के पीछे निकला 10 लाख की वसूली का खेल? आज हम आपको दरभंगा की एक ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं, जो किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। जिसे अब तक एक लड़की के साथ अश्लील चैटिंग और छेड़खानी का मामला समझा जा रहा था... उसमें अब एक ऐसा नया मोड़ आ गया है, जो आपको हैरान कर देगा। क्या हो अगर शिकार ही असल में शिकारी निकल जाए? दरभंगा के लहेरियासराय में दर्ज हुई एक FIR के पीछे अब ब्लैकमेलिंग, हनीट्रैप और 10 लाख रुपये की मोटी वसूली का बड़ा खेल सामने आ रहा है। मामला दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के सैदनगर स्थित 'फिटनेस 24' जिम का है। लड़की ने महिला थाने में FIR दर्ज कराई थी कि जिम संचालक शराफत हुसैन ने उसे फोन पर परेशान किया और अश्लील बातें कीं। लेकिन कहानी में पहला ट्विस्ट तब आया जब जिम के असली मालिक आरिफ मोहम्मद कैमरे के सामने आए। आरिफ ने साफ कर दिया कि शराफत जिम का मालिक है ही नहीं! शराफत और वो लड़की, दोनों सिर्फ जिम में एक्सरसाइज करने आते थे। असली मालिक ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जिम पूरी तरह से CCTV से लैस है, अंदर कोई घटना नहीं हुई... यह सिर्फ उनके जिम को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है, जिसमें वो लड़की और उसका तथाकथित बॉयफ्रेंड अकरम शामिल है। जिम मालिक का बयान तो आपने सुन लिया, लेकिन कहानी में असली भूचाल तब आया जब आरोपी शराफत हुसैन ने अपना मुंह खोला। शराफत ने जो आरोप लगाए हैं, वो सीधे-सीधे एक गहरी साजिश और एक्सटॉर्शन (Extortion) यानी उगाही की तरफ इशारा कर रहे हैं। आरोपी शराफत हुसैन का दावा है कि लड़की का बॉयफ्रेंड अकरम उसका दोस्त था और दोनों घंटों साथ बिताते थे। शराफत का आरोप है कि इसी दौरान अकरम ने धोखे से उसका फोन लिया और खुद अपनी गर्लफ्रेंड को अश्लील मैसेज कर दिए ताकि शराफत को फंसाया जा सके! इसके बाद शुरू हुआ वसूली का खेल। मामले को सुलझाने के नाम पर पंचायत बुलाई गई और लड़की की तरफ से सीधे 10 लाख रुपये की डिमांड रख दी गई! शराफत का दावा है कि उसने 5 लाख रुपये दे भी दिए थे, जिसका एक समझौता पत्र भी बना। लेकिन जब बाकी के 5 लाख देने में देरी हुई... तो लड़की ने महिला थाने में ये FIR दर्ज करवा दी। अब इस मामले ने पुलिस की तफ्तीश के लिए कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सच में बॉयफ्रेंड ने ही अपने दोस्त के फोन से अपनी गर्लफ्रेंड को अश्लील मैसेज भेजे थे? क्या 5 लाख रुपये ऐंठने के बाद, लालच में आकर ये पूरी कहानी रची गई? और क्या जिम को बदनाम करने के लिए ये पूरा हनीट्रैप बिछाया गया था? अब देखना होगा कि पुलिस की जांच में इस 'वसूली कांड' का क्या सच निकलकर सामने आता है।1
- समस्तीपुर : मुख्यमंत्री का पुतला फूंका,खाद की किल्लत एवं कालाबाजारी के खिलाफ किसान महासभा का जुलूस! समस्तीपुर : मुख्यमंत्री का पुतला फूंका,खाद की किल्लत एवं कालाबाजारी के खिलाफ किसान महासभा का जुलूस! बिहार समस्तीपुर से ब्यूरो चीफ पंकज बाबा की रिपोर्ट: अखिल भारतीय किसान महासभा, प्रखंड कमिटी ताजपुर के आह्वान पर शनिवार को मोतीपुर सब्जी मंडी में किसानों ने खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, उचित मूल्य पर किसानों एवं खुदरा दुकानदारों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने, ऑनलाइन एवं क्यूआर कोड भुगतान की अनिवार्यता समाप्त करने तथा किसानों के केसीसी ऋण माफ करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर जुलूस निकाला। जुलूस के बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही है तथा कालाबाजारी के कारण उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान में विफल रही है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। सभा के उपरांत प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो 16 सितंबर को समस्तीपुर में जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में किसान महासभा एवं विभिन्न किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। वक्ताओं ने किसानों से 16 सितंबर के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने किया, रंजीत कुमार, प्रभात रंजन गुप्ता, रवींद्र शर्मा, महेन्द्र साह, राजेश कुमार, शंकर महतो, लाला प्रसाद सिंह, चंदन राय, भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह आदि ने सभा को संबोधित कर किसान विरोधी भाजपा के सम्राट चौधरी की सरकार को आड़े हाथों लिया।1
- Hi dosto! ❤️ आज हमारे घर पर अंडे की सब्जी बनी। हमारी वाइफ ने बहुत ही प्यार से अंडे की स्वादिष्ट सब्जी बनाई और फिर हम सभी ने मिलकर उसका स्वाद चखा। 😋 सच पूछिए तो अंडे की सब्जी इतनी स्वादिष्ट बनी थी कि खाने का मजा ही आ गया। पूरा परिवार मिलकर खाना खाए तो स्वाद और भी बढ़ जाता है। ❤️ आपके घर में अंडे की सब्जी कैसे बनती है? कमेंट करके जरूर बताइए। 👇 #HomeVlog #FoodVlog #EggCurry #FamilyTime #IndianFood1
- 24 घंटे बाद करेंगे बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता का पुतला दहन - महावीर पोद्दार उजियार पुर प्रखंड के डढिया मुरियारो पन्चायत के वार्ड नं 12 में स्थित जले ट्रांसफार्मर पर भाकपा माले और ग्रामीणों ने सन्युक्त रुप से जले ट्रांसफार्मर को बदलने,निर्वाध रुप से बिजली आपूर्ति बहाल करने, फर्जी बिजली बिल की जांच करने की मांग को लेकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भाकपा माले के वरीय नेता महावीर पोद्दार ने कहा कि 24 घंटे में जले ट्रांसफार्मर को बदलने की घोषणा करने वाली बिहार की डबल इन्जन सरकार की बिजली व्यवस्था ध्वस्त होती दिख रही है। उन्होंने कहा कि चार दिनों से मुरियारो गांव के वार्ड नं 12 की बिजली ट्रांसफार्मर जला पड़ा है।लोग जहां भीषण गर्मी और अन्धेरे में रहने को विवश हैं वहीं नल जल व्यवस्था ठप्प पड़ गया है।आम आदमी के सामने पीने की पानी का संकट गहरा गया है। बिजली ट्रांसफार्मर जल जाने से वार्ड नं 12 से लेकर वार्ड नं 15 तक करीब एक हजार से ज्यादा परिवार के लोग पानी के गहराते संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया कि 24 घंटे के अन्दर जला ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो कार्यपालक अभियंता का पुतला दहन किया जाएगा और एस एच 55 को अनिश्चितकालीन जाम किया जाएगा उसका जिम्मेदार बिजली विभाग होगा।मौके उपस्थित वार्ड सदस्य सह भाकपा माले शाखा सचिव अमरजीत पासवान ने बताया कि सभी पदाधिकारियों को लिखित सूचना देने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। प्रदर्शन में रिंकु देवी, सुजीत कुमार, रीमा देवी, रौशन कुमार, कविता देवी,शिवभगत, कृष्णा देवी, दिलीप पासवान, सुनैना देवी,राम जीनिस पासवान,धीरज कुमार,अमर पासवान सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। 24 घंटे बाद करेंगे बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता का पुतला दहन - महावीर पोद्दार उजियार पुर प्रखंड के डढिया मुरियारो पन्चायत के वार्ड नं 12 में स्थित जले ट्रांसफार्मर पर भाकपा माले और ग्रामीणों ने सन्युक्त रुप से जले ट्रांसफार्मर को बदलने,निर्वाध रुप से बिजली आपूर्ति बहाल करने, फर्जी बिजली बिल की जांच करने की मांग को लेकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भाकपा माले के वरीय नेता महावीर पोद्दार ने कहा कि 24 घंटे में जले ट्रांसफार्मर को बदलने की घोषणा करने वाली बिहार की डबल इन्जन सरकार की बिजली व्यवस्था ध्वस्त होती दिख रही है। उन्होंने कहा कि चार दिनों से मुरियारो गांव के वार्ड नं 12 की बिजली ट्रांसफार्मर जला पड़ा है।लोग जहां भीषण गर्मी और अन्धेरे में रहने को विवश हैं वहीं नल जल व्यवस्था ठप्प पड़ गया है।आम आदमी के सामने पीने की पानी का संकट गहरा गया है। बिजली ट्रांसफार्मर जल जाने से वार्ड नं 12 से लेकर वार्ड नं 15 तक करीब एक हजार से ज्यादा परिवार के लोग पानी के गहराते संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया कि 24 घंटे के अन्दर जला ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो कार्यपालक अभियंता का पुतला दहन किया जाएगा और एस एच 55 को अनिश्चितकालीन जाम किया जाएगा उसका जिम्मेदार बिजली विभाग होगा।मौके उपस्थित वार्ड सदस्य सह भाकपा माले शाखा सचिव अमरजीत पासवान ने बताया कि सभी पदाधिकारियों को लिखित सूचना देने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। प्रदर्शन में रिंकु देवी, सुजीत कुमार, रीमा देवी, रौशन कुमार, कविता देवी,शिवभगत, कृष्णा देवी, दिलीप पासवान, सुनैना देवी,राम जीनिस पासवान,धीरज कुमार,अमर पासवान सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।1
- बिहार में परिवर्तन राजनीतिक नहीं समाजिक होना चाहिए तभी एक बेहतर समाज का निर्माण होगा1