चित्रकूट जनपद में पत्रकार ओंकार सिंह चंदेल के खिलाफ थाना सरधुवा में दर्ज रंगदारी के मुकद्दमे को लेकर पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। भारतीय मीडिया महासंघ के बैनर तले पत्रकारों ने बांदा स्थित पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि यह रंगदारी का मुकद्दमा 13 जून 26 को पंजीकृत किया गया है। महासंघ ने डीआईजी को दिए ज्ञापन में गहरी आशंका जताई है कि यह मुकद्दमा ओंकार सिंह चंदेल द्वारा पत्रकारिता के अपने दायित्वों का निर्वहन करने के कारण द्वेषपूर्ण भावना से दर्ज कराया गया है। उनका कहना है कि ओंकार सिंह चंदेल पिछले कई वर्षों से एक नेशनल टीवी चैनल के माध्यम से चित्रकूट जनपद में अवैध खनन, शासकीय योजनाओं में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार जैसे जनहित के मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाते रहे हैं। महासंघ के अनुसार, इस मुकद्दमे का उद्देश्य स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाना तथा राष्ट्रीय चैनल से जुड़े पत्रकार को मानसिक व सामाजिक रूप से प्रताड़ित करना प्रतीत होता है, क्योंकि एफआईआर में वर्णित घटनाक्रम तथ्यहीन एवं विरोधाभासी है। पत्रकार संगठनों ने मांग की है कि मुकद्दमे की विवेचना थाना सरधुवा से हटाकर किसी राजपत्रित अधिकारी या क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी से कराई जाए। इसके साथ ही, विवेचना पूर्ण होने तक ओंकार सिंह चंदेल के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी न की जाए। उन्होंने पूरे प्रकरण की समयबद्ध, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच कराकर वास्तविक सत्यता सामने लाने की अपील की है, और कहा है कि यदि विवेचना में मुकद्दमा असत्य या द्वेषपूर्ण पाया जाता है, तो झूठा मुकद्दमा दर्ज कराने वाले वादी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में भारतीय मीडिया महासंघ के बांदा जिलाध्यक्ष अल्तमश हुसैन, आनंद तिवारी, शिवम तिवारी, अनवर रजा, शुभम सिंह, पवन यादव, राजेंद्र कुमार मिश्रा, पुरन राय, मो. हसन, गुल मोहम्मद, अयाज जमा, इमरान खान, संदीप, मनीष निगम, कुलदीप, मनोज, रिजवान खान, राहुल वर्मा, व अन्य पत्रकार मौजूद रहे। महासंघ ने डीआईजी से अनुरोध किया है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता, निष्पक्षता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई की जाए।
चित्रकूट जनपद में पत्रकार ओंकार सिंह चंदेल के खिलाफ थाना सरधुवा में दर्ज रंगदारी के मुकद्दमे को लेकर पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। भारतीय मीडिया महासंघ के बैनर तले पत्रकारों ने बांदा स्थित पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि यह रंगदारी का मुकद्दमा 13 जून 26 को पंजीकृत किया गया है। महासंघ ने डीआईजी को दिए ज्ञापन में गहरी आशंका जताई है कि यह मुकद्दमा ओंकार सिंह चंदेल द्वारा पत्रकारिता के अपने दायित्वों का निर्वहन करने के कारण द्वेषपूर्ण भावना से दर्ज कराया गया है। उनका कहना है कि ओंकार सिंह चंदेल पिछले कई वर्षों से एक नेशनल टीवी चैनल के माध्यम से चित्रकूट जनपद में अवैध खनन, शासकीय योजनाओं में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार जैसे जनहित के मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाते रहे हैं। महासंघ के अनुसार, इस मुकद्दमे का उद्देश्य स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाना तथा राष्ट्रीय चैनल से जुड़े पत्रकार को मानसिक व सामाजिक रूप से प्रताड़ित करना प्रतीत होता है, क्योंकि एफआईआर में
वर्णित घटनाक्रम तथ्यहीन एवं विरोधाभासी है। पत्रकार संगठनों ने मांग की है कि मुकद्दमे की विवेचना थाना सरधुवा से हटाकर किसी राजपत्रित अधिकारी या क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी से कराई जाए। इसके साथ ही, विवेचना पूर्ण होने तक ओंकार सिंह चंदेल के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी न की जाए। उन्होंने पूरे प्रकरण की समयबद्ध, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच कराकर वास्तविक सत्यता सामने लाने की अपील की है, और कहा है कि यदि विवेचना में मुकद्दमा असत्य या द्वेषपूर्ण पाया जाता है, तो झूठा मुकद्दमा दर्ज कराने वाले वादी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में भारतीय मीडिया महासंघ के बांदा जिलाध्यक्ष अल्तमश हुसैन, आनंद तिवारी, शिवम तिवारी, अनवर रजा, शुभम सिंह, पवन यादव, राजेंद्र कुमार मिश्रा, पुरन राय, मो. हसन, गुल मोहम्मद, अयाज जमा, इमरान खान, संदीप, मनीष निगम, कुलदीप, मनोज, रिजवान खान, राहुल वर्मा, व अन्य पत्रकार मौजूद रहे। महासंघ ने डीआईजी से अनुरोध किया है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता, निष्पक्षता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई की जाए।
- बांदा की कोतवाली नगर पुलिस ने ई-रिक्शा की बैटरी चोरी करने वाले दो अभियुक्तों को अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशानुसार जनपद में अपराध नियंत्रण और वांछितों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से चोरी की बैटरियों सहित अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और अन्य सामग्री बरामद की है। यह मामला तब सामने आया जब थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के मवई बुजुर्ग निवासी सुनील पुत्र लल्लू ने 12 जून, 2026 को शिकायत दर्ज कराई कि 8/9 जून, 2026 की रात को उनके घर के बाहर खड़े ई-रिक्शा की बैटरी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर ली। सूचना के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर अभियुक्तों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए गए थे। इसी क्रम में 30 जून, 2026 को कोतवाली नगर पुलिस ने गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर मवई बाईपास, ग्राम करवारा से दोनों अभियुक्तों को दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राज पुत्र राजेश उर्फ राजू, निवासी परसौली, थाना बबेरू, जनपद बांदा (हाल पता- क्योटरा चौराहा, थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा) और बुद्धविलास पुत्र श्रीचंद्र, निवासी गुरेह, थाना कोतवाली देहात, जनपद बांदा के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से 2 चोरी की ई-रिक्शा बैटरी, चोरी की बैटरी बेचकर प्राप्त हुए ₹1320 नकद, चोरी की घटना में प्रयुक्त 1 मोटरसाइकिल, तथा अभियुक्त राज की तलाशी के दौरान 1 अवैध तमंचा और 1 जिंदा कारतूस बरामद किया है। जांच में पाया गया कि अभियुक्त राज एक शातिर हिस्ट्रीशीटर अपराधी है, जिस पर हत्या, चोरी, और अवैध शस्त्रों से संबंधित आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं और वह पहले भी इन मामलों में जेल जा चुका है। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ मु0अ0सं0 300/26 धारा 303(2)/317(2) बीएनएस और मु0अ0सं0 331/26 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा में अभियोग पंजीकृत किया है। अभियुक्त राज का पूर्व आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है, जिसमें थाना बबेरू में विभिन्न धाराओं जैसे 380, 457, 413, 302, 394, 411 भा0द0वि0 और 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत कई मुकदमे शामिल हैं।3
- कमासिन थाना इलाके के इटर्रा बड़ौनी गांव में पुरानी रंजिश के चलते दबंगों ने बाइक सवार एक महिला को गोली मार दी। यह घटना उस समय हुई जब महिला अपने पति के साथ बाइक पर अपने मायके कर्वी जा रही थी। दबंगों ने रास्ते में उन्हें रोककर बेखौफ तरीके से महिला पर फायर झोंक दिया। गोली लगने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे पैर में चोट आई है। गंभीर हालत में उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। महिला ने आरोप लगाया है कि पूर्व में हुए एक विवाद पर कोई कार्रवाई न होने के कारण दबंगों के हौसले बुलंद थे और इसी वजह से उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। स्थानीय पुलिस अब महिला के आरोपों की गहनता से जांच कर रही है।4
- देश में लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों का विस्तार किया जा रहा है। इन टर्मिनलों का प्रमुख लक्ष्य रेल, सड़क और अन्य परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, जिससे माल परिवहन की प्रक्रिया अधिक तेज और व्यवस्थित हो सके। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस दिशा में कई कार्गो टर्मिनलों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और वर्तमान में अनेक परियोजनाओं पर काम तेजी से जारी है, जिससे देशभर में माल ढुलाई और अधिक गति पकड़ेगी।1
- कांग्रेस नेता उज्जवल पाठक ने हमीरपुर में कथित ओवरलोड डंपरों का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनपद में "भाजपा प्रायोजित ओवरलोडिंग का एक सूत्रीय कार्यक्रम" चल रहा है, जिसके तहत बिना नंबर प्लेट के ओवरलोड वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। पाठक ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अधिकारियों और भाजपा नेताओं की मेहरबानी से ये वाहन पूरे दुस्साहस के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर संचालित हो रहे हैं और ऐसा कोई वाहन किसी प्रभावशाली भाजपा नेता का हो सकता है। कांग्रेस नेता ने अपनी पोस्ट में सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर जनता इलाज के अभाव में परेशान है, वहीं दूसरी ओर ओवरलोड वाहनों के कारण लोग राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर अपनी जान गंवा रहे हैं। उज्जवल पाठक ने सरकार और संबंधित तंत्र पर कमीशनखोरी का भी आरोप लगाया। यह घटना तब सामने आई जब पाठक राजनीतिक प्रवास से महोबा से देर रात हमीरपुर लौट रहे थे और इसी दौरान उन्होंने इन कथित ओवरलोड वाहनों का वीडियो बनाकर साझा किया। हालांकि, कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में प्रशासन या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- आज से मुसलमानों के साथ सभी रिश्ते-नाते खत्म कर दिए गए हैं। यह जानकारी सामने आई है।1
- बांदा में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत बदौसा थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर बकरी चोरी की घटना का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों के पास से एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। जानकारी के अनुसार, 30 जून 26 को कस्बा बदौसा निवासी सुनीता पत्नी जितेंद्र ने अपने बकरे की चोरी होने की सूचना बदौसा थाने में दी थी। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। बदौसा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर चोरी करने वाले दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने चोरी किया गया बकरा और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली। तलाशी के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों सिकंदर खान पुत्र सिकदार खां निवासी दुबरिया और अशोक उर्फ छोटू पुत्र दच्ची निवासी नदी टोला, दोनों बदौसा थाना क्षेत्र, जनपद बांदा के रहने वाले हैं, के पास से 315 बोर का एक अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी मिला। बदौसा थाना पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। एसपी पलाश बंसल ने पुलिस टीम के इस उत्कृष्ट कार्य की सराहना की है।1
- बांदा की बदौसा थाना पुलिस ने बकरी चोरी की एक वारदात का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई बकरी, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, एक अवैध .315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, 30 जून को कस्बा बदौसा निवासी सुनीता पत्नी जितेंद्र ने अपनी बकरी चोरी होने की सूचना थाना बदौसा में दी थी, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने बुधवार को दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बदौसा थाना क्षेत्र के दुबरिया निवासी सिकंदर खान और नदी टोला अंश निवासी अशोक उर्फ छोटू के रूप में हुई है। इस कार्रवाई को उपनिरीक्षक लालाराम, कांस्टेबल रिंकू सिंह निराला और कांस्टेबल विशाल वर्मा की टीम ने अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है।3
- हमीरपुर के मौदहा विकासखंड के ग्राम अर्तरा निवासी एक मासूम बच्चे का "साहब, हमें भी एक घर दिला दो..." कहते हुए सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति से आवास की मांग करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। इस भावुक कर देने वाले वीडियो ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन पर कई सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह के निर्देश पर तत्काल जांच कराई गई। जांच में यह पाया गया कि श्रीमती चंदा पत्नी अशोक कुमार, निवासी ग्राम अर्तरा, विकासखंड मौदहा का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची में पहले से शामिल है। उन्हें PMAY-G Beneficiary ID 178168838 आवंटित की गई है और पात्रता सूची में उनका क्रमांक 213 है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह परिवार योजना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करता है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन से जनपद को लक्ष्य प्राप्त होने पर, पात्रता सूची के क्रम के अनुसार, इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी बताया कि आवासों का आवंटन शासन की निर्धारित गाइडलाइन और उपलब्ध लक्ष्य के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है, और सभी पात्र लाभार्थियों को क्रमवार योजना का लाभ दिया जाएगा। प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विकासखंड या जिला प्रशासन से संपर्क करें।1
- मौदहा कोतवाली क्षेत्र के चकदहा गांव में बुधवार सुबह जमीनी विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच लाठी-डंडे चल गए। इस हमले में बच्चीलाल और उनके बेटे राकेश गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। मौदहा कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में जमीन को लेकर विवाद है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।1