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देश में लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों का विस्तार किया जा रहा है। इन टर्मिनलों का प्रमुख लक्ष्य रेल, सड़क और अन्य परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, जिससे माल परिवहन की प्रक्रिया अधिक तेज और व्यवस्थित हो सके। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस दिशा में कई कार्गो टर्मिनलों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और वर्तमान में अनेक परियोजनाओं पर काम तेजी से जारी है, जिससे देशभर में माल ढुलाई और अधिक गति पकड़ेगी।
Dilip Kumar Bharti
देश में लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों का विस्तार किया जा रहा है। इन टर्मिनलों का प्रमुख लक्ष्य रेल, सड़क और अन्य परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, जिससे माल परिवहन की प्रक्रिया अधिक तेज और व्यवस्थित हो सके। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस दिशा में कई कार्गो टर्मिनलों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और वर्तमान में अनेक परियोजनाओं पर काम तेजी से जारी है, जिससे देशभर में माल ढुलाई और अधिक गति पकड़ेगी।
- Vishnu Bhilमनोहर थाना, झालावाड़, राजस्थानsahi he3 hrs ago
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- देश में लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों का विस्तार किया जा रहा है। इन टर्मिनलों का प्रमुख लक्ष्य रेल, सड़क और अन्य परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, जिससे माल परिवहन की प्रक्रिया अधिक तेज और व्यवस्थित हो सके। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस दिशा में कई कार्गो टर्मिनलों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और वर्तमान में अनेक परियोजनाओं पर काम तेजी से जारी है, जिससे देशभर में माल ढुलाई और अधिक गति पकड़ेगी।1
- बांदा शहर के पीली कोठी स्थित तुलसीलाज क्षेत्र में बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे तेज रफ्तार बोलेरो के बेलगाम कहर ने सड़कों पर बढ़ते यातायात अनुशासनहीनता और कानून के डर की कमी को उजागर किया। यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक भयावह तस्वीर है, जहाँ एक तेज रफ्तार बोलेरो ने पहले स्कूल जा रही एक महिला शिक्षक के रिक्शे को जोरदार टक्कर मारी। इस टक्कर से शिक्षिका गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं। इसके बाद भी बेकाबू बोलेरो रुकी नहीं और आगे बढ़ते हुए एक दुकान का शटर तोड़कर भीतर जा घुसी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटनास्थल से बोलेरो के भीतर से शराब की बोतल मिलने की बात सामने आई है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि चालक नशे की हालत में था, तो इसे केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क पर खुलेआम मौत बांटने जैसा एक गंभीर आपराधिक कृत्य माना जाना चाहिए। नशे की हालत में गाड़ी चलाने वाला व्यक्ति निर्दोष राहगीरों की जान के लिए खतरा बन जाता है। पुलिस ने मामले में चालक को हिरासत में लेकर अपनी जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस घटना ने प्रशासन और कानून प्रवर्तन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या वे हर हादसे के बाद ही जागेंगे और क्या उनकी सख्ती सिर्फ चालान काटने तक ही सीमित रहेगी? या फिर ऐसे लापरवाह चालकों पर कोई ऐसी मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई होगी, जिससे दूसरों को भी सबक मिले। यह समय केवल जांच करने का नहीं, बल्कि ऐसे लापरवाह लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का है, क्योंकि सड़कें रफ्तार दिखाने का मैदान नहीं हैं और यदि कानून का भय समाप्त हो जाएगा, तो सड़कों पर वाहन नहीं, बल्कि मौत खुलेआम दौड़ेगी।1
- चित्रकूट जनपद में पत्रकार ओंकार सिंह चंदेल के खिलाफ थाना सरधुवा में दर्ज रंगदारी के मुकद्दमे को लेकर पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। भारतीय मीडिया महासंघ के बैनर तले पत्रकारों ने बांदा स्थित पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि यह रंगदारी का मुकद्दमा 13 जून 26 को पंजीकृत किया गया है। महासंघ ने डीआईजी को दिए ज्ञापन में गहरी आशंका जताई है कि यह मुकद्दमा ओंकार सिंह चंदेल द्वारा पत्रकारिता के अपने दायित्वों का निर्वहन करने के कारण द्वेषपूर्ण भावना से दर्ज कराया गया है। उनका कहना है कि ओंकार सिंह चंदेल पिछले कई वर्षों से एक नेशनल टीवी चैनल के माध्यम से चित्रकूट जनपद में अवैध खनन, शासकीय योजनाओं में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार जैसे जनहित के मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाते रहे हैं। महासंघ के अनुसार, इस मुकद्दमे का उद्देश्य स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाना तथा राष्ट्रीय चैनल से जुड़े पत्रकार को मानसिक व सामाजिक रूप से प्रताड़ित करना प्रतीत होता है, क्योंकि एफआईआर में वर्णित घटनाक्रम तथ्यहीन एवं विरोधाभासी है। पत्रकार संगठनों ने मांग की है कि मुकद्दमे की विवेचना थाना सरधुवा से हटाकर किसी राजपत्रित अधिकारी या क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी से कराई जाए। इसके साथ ही, विवेचना पूर्ण होने तक ओंकार सिंह चंदेल के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी न की जाए। उन्होंने पूरे प्रकरण की समयबद्ध, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच कराकर वास्तविक सत्यता सामने लाने की अपील की है, और कहा है कि यदि विवेचना में मुकद्दमा असत्य या द्वेषपूर्ण पाया जाता है, तो झूठा मुकद्दमा दर्ज कराने वाले वादी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में भारतीय मीडिया महासंघ के बांदा जिलाध्यक्ष अल्तमश हुसैन, आनंद तिवारी, शिवम तिवारी, अनवर रजा, शुभम सिंह, पवन यादव, राजेंद्र कुमार मिश्रा, पुरन राय, मो. हसन, गुल मोहम्मद, अयाज जमा, इमरान खान, संदीप, मनीष निगम, कुलदीप, मनोज, रिजवान खान, राहुल वर्मा, व अन्य पत्रकार मौजूद रहे। महासंघ ने डीआईजी से अनुरोध किया है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता, निष्पक्षता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई की जाए।2
- सतना में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद को लेकर चुनावी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है, जहाँ प्रबल दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय के समर्थन में वरिष्ठ और युवा अधिवक्ताओं का जनसमर्थन तेजी से बढ़ रहा है। इसी क्रम में, वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती मुन्नी खान और श्री रमाकांत मिश्रा ने अन्य वरिष्ठ व युवा अधिवक्ताओं के साथ मिलकर जिला न्यायालय परिसर में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने अधिवक्ता साथियों से प्रदीप कुमार पाण्डेय को समर्थन और आशीर्वाद देने की अपील की। इस जनसंपर्क अभियान के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने प्रदीप कुमार पाण्डेय का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपना समर्थन देने का भरोसा जताया। समर्थकों का कहना है कि प्रदीप पाण्डेय का सरल स्वभाव, अधिवक्ताओं के हितों के प्रति उनकी सक्रियता और बार के लिए लंबे समय से किए गए उनके कार्य उन्हें एक बेहद मजबूत दावेदार बनाते हैं। चुनावी गलियारों में यह चर्चा है कि प्रदीप कुमार पाण्डेय के पक्ष में बन रहे इस माहौल ने अध्यक्ष पद की चुनावी जंग को और भी रोचक बना दिया है। मतदान की तिथि 3 जुलाई जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, चुनावी सरगर्मियां भी उतनी ही तेज होती जा रही हैं, और अब सभी की निगाहें मतदान एवं उसके परिणाम पर टिकी हुई हैं।2
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद के पत्रकार ओंकार सिंह चंदेल के खिलाफ थाना सरधुवा में रंगदारी का मुकदमा दर्ज होने पर पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले को लेकर बांदा जनपद के पत्रकारों ने पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र, बांदा को एक ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि ओंकार सिंह चंदेल के विरुद्ध यह मुकदमा 13 जून 26 को पंजीकृत किया गया है। पत्रकारों ने गहरी आशंका जताई है कि यह मुकदमा द्वेषपूर्ण भावना से दर्ज कराया गया है, क्योंकि ओंकार सिंह चंदेल पिछले कई वर्षों से एक नेशनल टीवी चैनल के माध्यम से चित्रकूट जनपद में अवैध खनन, शासकीय योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार जैसे जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि इस मुकदमे का उद्देश्य स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाना तथा राष्ट्रीय चैनल से जुड़े पत्रकार को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित करना है। ज्ञापन में एफआईआर में वर्णित घटनाक्रम को तथ्यहीन एवं विरोधाभासी भी बताया गया है। पत्रकारों ने डीआईजी से मांग की है कि मुकदमे की विवेचना थाना सरधुवा से हटाकर किसी राजपत्रित अधिकारी/क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी से कराई जाए, तथा विवेचना पूर्ण होने तक ओंकार सिंह चंदेल के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी न की जाए। उन्होंने समयबद्ध, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच कराकर वास्तविक सत्यता सामने लाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, यदि विवेचना में मुकदमा असत्य या द्वेषपूर्ण पाया जाता है, तो झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की भी मांग की गई है। पत्रकारों ने डीआईजी से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता, निष्पक्षता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। ज्ञापन सौंपने वालों में अल्तमश हुसैन, आनंद तिवारी, अनवर रज़ा रानू, शिवम तिवारी, शुभम सिंह, पवन यादव, राजेन्द्र कुमार मिश्रा, इमरान खान, पूरन राय, मो0 हसन, गुल मोहम्मद, अयाज़ जमा और अन्य पत्रकार मौजूद रहे।2
- बांदा के पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत, थाना बदौसा पुलिस ने बकरा चोरी करने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों के पास से एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ है। यह कार्रवाई तब हुई जब 30 जून 2026 को कस्बा बदौसा निवासी सुनीता, पत्नी जितेंद्र ने थाना बदौसा में अपने एक बकरे के चोरी हो जाने के संबंध में सूचना दी थी। इस सूचना के आधार पर थाना स्थानीय पर एक अभियोग पंजीकृत किया गया था। आज 1 जुलाई 2026 को, थाना बदौसा पुलिस द्वारा बकरा चोरी करने वाले इन दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए, चोरी के बकरे और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी बरामद कर लिया गया। इसके अतिरिक्त, अभियुक्तों की तलाशी के दौरान उनके पास से एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस भी प्राप्त हुए हैं।1
- पन्ना में 'सायबर जागरूकता 2.0 सेफ क्लिक अभियान' के तहत पुलिस अधिकारियों ने स्कूली बच्चों के साथ संवाद किया। इस संवाद में पन्ना पुलिस अधीक्षिका निवेदिता नायडू, एसडीओपी भावना सिंह, थाना प्रभारी माधवी अग्निहोत्री और चौकी प्रभारी दीपक सिंह भदौरिया शामिल थे।1
- पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने ई-रिक्शा की बैट्री चोरी करने वाले एक गिरोह के दो सदस्यों को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में एक शातिर हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है, जिसे हत्या, चोरी और अवैध शस्त्रों के मामलों में पहले भी जेल भेजा जा चुका है। यह कार्रवाई 12 जून, 26 को मिली एक तहरीर के बाद शुरू हुई थी, जिसमें मवई बुजुर्ग निवासी सुनील पुत्र लल्लू ने शिकायत की थी कि 08/09 की रात अज्ञात चोरों ने उसके घर के बाहर खड़े ई-रिक्शा की बैट्री चोरी कर ली थी। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी थी। 30 जून, 26 को कोतवाली नगर पुलिस गश्त और चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर की सूचना पर मवई बाईपास, ग्राम करवारा से दोनों अभियुक्तों को पकड़ लिया गया। पुलिस ने उनके पास से दो ई-रिक्शा की बैट्री, चोरी की बैट्री बेचकर मिले 1320 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त एक मोटर साइकिल, एक अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया, जो अभियुक्त राज की तलाशी में मिला था। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राज पुत्र राजेश उर्फ राजू निवासी ग्राम परसौली, थाना बबेरु, जनपद बांदा, (हाल पता क्योटरा चौराहा, कोतवाली नगर) और बुद्धविलास पुत्र श्रीचन्द्र निवासी गुरेह, थाना कोतवाली देहात, जनपद बांदा के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने पुलिस टीम के इस 'गुडवर्क' की सराहना की है। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।1