कैमूर जिले के कुदरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में बुधवार को दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष चिकित्सा जांच एवं दिव्यांगता प्रमाणपत्र शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन अपने परिजनों के साथ पहुंचे। दिनभर चले इस शिविर में दिव्यांगता प्रमाणपत्र और विभिन्न सरकारी सुविधाओं के लिए लगभग 200 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर की प्रभारी डॉ. रीता कुमारी ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर चिकित्सकीय जांच, दिव्यांगता का आकलन और प्रमाणपत्र बनाने की सुविधा उपलब्ध कराना था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी आवेदकों की निर्धारित मानकों के अनुसार चिकित्सकीय जांच की जा रही है, और आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र लाभुकों के आवेदन आगे की प्रक्रिया के लिए भेजे जाएंगे। शिविर में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की एक टीम ने दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी भी दी। अधिकारियों ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों के दिव्यांगजनों को जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से बचाते हैं, जिससे उनके समय और आर्थिक खर्च दोनों की बचत होती है। शिविर में पहुंचे दिव्यांगजनों और उनके परिजनों ने इस सुविधा की सराहना की और इसे बड़ी राहत बताया। स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त सभी आवेदनों का नियमानुसार शीघ्रता से निष्पादन किया जाएगा, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर दिव्यांगता प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
कैमूर जिले के कुदरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में बुधवार को दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष चिकित्सा जांच एवं दिव्यांगता प्रमाणपत्र शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन अपने परिजनों के साथ पहुंचे। दिनभर चले इस शिविर में दिव्यांगता प्रमाणपत्र और विभिन्न सरकारी सुविधाओं के लिए लगभग 200 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर
की प्रभारी डॉ. रीता कुमारी ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर चिकित्सकीय जांच, दिव्यांगता का आकलन और प्रमाणपत्र बनाने की सुविधा उपलब्ध कराना था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी आवेदकों की निर्धारित मानकों के अनुसार चिकित्सकीय जांच की जा रही है, और आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र लाभुकों के आवेदन आगे की
प्रक्रिया के लिए भेजे जाएंगे। शिविर में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की एक टीम ने दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी भी दी। अधिकारियों ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों के दिव्यांगजनों को जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से बचाते हैं, जिससे उनके समय
और आर्थिक खर्च दोनों की बचत होती है। शिविर में पहुंचे दिव्यांगजनों और उनके परिजनों ने इस सुविधा की सराहना की और इसे बड़ी राहत बताया। स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त सभी आवेदनों का नियमानुसार शीघ्रता से निष्पादन किया जाएगा, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर दिव्यांगता प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
- कैमूर जिले के कुदरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में बुधवार को दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष चिकित्सा जांच एवं दिव्यांगता प्रमाणपत्र शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन अपने परिजनों के साथ पहुंचे। दिनभर चले इस शिविर में दिव्यांगता प्रमाणपत्र और विभिन्न सरकारी सुविधाओं के लिए लगभग 200 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर की प्रभारी डॉ. रीता कुमारी ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर चिकित्सकीय जांच, दिव्यांगता का आकलन और प्रमाणपत्र बनाने की सुविधा उपलब्ध कराना था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी आवेदकों की निर्धारित मानकों के अनुसार चिकित्सकीय जांच की जा रही है, और आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र लाभुकों के आवेदन आगे की प्रक्रिया के लिए भेजे जाएंगे। शिविर में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की एक टीम ने दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी भी दी। अधिकारियों ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों के दिव्यांगजनों को जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से बचाते हैं, जिससे उनके समय और आर्थिक खर्च दोनों की बचत होती है। शिविर में पहुंचे दिव्यांगजनों और उनके परिजनों ने इस सुविधा की सराहना की और इसे बड़ी राहत बताया। स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त सभी आवेदनों का नियमानुसार शीघ्रता से निष्पादन किया जाएगा, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर दिव्यांगता प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।4
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