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नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की गिरफ्तारी के विरोध में सिंगरौली जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विपक्ष की आवाज़ दबाने के उद्देश्य से इस तरह की कार्रवाई की जा रही है, जिसका पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपने की बात कही।
Journalist imran
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की गिरफ्तारी के विरोध में सिंगरौली जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विपक्ष की आवाज़ दबाने के उद्देश्य से इस तरह की कार्रवाई की जा रही है, जिसका पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपने की बात कही।
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- नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की गिरफ्तारी के विरोध में सिंगरौली जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विपक्ष की आवाज़ दबाने के उद्देश्य से इस तरह की कार्रवाई की जा रही है, जिसका पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपने की बात कही।1
- मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में संचालित 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान सिंगरौली जिले में जनआंदोलन का रूप ले चुका है। इसके तहत ऑफिसर्स क्लब मोरवा और हिंडाल्को बरगवां में दो बड़े जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। मोरवा के कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के लगभग 400 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया, जहाँ नृत्य, लोकगीत, नुक्कड़ नाटक और प्रेरक भाषणों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस दौरान लोक कलाकार अशोक कुमार पाण्डेय एवं उनकी टीम ने लोकगीतों और प्रकाश राव एवं उनकी टीम ने यमराज की वेशभूषा में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दर्शकों को जागरूक किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक षियाज़ के.एम. ने युवाओं की ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, खेल, कला और राष्ट्र निर्माण में करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस की ज़ीरो टॉलरेंस नीति है और ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस अवसर पर अभियान को सफल बनाने वाले पुलिसकर्मियों, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। उधर हिंडाल्को बरगवां में आयोजित कार्यक्रम में करीब 300 श्रमिकों और कर्मचारियों ने भाग लिया। नाट्य मंचन के जरिए दिखाया गया कि नशा किस तरह पारिवारिक, सामाजिक और कार्यस्थल के जीवन को प्रभावित कर दुर्घटनाओं व अपराधों का कारण बनता है। पुलिस अधीक्षक ने श्रमिकों से अपने बच्चों के साथ समय बिताने और नशीले पदार्थों की सूचना पुलिस को देने की अपील की, जिसमें सूचनादाता की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया। अंत में सभी को नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही गोभा चौकी पुलिस ने बारघट्टा बाजार में विशेष जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया।2
- सिंगरौली जिले के देवसर बाजार की सुबह अब सूरज की पहली किरण से नहीं, बल्कि सड़क किनारे पलटी हुई किसी न किसी भारी गाड़ी की तस्वीर से होने लगी है। इलाके में हादसे अब आम बात बनते जा रहे हैं। सड़कों पर लगातार बढ़ता अतिक्रमण अब केवल अव्यवस्था नहीं रहा, बल्कि आम लोगों के लिए एक चलता-फिरता मौत का जाल बन चुका है। सड़कें लगातार सिकुड़ती जा रही हैं और वाहनों का आकार बड़ा होता जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदारों की चुप्पी उतनी ही लंबी होती जा रही है। बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि यदि रात के सन्नाटे में पलटने वाले ये ट्रक दिन की चहल-पहल के बीच पलट गए—जहाँ से हर पल सैकड़ों स्कूली बच्चे, महिलाएँ और बुजुर्ग गुजरते हैं—तो क्या इसे भी महज़ 'दुर्भाग्य' कहकर भुला दिया जाएगा? अब सीधे तौर पर यही सवाल पूछा जा रहा है कि क्या देवसर बाजार में अतिक्रमण हटाने के लिए पहले किसी की जान जाने का इंतजार किया जा रहा है या जिम्मेदार समय रहते जागेंगे और सड़कों को मौत के मुहाने से वापस लाएंगे। यह साफ कर दिया गया है कि हादसे कभी अचानक नहीं होते, बल्कि उन्हें लापरवाही और अतिक्रमण मिलकर पैदा करते हैं।1