उदयपुर जिले की मावली तहसील के अंतर्गत आने वाले डबोक गांव की हालत बेहद खराब है, जहां डबोक इंटरनेशनल एयरपोर्ट स्थित होने के बावजूद इस गांव की सुध लेने वाला कोई नहीं है। गांव की इस बदहाली से नाराज लोगों का कहना है कि सरपंच साहब सीधे तौर पर बोल देते हैं कि न तो सरकार के पास पैसा है और न ही उनके पास कोई बजट है। ग्रामीणों के अनुसार, कचरा दिखाने के लिए उन्होंने पंचायत कार्यालय के पास कचरा डाला था, लेकिन उसे साफ कराने की बजाय सरपंच ने उसे पंचायत के ठीक सामने ही नाली में डलवा दिया। सरपंच की इस कार्यप्रणाली से नाराज होकर लोग आरोप लगा रहे हैं कि सभी मिलकर गांव को लूटने में लगे हुए हैं। इस अव्यवस्था के खिलाफ गांव के युवा साथी सुबह 9 बजे से ही पंचायत कार्यालय पर जमा हो गए थे, लेकिन दोपहर 2 बजे तक भी सरपंच वहां नहीं पहुंचे। जब सरपंच ने युवाओं को गांव में बुलाकर बात करने को कहा और युवाओं ने उन्हें पंचायत कार्यालय आने को बोला, तो सरपंच ने यह कहकर आने से मना कर दिया कि वहां कोई नहीं है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब काम ही नहीं करना तो सरकार इन्हें किस बात का पैसा दे रही है।
उदयपुर जिले की मावली तहसील के अंतर्गत आने वाले डबोक गांव की हालत बेहद खराब है, जहां डबोक इंटरनेशनल एयरपोर्ट स्थित होने के बावजूद इस गांव की सुध लेने वाला कोई नहीं है। गांव की इस बदहाली से नाराज लोगों का कहना है कि सरपंच साहब सीधे तौर पर बोल देते हैं कि
न तो सरकार के पास पैसा है और न ही उनके पास कोई बजट है। ग्रामीणों के अनुसार, कचरा दिखाने के लिए उन्होंने पंचायत कार्यालय के पास कचरा डाला था, लेकिन उसे साफ कराने की बजाय सरपंच ने उसे पंचायत के ठीक सामने ही नाली में डलवा दिया। सरपंच की इस कार्यप्रणाली से नाराज
होकर लोग आरोप लगा रहे हैं कि सभी मिलकर गांव को लूटने में लगे हुए हैं। इस अव्यवस्था के खिलाफ गांव के युवा साथी सुबह 9 बजे से ही पंचायत कार्यालय पर जमा हो गए थे, लेकिन दोपहर 2 बजे तक भी सरपंच वहां नहीं पहुंचे। जब सरपंच ने युवाओं को गांव में बुलाकर
बात करने को कहा और युवाओं ने उन्हें पंचायत कार्यालय आने को बोला, तो सरपंच ने यह कहकर आने से मना कर दिया कि वहां कोई नहीं है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब काम ही नहीं करना तो सरकार इन्हें किस बात का पैसा दे रही है।
- उदयपुर के डबोक गांव के सरपंच भगवती लाल पाटीदार के खिलाफ गांव के युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। युवाओं का आरोप है कि सरपंच पिछले तीन महीने से उन्हें विकास कार्यों के नाम पर केवल झूठा आश्वासन दे रहे हैं। जब युवाओं ने गांव में सफाई और विकास की मांग की, तो सरपंच ने साफ कह दिया कि न तो पंचायत के पास पैसा है और न ही राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार के पास कोई बजट है, जिससे विकास के लिए कोई पैसा पास नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तीन महीने पहले गांव के युवाओं ने मिलकर सरपंच से कचरा पात्र लगवाने और सफाई करवाने की मांग की थी, क्योंकि गंदगी के कारण पूरे गांव में बीमारियां फैल रही हैं। इसके अलावा, महादेव जी के मंदिर के पास डाले जाने वाले कचरे को वहां से हटवा कर दूसरी जगह डलवाने की भी मांग की गई थी। इस समस्या के समाधान के बजाय आज सुबह 10 बजे जब युवा ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचे, तो वहां न तो सरपंच, उप-सरपंच, सचिव मिले और न ही कोई स्टाफ मौजूद था। इस गंदगी और अव्यवस्था से परेशान होकर युवाओं ने यह कदम उठाया है। उनका सीधा आरोप है कि पिछले 5 सालों में पंचायत से जो भी पैसा पास हुआ है, उससे विकास कार्य करने के बजाय सिर्फ अपना घर भरने का काम किया गया है और ग्रामीणों को पागल बनाया गया है। युवाओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि गांव को ऐसे झूठे नेताओं की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने मांग की है कि गांव को कोई युवा या शिक्षित सरपंच मिलना चाहिए, जो ग्रामीणों की बात सुनकर डबोक गांव का वास्तविक विकास कर सके।4
- उदयपुर जिले की मावली तहसील के अंतर्गत आने वाले डबोक गांव की हालत बेहद खराब है, जहां डबोक इंटरनेशनल एयरपोर्ट स्थित होने के बावजूद इस गांव की सुध लेने वाला कोई नहीं है। गांव की इस बदहाली से नाराज लोगों का कहना है कि सरपंच साहब सीधे तौर पर बोल देते हैं कि न तो सरकार के पास पैसा है और न ही उनके पास कोई बजट है। ग्रामीणों के अनुसार, कचरा दिखाने के लिए उन्होंने पंचायत कार्यालय के पास कचरा डाला था, लेकिन उसे साफ कराने की बजाय सरपंच ने उसे पंचायत के ठीक सामने ही नाली में डलवा दिया। सरपंच की इस कार्यप्रणाली से नाराज होकर लोग आरोप लगा रहे हैं कि सभी मिलकर गांव को लूटने में लगे हुए हैं। इस अव्यवस्था के खिलाफ गांव के युवा साथी सुबह 9 बजे से ही पंचायत कार्यालय पर जमा हो गए थे, लेकिन दोपहर 2 बजे तक भी सरपंच वहां नहीं पहुंचे। जब सरपंच ने युवाओं को गांव में बुलाकर बात करने को कहा और युवाओं ने उन्हें पंचायत कार्यालय आने को बोला, तो सरपंच ने यह कहकर आने से मना कर दिया कि वहां कोई नहीं है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब काम ही नहीं करना तो सरकार इन्हें किस बात का पैसा दे रही है।4
- प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा बुधवार शाम को उदयपुर के डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पहुंचे। हवाई अड्डे और सर्किट हाउस में स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने उनकी भव्य अगवानी कर उनका स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री गुरुवार सुबह 10 बजे सेवा भारती योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के लोकार्पण समारोह में भाग लेंगे। इसके बाद, वह उसी दिन शाम 6 बजे विमान द्वारा जयपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।1
- राजस्थान के रेलमगरा तहसील कार्यालय में नवनियुक्त तहसीलदार सतीश पाटीदार ने पदभार ग्रहण कर विधिवत रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। तहसीलदार सतीश पाटीदार ने बताया कि तहसील कार्यालय में आने वाले प्रत्येक नागरिक के राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि आमजन को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए कार्यालयीन कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी व जवाबदेह बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया है ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जा सके।2
- राजस्थान के राजसमंद में नेशनल हाइवे Nh162A पर स्थित कुरज गांव से शाम के समय का एक बेहद खूबसूरत नजारा सामने आया है।1
- धर्मनगरी उदयपुर में भगवान श्री जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उत्साह के साथ निकाली जाएगी। इस भव्य रथयात्रा का शुभारंभ 16 जुलाई को जगदीश चौक स्थित श्री जगदीश मंदिर से होगा, जहां से हजारों श्रद्धालु भगवान के रथ के साथ नगर भ्रमण करेंगे। तैयारियों के शुरू होने से उदयपुर में भक्ति और उल्लास का माहौल बना हुआ है।1
- उदयपुर जिले के मावली अंतर्गत डबोक गांव में पालेश्वर महादेव जी के बाहर फैले कचरे को साफ करने का वादा पूरा न होने पर लोगों ने अनोखा विरोध दर्ज कराया है। सरपंच ने इस कचरे को साफ करने के लिए एक महीने का समय मांगा था, जिसकी मियाद 10 जुलाई को पूरी हो चुकी है। आज 15 जुलाई 2026 होने के बावजूद जब वहां से कचरा नहीं हटाया गया, तो लोगों ने वहां का सारा कचरा उठाकर सीधे पंचायत कार्यालय के बाहर डाल दिया। इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्रशासक और सरपंच को गांव के विकास और सफाई व्यवस्था की याद दिलाना है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गंदगी फैल रही है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी सफाई कार्य की ओर ध्यान आकर्षित करने और सरपंच को उनका वादा याद दिलाने के लिए ही पंचायत के बाहर कचरा डालने का यह कदम उठाया गया है।2
- राजसमंद के नांदोली से न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया द्वारा जनहित में चारभुजा नाथ के दर्शन करवाए गए हैं। राजस्थान के राजसमंद जिले के नांदोली क्षेत्र से इस दर्शन को जनहित में प्रस्तुत किया गया है।1