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PH Summit–2026 के माध्यम से पल्मोनरी हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल लखनऊ, 07 अगस्त 2026। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा 08 एवं 09 अगस्त 2026 को PH Summit–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पल्मोनरी हाइपरटेंशन (Pulmonary Hypertension) जैसी गंभीर एवं अक्सर देर से पहचानी जाने वाली बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र निदान तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। विभागाध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पल्मोनरी हाइपरटेंशन फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में बढ़े हुए दबाव की स्थिति है, जो समय रहते पहचान न होने पर हृदय की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। सांस फूलना, थकान, चक्कर आना तथा सीने में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें सामान्य कमजोरी समझकर अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH) का प्रसार लगभग 2.28 प्रति एक लाख आबादी आंका गया है। भारत में इसका अनुमानित प्रसार लगभग 0.15 प्रति लाख आबादी है। जन्मजात हृदय रोग, संयोजी ऊतक रोग, क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारियां (विशेषकर COPD), किडनी रोग, धूम्रपान, प्रदूषण तथा कुछ दवाओं के प्रभाव से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में इडियोपैथिक PAH पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 70–80 प्रतिशत मरीजों में बीमारी की पहचान तब होती है जब वे WHO Functional Class III या IV की गंभीर अवस्था में पहुंच चुके होते हैं। लक्षण शुरू होने और सही निदान के बीच औसतन 1.5 से 2 वर्ष का अंतर देखा जाता है, जिसके कारण उपचार में देरी होती है और रोग की जटिलताएं बढ़ जाती हैं। प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि PH Summit–2026 में पल्मोनरी हाइपरटेंशन के जोखिम कारकों, स्क्रीनिंग, इकोकार्डियोग्राफी, फेफड़ों की कार्यक्षमता जांच, CT स्कैन, एक्सरसाइज टेस्ट तथा उन्नत उपचार विकल्पों पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को नवीनतम अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों और उपचार पद्धतियों से अवगत कराना है। इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. संदीप सहाय एवं डॉ. सैयद रेहान चौधरी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों में डॉ. दिग्विजय खेरा, डॉ. शुभ चौधरी, डॉ. शुभम जैन, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. प्रशांत चौपड़ा, डॉ. आकाश यादव, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. तारा जालान गुप्ता, डॉ. कृतिका सिंह, डॉ. गौरव चौधरी तथा डॉ. अपार जिंदल सहित अनेक विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में पल्मोनरी हाइपरटेंशन की जागरूकता, शीघ्र निदान, जोखिम वर्गीकरण तथा मरीज-केंद्रित उपचार रणनीतियों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र प्रसाद (रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग), प्रो. सूर्य कांत (कार्डियोलॉजी विभाग), प्रो. ऋषि सेठी (कार्डियो-थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग), प्रो. विवेक टंडन, प्रो. पुनीत कुमार, डॉ. अनुराग राय, डॉ. सचिन, डॉ. आरिफ, डॉ. अनुराग, डॉ. कृत्या त्यागी, डॉ. यश जायसवाल, डॉ. दीपक, डॉ. शुभम, डॉ. संदीप एवं डॉ. अर्पणा सहित विभाग के अनेक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। प्रो. वेद प्रकाश विभागाध्यक्ष पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग केजीएमयू, लखनऊ Report Sanjay Agarwal  TRINGEL NEWS LUCKNOW  8574663222 PH Summit–2026 के माध्यम से पल्मोनरी हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल लखनऊ, 07 अगस्त 2026। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा 08 एवं 09 अगस्त 2026 को PH Summit–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पल्मोनरी हाइपरटेंशन (Pulmonary Hypertension) जैसी गंभीर एवं अक्सर देर से पहचानी जाने वाली बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र निदान तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। विभागाध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पल्मोनरी हाइपरटेंशन फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में बढ़े हुए दबाव की स्थिति है, जो समय रहते पहचान न होने पर हृदय की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। सांस फूलना, थकान, चक्कर आना तथा सीने में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें सामान्य कमजोरी समझकर अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH) का प्रसार लगभग 2.28 प्रति एक लाख आबादी आंका गया है। भारत में इसका अनुमानित प्रसार लगभग 0.15 प्रति लाख आबादी है। जन्मजात हृदय रोग, संयोजी ऊतक रोग, क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारियां (विशेषकर COPD), किडनी रोग, धूम्रपान, प्रदूषण तथा कुछ दवाओं के प्रभाव से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में इडियोपैथिक PAH पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 70–80 प्रतिशत मरीजों में बीमारी की पहचान तब होती है जब वे WHO Functional Class III या IV की गंभीर अवस्था में पहुंच चुके होते हैं। लक्षण शुरू होने और सही निदान के बीच औसतन 1.5 से 2 वर्ष का अंतर देखा जाता है, जिसके कारण उपचार में देरी होती है और रोग की जटिलताएं बढ़ जाती हैं। प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि PH Summit–2026 में पल्मोनरी हाइपरटेंशन के जोखिम कारकों, स्क्रीनिंग, इकोकार्डियोग्राफी, फेफड़ों की कार्यक्षमता जांच, CT स्कैन, एक्सरसाइज टेस्ट तथा उन्नत उपचार विकल्पों पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को नवीनतम अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों और उपचार पद्धतियों से अवगत कराना है। इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. संदीप सहाय एवं डॉ. सैयद रेहान चौधरी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों में डॉ. दिग्विजय खेरा, डॉ. शुभ चौधरी, डॉ. शुभम जैन, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. प्रशांत चौपड़ा, डॉ. आकाश यादव, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. तारा जालान गुप्ता, डॉ. कृतिका सिंह, डॉ. गौरव चौधरी तथा डॉ. अपार जिंदल सहित अनेक विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में पल्मोनरी हाइपरटेंशन की जागरूकता, शीघ्र निदान, जोखिम वर्गीकरण तथा मरीज-केंद्रित उपचार रणनीतियों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र प्रसाद (रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग), प्रो. सूर्य कांत (कार्डियोलॉजी विभाग), प्रो. ऋषि सेठी (कार्डियो-थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग), प्रो. विवेक टंडन, प्रो. पुनीत कुमार, डॉ. अनुराग राय, डॉ. सचिन, डॉ. आरिफ, डॉ. अनुराग, डॉ. कृत्या त्यागी, डॉ. यश जायसवाल, डॉ. दीपक, डॉ. शुभम, डॉ. संदीप एवं डॉ. अर्पणा सहित विभाग के अनेक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। प्रो. वेद प्रकाश विभागाध्यक्ष पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग केजीएमयू, लखनऊ Report Sanjay Agarwal  TRINGEL NEWS LUCKNOW  8574663222

53 min ago
user_Reporter Sanjay Agrawal
Reporter Sanjay Agrawal
Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
53 min ago

PH Summit–2026 के माध्यम से पल्मोनरी हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल लखनऊ, 07 अगस्त 2026। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा 08 एवं 09 अगस्त 2026 को PH Summit–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पल्मोनरी हाइपरटेंशन (Pulmonary Hypertension) जैसी गंभीर एवं अक्सर देर से पहचानी जाने वाली बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र निदान तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। विभागाध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पल्मोनरी हाइपरटेंशन फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में बढ़े हुए दबाव की स्थिति है, जो समय रहते पहचान न होने पर हृदय की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। सांस फूलना, थकान, चक्कर आना तथा सीने में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें सामान्य कमजोरी समझकर अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH) का प्रसार लगभग 2.28 प्रति एक लाख आबादी आंका गया है। भारत में इसका अनुमानित प्रसार लगभग 0.15 प्रति लाख आबादी है। जन्मजात हृदय रोग, संयोजी ऊतक रोग, क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारियां (विशेषकर COPD), किडनी रोग, धूम्रपान, प्रदूषण तथा कुछ दवाओं के प्रभाव से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में इडियोपैथिक PAH पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 70–80 प्रतिशत मरीजों में बीमारी की पहचान तब होती है जब वे WHO Functional Class III या IV की गंभीर अवस्था में पहुंच चुके होते हैं। लक्षण शुरू होने और सही निदान के बीच औसतन 1.5 से 2 वर्ष का अंतर देखा जाता है, जिसके कारण उपचार में देरी होती है और रोग की जटिलताएं बढ़ जाती हैं। प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि PH Summit–2026 में पल्मोनरी हाइपरटेंशन के जोखिम कारकों, स्क्रीनिंग, इकोकार्डियोग्राफी, फेफड़ों की कार्यक्षमता जांच, CT स्कैन, एक्सरसाइज टेस्ट तथा उन्नत उपचार विकल्पों पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को नवीनतम अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों और उपचार पद्धतियों से अवगत कराना है। इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. संदीप सहाय एवं डॉ.

सैयद रेहान चौधरी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों में डॉ. दिग्विजय खेरा, डॉ. शुभ चौधरी, डॉ. शुभम जैन, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. प्रशांत चौपड़ा, डॉ. आकाश यादव, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. तारा जालान गुप्ता, डॉ. कृतिका सिंह, डॉ. गौरव चौधरी तथा डॉ. अपार जिंदल सहित अनेक विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में पल्मोनरी हाइपरटेंशन की जागरूकता, शीघ्र निदान, जोखिम वर्गीकरण तथा मरीज-केंद्रित उपचार रणनीतियों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र प्रसाद (रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग), प्रो. सूर्य कांत (कार्डियोलॉजी विभाग), प्रो. ऋषि सेठी (कार्डियो-थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग), प्रो. विवेक टंडन, प्रो. पुनीत कुमार, डॉ. अनुराग राय, डॉ. सचिन, डॉ. आरिफ, डॉ. अनुराग, डॉ. कृत्या त्यागी, डॉ. यश जायसवाल, डॉ. दीपक, डॉ. शुभम, डॉ. संदीप एवं डॉ. अर्पणा सहित विभाग के अनेक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। प्रो. वेद प्रकाश विभागाध्यक्ष पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग केजीएमयू, लखनऊ Report Sanjay Agarwal  TRINGEL NEWS LUCKNOW  8574663222 PH Summit–2026 के माध्यम से पल्मोनरी हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल लखनऊ, 07 अगस्त 2026। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा 08 एवं 09 अगस्त 2026 को PH Summit–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पल्मोनरी हाइपरटेंशन (Pulmonary Hypertension) जैसी गंभीर एवं अक्सर देर से पहचानी जाने वाली बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र निदान तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। विभागाध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पल्मोनरी हाइपरटेंशन फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में बढ़े हुए दबाव की स्थिति है, जो समय रहते पहचान न होने पर हृदय की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। सांस फूलना, थकान, चक्कर आना तथा सीने में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें सामान्य कमजोरी समझकर अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH) का प्रसार लगभग 2.28 प्रति एक लाख आबादी आंका गया है। भारत में इसका अनुमानित प्रसार लगभग 0.15 प्रति लाख आबादी है। जन्मजात हृदय

रोग, संयोजी ऊतक रोग, क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारियां (विशेषकर COPD), किडनी रोग, धूम्रपान, प्रदूषण तथा कुछ दवाओं के प्रभाव से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में इडियोपैथिक PAH पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 70–80 प्रतिशत मरीजों में बीमारी की पहचान तब होती है जब वे WHO Functional Class III या IV की गंभीर अवस्था में पहुंच चुके होते हैं। लक्षण शुरू होने और सही निदान के बीच औसतन 1.5 से 2 वर्ष का अंतर देखा जाता है, जिसके कारण उपचार में देरी होती है और रोग की जटिलताएं बढ़ जाती हैं। प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि PH Summit–2026 में पल्मोनरी हाइपरटेंशन के जोखिम कारकों, स्क्रीनिंग, इकोकार्डियोग्राफी, फेफड़ों की कार्यक्षमता जांच, CT स्कैन, एक्सरसाइज टेस्ट तथा उन्नत उपचार विकल्पों पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को नवीनतम अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों और उपचार पद्धतियों से अवगत कराना है। इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. संदीप सहाय एवं डॉ. सैयद रेहान चौधरी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों में डॉ. दिग्विजय खेरा, डॉ. शुभ चौधरी, डॉ. शुभम जैन, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. प्रशांत चौपड़ा, डॉ. आकाश यादव, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. तारा जालान गुप्ता, डॉ. कृतिका सिंह, डॉ. गौरव चौधरी तथा डॉ. अपार जिंदल सहित अनेक विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में पल्मोनरी हाइपरटेंशन की जागरूकता, शीघ्र निदान, जोखिम वर्गीकरण तथा मरीज-केंद्रित उपचार रणनीतियों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र प्रसाद (रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग), प्रो. सूर्य कांत (कार्डियोलॉजी विभाग), प्रो. ऋषि सेठी (कार्डियो-थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग), प्रो. विवेक टंडन, प्रो. पुनीत कुमार, डॉ. अनुराग राय, डॉ. सचिन, डॉ. आरिफ, डॉ. अनुराग, डॉ. कृत्या त्यागी, डॉ. यश जायसवाल, डॉ. दीपक, डॉ. शुभम, डॉ. संदीप एवं डॉ. अर्पणा सहित विभाग के अनेक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। प्रो. वेद प्रकाश विभागाध्यक्ष पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग केजीएमयू, लखनऊ Report Sanjay Agarwal  TRINGEL NEWS LUCKNOW  8574663222

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    user_Journalist prabhat kashyap
    Journalist prabhat kashyap
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    13 min ago
  • PH Summit–2026 के माध्यम से पल्मोनरी हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल लखनऊ, 07 अगस्त 2026। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा 08 एवं 09 अगस्त 2026 को PH Summit–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पल्मोनरी हाइपरटेंशन (Pulmonary Hypertension) जैसी गंभीर एवं अक्सर देर से पहचानी जाने वाली बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र निदान तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। विभागाध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पल्मोनरी हाइपरटेंशन फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में बढ़े हुए दबाव की स्थिति है, जो समय रहते पहचान न होने पर हृदय की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। सांस फूलना, थकान, चक्कर आना तथा सीने में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें सामान्य कमजोरी समझकर अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH) का प्रसार लगभग 2.28 प्रति एक लाख आबादी आंका गया है। भारत में इसका अनुमानित प्रसार लगभग 0.15 प्रति लाख आबादी है। जन्मजात हृदय रोग, संयोजी ऊतक रोग, क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारियां (विशेषकर COPD), किडनी रोग, धूम्रपान, प्रदूषण तथा कुछ दवाओं के प्रभाव से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में इडियोपैथिक PAH पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 70–80 प्रतिशत मरीजों में बीमारी की पहचान तब होती है जब वे WHO Functional Class III या IV की गंभीर अवस्था में पहुंच चुके होते हैं। लक्षण शुरू होने और सही निदान के बीच औसतन 1.5 से 2 वर्ष का अंतर देखा जाता है, जिसके कारण उपचार में देरी होती है और रोग की जटिलताएं बढ़ जाती हैं। प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि PH Summit–2026 में पल्मोनरी हाइपरटेंशन के जोखिम कारकों, स्क्रीनिंग, इकोकार्डियोग्राफी, फेफड़ों की कार्यक्षमता जांच, CT स्कैन, एक्सरसाइज टेस्ट तथा उन्नत उपचार विकल्पों पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को नवीनतम अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों और उपचार पद्धतियों से अवगत कराना है। इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. संदीप सहाय एवं डॉ. सैयद रेहान चौधरी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों में डॉ. दिग्विजय खेरा, डॉ. शुभ चौधरी, डॉ. शुभम जैन, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. प्रशांत चौपड़ा, डॉ. आकाश यादव, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. तारा जालान गुप्ता, डॉ. कृतिका सिंह, डॉ. गौरव चौधरी तथा डॉ. अपार जिंदल सहित अनेक विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में पल्मोनरी हाइपरटेंशन की जागरूकता, शीघ्र निदान, जोखिम वर्गीकरण तथा मरीज-केंद्रित उपचार रणनीतियों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र प्रसाद (रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग), प्रो. सूर्य कांत (कार्डियोलॉजी विभाग), प्रो. ऋषि सेठी (कार्डियो-थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग), प्रो. विवेक टंडन, प्रो. पुनीत कुमार, डॉ. अनुराग राय, डॉ. सचिन, डॉ. आरिफ, डॉ. अनुराग, डॉ. कृत्या त्यागी, डॉ. यश जायसवाल, डॉ. दीपक, डॉ. शुभम, डॉ. संदीप एवं डॉ. अर्पणा सहित विभाग के अनेक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। प्रो. वेद प्रकाश विभागाध्यक्ष पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग केजीएमयू, लखनऊ Report Sanjay Agarwal  TRINGEL NEWS LUCKNOW  8574663222 PH Summit–2026 के माध्यम से पल्मोनरी हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल लखनऊ, 07 अगस्त 2026। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा 08 एवं 09 अगस्त 2026 को PH Summit–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पल्मोनरी हाइपरटेंशन (Pulmonary Hypertension) जैसी गंभीर एवं अक्सर देर से पहचानी जाने वाली बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र निदान तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। विभागाध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पल्मोनरी हाइपरटेंशन फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में बढ़े हुए दबाव की स्थिति है, जो समय रहते पहचान न होने पर हृदय की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। सांस फूलना, थकान, चक्कर आना तथा सीने में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें सामान्य कमजोरी समझकर अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH) का प्रसार लगभग 2.28 प्रति एक लाख आबादी आंका गया है। भारत में इसका अनुमानित प्रसार लगभग 0.15 प्रति लाख आबादी है। जन्मजात हृदय रोग, संयोजी ऊतक रोग, क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारियां (विशेषकर COPD), किडनी रोग, धूम्रपान, प्रदूषण तथा कुछ दवाओं के प्रभाव से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में इडियोपैथिक PAH पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 70–80 प्रतिशत मरीजों में बीमारी की पहचान तब होती है जब वे WHO Functional Class III या IV की गंभीर अवस्था में पहुंच चुके होते हैं। लक्षण शुरू होने और सही निदान के बीच औसतन 1.5 से 2 वर्ष का अंतर देखा जाता है, जिसके कारण उपचार में देरी होती है और रोग की जटिलताएं बढ़ जाती हैं। प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि PH Summit–2026 में पल्मोनरी हाइपरटेंशन के जोखिम कारकों, स्क्रीनिंग, इकोकार्डियोग्राफी, फेफड़ों की कार्यक्षमता जांच, CT स्कैन, एक्सरसाइज टेस्ट तथा उन्नत उपचार विकल्पों पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को नवीनतम अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों और उपचार पद्धतियों से अवगत कराना है। इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. संदीप सहाय एवं डॉ. सैयद रेहान चौधरी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों में डॉ. दिग्विजय खेरा, डॉ. शुभ चौधरी, डॉ. शुभम जैन, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. प्रशांत चौपड़ा, डॉ. आकाश यादव, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. तारा जालान गुप्ता, डॉ. कृतिका सिंह, डॉ. गौरव चौधरी तथा डॉ. अपार जिंदल सहित अनेक विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में पल्मोनरी हाइपरटेंशन की जागरूकता, शीघ्र निदान, जोखिम वर्गीकरण तथा मरीज-केंद्रित उपचार रणनीतियों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र प्रसाद (रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग), प्रो. सूर्य कांत (कार्डियोलॉजी विभाग), प्रो. ऋषि सेठी (कार्डियो-थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग), प्रो. विवेक टंडन, प्रो. पुनीत कुमार, डॉ. अनुराग राय, डॉ. सचिन, डॉ. आरिफ, डॉ. अनुराग, डॉ. कृत्या त्यागी, डॉ. यश जायसवाल, डॉ. दीपक, डॉ. शुभम, डॉ. संदीप एवं डॉ. अर्पणा सहित विभाग के अनेक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। प्रो. वेद प्रकाश विभागाध्यक्ष पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग केजीएमयू, लखनऊ Report Sanjay Agarwal  TRINGEL NEWS LUCKNOW  8574663222
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    PH Summit–2026 के माध्यम से पल्मोनरी हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल

लखनऊ, 07 अगस्त 2026।

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा 08 एवं 09 अगस्त 2026 को PH Summit–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पल्मोनरी हाइपरटेंशन (Pulmonary Hypertension) जैसी गंभीर एवं अक्सर देर से पहचानी जाने वाली बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र निदान तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

विभागाध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पल्मोनरी हाइपरटेंशन फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में बढ़े हुए दबाव की स्थिति है, जो समय रहते पहचान न होने पर हृदय की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। सांस फूलना, थकान, चक्कर आना तथा सीने में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें सामान्य कमजोरी समझकर अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH) का प्रसार लगभग 2.28 प्रति एक लाख आबादी आंका गया है। भारत में इसका अनुमानित प्रसार लगभग 0.15 प्रति लाख आबादी है। जन्मजात हृदय रोग, संयोजी ऊतक रोग, क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारियां (विशेषकर COPD), किडनी रोग, धूम्रपान, प्रदूषण तथा कुछ दवाओं के प्रभाव से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में इडियोपैथिक PAH पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 70–80 प्रतिशत मरीजों में बीमारी की पहचान तब होती है जब वे WHO Functional Class III या IV की गंभीर अवस्था में पहुंच चुके होते हैं। लक्षण शुरू होने और सही निदान के बीच औसतन 1.5 से 2 वर्ष का अंतर देखा जाता है, जिसके कारण उपचार में देरी होती है और रोग की जटिलताएं बढ़ जाती हैं।

प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि PH Summit–2026 में पल्मोनरी हाइपरटेंशन के जोखिम कारकों, स्क्रीनिंग, इकोकार्डियोग्राफी, फेफड़ों की कार्यक्षमता जांच, CT स्कैन, एक्सरसाइज टेस्ट तथा उन्नत उपचार विकल्पों पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को नवीनतम अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों और उपचार पद्धतियों से अवगत कराना है।

इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. संदीप सहाय एवं डॉ. सैयद रेहान चौधरी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों में डॉ. दिग्विजय खेरा, डॉ. शुभ चौधरी, डॉ. शुभम जैन, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. प्रशांत चौपड़ा, डॉ. आकाश यादव, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. तारा जालान गुप्ता, डॉ. कृतिका सिंह, डॉ. गौरव चौधरी तथा डॉ. अपार जिंदल सहित अनेक विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे।

उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में पल्मोनरी हाइपरटेंशन की जागरूकता, शीघ्र निदान, जोखिम वर्गीकरण तथा मरीज-केंद्रित उपचार रणनीतियों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र प्रसाद (रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग), प्रो. सूर्य कांत (कार्डियोलॉजी विभाग), प्रो. ऋषि सेठी (कार्डियो-थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग), प्रो. विवेक टंडन, प्रो. पुनीत कुमार, डॉ. अनुराग राय, डॉ. सचिन, डॉ. आरिफ, डॉ. अनुराग, डॉ. कृत्या त्यागी, डॉ. यश जायसवाल, डॉ. दीपक, डॉ. शुभम, डॉ. संदीप एवं डॉ. अर्पणा सहित विभाग के अनेक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे।

प्रो. वेद प्रकाश

विभागाध्यक्ष

पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग

केजीएमयू, लखनऊ

Report Sanjay Agarwal 

TRINGEL NEWS LUCKNOW 

8574663222


PH Summit–2026 के माध्यम से पल्मोनरी हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल
लखनऊ, 07 अगस्त 2026।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा 08 एवं 09 अगस्त 2026 को PH Summit–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पल्मोनरी हाइपरटेंशन (Pulmonary Hypertension) जैसी गंभीर एवं अक्सर देर से पहचानी जाने वाली बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र निदान तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
विभागाध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पल्मोनरी हाइपरटेंशन फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में बढ़े हुए दबाव की स्थिति है, जो समय रहते पहचान न होने पर हृदय की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। सांस फूलना, थकान, चक्कर आना तथा सीने में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें सामान्य कमजोरी समझकर अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH) का प्रसार लगभग 2.28 प्रति एक लाख आबादी आंका गया है। भारत में इसका अनुमानित प्रसार लगभग 0.15 प्रति लाख आबादी है। जन्मजात हृदय रोग, संयोजी ऊतक रोग, क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारियां (विशेषकर COPD), किडनी रोग, धूम्रपान, प्रदूषण तथा कुछ दवाओं के प्रभाव से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में इडियोपैथिक PAH पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 70–80 प्रतिशत मरीजों में बीमारी की पहचान तब होती है जब वे WHO Functional Class III या IV की गंभीर अवस्था में पहुंच चुके होते हैं। लक्षण शुरू होने और सही निदान के बीच औसतन 1.5 से 2 वर्ष का अंतर देखा जाता है, जिसके कारण उपचार में देरी होती है और रोग की जटिलताएं बढ़ जाती हैं।
प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि PH Summit–2026 में पल्मोनरी हाइपरटेंशन के जोखिम कारकों, स्क्रीनिंग, इकोकार्डियोग्राफी, फेफड़ों की कार्यक्षमता जांच, CT स्कैन, एक्सरसाइज टेस्ट तथा उन्नत उपचार विकल्पों पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को नवीनतम अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों और उपचार पद्धतियों से अवगत कराना है।
इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. संदीप सहाय एवं डॉ. सैयद रेहान चौधरी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों में डॉ. दिग्विजय खेरा, डॉ. शुभ चौधरी, डॉ. शुभम जैन, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. प्रशांत चौपड़ा, डॉ. आकाश यादव, डॉ. सत्यवीर यादव, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. तारा जालान गुप्ता, डॉ. कृतिका सिंह, डॉ. गौरव चौधरी तथा डॉ. अपार जिंदल सहित अनेक विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे।
उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में पल्मोनरी हाइपरटेंशन की जागरूकता, शीघ्र निदान, जोखिम वर्गीकरण तथा मरीज-केंद्रित उपचार रणनीतियों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र प्रसाद (रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग), प्रो. सूर्य कांत (कार्डियोलॉजी विभाग), प्रो. ऋषि सेठी (कार्डियो-थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग), प्रो. विवेक टंडन, प्रो. पुनीत कुमार, डॉ. अनुराग राय, डॉ. सचिन, डॉ. आरिफ, डॉ. अनुराग, डॉ. कृत्या त्यागी, डॉ. यश जायसवाल, डॉ. दीपक, डॉ. शुभम, डॉ. संदीप एवं डॉ. अर्पणा सहित विभाग के अनेक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे।
प्रो. वेद प्रकाश
विभागाध्यक्ष
पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग
केजीएमयू, लखनऊ
Report Sanjay Agarwal 
TRINGEL NEWS LUCKNOW 
8574663222
    user_Reporter Sanjay Agrawal
    Reporter Sanjay Agrawal
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    53 min ago
  • लखनऊ- यूपी चुनाव-2027 को लेकर आजाद अधिकार सेना ने राजनीतिक दलों से 10 सवाल तय किए। अमिताभ ठाकुर ने कहा- समर्थन से पहले प्रमुख दलों से ‘संविधान की कसौटी पर 10 प्रश्न’। चुनावी गठबंधन राजनीतिक सुविधा नहीं, संविधान और सुशासन पर आधारित होने की बात कही। पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक अधिकारों पर दलों से स्पष्ट प्रतिबद्धता मांगी जाएगी। अगले कुछ दिनों में ‘संविधान की कसौटी पर 10 प्रश्न’ सार्वजनिक किए जाएंगे। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को सवाल लिखित रूप से भेजे जाने की जानकारी दी। राजनीतिक दलों के जवाब बिना बदलाव जनता के सामने रखने का ऐलान। अमिताभ ठाकुर बोले- जनता से जनादेश मांगने वाले दल संवैधानिक सवालों का जवाब दें।।
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    लखनऊ- यूपी चुनाव-2027 को लेकर आजाद अधिकार सेना ने राजनीतिक दलों से 10 सवाल तय किए। अमिताभ ठाकुर ने कहा- समर्थन से पहले प्रमुख दलों से ‘संविधान की कसौटी पर 10 प्रश्न’। चुनावी गठबंधन राजनीतिक सुविधा नहीं, संविधान और सुशासन पर आधारित होने की बात कही। पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक अधिकारों पर दलों से स्पष्ट प्रतिबद्धता मांगी जाएगी। अगले कुछ दिनों में ‘संविधान की कसौटी पर 10 प्रश्न’ सार्वजनिक किए जाएंगे। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को सवाल लिखित रूप से भेजे जाने की जानकारी दी। राजनीतिक दलों के जवाब बिना बदलाव जनता के सामने रखने का ऐलान। अमिताभ ठाकुर बोले- जनता से जनादेश मांगने वाले दल संवैधानिक सवालों का जवाब दें।।
    user_Journalist Rais Lucknow
    Journalist Rais Lucknow
    लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अभिषेक राय गोमती नगर विस्तर खरगापुर पीली कॉलोनी ईडब्ल्यूएस लखनऊ ने विद्युत विभाग के द्वारा विद्युत चोरी का आरोप लगाया मैं कल तक 24 * 7 दयाशंकर यादव लखनऊ ज्ञात सूत्रों के अनुसार पता चला है कि गोमती नगर विस्तार में 2008 द्वारा एलडीए द्वारा निर्मित भवन में हजारों की संख्या में रह रहे अवैध रूप से बिजली चोरी एवं विभाग की मिली भगत से सरकार का लाखों रुपए महीने का गण हो रहा है इसकी शिकायत कई बार किया गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई कल तक 24 * 7 लखनऊ
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    अभिषेक राय गोमती नगर विस्तर खरगापुर पीली कॉलोनी ईडब्ल्यूएस लखनऊ ने विद्युत विभाग के द्वारा विद्युत चोरी का आरोप लगाया
मैं कल तक 24 * 7 दयाशंकर यादव लखनऊ  ज्ञात सूत्रों के अनुसार पता चला है कि गोमती नगर विस्तार में 2008 द्वारा एलडीए द्वारा निर्मित भवन में हजारों की संख्या में रह रहे अवैध रूप से बिजली चोरी एवं विभाग की मिली भगत से सरकार का लाखों रुपए महीने का गण हो रहा है इसकी शिकायत कई बार किया गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई कल तक 24 * 7 लखनऊ
    user_DAYA SHANKAR
    DAYA SHANKAR
    Photographer Sadar, Lucknow•
    3 hrs ago
  • Is this the future we're providing for our children? The difference in these school meals is heartbreaking. Every student deserves a balanced lunch. Do you think it's time for a major policy shift? MiddayMeal ChildHealth EducationSystem Is this the future we're providing for our children? The difference in these school meals is heartbreaking. Every student deserves a balanced lunch. Do you think it's time for a major policy shift?MiddayMeal ChildHealth EducationSystem
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    Is this the future we're providing for our children? The difference in these school meals is heartbreaking. Every student deserves a balanced lunch. Do you think it's time for a major policy shift? MiddayMeal ChildHealth EducationSystem
Is this the future we're providing for our children? The difference in these school meals is heartbreaking. Every student deserves a balanced lunch. Do you think it's time for a major policy shift?MiddayMeal ChildHealth EducationSystem
    user_Harsha Media Uttar Pradesh
    Harsha Media Uttar Pradesh
    Tenant ownership सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • लखनऊ: CM योगी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस-2026 पर बुनकरों को किया सम्मानित। लोकभवन में हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी का CM योगी ने किया अवलोकन। उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार मिला। CM योगी ने लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए। हैंडलूम और पावरलूम योजनाओं के लाभार्थियों को मिली आर्थिक मदद। हथकरघा उत्पादों के निर्यात बढ़ाने के लिए कई एमओयू हुए। टाटा समूह की टनेरा समेत कई संस्थाओं से हुआ समझौता। राकेश सचान ने CM योगी को राधा-कृष्ण की कलाकृति भेंट की। प्रदेश में 3 लाख से अधिक हथकरघे संचालित: राकेश सचान। बुनकरों के सशक्तीकरण के लिए सरकार लगातार कर रही काम। हजारों हथकरघा और पावरलूम बुनकरों को मिल चुकी आर्थिक सहायता। UP राज्य हथकरघा निगम ने इस वर्ष 38 लाख का लाभ अर्जित किया। PM मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क से वस्त्र उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार। संत कबीर टेक्सटाइल पार्क से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर। हथकरघा क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम। लखनऊ: CM योगी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस-2026 पर बुनकरों को किया सम्मानित।
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    लखनऊ: CM योगी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस-2026 पर बुनकरों को किया सम्मानित।

लोकभवन में हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी का CM योगी ने किया अवलोकन।

उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार मिला।

CM योगी ने लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए।

हैंडलूम और पावरलूम योजनाओं के लाभार्थियों को मिली आर्थिक मदद।

हथकरघा उत्पादों के निर्यात बढ़ाने के लिए कई एमओयू हुए।

टाटा समूह की टनेरा समेत कई संस्थाओं से हुआ समझौता।

राकेश सचान ने CM योगी को राधा-कृष्ण की कलाकृति भेंट की।

प्रदेश में 3 लाख से अधिक हथकरघे संचालित: राकेश सचान।

बुनकरों के सशक्तीकरण के लिए सरकार लगातार कर रही काम।

हजारों हथकरघा और पावरलूम बुनकरों को मिल चुकी आर्थिक सहायता।

UP राज्य हथकरघा निगम ने इस वर्ष 38 लाख का लाभ अर्जित किया।

PM मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क से वस्त्र उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार।

संत कबीर टेक्सटाइल पार्क से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर।

हथकरघा क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम।
लखनऊ: CM योगी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस-2026 पर बुनकरों को किया सम्मानित।
    user_Journalist Rais Lucknow
    Journalist Rais Lucknow
    लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दिल्ली/ लखनऊ: शुरू लोकल न्यूज एजेंसी नेटवर्क ऑल इंडिया उत्तर प्रदेश स्टेट मुख्यालय प्रमुख हेड संवाददाता लवकुश की खास रिपोर्ट उत्तर प्रदेश जिला रायबरेल से बड़ी खबर बहरूपिया फर्जी पागल अपराधी माफिया से परेशान उप्र पुलिस पीआरबी 112 ऐसे ही मामला जिले के रायबरेली का तहसील सलोन ब्लॉक का ऐसा एक मामला है एक युवक पूरे मोहल्ले में मचा रखा आतंक छुरी और लोहे की राड रख कर करता है आतंक पड़ोसियों से लेकर सभी को करता गाली गलौज गर्भवती महिलाओं को करता है छेड़छाड़ छत पर बैठकर गोली मारने की देता है धमकी हत्या होने की आशंका उत्तर प्रदेश का ऐसा एक मामला रायबरेली जिले का ब्लॉक सलोन आया है जहां पर पुलिस अभी तक कानों में जू तक नहीं रेग रहा है खोजी सूत्रों के हवाले से मिली है जानकारी रायबरेली जिले की सलोन तहसील क्षेत्र का एक गांव पंचायत किठवा माजरा महाराजगंज गांव है इस गांव में युवक राजकमल पटेल उर्फ राजा (इंजीनियर )उम्र 28 वर्ष पुत्र जय सिंह पटेल अपने आप को बाहुबली बताता है ग्रामीण और मोहल्ला लोगो ने बतया है कि कुछ समय पहले राजकमल का विवाह कुंडा के मानिकपुर उमा देवी के साथ में हुआ था युवक आए दिन पीके शराब पत्नी के साथ करता था मारपीट जब पत्नी आसपास पड़ोस वालों से मदद मांगती थी तो तो उसका पति प्रतिदिन सुबह शाम गाली गलौज लोगों को जान से मारने की धमकी भी देता था उमा देवी ने अपने मायके में सूचना अपने भाई को उसका भाई एक बाहर कहीं परदेस में एक नौकरी करता था उसका भाई जिस समय वहां से लौट के मानिकपुर पजामा आया अपनी माँ वारदात घटना बताई मां और उसका बेटा किठवा महाराजगंज घर आया लड़की के भाई और उसकी मां ने लड़के वालों के माता-पिता से हाथ पैर जोड़ विनती बार-बार करते रहे मेरी बेटी को अपने घर में सही तरीके से रखो लड़कों वालों के पुत्र राजकमल पटेल ने जान से मारने की धमकी भी दी अपनी पत्नी को मारपीट के घर से बाहर भी निकाल दिया पड़ोसियों मोहल्लों वालों ने लड़की पक्ष के लोगों को समझा बूझकर लड़की को भेजने के लिए कहा इतने में राजकमल लोहे की रड लेकर मारपीट करने लगा जबकि पत्नी के पास दो कपड़े पहनकर मायके गई थी उमा देवी ने बताया 4 मा का बच्चा हमारे पास मासूम है मेरा पति कहता है उसे मैं छीन कर मार के फेंक दूंगा पत्नी इतनी भयभीत है जब पुलिस से मदद मांगती है उमा देवी का पति राजकमल पटेल पुलिस को अपने आप को इंजीनियर विक्षिप्त पागल भी बताता है आखिर कौन सी ऐसी कड़ी अपराधी की पुलिस से जुड़ी हुई है गांव से लेकर ससुराल तक आतंक ढाये हुए है किठवा महाराजगंज गांव में राजकमल पटेल मोहल्ले में पड़ोसियों से गाली गलौज करता किसी के दांत से काट लेता है किसी को झूठा मोबाइल चोरी का अरोप भी लगता है माता-पिता के बढ़ावे बल से के पनप रहा है इतना ही नहीं आवारा कुत्तों को भी पैर तोड़ देता है सब लोग मना करते हैं तो उनको जान से मारने की धमकी भी देता है और गाली गलौज भी करने लगता है जनमानस पड़ोसियों को भी घरो पर चलना ईंट पत्थर रात की नींद को हराम कर देता है खुशियों की नींद ना पूरी होने के कारण से में तनाव बना रहता है पुलिस पीआरबी 112 आती है गांव के लोग अपना दुख दर्द बताते हैं पीआरबी 112 को झूठे फोन करके बुलाता है सूचना झूठी निकलती है पुलिस हंस के वापस लौट जाती है सलोन थाना की पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की यह सवाल बना हुआ है उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के सुबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गांव के ग्रामीणों ने मन बना रखा है शिकायत करेंगे और लिखित में प्रार्थना पत्र भी देंगे जिले की पुलिस महानिदेशक को क्या निर्देश देंगे क्या कार्रवाई इन अपराधियों के खिलाफ होगी पुलिस महानिदेशक अपने यूपी जिले रायबरेली पुलिस एसएसपी क्या निर्देश आदेश होगा कब ऐसे गुंडा माफिया अपराधियों पर लगाम लगाएंगे ग्रामीणों ने भरोसा मानकर पर विश्वास किया था कि इस अपराधी गुंडे पर कार्रवाई की जाएगी ग्रामीण महिलाओं का विश्वास उठ गया है कि पुलिस आती है अपना कमीशन लेकर चली जाती है पुलिस अभी तक कोई ऐसी कार्रवाई कम नहीं उठाया है जो ऐसे अपराधी गुंडा माफिया अपराधी के खिलाफ कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई
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    दिल्ली/ लखनऊ: शुरू लोकल न्यूज एजेंसी नेटवर्क
 ऑल इंडिया उत्तर प्रदेश स्टेट मुख्यालय प्रमुख हेड संवाददाता लवकुश की खास रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश जिला रायबरेल से बड़ी खबर
बहरूपिया फर्जी पागल अपराधी माफिया से परेशान उप्र पुलिस पीआरबी 112 
ऐसे ही मामला जिले के रायबरेली का तहसील सलोन  ब्लॉक का ऐसा एक मामला है
एक युवक पूरे मोहल्ले में मचा रखा आतंक छुरी और लोहे की राड  रख कर
करता है आतंक पड़ोसियों से लेकर सभी को करता गाली गलौज गर्भवती महिलाओं को  करता है छेड़छाड़ छत पर बैठकर गोली मारने की देता है धमकी हत्या होने की आशंका उत्तर प्रदेश का ऐसा एक मामला रायबरेली जिले का ब्लॉक सलोन आया है जहां पर पुलिस अभी तक कानों में जू तक नहीं रेग रहा है  
खोजी सूत्रों के हवाले से मिली है जानकारी रायबरेली जिले की सलोन तहसील क्षेत्र का एक गांव पंचायत
किठवा माजरा  महाराजगंज गांव है  इस गांव में युवक राजकमल पटेल उर्फ राजा (इंजीनियर )उम्र 28 वर्ष पुत्र जय सिंह पटेल अपने आप को बाहुबली बताता है 
ग्रामीण और मोहल्ला लोगो ने  बतया है कि कुछ समय पहले राजकमल का विवाह कुंडा के मानिकपुर उमा देवी के साथ में हुआ था युवक आए दिन पीके शराब पत्नी के साथ करता था मारपीट जब पत्नी आसपास पड़ोस वालों से मदद मांगती थी तो तो उसका पति प्रतिदिन सुबह शाम गाली गलौज लोगों को जान से मारने की धमकी भी देता था उमा देवी ने अपने मायके में सूचना अपने भाई को उसका भाई एक बाहर कहीं परदेस में एक नौकरी करता था उसका भाई जिस समय वहां से लौट के मानिकपुर पजामा  आया अपनी माँ वारदात घटना बताई मां और उसका बेटा किठवा महाराजगंज घर आया 
लड़की के भाई और उसकी मां ने लड़के वालों के माता-पिता से हाथ पैर जोड़ विनती बार-बार करते रहे मेरी बेटी को अपने घर में सही तरीके से रखो लड़कों वालों के पुत्र राजकमल पटेल  ने जान से मारने की धमकी भी दी  अपनी पत्नी को मारपीट के घर से बाहर भी निकाल दिया पड़ोसियों मोहल्लों वालों ने लड़की पक्ष के लोगों को समझा बूझकर लड़की को भेजने के लिए कहा इतने में राजकमल लोहे की रड लेकर  मारपीट करने लगा जबकि पत्नी के पास दो कपड़े पहनकर मायके गई थी उमा देवी ने बताया 4 मा का बच्चा हमारे पास मासूम है मेरा पति कहता है उसे मैं छीन कर मार के फेंक दूंगा पत्नी इतनी भयभीत है जब पुलिस से मदद मांगती है उमा देवी का पति राजकमल पटेल पुलिस को अपने आप को  इंजीनियर विक्षिप्त पागल भी बताता है
आखिर कौन सी ऐसी कड़ी अपराधी की पुलिस से जुड़ी हुई है गांव से लेकर ससुराल तक आतंक ढाये हुए है
किठवा महाराजगंज गांव में राजकमल पटेल
मोहल्ले में पड़ोसियों से गाली गलौज करता किसी के दांत से  काट लेता है
किसी को झूठा मोबाइल चोरी का अरोप भी लगता है 
माता-पिता के बढ़ावे बल से के  पनप रहा है 
इतना ही नहीं आवारा कुत्तों को भी पैर तोड़ देता है सब लोग मना करते हैं तो उनको जान से मारने की धमकी भी देता है और गाली गलौज भी करने लगता है
जनमानस पड़ोसियों को भी घरो पर चलना ईंट पत्थर रात की नींद को हराम कर देता है खुशियों की नींद ना पूरी होने के कारण से में तनाव बना रहता है
पुलिस पीआरबी 112 आती है गांव के लोग अपना दुख दर्द बताते हैं
पीआरबी 112 को झूठे फोन करके बुलाता है सूचना झूठी निकलती है पुलिस हंस के वापस लौट जाती है
सलोन थाना की पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की यह सवाल बना हुआ है
उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के सुबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गांव के ग्रामीणों ने मन बना रखा है शिकायत करेंगे और लिखित में प्रार्थना पत्र भी देंगे
जिले की पुलिस महानिदेशक को क्या निर्देश देंगे क्या कार्रवाई इन अपराधियों के खिलाफ होगी
पुलिस महानिदेशक अपने यूपी जिले रायबरेली पुलिस  एसएसपी क्या निर्देश आदेश  होगा कब ऐसे गुंडा माफिया अपराधियों पर लगाम लगाएंगे ग्रामीणों ने भरोसा मानकर पर विश्वास किया था कि इस अपराधी गुंडे पर कार्रवाई की जाएगी
ग्रामीण महिलाओं का विश्वास उठ गया है कि पुलिस आती है अपना कमीशन लेकर चली जाती है 
पुलिस अभी तक कोई ऐसी कार्रवाई कम नहीं उठाया है जो ऐसे अपराधी गुंडा माफिया अपराधी  के खिलाफ कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई
    user_Love Kush Press
    Love Kush Press
    Graphic designer मोहनलालगंज, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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