जलालपुर लापरवाही के घेरे में CDPO शेषनाथ वर्मा, खाली कुर्सी बनी जनता की परेशानी की वजह। अम्बेडकरनगर जिले के तहसील व ब्लाक जलालपुर तहसील बाल विकास परियोजना कार्यालय में तैनात CDPO शेषनाथ वर्मा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रीय स्तर पर लगातार उठ रही शिकायतों के मुताबिक, लापरवाही इस हद तक हावी बताई जा रही है कि अधिकारी की अनुपस्थिति अब आम बात बन चुकी है।सूत्रों एवं शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कार्यालय समय के दौरान अक्सर उनकी कुर्सी खाली रहती है, जिससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को बेवजह परेशान होना पड़ता है। खासकर महिलाएं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, जो विभागीय योजनाओंजैसे पोषण, पंजीकरण व अन्य कार्यों के लिए आती हैं, घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लौटने को मजबूर हो रही हैं। आरोप यह भी है कि संबंधित अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश करने पर फोन कॉल तक रिसीव नहीं होता, जिससे लंबित मामलों का बोझ बढ़ता जा रहा है और योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।जब इस संबंध में CDPO शेषनाथ वर्मा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो संपर्क स्थापित नहीं हो सका। उनके पक्ष के अभाव में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।क्षेत्रीय नागरिकों में बढ़ते असंतोष के बीच प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो रही है, ताकि व्यवस्था में जवाबदेही तय हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।जब जिम्मेदारी की कुर्सी ही लापरवाही की पहचान बन जाए तो सवाल उठना लाजमी है आखिर व्यवस्था चला कौन रहा है और जवाबदेह कौन है।
जलालपुर लापरवाही के घेरे में CDPO शेषनाथ वर्मा, खाली कुर्सी बनी जनता की परेशानी की वजह। अम्बेडकरनगर जिले के तहसील व ब्लाक जलालपुर तहसील बाल विकास परियोजना कार्यालय में तैनात CDPO शेषनाथ वर्मा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रीय स्तर पर लगातार उठ रही शिकायतों के मुताबिक, लापरवाही इस हद तक हावी बताई जा रही है कि अधिकारी की अनुपस्थिति अब आम बात बन चुकी है।सूत्रों एवं शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कार्यालय समय के दौरान अक्सर उनकी कुर्सी खाली रहती है, जिससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को बेवजह परेशान होना पड़ता है। खासकर महिलाएं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, जो विभागीय योजनाओंजैसे पोषण, पंजीकरण व अन्य कार्यों के लिए आती हैं, घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लौटने को मजबूर हो रही हैं। आरोप यह भी है कि संबंधित अधिकारी से संपर्क करने की
कोशिश करने पर फोन कॉल तक रिसीव नहीं होता, जिससे लंबित मामलों का बोझ बढ़ता जा रहा है और योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।जब इस संबंध में CDPO शेषनाथ वर्मा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो संपर्क स्थापित नहीं हो सका। उनके पक्ष के अभाव में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।क्षेत्रीय नागरिकों में बढ़ते असंतोष के बीच प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो रही है, ताकि व्यवस्था में जवाबदेही तय हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।जब जिम्मेदारी की कुर्सी ही लापरवाही की पहचान बन जाए तो सवाल उठना लाजमी है आखिर व्यवस्था चला कौन रहा है और जवाबदेह कौन है।
- जलालपुर लापरवाही के घेरे में CDPO शेषनाथ वर्मा, खाली कुर्सी बनी जनता की परेशानी की वजह। अम्बेडकरनगर जिले के तहसील व ब्लाक जलालपुर तहसील बाल विकास परियोजना कार्यालय में तैनात CDPO शेषनाथ वर्मा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रीय स्तर पर लगातार उठ रही शिकायतों के मुताबिक, लापरवाही इस हद तक हावी बताई जा रही है कि अधिकारी की अनुपस्थिति अब आम बात बन चुकी है।सूत्रों एवं शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कार्यालय समय के दौरान अक्सर उनकी कुर्सी खाली रहती है, जिससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को बेवजह परेशान होना पड़ता है। खासकर महिलाएं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, जो विभागीय योजनाओंजैसे पोषण, पंजीकरण व अन्य कार्यों के लिए आती हैं, घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लौटने को मजबूर हो रही हैं। आरोप यह भी है कि संबंधित अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश करने पर फोन कॉल तक रिसीव नहीं होता, जिससे लंबित मामलों का बोझ बढ़ता जा रहा है और योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।जब इस संबंध में CDPO शेषनाथ वर्मा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो संपर्क स्थापित नहीं हो सका। उनके पक्ष के अभाव में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।क्षेत्रीय नागरिकों में बढ़ते असंतोष के बीच प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो रही है, ताकि व्यवस्था में जवाबदेही तय हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।जब जिम्मेदारी की कुर्सी ही लापरवाही की पहचान बन जाए तो सवाल उठना लाजमी है आखिर व्यवस्था चला कौन रहा है और जवाबदेह कौन है।2
- . मरहरा. खराब. बाजार1
- जलालपुर लापरवाही के घेरे में CDPO शेषनाथ वर्मा, खाली कुर्सी बनी जनता की परेशानी की वजह। संवाददाता पंकज कुमार आलापुर अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर जिले के तहसील व ब्लाक जलालपुर तहसील बाल विकास परियोजना कार्यालय में तैनात CDPO शेषनाथ वर्मा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रीय स्तर पर लगातार उठ रही शिकायतों के मुताबिक, लापरवाही इस हद तक हावी बताई जा रही है कि अधिकारी की अनुपस्थिति अब आम बात बन चुकी है।सूत्रों एवं शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कार्यालय समय के दौरान अक्सर उनकी कुर्सी खाली रहती है, जिससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को बेवजह परेशान होना पड़ता है। खासकर महिलाएं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, जो विभागीय योजनाओंजैसे पोषण, पंजीकरण व अन्य कार्यों के लिए आती हैं, घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लौटने को मजबूर हो रही हैं। आरोप यह भी है कि संबंधित अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश करने पर फोन कॉल तक रिसीव नहीं होता, जिससे लंबित मामलों का बोझ बढ़ता जा रहा है और योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।जब इस संबंध में CDPO शेषनाथ वर्मा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो संपर्क स्थापित नहीं हो सका। उनके पक्ष के अभाव में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।क्षेत्रीय नागरिकों में बढ़ते असंतोष के बीच प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो रही है, ताकि व्यवस्था में जवाबदेही तय हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।जब जिम्मेदारी की कुर्सी ही लापरवाही की पहचान बन जाए तो सवाल उठना लाजमी है आखिर व्यवस्था चला कौन रहा है और जवाबदेह कौन है।3
- अंबेडकरनगर। अकबरपुर स्थित प्रधान डाकघर के पासपोर्ट कार्यालय को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। सूचना मिलते ही कार्यालय में तैनात कर्मचारियों और उपस्थित नागरिकों में हड़कंप मच गया तथा सभी को तत्काल परिसर से बाहर निकाल लिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर लगभग 12 बजे पासपोर्ट कार्यालय के प्रभारी लालजी निषाद के मोबाइल ग्रुप पर एक संदिग्ध संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें वाशरूम में सायनाइड गैस से भरे 19 बम रखे होने तथा उन्हें दोपहर 2:10 बजे विस्फोट करने की धमकी दी गई थी। संदेश पढ़ते ही उन्होंने तत्काल पोस्टमास्टर नूतन सिंह को अवगत कराया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। थोड़ी ही देर में भारी पुलिस बल, एलआईयू टीम तथा बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया और पूरे परिसर को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने डाकघर के प्रत्येक हिस्से की बारीकी से जांच की, किन्तु देर शाम तक किसी भी प्रकार की विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि संदेश में तमिलनाडु से जुड़ी कुछ समस्याओं का उल्लेख करते हुए माफी मांगी गई है, साथ ही राजनीतिक विषयों और आपराधिक घटनाओं का भी जिक्र किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और संदेश भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।1
- दर्द न जाने कोई1
- Post by Ram Kumar1
- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- सिलिंडर की उपलब्धता में आई कमी अम्बेडकरनगर में गैस सिलिंडर की उपलब्धता में कमी आई है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सिलिंडर प्राप्त करने के लिए उन्हें 5 से 6 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। गैस कंपनियों के सर्वर पर बुकिंग का अत्यधिक भार होने के कारण वे ठप पड़ गए हैं। इसके चलते ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपभोक्ताओं को वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे सिलिंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद उन्हें समय पर गैस की डिलीवरी नहीं मिल रही है। गैस एजेंसियों से भी इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। गृहणियों का कहना है कि गैस की कमी के कारण रसोई के कामकाज पर सीधा असर पड़ रहा है। कई परिवारों को मजबूरन खाना पकाने के लिए लकड़ी या अन्य वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन से इस समस्या का तत्काल समाधान करने और गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।3
- जलालपुर. मरहरा इंडियामार्ट का टू हेड पम्प. बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ सराहनी कार्य कई सालों से खराब. प्रधान राधिका देवी. म. रिपोर्ट करने से गर्मी को देखते हुएरहरा बाजार में1