पुनर्वास की बदहाली से टूटा भरोसा, कुजरूम के विस्थापित लौटे गांव—राजभवन में धरना तेज (लातेहार): गारू प्रखंड क्षेत्र से विस्थापित आदिवासी एवं आदिम जनजाति स्वजनों की समस्याएं एक बार फिर सामने आई हैं। गारू के कुजरूम गांव से पलामू जिले के पोलपोल गांव में बसाए गए कई स्वजम अब पुनर्वास स्थल छोड़कर अपने मूल गांव लौटने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास स्थल पर न तो बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं और न ही खेती-बारी के लिए पर्याप्त जमीन दी गई, जिससे उनका जीवन संकट में पड़ गया है। वापस लौटे ग्रामीणों में शामिल सुरेंद्र उरांव ने आरोप लगाया कि विस्थापन के बाद भी उन्हें पोलपोल गांव में खेती योग्य जमीन नहीं मिली। उन्होंने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा आश्वासन जरूर दिया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कुछ स्वजन को जमीन आवंटित होने की बात कही गई, परंतु अब तक उन्हें उसका वैध कागजात नहीं दिया गया है। कागजात के अभाव में ग्रामीण खुद को असुरक्षित और अस्थायी महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिना स्थायी व्यवस्था के जबरन पुनर्वास उनके साथ अन्याय है। रोजगार, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे उनका जीवन और भी कठिन हो गया है। यही कारण है कि कई स्वजन अब अपने पुराने गांव कुजरूम लौट रहे हैं। इधर, अपनी मांगों को लेकर विस्थापित ग्रामीणों ने राजभवन रांची के समक्ष धरना शुरू कर दिया है। इस धरने में वन विभाग से हटाए गए श्रमिक मजदूर भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन मजदूरों को डीएफओ कुमार आशीष द्वारा कार्य से हटाया गया था, जिससे उनमें भी भारी नाराजगी है।धरना पर बैठे ग्रामीणों और श्रमिकों की प्रमुख मांग है कि हटाए गए मजदूरों को पुनः बहाल किया जाए तथा विस्थापित आदिवासी परिवारों को अविलंब जमीन का आवंटन कर उसका विधिवत कागजात उपलब्ध कराया जाए। यह मामला अब प्रशासन और सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
पुनर्वास की बदहाली से टूटा भरोसा, कुजरूम के विस्थापित लौटे गांव—राजभवन में धरना तेज (लातेहार): गारू प्रखंड क्षेत्र से विस्थापित आदिवासी एवं आदिम जनजाति स्वजनों की समस्याएं एक बार फिर सामने आई हैं। गारू के कुजरूम गांव से पलामू जिले के पोलपोल गांव में बसाए गए कई स्वजम अब पुनर्वास स्थल छोड़कर अपने मूल गांव लौटने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास स्थल पर न तो बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं और न ही खेती-बारी के लिए पर्याप्त जमीन दी गई, जिससे उनका जीवन संकट में पड़ गया है। वापस लौटे ग्रामीणों में शामिल सुरेंद्र उरांव ने आरोप लगाया कि विस्थापन के बाद भी उन्हें पोलपोल गांव में खेती योग्य जमीन नहीं मिली। उन्होंने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा आश्वासन जरूर दिया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कुछ स्वजन को जमीन आवंटित होने की बात कही गई, परंतु अब तक उन्हें उसका वैध कागजात नहीं दिया गया है। कागजात के अभाव में ग्रामीण खुद को असुरक्षित और अस्थायी महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिना स्थायी व्यवस्था के जबरन पुनर्वास उनके साथ अन्याय है। रोजगार, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे उनका जीवन और भी कठिन हो गया है। यही कारण है कि कई स्वजन अब अपने पुराने गांव कुजरूम लौट रहे हैं। इधर, अपनी मांगों को लेकर विस्थापित ग्रामीणों ने राजभवन रांची के समक्ष धरना शुरू कर दिया है। इस धरने में वन विभाग से हटाए गए श्रमिक मजदूर भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन मजदूरों को डीएफओ कुमार आशीष द्वारा कार्य से हटाया गया था, जिससे उनमें भी भारी नाराजगी है।धरना पर बैठे ग्रामीणों और श्रमिकों की प्रमुख मांग है कि हटाए गए मजदूरों को पुनः बहाल किया जाए तथा विस्थापित आदिवासी परिवारों को अविलंब जमीन का आवंटन कर उसका विधिवत कागजात उपलब्ध कराया जाए। यह मामला अब प्रशासन और सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
- लातेहार: सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस जिला अध्यक्ष कामेश्वर यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुद्दा जनता को भ्रमित करने के लिए उठाया जा रहा है और इसे राजनीतिक प्रोपगेंडा के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण के पक्ष में है और इस विषय पर स्पष्ट नीति रखती है। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बिल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं। मौके पर विधायक प्रतिनिधि हरिशंकर यादव, सेवा दल अध्यक्ष बृंद बिहारी यादव, महिला जिलाध्यक्ष अनीता देवी सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बरवाडीह(लातेहार) । बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय के बस स्टैंड के नजदीक परियोजना बालिका उच्च विद्यालय के अतिरिक्त भवन (टू एसीआर ) निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का आरोप सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने लगाते हुए जांच की मांग कर दिया है। कुछ दिन पूर्व संवेदक व संबंधित अभियंता द्वारा आश्वासन दिया गया था कि काम में सुधार लाया जाएगा लेकिन सुधार नहीं लाया गया। डोर लेवल की ढलाई व जोड़ाई कार्य में भारी अनियमितता देखी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी कर प्राक्कलन के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है। मौके पर देखा गया कि ढलाई का मसाला दो तगाड़ी सीमेंट छः तगाड़ी बालू चार तगाड़ी छरी मिलाकर छज्जे व कॉपर बीम की ढलाई की जा रही है, सबसे बड़ी बात कि कॉपर की ढलाई बिना सरिया के दो से तीन इंच की ढलाई की गई है। इस तरह के घटिया कार्य से भवन का टिकाउपन और मजबूती बिल्कुल ही नहीं रहेगी। उन्होंने कहां कि निर्माण कार्य व ढलाई मानकों के अनुसार नहीं किया गया है और यह भवन छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है।उन्होंने संबंधित विभाग और संवेदक पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। उन्होंने जिले के उपायुक्त संदीप कुमार से कार्रवाई की मांग की गई है।1
- महुआडांड़ प्रखंड के कुरो मोड़ के समीप सोमवार शाम लगभग 4:30 बजे अर्टिगा कार और टेंपू (ऑटो) के बीच हुई टक्कर में चार लोग घायल हो गए। घायलों में टेंपू चालक सहित सभी सवार शामिल हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, डालटनगंज की अर्टिगा गाड़ी बताई जा रही है अर्टिगा गाड़ी ने टेंपू को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि टेंपू बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग घायल हो गए।घायलों की पहचान मोहन लोहारा (50 वर्ष, परहा टोली), संजना गिद्ध (18 वर्ष), प्रतिमा कुजूर और टेंपू चालक अनिल घासी के रूप में की गई है। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए भेजा गया।घटना के बाद अर्टिगा में सवार सभी लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन वे मौके से फरार हो गए।सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा फरार वाहन और उसके सवारों की तलाश की जा रही है।4
- Post by Ashok Singh bhugta1
- Post by MUKESH NATH1
- Post by AAM JANATA1
- ग्रामीण बोले आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर होने की वजह से आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहता है1
- महुआडार के एट भट्ठा संचालक बलराम साहू का खतियान सहित खाता बही वाद विवाद एकत्रित कर मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया अनुमंडल पदाधिकारी महुआडार विपिन कुमार दुबे ने1