वकीलों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या होगा? वीडियो लखनऊ के पारा थाने का है जहां अधिवक्ता भाई के साथ अभद्रता, मारपीट और मोबाइल छीनकर साक्ष्य मिटाना साबित करता है कि पुलिसकर्मियों के लिए वर्दी आम लोगों के लिए 'खौफ' का प्रतीक है फिर वही पुनरावृति..थाने के भीतर अगर वकीलों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या होगा? वीडियो लखनऊ के पारा थाने का है जहां अधिवक्ता भाई के साथ अभद्रता, मारपीट और मोबाइल छीनकर साक्ष्य मिटाना साबित करता है कि पुलिसकर्मियों के लिए वर्दी आम लोगों के लिए 'खौफ' का प्रतीक है #lucknow #uppolice #uttarpradesh #viralvideos #virel पुलिस वालों ने वहकाई सरकार की छवि खराब करने मे कोई कसर नहीं छोड़ी है जबकि सरकार पुलिस का इतना ध्यान रख रही है हद है... 😡 अधिवक्ता भाई Adv Himanchal Kashyap और Adv Bhanu Tiwari के साथ दोहराई गयी। पुलिस थाने के अंदर किसी पुलिस अधिकारी की गतिविधि को रिकॉर्ड करना अपराध नहीं है। भारतीय अदालतों ने स्पष्ट किया है कि पुलिस स्टेशन कोई 'निषिद्ध स्थान' (prohibited place) नहीं है जहाँ रिकॉर्डिंग प्रतिबंधित हो. वैसे भी सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य रूप से परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह (2020) मामले में सभी राज्यों को पुलिस थानों में सीसीटीवी (CCTV) लगाने और वहां हुई बातचीत/घटनाओं की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करने का निर्देश दिया है। यह आदेश हिरासत में यातना रोकने और पारदर्शिता के लिए दिया गया, जो 18 महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है। #news
वकीलों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या होगा? वीडियो लखनऊ के पारा थाने का है जहां अधिवक्ता भाई के साथ अभद्रता, मारपीट और मोबाइल छीनकर साक्ष्य मिटाना साबित करता है कि पुलिसकर्मियों के लिए वर्दी आम लोगों के लिए 'खौफ' का प्रतीक है फिर वही पुनरावृति..थाने के भीतर अगर वकीलों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या होगा? वीडियो लखनऊ के पारा थाने का है जहां अधिवक्ता भाई के साथ अभद्रता, मारपीट और मोबाइल छीनकर साक्ष्य मिटाना साबित करता है कि पुलिसकर्मियों के लिए वर्दी आम लोगों के लिए 'खौफ' का प्रतीक है #lucknow #uppolice #uttarpradesh #viralvideos #virel पुलिस वालों ने वहकाई सरकार की छवि खराब करने मे कोई कसर नहीं छोड़ी है जबकि सरकार पुलिस का इतना ध्यान रख रही है हद है... 😡 अधिवक्ता भाई Adv Himanchal Kashyap और Adv Bhanu Tiwari के साथ दोहराई गयी। पुलिस थाने के अंदर किसी पुलिस अधिकारी की गतिविधि को रिकॉर्ड करना अपराध नहीं है। भारतीय अदालतों ने स्पष्ट किया है कि पुलिस स्टेशन कोई 'निषिद्ध स्थान' (prohibited place) नहीं है जहाँ रिकॉर्डिंग प्रतिबंधित हो. वैसे भी सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य रूप से परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह (2020) मामले में सभी राज्यों को पुलिस थानों में सीसीटीवी (CCTV) लगाने और वहां हुई बातचीत/घटनाओं की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करने का निर्देश दिया है। यह आदेश हिरासत में यातना रोकने और पारदर्शिता के लिए दिया गया, जो 18 महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है। #news
- फिर वही पुनरावृति..थाने के भीतर अगर वकीलों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या होगा? वीडियो लखनऊ के पारा थाने का है जहां अधिवक्ता भाई के साथ अभद्रता, मारपीट और मोबाइल छीनकर साक्ष्य मिटाना साबित करता है कि पुलिसकर्मियों के लिए वर्दी आम लोगों के लिए 'खौफ' का प्रतीक है #lucknow #uppolice #uttarpradesh #viralvideos #virel पुलिस वालों ने वहकाई सरकार की छवि खराब करने मे कोई कसर नहीं छोड़ी है जबकि सरकार पुलिस का इतना ध्यान रख रही है हद है... 😡 अधिवक्ता भाई Adv Himanchal Kashyap और Adv Bhanu Tiwari के साथ दोहराई गयी। पुलिस थाने के अंदर किसी पुलिस अधिकारी की गतिविधि को रिकॉर्ड करना अपराध नहीं है। भारतीय अदालतों ने स्पष्ट किया है कि पुलिस स्टेशन कोई 'निषिद्ध स्थान' (prohibited place) नहीं है जहाँ रिकॉर्डिंग प्रतिबंधित हो. वैसे भी सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य रूप से परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह (2020) मामले में सभी राज्यों को पुलिस थानों में सीसीटीवी (CCTV) लगाने और वहां हुई बातचीत/घटनाओं की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करने का निर्देश दिया है। यह आदेश हिरासत में यातना रोकने और पारदर्शिता के लिए दिया गया, जो 18 महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है। #news1
- कौशाम्बी। जनपद के सराय अकिल क्षेत्र में पांच दिन से लापता चल रहे बीएलओ का शव यमुना नदी में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार बीएलओ 25 फरवरी को घर से विद्यालय जाने के लिए निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शनिवार को Yamuna River किनारे महिला घाट के पास उनका शव बरामद हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। आक्रोशित परिजनों ने घर के बाहर शव रखकर अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की। सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में परिजनों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होगी, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, एसडीएम मंझनपुर, एसडीएम चायल, सीओ चायल, बीएसए तथा सराय अकिल थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। बीएसए ने मृतक आश्रित को 15 दिनों के भीतर नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया। प्रशासन के भरोसे के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार की ओर से नामजद शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में विद्यालय के प्रधानाचार्य और सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- Post by शिव सागर मौर्य1
- जनपद कौशाम्बी जिले के थाना संदीपनघाट क्षेत्र अन्तर्गत महंगाव चौकी के तीन सौ मीटर की दूरी पर एक नई क्रेटा कार अनियंत्रित हो कर हाइवे पर पलट गई मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने मामले कि जानकारी नजदीकी चौकी को दिया गया मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी ने पलटी हुई कार से में फंसे हुए लोगों निकलवा कर इलाज के लिए भेज दिया गया है1
- *कौशाम्बी न्यूज़* *बाइक सवार दंपति को तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर दंपत्ति घायल* *पुलिस चौकी कादीपुर में हुआ समझौता दुर्घटना करने वाले चालक को नहीं मिला दंड* *लग्जरी कार चालक ने मौके पर पहुंचे लोगों से मारपीट भी करने की कोशिश की है* *कौशांम्बी।* मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के समदा पेट्रोल पंप के पास सोमवार सुबह लगभग 9 बजे तेज रफ़्तार चार पहिया वाहन ने बाइक सवार दंपति की बाइक में जोरदार टक्कर मार दी है जिससे बाइक सवार लोग सड़क पर गिर पड़े हैं और घायल हो गए हैं दुर्घटना देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे मामले की सूचना मंझनपुर कोतवाली पुलिस को दी गई जानकारी मिलने के बाद चौकी प्रभारी कादीपुर मौके पर पहुंचे और दुर्घटना करने वाली चार पहिया गाड़ी के चालक के समर्थन में उतर आए हैं और समझौते के नाम पर 5000 रुपए दिलवा करके घायलों को वापस भेज दिया गया है घायलों का इलाज और मलहम पट्टी करवाने के लिए चौकी इंचार्ज ने घायलों को अस्पताल नहीं भेजा है चौकी इंचार्ज के इस कारनामे ने एक बार फिर पुलिसिया वर्दी शर्मसार कर दी है। जानकारी के मुताबिक करारी थाना क्षेत्र के मखदूमपुर भइला गांव निवासी श्रीनाथ सरोज अपनी पत्नी रीता देवी वा उसकी बहन को साथ लेकर बाइक से सोमवार की सुबह कही जा रहे थे जैसे ही बाइक सवार मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के समदा पेट्रोल पंप के पास पहुंचे तेज रफ्तार अनियंत्रित चार पहिया वाहन ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी है जिससे बाइक सवार दंपति सहित तीनों सड़क पर गिर पड़े हैं और घायल हो गए हैं सड़क पर दुर्घटना देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दी और दुर्घटना करने वाली तेज रफ्तार कार चालक को कार सहित रोक लिया लग्जरी कार चालक ने मौके पर पहुंचे लोगों से गाली गलौज मारपीट भी करने की कोशिश की है जिससे कार चालक के आतंक का अंदाजा लगाया जा सकता है मारपीट करने का प्रयास कर रहे कार चालक के आतंक के बाद लोगों से बात विवाद और नोंकझोंक भी हुई मौके पर कादीपुर चौकी प्रभारी पहुंचे और उन्होंने मामले में दोनों पक्षों को पुलिस चौकी कादीपुर बुलवाकर के समझौते का दबाव बनाकर 5000 रुपए दिलवा करके समझौता करवा दिया मुकदमा नहीं दर्ज हुआ है जबकि बाइक सवार लोग लगातार मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे समझौता के नाम पर दुर्घटना करने वाले कार चालक को दंड नहीं मिल सका है।।। *वरिष्ठ पत्रकार फैजी जाफरी कौशाम्बी। मो०न०--९६५१९६५१२७*2
- कौशांबी...पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार सिंह के साथ रिजर्व पुलिस लाइन में पूर्ण विधि-विधान से पूजा अर्चना कर होलिका_दहन किया गया तथा उपस्थित अधिकारी/कर्मचारीगण व पुलिस परिवारीजनों को होली पर्व की शुभकामनाएं दी गयी।1
- प्रयागराज का चौक मार्केट1
- यूपी, मेरठ थाने में वीडियो कवरेज करने पर पत्रकारों पर मुकदमा लिखने का आदेश। सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने अपने सर्किल के थानेदारों को ऑडियो मैसेज भेज कर कार्यवाही के दिए निर्देश। पत्रकारों को न रोकने पर ड्यूटी इंचार्ज व थानेदारों को चेतावनी। उच्च अधिकारीगण कृपा संज्ञान ले। देश के चौथे स्तम्भ को मुक़दमे करने की चेतावनी, अब कोई भी पत्रकार सच्चाई ना दिखा पाये थाना कोई सार्वजनिक स्थल नहीं है मेरठ की डीसीपी सौम्या अस्थाना महोदया का फरमान सुनकर लगा जैसे थाने में नहीं, किसी गुप्त शोध केंद्र में प्रवेश हो गया हो…जहाँ कैमरा ले जाना राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला हो! थाने को अगर नो कैमरा ज़ोन बनाना ही है, तो बोर्ड भी लगवा दीजिए…यहाँ सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस वाले कैमरे मान्य हैं, सच्चाई दिखाने वाले प्रतिबंधित। अरे मैडम, थाना है… जनता का है… टैक्स से चलता है… कोई सीक्रेट सेट नहीं जहाँ शूटिंग पर पाबंदी हो। अगर पत्रकार वीडियो बना ले तो तुरंत मुकदमा? इतनी फुर्ती तो कई बार असली अपराधियों पर भी नहीं दिखती! जब पुलिस की कार्रवाई अच्छी हो तो कैमरे बुलाए जाते हैं, प्रेस नोट जारी होते हैं, फोटो खिंचवाए जाते हैं। लेकिन अगर कैमरा बिना बुलाए आ जाए, तो वह अचानक कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन जाता है। डीसीपी सौम्या अग्रवाल जी, लोकतंत्र में कैमरा दुश्मन नहीं होता, आईना होता है और आईने से वही डरता है जिसे अपना चेहरा साफ़ न दिखे। मुकदमे की तलवार लटकाने से साख नहीं बढ़ती, सवालों के जवाब देने से बढ़ती है। #UPPolice #police #lucknow #trendingreel1