शहडोल,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,, पानी बचाओ जीवन बचाओ-वर्षा जल संचयन अपनाओ -- जल के संचयन के लिए बनाएं जा रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग --- शहडोल 11 मई 2026- जल प्रकृति द्वारा प्रदत्त एक अमूल्य उपहार है, जो समस्त जीव-जगत के अस्तित्व का आधार है। बिना जल के जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। इसलिए हमें जल की एक-एक बूंद के महत्व को समझना होगा और इसके संरक्षण के लिए जागरूक होना होगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नवीन खेत तालाब, बोरी बंधान, रैन वाटर हार्वेेस्टिंग जैसे अन्य कार्य किये जा रहे है। इन कार्यो से वर्षा ऋतु में होने वाली वर्षा के जल का संचयन होगा और धरा के जल स्तर में वृद्वि होगी वहीं स्थानीय लोगो के लिए फसल सिंचाई जैसे अन्य कार्यों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के निर्देशानुसार जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वर्षा जल के संचयन हेतु शहडोल जिले के शासकीय भवनो में रैन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में जनपद पंचायत जयसिंहनगर के ग्राम पंचायत पोड़ी कला, ऑगनवाड़ी केंद्र अमरहा टोला, ग्राम पंचायत बड़काडोल, जनपद पंचायत गोहपारू के ग्राम पंचायत लफदा, देवरी,जनपद पंचायत बुढार के ग्राम पंचायत मलया सहित अन्य ग्राम पंचायतो में भी रैन वाटर हार्वेस्ंिटग का कार्य किया गया।
शहडोल,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,, पानी बचाओ जीवन बचाओ-वर्षा जल संचयन अपनाओ -- जल के संचयन के लिए बनाएं जा रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग --- शहडोल 11 मई 2026- जल प्रकृति द्वारा प्रदत्त एक अमूल्य उपहार है, जो समस्त जीव-जगत के अस्तित्व का आधार है। बिना जल के जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। इसलिए हमें जल की एक-एक बूंद के महत्व को समझना होगा और इसके संरक्षण के लिए जागरूक होना होगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नवीन खेत तालाब, बोरी बंधान, रैन वाटर हार्वेेस्टिंग जैसे अन्य कार्य किये जा रहे है। इन कार्यो से
वर्षा ऋतु में होने वाली वर्षा के जल का संचयन होगा और धरा के जल स्तर में वृद्वि होगी वहीं स्थानीय लोगो के लिए फसल सिंचाई जैसे अन्य कार्यों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के निर्देशानुसार जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वर्षा जल के संचयन हेतु शहडोल जिले के शासकीय भवनो में रैन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में जनपद पंचायत जयसिंहनगर के ग्राम पंचायत पोड़ी कला, ऑगनवाड़ी केंद्र अमरहा टोला, ग्राम पंचायत बड़काडोल, जनपद पंचायत गोहपारू के ग्राम पंचायत लफदा, देवरी,जनपद पंचायत बुढार के ग्राम पंचायत मलया सहित अन्य ग्राम पंचायतो में भी रैन वाटर हार्वेस्ंिटग का कार्य किया गया।
- 💥*_रेत माफियाओं का दुस्साहस-दूसरे दिन घिरी फॉरेस्ट टीम,सलैया में तनावपूर्ण हालात_* 💥*_रेत माफियाओं का दुस्साहस-दूसरे दिन घिरी फॉरेस्ट टीम,सलैया में तनावपूर्ण हालात_* _अवैध रेत कारोबारियों के हौसले लगातार बेलगाम होते नजर आ रहे हैं,चंदिया वन परिक्षेत्र में वनरक्षक से जातिसूचक गाली-गलौज,धमकी और शासकीय कार्य में बाधा के मामले के दूसरे ही दिन सोमवार को स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।सूत्रों के मुताबिक मामले की कार्रवाई के सिलसिले में जब फॉरेस्ट विभाग की टीम चंदिया थाना अंतर्गत ग्राम सलैया अखडार पहुंची,तब स्थानीय रेत कारोबारियों और उनके समर्थकों ने सोमवार की दोपहर टीम को घेर लिया।अचानक बने इस माहौल से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई।बताया जा रहा है कि टीम को कार्रवाई करने में भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।गौरतलब है कि रविवार को सलैया बीट में गश्ती के दौरान वनरक्षक रामशंकर चर्मकार ने तीन ट्रैक्टरों में अवैध रेत लोड होते पकड़ा था।आरोप है कि कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने वनरक्षक को जातिसूचक गालियां दीं,धक्का-मुक्की की और जान से मारने की धमकी देते हुए ट्रैक्टर मौके से फरार हो गए थे।इस मामले में बीएनएस की धाराओं सहित एससी-एसटी एक्ट के तहत माफियाओं पर अपराध दर्ज किया गया है।दूसरे दिन यानी आज सोमवार को जब फॉरेस्ट टीम दोबारा गांव पहुंची और ट्रैक्टर को जपत करने की कोशिश की तो माफियाओं ने फारेस्ट टीम को घेर लिया,हालांकि अभी वर्तमान की स्थिति सामान्य दिख रही है,इस कार्यवाही में रेंजर नीलेश द्विवेदी सहित विभागीय वन टीम मौजूद रही है।खबर ये भी है कि फारेस्ट टीम ने साहसिक परिचय देते हुए माफियाओं का एक ट्रैक्टर जपत कर वापस चंदिया आ रहे है।_ *_ऐसी दुस्साहसिक घटना ने यह साफ कर दिया है कि क्षेत्र में सक्रिय रेत माफिया प्रशासनिक कार्रवाई को खुली चुनौती दे रहे हैं।इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस और वन विभाग की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।_*1
- उमरिया जिले के मनपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों का काम रंगदारों द्वारा रोका जा रहा है। उनकी धमकियों के चलते निर्माण कार्य ठप हो गया है, जिससे गरीबों को अपने सपनों का घर मिलने में बाधा आ रही है।4
- अतिक्रमण के चलते ऑटो पलटा,, समाजसेवियों द्वारा सुरक्षित निकाला गया,1
- मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी मंदिर में श्रद्धालुओं के बीच मारपीट की घटना से हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतज़ामों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।1
- मध्य प्रदेश के मनगवां के विधायक खुद को मशहूर गायक सोनू निगम समझते हैं और अक्सर स्टेज पर अजीब हरकतें करते हैं। उनकी इन हरकतों के कारण उन्हें अक्सर बेइज्जती झेलनी पड़ती है और लोग इसका मज़ाक उड़ाते हैं।1
- सतना जिले के मैहर स्थित माँ शारदा शक्तिपीठ में सोमवार को प्रातःकालीन दर्शन और दिव्य श्रृंगार आरती संपन्न हुई। इस दौरान भक्तों ने जय माई की उद्घोष के साथ माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया।3
- रीवा के गड़रिया इलाके में चलती फोर्ड फिएस्टा कार में अचानक आग लग गई, जिससे चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर लापरवाही के आरोप लगे क्योंकि उन्होंने ट्रैफिक रोकने के बजाय जलती कार का वीडियो बनाया। इस घटना से स्थानीय लोगों में नाराजगी है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं।1
- _मदर्स डे पर अनाथ भालू शावक को मिला नया आशियाना,बांधवगढ़ ने निभाया ‘माँ’ का फर्ज_* 💥*_मदर्स डे पर अनाथ भालू शावक को मिला नया आशियाना,बांधवगढ़ ने निभाया ‘माँ’ का फर्ज_* _बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने मदर्स डे के अवसर पर संवेदनशीलता और वन्य संरक्षण की एक मिसाल पेश की।मातृविहीन मादा भालू शावक को सुरक्षित उपचार और बेहतर देखरेख के लिए वन विहार रेस्क्यू सेंटर भोपाल भेजा गया।जानकारी के अनुसार 20 अप्रैल 2026 को मानपुर बफर परिक्षेत्र की नेउसी बीट के कक्ष क्रमांक पीएफ-368 में गश्त के दौरान वनकर्मियों को लगभग 5-6 माह की एक मादा भालू शावक नाले में घायल और कराहती हुई मिली।तत्काल डॉ.विपिन चंद्र को मौके पर बुलाकर शावक का रेस्क्यू किया गया।आसपास काफी तलाश के बावजूद उसकी मां का कोई पता नहीं चला।आशंका जताई गई कि बीमार होने के कारण मां ने शावक को छोड़ दिया था।रेस्क्यू के बाद क्षेत्र संचालक,उप संचालक,सहायक संचालक मानपुर श्री भूरा गायकवाड़ एवं वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.राजेश तोमर के निर्देशन में शावक की लगातार निगरानी और उपचार किया गया।स्वास्थ्य में सुधार तो हुआ,लेकिन विशेषज्ञों ने उसे दीर्घकालीन देखरेख की आवश्यकता बताई।इसके बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) एवं मुख्य वन जीव अभिरक्षक के मार्गदर्शन में उसे वन विहार भोपाल भेजने का निर्णय लिया गया।10 मई की सुबह विशेष टीम ने शावक को बेहद सावधानी और आरामदायक व्यवस्था के साथ भोपाल के लिए रवाना किया।शाम लगभग 5:30 बजे वन विहार रेस्क्यू सेंटर पहुंचने पर डॉ.अतुल गुप्ता और उनकी टीम ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण कर आगे के उपचार और पुनर्वास की जिम्मेदारी संभाली।बांधवगढ़ प्रबंधन ने भावुक संदेश देते हुए कहा कि “मां की कमी तो कोई पूरी नहीं कर सकता,लेकिन हर जीव की देखभाल मां जैसी संवेदनशीलता से करने का प्रयास हमेशा जारी रहेगा।”साथ ही प्रबंधन ने उन महिला वनकर्मियों को भी नमन किया,जो मातृत्व के साथ जंगल और वन्यजीवों की सेवा का दायित्व निभा रही हैं।2