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इंडो-नेपाल बॉर्डर पर पुलिस-एसएसबी की संयुक्त गश्त, संदिग्धों की हुई सघन चेकिंग बलरामपुर। पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देशन में जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में पुलिस एवं एसएसबी की संयुक्त टीम द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। मंगलवार को सीमा क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन चेकिंग की गई। सीमा क्षेत्र में अवैध तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव एवं गौ तस्करी, अवैध कटान, अवैध खनन और अवैध घुसपैठ जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष सतर्कता बरती गई। संयुक्त टीम ने सीमावर्ती गांवों, संवेदनशील स्थानों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भ्रमण कर स्थानीय लोगों से संवाद किया। ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं संभ्रांत नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस एवं एसएसबी ने आमजन से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। बलरामपुर पुलिस एवं एसएसबी द्वारा इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संयुक्त अभियान जारी रहेगा। इंडो-नेपाल बॉर्डर पर पुलिस-एसएसबी की संयुक्त गश्त, संदिग्धों की हुई सघन चेकिंग बलरामपुर। पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देशन में जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में पुलिस एवं एसएसबी की संयुक्त टीम द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। मंगलवार को सीमा क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन चेकिंग की गई। सीमा क्षेत्र में अवैध तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव एवं गौ तस्करी, अवैध कटान, अवैध खनन और अवैध घुसपैठ जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष सतर्कता बरती गई। संयुक्त टीम ने सीमावर्ती गांवों, संवेदनशील स्थानों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भ्रमण कर स्थानीय लोगों से संवाद किया। ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं संभ्रांत नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस एवं एसएसबी ने आमजन से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। बलरामपुर पुलिस एवं एसएसबी द्वारा इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संयुक्त अभियान जारी रहेगा।

1 day ago
user_Azad choudhari journlist
Azad choudhari journlist
Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
1 day ago
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इंडो-नेपाल बॉर्डर पर पुलिस-एसएसबी की संयुक्त गश्त, संदिग्धों की हुई सघन चेकिंग बलरामपुर। पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देशन में जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में पुलिस एवं एसएसबी की संयुक्त टीम द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। मंगलवार को सीमा क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन चेकिंग की गई। सीमा क्षेत्र में अवैध तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव एवं गौ तस्करी, अवैध कटान, अवैध खनन और अवैध घुसपैठ जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष सतर्कता बरती गई। संयुक्त टीम ने सीमावर्ती गांवों, संवेदनशील स्थानों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भ्रमण कर स्थानीय लोगों से संवाद किया। ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं

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संभ्रांत नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस एवं एसएसबी ने आमजन से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। बलरामपुर पुलिस एवं एसएसबी द्वारा इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संयुक्त अभियान जारी रहेगा। इंडो-नेपाल बॉर्डर पर पुलिस-एसएसबी की संयुक्त गश्त, संदिग्धों की हुई सघन चेकिंग बलरामपुर। पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देशन में जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में पुलिस एवं एसएसबी की संयुक्त टीम द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। मंगलवार को सीमा क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का

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जायजा लिया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन चेकिंग की गई। सीमा क्षेत्र में अवैध तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव एवं गौ तस्करी, अवैध कटान, अवैध खनन और अवैध घुसपैठ जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष सतर्कता बरती गई। संयुक्त टीम ने सीमावर्ती गांवों, संवेदनशील स्थानों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भ्रमण कर स्थानीय लोगों से संवाद किया। ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं संभ्रांत नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस एवं एसएसबी ने आमजन से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। बलरामपुर पुलिस एवं एसएसबी द्वारा इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संयुक्त अभियान जारी रहेगा।

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पंचायत सचिवालय दांदव, विकास खंड तुलसीपुर में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से प्रभावी मोबिलाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। ग्राम में ऐसे सभी बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को सत्र तक लाया जाए, जिनका टीकाकरण निर्धारित है, जिससे कोई भी पात्र लाभार्थी टीकाकरण एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। इस दौरान एएनएम द्वारा बताया गया कि विशेष वीएचएसएनडी सत्र में 09 बच्चों एवं 05 महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने टीकाकरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए एएनएम एवं आशा के रजिस्टर का भी निरीक्षण किया तथा अभिलेखों को नियमित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं तथा टीकाकरण के लिए निर्धारित बच्चों की जानकारी समय से अपडेट की जाए। इसके साथ ही ड्यू लिस्ट को नियमित रूप से अपडेट करते हुए उसके अनुसार लाभार्थियों से संपर्क किया जाए। एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय के साथ ड्यू लाभार्थियों की ट्रैकिंग करें तथा टीकाकरण से छूटे बच्चों एवं महिलाओं को आगामी सत्र में अनिवार्य रूप से कवर करें। *हाई रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के यूएसजी पर विशेष जोर* निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाली गर्भवती महिलाओं के चिन्हीकरण एवं उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की स्थिति की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि चिन्हित सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की जाए तथा निर्धारित समय पर आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का यूएसजी (अल्ट्रासोनोग्राफी) प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराया जाए। एएनएम एवं आशा प्रत्येक चिन्हित एचआरपी महिला के यूएसजी की स्थिति का नियमित फॉलोअप करें। जिन महिलाओं का यूएसजी लंबित है, उन्हें स्वास्थ्य इकाई तक पहुंचाकर जांच सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि समय से यूएसजी एवं अन्य आवश्यक जांच के माध्यम से जोखिम की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकता है। एचआरपी महिलाओं की सूची अद्यतन रखी जाए तथा प्रत्येक महिला की स्वास्थ्य स्थिति, आवश्यक जांच, यूएसजी एवं फॉलोअप की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष वीएचएसएनडी के माध्यम से ग्राम स्तर पर प्रत्येक पात्र महिला एवं बच्चे तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए। एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय से टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान एवं समयबद्ध फॉलोअप पर विशेष ध्यान दें। इस दौरान एसीएमओ अजय शुक्ला मौजूद रहें। प्रोजेक्ट संवर्धन के तहत ग्राम दांदव, विकास खंड तुलसीपुर में विशेष वीएचएसएनडी सत्र का डीएम ने किया निरीक्षण डीएम ने टीकाकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के चिन्हीकरण एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति का लिया जायजा हाई रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के यूएसजी पर विशेष फोकस, नियमित निगरानी एवं फॉलोअप के दिए निर्देश ई-कवच एवं ड्यू लिस्ट नियमित अपडेट करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किए जाने के निर्देश बलरामपुर!मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट संवर्धन के अंतर्गत प्रत्येक बुधवार को आयोजित होने वाले विशेष ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) के तहत जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा ग्राम दांदव, विकास खंड तुलसीपुर में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाली महिलाओं के चिन्हीकरण, उनकी स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय कार्रवाई की प्रगति का जायजा लिया। ग्राम पंचायत सचिवालय दांदव, विकास खंड तुलसीपुर में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से प्रभावी मोबिलाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। ग्राम में ऐसे सभी बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को सत्र तक लाया जाए, जिनका टीकाकरण निर्धारित है, जिससे कोई भी पात्र लाभार्थी टीकाकरण एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। इस दौरान एएनएम द्वारा बताया गया कि विशेष वीएचएसएनडी सत्र में 09 बच्चों एवं 05 महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने टीकाकरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए एएनएम एवं आशा के रजिस्टर का भी निरीक्षण किया तथा अभिलेखों को नियमित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं तथा टीकाकरण के लिए निर्धारित बच्चों की जानकारी समय से अपडेट की जाए। इसके साथ ही ड्यू लिस्ट को नियमित रूप से अपडेट करते हुए उसके अनुसार लाभार्थियों से संपर्क किया जाए। एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय के साथ ड्यू लाभार्थियों की ट्रैकिंग करें तथा टीकाकरण से छूटे बच्चों एवं महिलाओं को आगामी सत्र में अनिवार्य रूप से कवर करें। *हाई रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के यूएसजी पर विशेष जोर* निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाली गर्भवती महिलाओं के चिन्हीकरण एवं उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की स्थिति की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि चिन्हित सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की जाए तथा निर्धारित समय पर आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का यूएसजी (अल्ट्रासोनोग्राफी) प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराया जाए। एएनएम एवं आशा प्रत्येक चिन्हित एचआरपी महिला के यूएसजी की स्थिति का नियमित फॉलोअप करें। जिन महिलाओं का यूएसजी लंबित है, उन्हें स्वास्थ्य इकाई तक पहुंचाकर जांच सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि समय से यूएसजी एवं अन्य आवश्यक जांच के माध्यम से जोखिम की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकता है। एचआरपी महिलाओं की सूची अद्यतन रखी जाए तथा प्रत्येक महिला की स्वास्थ्य स्थिति, आवश्यक जांच, यूएसजी एवं फॉलोअप की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष वीएचएसएनडी के माध्यम से ग्राम स्तर पर प्रत्येक पात्र महिला एवं बच्चे तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए। एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय से टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान एवं समयबद्ध फॉलोअप पर विशेष ध्यान दें। इस दौरान एसीएमओ अजय शुक्ला मौजूद रहें।
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    प्रोजेक्ट संवर्धन के तहत ग्राम दांदव, विकास खंड तुलसीपुर में विशेष वीएचएसएनडी सत्र का डीएम ने किया निरीक्षण

डीएम ने टीकाकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के चिन्हीकरण एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति का लिया जायजा

हाई रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के यूएसजी पर विशेष फोकस, नियमित निगरानी एवं फॉलोअप के दिए निर्देश

ई-कवच एवं ड्यू लिस्ट नियमित अपडेट करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किए जाने के निर्देश

बलरामपुर!मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट संवर्धन के अंतर्गत प्रत्येक बुधवार को आयोजित होने वाले विशेष ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) के तहत जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा ग्राम दांदव, विकास खंड तुलसीपुर में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र का निरीक्षण किया गया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाली महिलाओं के चिन्हीकरण, उनकी स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय कार्रवाई की प्रगति का जायजा लिया।

ग्राम पंचायत सचिवालय दांदव, विकास खंड तुलसीपुर में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से प्रभावी मोबिलाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। ग्राम में ऐसे सभी बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को सत्र तक लाया जाए, जिनका टीकाकरण निर्धारित है, जिससे कोई भी पात्र लाभार्थी टीकाकरण एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।

इस दौरान एएनएम द्वारा बताया गया कि विशेष वीएचएसएनडी सत्र में 09 बच्चों एवं 05 महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने टीकाकरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए एएनएम एवं आशा के रजिस्टर का भी निरीक्षण किया तथा अभिलेखों को नियमित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं तथा टीकाकरण के लिए निर्धारित बच्चों की जानकारी समय से अपडेट की जाए। इसके साथ ही ड्यू लिस्ट को नियमित रूप से अपडेट करते हुए उसके अनुसार लाभार्थियों से संपर्क किया जाए। एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय के साथ ड्यू लाभार्थियों की ट्रैकिंग करें तथा टीकाकरण से छूटे बच्चों एवं महिलाओं को आगामी सत्र में अनिवार्य रूप से कवर करें।

*हाई रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के यूएसजी पर विशेष जोर*

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाली गर्भवती महिलाओं के चिन्हीकरण एवं उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की स्थिति की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि चिन्हित सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की जाए तथा निर्धारित समय पर आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का यूएसजी (अल्ट्रासोनोग्राफी) प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराया जाए। एएनएम एवं आशा प्रत्येक चिन्हित एचआरपी महिला के यूएसजी की स्थिति का नियमित फॉलोअप करें। जिन महिलाओं का यूएसजी लंबित है, उन्हें स्वास्थ्य इकाई तक पहुंचाकर जांच सुनिश्चित कराई जाए।

उन्होंने कहा कि समय से यूएसजी एवं अन्य आवश्यक जांच के माध्यम से जोखिम की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकता है। एचआरपी महिलाओं की सूची अद्यतन रखी जाए तथा प्रत्येक महिला की स्वास्थ्य स्थिति, आवश्यक जांच, यूएसजी एवं फॉलोअप की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष वीएचएसएनडी के माध्यम से ग्राम स्तर पर प्रत्येक पात्र महिला एवं बच्चे तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए। एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय से टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान एवं समयबद्ध फॉलोअप पर विशेष ध्यान दें।

इस दौरान एसीएमओ अजय शुक्ला मौजूद रहें।
प्रोजेक्ट संवर्धन के तहत ग्राम दांदव, विकास खंड तुलसीपुर में विशेष वीएचएसएनडी सत्र का डीएम ने किया निरीक्षण
डीएम ने टीकाकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के चिन्हीकरण एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति का लिया जायजा
हाई रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के यूएसजी पर विशेष फोकस, नियमित निगरानी एवं फॉलोअप के दिए निर्देश
ई-कवच एवं ड्यू लिस्ट नियमित अपडेट करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किए जाने के निर्देश
बलरामपुर!मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट संवर्धन के अंतर्गत प्रत्येक बुधवार को आयोजित होने वाले विशेष ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) के तहत जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा ग्राम दांदव, विकास खंड तुलसीपुर में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र का निरीक्षण किया गया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाली महिलाओं के चिन्हीकरण, उनकी स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय कार्रवाई की प्रगति का जायजा लिया।
ग्राम पंचायत सचिवालय दांदव, विकास खंड तुलसीपुर में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से प्रभावी मोबिलाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। ग्राम में ऐसे सभी बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को सत्र तक लाया जाए, जिनका टीकाकरण निर्धारित है, जिससे कोई भी पात्र लाभार्थी टीकाकरण एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
इस दौरान एएनएम द्वारा बताया गया कि विशेष वीएचएसएनडी सत्र में 09 बच्चों एवं 05 महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने टीकाकरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए एएनएम एवं आशा के रजिस्टर का भी निरीक्षण किया तथा अभिलेखों को नियमित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं तथा टीकाकरण के लिए निर्धारित बच्चों की जानकारी समय से अपडेट की जाए। इसके साथ ही ड्यू लिस्ट को नियमित रूप से अपडेट करते हुए उसके अनुसार लाभार्थियों से संपर्क किया जाए। एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय के साथ ड्यू लाभार्थियों की ट्रैकिंग करें तथा टीकाकरण से छूटे बच्चों एवं महिलाओं को आगामी सत्र में अनिवार्य रूप से कवर करें।
*हाई रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के यूएसजी पर विशेष जोर*
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाली गर्भवती महिलाओं के चिन्हीकरण एवं उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की स्थिति की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि चिन्हित सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की जाए तथा निर्धारित समय पर आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का यूएसजी (अल्ट्रासोनोग्राफी) प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराया जाए। एएनएम एवं आशा प्रत्येक चिन्हित एचआरपी महिला के यूएसजी की स्थिति का नियमित फॉलोअप करें। जिन महिलाओं का यूएसजी लंबित है, उन्हें स्वास्थ्य इकाई तक पहुंचाकर जांच सुनिश्चित कराई जाए।
उन्होंने कहा कि समय से यूएसजी एवं अन्य आवश्यक जांच के माध्यम से जोखिम की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकता है। एचआरपी महिलाओं की सूची अद्यतन रखी जाए तथा प्रत्येक महिला की स्वास्थ्य स्थिति, आवश्यक जांच, यूएसजी एवं फॉलोअप की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष वीएचएसएनडी के माध्यम से ग्राम स्तर पर प्रत्येक पात्र महिला एवं बच्चे तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए। एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय से टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान एवं समयबद्ध फॉलोअप पर विशेष ध्यान दें।
इस दौरान एसीएमओ अजय शुक्ला मौजूद रहें।
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    Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बलरामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई साइबर सेल/CEIR टीम ने 151 अदद गुमशुदा स्मार्टफोन किया बरामद अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये, पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल स्वामियों को किए सुपुर्द बलरामपुर। जनपद के विभिन्न थानों से प्राप्त मोबाइल फोन गायब/गुम होने की शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी यातायात/साइबर पर्यवेक्षण अधिकारी श्री वीर शेन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में जनपदीय साइबर सेल एवं थाना साइबर सेल/CEIR टीम ने भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल का उपयोग कर कुल 151 अदद स्मार्टफोन बरामद किए। बरामद किए गए स्मार्टफोन की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। दिनांक 16 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलरामपुर में पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए गए। मोबाइल फोन वापस मिलने पर उपस्थित नागरिकों एवं मोबाइल स्वामियों ने बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल तथा साइबर/CEIR टीम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिस के अनुसार इस पहल से गुमशुदा संपत्ति की बरामदगी के साथ आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने आमजन को विश्वास दिलाया कि गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी। बरामदगी 151 अदद स्मार्टफोन — अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये। जनता के लिए सुझाव पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तत्काल अपने नजदीकी थाने में स्थापित साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। बरामदगी करने वाली टीम 1. जनपदीय साइबर सेल/सर्विलांस सेल 2. समस्त थानों पर स्थापित साइबर सेल/हेल्प डेस्क एवं CEIR टीम पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बलरामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई साइबर सेल/CEIR टीम ने 151 अदद गुमशुदा स्मार्टफोन किया बरामद अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये, पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल स्वामियों को किए सुपुर्द बलरामपुर। जनपद के विभिन्न थानों से प्राप्त मोबाइल फोन गायब/गुम होने की शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी यातायात/साइबर पर्यवेक्षण अधिकारी श्री वीर शेन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में जनपदीय साइबर सेल एवं थाना साइबर सेल/CEIR टीम ने भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल का उपयोग कर कुल 151 अदद स्मार्टफोन बरामद किए। बरामद किए गए स्मार्टफोन की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। दिनांक 16 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलरामपुर में पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए गए। मोबाइल फोन वापस मिलने पर उपस्थित नागरिकों एवं मोबाइल स्वामियों ने बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल तथा साइबर/CEIR टीम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिस के अनुसार इस पहल से गुमशुदा संपत्ति की बरामदगी के साथ आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने आमजन को विश्वास दिलाया कि गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी। बरामदगी 151 अदद स्मार्टफोन — अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये। जनता के लिए सुझाव पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तत्काल अपने नजदीकी थाने में स्थापित साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। बरामदगी करने वाली टीम 1. जनपदीय साइबर सेल/सर्विलांस सेल 2. समस्त थानों पर स्थापित साइबर सेल/हेल्प डेस्क एवं CEIR टीम
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    पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बलरामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

साइबर सेल/CEIR टीम ने 151 अदद गुमशुदा स्मार्टफोन किया बरामद

अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये, पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल स्वामियों को किए सुपुर्द

बलरामपुर। जनपद के विभिन्न थानों से प्राप्त मोबाइल फोन गायब/गुम होने की शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी यातायात/साइबर पर्यवेक्षण अधिकारी श्री वीर शेन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में जनपदीय साइबर सेल एवं थाना साइबर सेल/CEIR टीम ने भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल का उपयोग कर कुल 151 अदद स्मार्टफोन बरामद किए।

बरामद किए गए स्मार्टफोन की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। दिनांक 16 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलरामपुर में पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए गए।

मोबाइल फोन वापस मिलने पर उपस्थित नागरिकों एवं मोबाइल स्वामियों ने बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल तथा साइबर/CEIR टीम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

पुलिस के अनुसार इस पहल से गुमशुदा संपत्ति की बरामदगी के साथ आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने आमजन को विश्वास दिलाया कि गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी।

बरामदगी

151 अदद स्मार्टफोन — अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये।

जनता के लिए सुझाव

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तत्काल अपने नजदीकी थाने में स्थापित साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

बरामदगी करने वाली टीम

1. जनपदीय साइबर सेल/सर्विलांस सेल
2. समस्त थानों पर स्थापित साइबर सेल/हेल्प डेस्क एवं CEIR टीम
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बलरामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
साइबर सेल/CEIR टीम ने 151 अदद गुमशुदा स्मार्टफोन किया बरामद
अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये, पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल स्वामियों को किए सुपुर्द
बलरामपुर। जनपद के विभिन्न थानों से प्राप्त मोबाइल फोन गायब/गुम होने की शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी यातायात/साइबर पर्यवेक्षण अधिकारी श्री वीर शेन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में जनपदीय साइबर सेल एवं थाना साइबर सेल/CEIR टीम ने भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल का उपयोग कर कुल 151 अदद स्मार्टफोन बरामद किए।
बरामद किए गए स्मार्टफोन की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। दिनांक 16 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलरामपुर में पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए गए।
मोबाइल फोन वापस मिलने पर उपस्थित नागरिकों एवं मोबाइल स्वामियों ने बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल तथा साइबर/CEIR टीम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुलिस के अनुसार इस पहल से गुमशुदा संपत्ति की बरामदगी के साथ आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने आमजन को विश्वास दिलाया कि गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी।
बरामदगी
151 अदद स्मार्टफोन — अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये।
जनता के लिए सुझाव
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तत्काल अपने नजदीकी थाने में स्थापित साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
बरामदगी करने वाली टीम
1. जनपदीय साइबर सेल/सर्विलांस सेल
2. समस्त थानों पर स्थापित साइबर सेल/हेल्प डेस्क एवं CEIR टीम
    user_Gulshad khan journalist
    Gulshad khan journalist
    Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बलरामपुर। जनपद बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल/CEIR टीम ने गुम हुए 151 स्मार्टफोन बरामद कर उनके स्वामियों को सौंप दिए। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए। बलरामपुर। जनपद बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल/CEIR टीम ने गुम हुए 151 स्मार्टफोन बरामद कर उनके स्वामियों को सौंप दिए। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए।
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    बलरामपुर। जनपद बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल/CEIR टीम ने गुम हुए 151 स्मार्टफोन बरामद कर उनके स्वामियों को सौंप दिए। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए।
बलरामपुर। जनपद बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल/CEIR टीम ने गुम हुए 151 स्मार्टफोन बरामद कर उनके स्वामियों को सौंप दिए। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए।
    user_Rahul Ratna
    Rahul Ratna
    रिपोर्टर बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बलरामपुर: रोड की कीमती जमीन दिखाकर चक मार्ग की भूमि बेची, ₹7.75 लाख की धोखाधड़ी का आरोप बलरामपुर: रोड की कीमती जमीन दिखाकर चक मार्ग की भूमि बेची, ₹7.75 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लखनऊ सुपरफास्ट ख़बरे ब्यूरो चीफ़ सौरभ कौशल ​बलरामपुर, कौवापुर महाराजगंज तराई थाना क्षेत्र के कौवापुर नेवादापुर निवासी सन्तोष कुमार गुप्ता (पुत्र हनुमान) ने प्यारेगांव गुलरिहा निवासी प्रमोद कुमार यादव (पुत्र राज कुमार) पर जमीन के नाम पर लाखों रुपये की ठगी और धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। ​कीमती जमीन दिखाकर दी सस्ती भूमि पीड़ित सन्तोष कुमार के अनुसार, आरोपी प्रमोद यादव ने उन्हें ग्राम भगवानपुर में कन्दैला मुख्य मार्ग (रोड) पर स्थित घाटा संख्या 172 की जमीन दिखाकर बैनामा का सौदा तय किया था। इसके लिए पीड़ित ने अपनी पत्नी के जेवर बेचकर और कर्ज लेकर ₹4,20,000 की रकम दी। हालांकि, रजिस्ट्री के दौरान चालाकी करते हुए मुख्य मार्ग की जमीन के बजाय रोड से 200 मीटर दूर स्थित सस्ती और चक मार्ग पर स्थित घाटा संख्या 155 का बैनामा कर दिया गया। ​कमर्शियल/आवासीय दर पर ₹86,000 का लगा जुर्माना पीड़ित ने बताया कि चौहद्दी में आसपास बने मकान और मुख्य मार्ग का उल्लेख किया गया था, लेकिन जांच के दौरान स्थल पर आवासीय/कमर्शियल दर लागू होने के कारण पीड़ित पर कोर्ट द्वारा ₹86,000 का जुर्माना (स्टाम्प पेनल्टी) लगा दिया गया। पीड़ित का कहना है कि जब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, वे जुर्माना जमा नहीं करेंगे। ​इकरारनामा और ₹4.90 लाख का अन्य गबन इसके अलावा, आरोपी ने एक अन्य घाटा संख्या 571 (8 बीघा) का बैनामा कराने के लिए इकरारनामा किया और इकरारनामा राशि, निर्माण सामग्री, एवं अन्य खर्चों के नाम पर कुल मिलाकर ₹4,90,000 ऐंठ लिए। इस प्रकार पीड़ित से कुल ₹7,75,000 की धोखाधड़ी की गई है। ​रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी पूर्व में थाने पर हुए समझौते के अनुसार, आरोपी ने 1 महीने के भीतर रकम लौटाने या जमीन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब आरोपी बैनामा करने और पैसे वापस करने से साफ मुकर गया है। पीड़ित का आरोप है कि रुपये मांगने पर आरोपी गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा है। ​पुलिस से कार्रवाई की मांग पीड़ित सन्तोष कुमार गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि फर्जी शिकायतों का निस्तारण कर दोषी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए तथा उनकी ठगी गई धनराशि ₹7,75,000 वापस दिलाई जाए।
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    बलरामपुर: रोड की कीमती जमीन दिखाकर चक मार्ग की भूमि बेची, ₹7.75 लाख की धोखाधड़ी का आरोप

बलरामपुर: रोड की कीमती जमीन दिखाकर चक मार्ग की भूमि बेची, ₹7.75 लाख की धोखाधड़ी का आरोप
लखनऊ सुपरफास्ट ख़बरे 
ब्यूरो चीफ़ सौरभ कौशल 
​बलरामपुर, कौवापुर 
महाराजगंज तराई थाना क्षेत्र के कौवापुर नेवादापुर निवासी सन्तोष कुमार गुप्ता (पुत्र हनुमान) ने प्यारेगांव गुलरिहा निवासी प्रमोद कुमार यादव (पुत्र राज कुमार) पर जमीन के नाम पर लाखों रुपये की ठगी और धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
​कीमती जमीन दिखाकर दी सस्ती भूमि
पीड़ित सन्तोष कुमार के अनुसार, आरोपी प्रमोद यादव ने उन्हें ग्राम भगवानपुर में कन्दैला मुख्य मार्ग (रोड) पर स्थित घाटा संख्या 172 की जमीन दिखाकर बैनामा का सौदा तय किया था। इसके लिए पीड़ित ने अपनी पत्नी के जेवर बेचकर और कर्ज लेकर ₹4,20,000 की रकम दी। हालांकि, रजिस्ट्री के दौरान चालाकी करते हुए मुख्य मार्ग की जमीन के बजाय रोड से 200 मीटर दूर स्थित सस्ती और चक मार्ग पर स्थित घाटा संख्या 155 का बैनामा कर दिया गया।
​कमर्शियल/आवासीय दर पर ₹86,000 का लगा जुर्माना
पीड़ित ने बताया कि चौहद्दी में आसपास बने मकान और मुख्य मार्ग का उल्लेख किया गया था, लेकिन जांच के दौरान स्थल पर आवासीय/कमर्शियल दर लागू होने के कारण पीड़ित पर कोर्ट द्वारा ₹86,000 का जुर्माना (स्टाम्प पेनल्टी) लगा दिया गया। पीड़ित का कहना है कि जब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, वे जुर्माना जमा नहीं करेंगे।
​इकरारनामा और ₹4.90 लाख का अन्य गबन
इसके अलावा, आरोपी ने एक अन्य घाटा संख्या 571 (8 बीघा) का बैनामा कराने के लिए इकरारनामा किया और इकरारनामा राशि, निर्माण सामग्री, एवं अन्य खर्चों के नाम पर कुल मिलाकर ₹4,90,000 ऐंठ लिए। इस प्रकार पीड़ित से कुल ₹7,75,000 की धोखाधड़ी की गई है।
​रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी
पूर्व में थाने पर हुए समझौते के अनुसार, आरोपी ने 1 महीने के भीतर रकम लौटाने या जमीन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब आरोपी बैनामा करने और पैसे वापस करने से साफ मुकर गया है। पीड़ित का आरोप है कि रुपये मांगने पर आरोपी गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा है।
​पुलिस से कार्रवाई की मांग
पीड़ित सन्तोष कुमार गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि फर्जी शिकायतों का निस्तारण कर दोषी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए तथा उनकी ठगी गई धनराशि ₹7,75,000 वापस दिलाई जाए।
    user_स्वतंत्र भारतीय न्यूज़
    स्वतंत्र भारतीय न्यूज़
    Local News Reporter तुलसीपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद गोंडा देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ गोण्डा - लेखपाल पर गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप। मौत से पहले पीड़ित ने वीडियो बनाकर किया वायरल।
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    ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद गोंडा देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़
गोण्डा - लेखपाल पर गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप।
मौत से पहले पीड़ित ने वीडियो बनाकर किया वायरल।
    user_मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    Voice of people बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • एमएसएमई योजनाओं पर कार्यशाला, युवाओं को स्वरोजगार के लिए दी जानकारी सिद्धार्थनगर जिले में उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय की ओर से उद्यम लांच पैड के तहत एमएसएमई योजनाओं को लेकर बुधवार को लोहिया कला भवन में कार्यशाला आयोजित की गई। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में युवाओं और उद्यमियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और उनके लाभ की जानकारी दी गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन के निर्देश पर उद्यम लांच पैड के अंतर्गत एमएसएमई योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि कार्यशाला में दी जा रही जानकारी का लाभ उठाते हुए स्वरोजगार के अवसर तलाशें और योजनाओं के माध्यम से अपना उद्यम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि उद्योग विभाग की ओर से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना समेत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को रोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में ऐसे और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक युवा और संभावित उद्यमी सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें। जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर भी कार्यशालाएं आयोजित कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर शासन से आए विशेषज्ञों ने पीपीटी के माध्यम से एमएसएमई योजनाओं, उद्यम स्थापना की प्रक्रिया तथा उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में उद्यमियों, युवाओं और संबंधित विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
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    एमएसएमई योजनाओं पर कार्यशाला, युवाओं को स्वरोजगार के लिए दी जानकारी

सिद्धार्थनगर जिले में उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय की ओर से उद्यम लांच पैड के तहत एमएसएमई योजनाओं को लेकर बुधवार को लोहिया कला भवन में कार्यशाला आयोजित की गई। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में युवाओं और उद्यमियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और उनके लाभ की जानकारी दी गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन के निर्देश पर उद्यम लांच पैड के अंतर्गत एमएसएमई योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि कार्यशाला में दी जा रही जानकारी का लाभ उठाते हुए स्वरोजगार के अवसर तलाशें और योजनाओं के माध्यम से अपना उद्यम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि उद्योग विभाग की ओर से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना समेत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को रोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में ऐसे और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक युवा और संभावित उद्यमी सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें। जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर भी कार्यशालाएं आयोजित कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर शासन से आए विशेषज्ञों ने पीपीटी के माध्यम से एमएसएमई योजनाओं, उद्यम स्थापना की प्रक्रिया तथा उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में उद्यमियों, युवाओं और संबंधित विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    Local News Reporter बंसी, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    59 min ago
  • मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा का किया औचक निरीक्षण कमियों को सुधारने व व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए दिए कड़े निर्देश श्रावस्ती!विभिन्न मीडिया के माध्यम से प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह जी के द्वारा संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा का औचक निरीक्षण किया। मीडिया रिपोर्टों में इमरजेंसी वार्ड के ऊपर रखी पानी की टंकियों पर ढक्कन न लगे होने की शिकायत उजागर की गई थी।​निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी को छत पर रखी चार पानी की टंकियां बिना ढक्कन के मिलीं।उन्होंने तत्काल प्रभाव से सभी टंकियों की सफाई कराकर नए ढक्कन लगवाने के सख्त निर्देश दिए, ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। इसके अतिरिक्त, छत पर अव्यवस्थित ढंग से पड़े स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और अन्य कबाड़ को तुरंत हटाने का आदेश दिया गया।​छत के निरीक्षण के पश्चात मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल परिसर के विभिन्न वार्डों एवं ओपीडी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया निरीक्षण के समय तक फिजिशियन डॉ. अजय गौतम द्वारा 68 मरीजों तथा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ध्रुव मिश्रा द्वारा 65 मरीजों का परीक्षण किया जा चुका था। सीएमओ ने सभी डॉक्टरों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्थिति में बाहर की दवाएं न लिखी जाएं और अस्पताल में सभी जरूरी दवाई उपलब्ध हैं और उपलब्ध दवाएं ही मरीजों को दी जाएं।अस्पताल में मौजूद तीमारदारों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं, सफाई और व्यवस्थाओं को लेकर उनका फीडबैक लिया गया। 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान' दिवस की व्यवस्थाओं की जांच की गई। मौके पर एएनएम, फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स उपस्थित मिले, किंतु कार्यक्रम का आधिकारिक बैनर नहीं लगा पाया गया। सीएमओ ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए अगले अभियान दिवस पर अनिवार्य रूप से पोस्टर-बैनर लगाने और अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।​निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजपाल सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी क्रमशः डॉ. उदयनाथ, व डॉ. के.के. वर्मा, डॉ केडी गुप्ता एवं ए.आर.ओ. सुरेश यादव सहित अस्पताल के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सीएमओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा का किया औचक निरीक्षण
कमियों को सुधारने व व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए दिए कड़े निर्देश
श्रावस्ती!विभिन्न मीडिया के माध्यम से प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह जी के द्वारा संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा का औचक निरीक्षण किया। मीडिया रिपोर्टों में इमरजेंसी वार्ड के ऊपर रखी पानी की टंकियों पर ढक्कन न लगे होने की शिकायत उजागर की गई थी।​निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी को छत पर रखी चार पानी की टंकियां बिना ढक्कन के मिलीं।उन्होंने तत्काल प्रभाव से सभी टंकियों की सफाई कराकर नए ढक्कन लगवाने के सख्त निर्देश दिए, ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। इसके अतिरिक्त, छत पर अव्यवस्थित ढंग से पड़े स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और अन्य कबाड़ को तुरंत हटाने का आदेश दिया गया।​छत के निरीक्षण के पश्चात मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल परिसर के विभिन्न वार्डों एवं ओपीडी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया  निरीक्षण के समय तक फिजिशियन डॉ. अजय गौतम द्वारा 68 मरीजों तथा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ध्रुव मिश्रा द्वारा 65 मरीजों का परीक्षण किया जा चुका था। सीएमओ ने सभी डॉक्टरों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्थिति में बाहर की दवाएं न लिखी जाएं और अस्पताल में सभी जरूरी दवाई उपलब्ध हैं और उपलब्ध दवाएं ही मरीजों को दी जाएं।अस्पताल में मौजूद तीमारदारों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं, सफाई और व्यवस्थाओं को लेकर उनका फीडबैक लिया गया। 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान' दिवस की व्यवस्थाओं की जांच की गई। मौके पर एएनएम, फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स उपस्थित मिले, किंतु कार्यक्रम का आधिकारिक बैनर नहीं लगा पाया गया। सीएमओ ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए अगले अभियान दिवस पर अनिवार्य रूप से पोस्टर-बैनर लगाने और अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।​निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजपाल सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी क्रमशः डॉ. उदयनाथ, व डॉ. के.के. वर्मा, डॉ केडी गुप्ता एवं ए.आर.ओ. सुरेश यादव सहित अस्पताल के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सीएमओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    user_Hasmat Husain Khan
    Hasmat Husain Khan
    Lawyer इकौना, श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बलरामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई साइबर सेल/CEIR टीम ने 151 अदद गुमशुदा स्मार्टफोन किया बरामद अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये, पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल स्वामियों को किए सुपुर्द बलरामपुर। जनपद के विभिन्न थानों से प्राप्त मोबाइल फोन गायब/गुम होने की शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी यातायात/साइबर पर्यवेक्षण अधिकारी श्री वीर शेन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में जनपदीय साइबर सेल एवं थाना साइबर सेल/CEIR टीम ने भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल का उपयोग कर कुल 151 अदद स्मार्टफोन बरामद किए। बरामद किए गए स्मार्टफोन की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। दिनांक 16 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलरामपुर में पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए गए। मोबाइल फोन वापस मिलने पर उपस्थित नागरिकों एवं मोबाइल स्वामियों ने बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल तथा साइबर/CEIR टीम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिस के अनुसार इस पहल से गुमशुदा संपत्ति की बरामदगी के साथ आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने आमजन को विश्वास दिलाया कि गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी। बरामदगी 151 अदद स्मार्टफोन — अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये। जनता के लिए सुझाव पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तत्काल अपने नजदीकी थाने में स्थापित साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। बरामदगी करने वाली टीम 1. जनपदीय साइबर सेल/सर्विलांस सेल 2. समस्त थानों पर स्थापित साइबर सेल/हेल्प डेस्क एवं CEIR टीम पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बलरामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई साइबर सेल/CEIR टीम ने 151 अदद गुमशुदा स्मार्टफोन किया बरामद अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये, पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल स्वामियों को किए सुपुर्द बलरामपुर। जनपद के विभिन्न थानों से प्राप्त मोबाइल फोन गायब/गुम होने की शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी यातायात/साइबर पर्यवेक्षण अधिकारी श्री वीर शेन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में जनपदीय साइबर सेल एवं थाना साइबर सेल/CEIR टीम ने भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल का उपयोग कर कुल 151 अदद स्मार्टफोन बरामद किए। बरामद किए गए स्मार्टफोन की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। दिनांक 16 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलरामपुर में पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए गए। मोबाइल फोन वापस मिलने पर उपस्थित नागरिकों एवं मोबाइल स्वामियों ने बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल तथा साइबर/CEIR टीम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिस के अनुसार इस पहल से गुमशुदा संपत्ति की बरामदगी के साथ आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने आमजन को विश्वास दिलाया कि गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी। बरामदगी 151 अदद स्मार्टफोन — अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये। जनता के लिए सुझाव पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तत्काल अपने नजदीकी थाने में स्थापित साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। बरामदगी करने वाली टीम 1. जनपदीय साइबर सेल/सर्विलांस सेल 2. समस्त थानों पर स्थापित साइबर सेल/हेल्प डेस्क एवं CEIR टीम
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    पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बलरामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

साइबर सेल/CEIR टीम ने 151 अदद गुमशुदा स्मार्टफोन किया बरामद

अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये, पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल स्वामियों को किए सुपुर्द

बलरामपुर। जनपद के विभिन्न थानों से प्राप्त मोबाइल फोन गायब/गुम होने की शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी यातायात/साइबर पर्यवेक्षण अधिकारी श्री वीर शेन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में जनपदीय साइबर सेल एवं थाना साइबर सेल/CEIR टीम ने भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल का उपयोग कर कुल 151 अदद स्मार्टफोन बरामद किए।

बरामद किए गए स्मार्टफोन की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। दिनांक 16 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलरामपुर में पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए गए।

मोबाइल फोन वापस मिलने पर उपस्थित नागरिकों एवं मोबाइल स्वामियों ने बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल तथा साइबर/CEIR टीम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

पुलिस के अनुसार इस पहल से गुमशुदा संपत्ति की बरामदगी के साथ आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने आमजन को विश्वास दिलाया कि गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी।

बरामदगी

151 अदद स्मार्टफोन — अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये।

जनता के लिए सुझाव

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तत्काल अपने नजदीकी थाने में स्थापित साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

बरामदगी करने वाली टीम

1. जनपदीय साइबर सेल/सर्विलांस सेल
2. समस्त थानों पर स्थापित साइबर सेल/हेल्प डेस्क एवं CEIR टीम
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बलरामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
साइबर सेल/CEIR टीम ने 151 अदद गुमशुदा स्मार्टफोन किया बरामद
अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये, पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल स्वामियों को किए सुपुर्द
बलरामपुर। जनपद के विभिन्न थानों से प्राप्त मोबाइल फोन गायब/गुम होने की शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी यातायात/साइबर पर्यवेक्षण अधिकारी श्री वीर शेन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में जनपदीय साइबर सेल एवं थाना साइबर सेल/CEIR टीम ने भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल का उपयोग कर कुल 151 अदद स्मार्टफोन बरामद किए।
बरामद किए गए स्मार्टफोन की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये बताई गई है। दिनांक 16 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलरामपुर में पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा बरामद मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए गए।
मोबाइल फोन वापस मिलने पर उपस्थित नागरिकों एवं मोबाइल स्वामियों ने बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल तथा साइबर/CEIR टीम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुलिस के अनुसार इस पहल से गुमशुदा संपत्ति की बरामदगी के साथ आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने आमजन को विश्वास दिलाया कि गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी।
बरामदगी
151 अदद स्मार्टफोन — अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये।
जनता के लिए सुझाव
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तत्काल अपने नजदीकी थाने में स्थापित साइबर सेल पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
बरामदगी करने वाली टीम
1. जनपदीय साइबर सेल/सर्विलांस सेल
2. समस्त थानों पर स्थापित साइबर सेल/हेल्प डेस्क एवं CEIR टीम
    user_Azad choudhari journlist
    Azad choudhari journlist
    Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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