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यह पोस्ट इस भावना को व्यक्त करती है कि यदि किसी को ईश्वर का संरक्षण प्राप्त हो, तो कोई भी शक्ति उसे हानि नहीं पहुँचा सकती। एक हालिया खतरे से बच निकलने की घटना को व्यंगात्मक रूप से यमराज के अवकाश पर होने से जोड़ा गया है, यह सुझाव देते हुए कि व्यक्ति के चमत्कारी रूप से बच जाने का एकमात्र कारण यही था।

3 hrs ago
user_Chunmun Gupta पत्रकार
Chunmun Gupta पत्रकार
Building consultant बिल्सी, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

यह पोस्ट इस भावना को व्यक्त करती है कि यदि किसी को ईश्वर का संरक्षण प्राप्त हो, तो कोई भी शक्ति उसे हानि नहीं पहुँचा सकती। एक हालिया खतरे से बच निकलने की घटना को व्यंगात्मक रूप से यमराज के अवकाश पर होने से जोड़ा गया है, यह सुझाव देते हुए कि व्यक्ति के चमत्कारी रूप से बच जाने का एकमात्र कारण यही था।

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  • बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 24.640 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विवेक, निहाल, अभिषेक और विशाल के रूप में हुई है, जो बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के कंचनपुर के निवासी हैं। फरार हुए आरोपी का नाम ककराला निवासी फूलमियां बताया गया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पांच लोग दो मोटरसाइकिलों पर गांजा लेकर चौडेरा-शिकारपुर और विसारतनगर चौराहे के पास यात्री शेड पर मौजूद हैं। इसी सूचना के आधार पर प्रभारी निरीक्षक माधौ सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी और चार आरोपियों को मौके से धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे फूलमियां के साथ मिलकर सस्ते दाम पर गांजा खरीदते थे और फिर उसे अलग-अलग क्षेत्रों में ऊँचे दाम पर बेचकर मुनाफा कमाते थे। पुलिस ने बरामद 24.640 किलो गांजा, दोनों मोटरसाइकिलें और मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया है और आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपी फूलमियां की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा और ऐसे अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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    बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 24.640 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विवेक, निहाल, अभिषेक और विशाल के रूप में हुई है, जो बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के कंचनपुर के निवासी हैं। फरार हुए आरोपी का नाम ककराला निवासी फूलमियां बताया गया है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पांच लोग दो मोटरसाइकिलों पर गांजा लेकर चौडेरा-शिकारपुर और विसारतनगर चौराहे के पास यात्री शेड पर मौजूद हैं। इसी सूचना के आधार पर प्रभारी निरीक्षक माधौ सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी और चार आरोपियों को मौके से धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे फूलमियां के साथ मिलकर सस्ते दाम पर गांजा खरीदते थे और फिर उसे अलग-अलग क्षेत्रों में ऊँचे दाम पर बेचकर मुनाफा कमाते थे।

पुलिस ने बरामद 24.640 किलो गांजा, दोनों मोटरसाइकिलें और मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया है और आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपी फूलमियां की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा और ऐसे अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
    user_शकील बख्शी जर्नलिस्ट
    शकील बख्शी जर्नलिस्ट
    बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • विज्ञान के युग में भी आस्था और अंधविश्वास की एक अनोखी घटना बदायूं जिले के बगरैंन कस्बा क्षेत्र के गोंठा बरखेड़ा गांव में सामने आई है, जहाँ एक पीपल के वृक्ष पर शनिदेव महाराज और हनुमान जी की आकृति उभरी बताई जा रही है। इस घटना के प्रचार-प्रसार के बाद अब यह स्थान आस्था के केंद्र में बदल गया है, जहाँ सैकड़ों श्रद्धालु भक्त पहुँचकर पीपल के वृक्ष से मन्नतें माँग रहे हैं और चढ़ावा चढ़ा रहे हैं। श्रद्धालुओं ने वृक्ष को चारों ओर से घेरकर भजन-कीर्तन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान अब मात्र एक खेत नहीं, बल्कि ईश्वरीय ऊर्जा का प्रतीक बन गया है। पीपल के पेड़ की छाल पर शनि देव और हनुमान जी की आकृतियाँ उभरने की खबर फैलते ही आसपास के गाँवों के लोग दर्शनों के लिए उमड़ पड़े। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सामान्य घटना नहीं, बल्कि ईश्वर का चमत्कार है। प्रत्येक शनिवार को यहाँ दूर-दराज से आए सैकड़ों भक्त कतारबद्ध होकर वृक्ष के दर्शन कर रहे हैं, अपनी मन्नतें माँग रहे हैं और भजन-कीर्तन में लीन हैं।
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    विज्ञान के युग में भी आस्था और अंधविश्वास की एक अनोखी घटना बदायूं जिले के बगरैंन कस्बा क्षेत्र के गोंठा बरखेड़ा गांव में सामने आई है, जहाँ एक पीपल के वृक्ष पर शनिदेव महाराज और हनुमान जी की आकृति उभरी बताई जा रही है। इस घटना के प्रचार-प्रसार के बाद अब यह स्थान आस्था के केंद्र में बदल गया है, जहाँ सैकड़ों श्रद्धालु भक्त पहुँचकर पीपल के वृक्ष से मन्नतें माँग रहे हैं और चढ़ावा चढ़ा रहे हैं।

श्रद्धालुओं ने वृक्ष को चारों ओर से घेरकर भजन-कीर्तन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान अब मात्र एक खेत नहीं, बल्कि ईश्वरीय ऊर्जा का प्रतीक बन गया है। पीपल के पेड़ की छाल पर शनि देव और हनुमान जी की आकृतियाँ उभरने की खबर फैलते ही आसपास के गाँवों के लोग दर्शनों के लिए उमड़ पड़े। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सामान्य घटना नहीं, बल्कि ईश्वर का चमत्कार है। प्रत्येक शनिवार को यहाँ दूर-दराज से आए सैकड़ों भक्त कतारबद्ध होकर वृक्ष के दर्शन कर रहे हैं, अपनी मन्नतें माँग रहे हैं और भजन-कीर्तन में लीन हैं।
    user_राजेश कुमार वर्मा
    राजेश कुमार वर्मा
    बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बदायूं से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ लापता चल रहे जल जीवन मिशन के क्वालिटी इंजीनियर जितेंद्र चंदेल का शव बदायूं-बिजनौर हाईवे के किनारे एक खंती में बरामद किया गया है। शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस को शव के पास से उनकी बाइक भी मिली है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुँच गई और जाँच में जुट गई है। प्रथम दृष्टया यह मामला सड़क हादसे का लग रहा है, लेकिन वास्तविक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
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    बदायूं से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ लापता चल रहे जल जीवन मिशन के क्वालिटी इंजीनियर जितेंद्र चंदेल का शव बदायूं-बिजनौर हाईवे के किनारे एक खंती में बरामद किया गया है। शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है।

पुलिस को शव के पास से उनकी बाइक भी मिली है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुँच गई और जाँच में जुट गई है। प्रथम दृष्टया यह मामला सड़क हादसे का लग रहा है, लेकिन वास्तविक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
    user_JOURNALIST REETESH PRATAP
    JOURNALIST REETESH PRATAP
    Local News Reporter बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • फरीदाबाद में एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जहाँ हरियाणा पुलिस ने एक आलीशान होटल से आईटी इंजीनियर को नकली नोट छापते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विनायक झा के रूप में हुई है, जो फरीदाबाद के सेक्टर-17 का निवासी है और आईआईटी बेंगलुरु से पासआउट है। वह नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में ₹34 लाख के सालाना पैकेज पर आईटी प्रोफेशनल के तौर पर कार्यरत था। पुलिस के अनुसार, विनायक झा पिछले दो दिनों से फरीदाबाद के एक लक्जरी होटल में कमरा बुक करके रुका हुआ था। गुप्त सूचना के आधार पर सूरजकुंड थाना पुलिस ने होटल के कमरे में छापा मारा, जहाँ उसे नकली नोट बनाते हुए पकड़ा गया। यह भी सामने आया है कि विनायक झा एक बेहद संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता है, जिसके माता और पिता दोनों ही सरकारी नौकरी में ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं। पुलिस ने होटल के कमरे से ₹500 का एक नकली नोट और ₹100 के 10 नकली नोट बरामद किए हैं। इसके साथ ही, नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, जिनमें एक लैपटॉप, एक हाई-क्वालिटी प्रिंटर और विशेष कागज शामिल हैं, भी जब्त किए गए हैं। सूरजकुंड थाना पुलिस ने विनायक झा के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि बरामद किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और लैपटॉप की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी कहीं जाली नोटों की आपूर्ति की है और इस रैकेट में उसके साथ कोई और भी शामिल है या नहीं।
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    फरीदाबाद में एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जहाँ हरियाणा पुलिस ने एक आलीशान होटल से आईटी इंजीनियर को नकली नोट छापते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विनायक झा के रूप में हुई है, जो फरीदाबाद के सेक्टर-17 का निवासी है और आईआईटी बेंगलुरु से पासआउट है। वह नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में ₹34 लाख के सालाना पैकेज पर आईटी प्रोफेशनल के तौर पर कार्यरत था।

पुलिस के अनुसार, विनायक झा पिछले दो दिनों से फरीदाबाद के एक लक्जरी होटल में कमरा बुक करके रुका हुआ था। गुप्त सूचना के आधार पर सूरजकुंड थाना पुलिस ने होटल के कमरे में छापा मारा, जहाँ उसे नकली नोट बनाते हुए पकड़ा गया। यह भी सामने आया है कि विनायक झा एक बेहद संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता है, जिसके माता और पिता दोनों ही सरकारी नौकरी में ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं।

पुलिस ने होटल के कमरे से ₹500 का एक नकली नोट और ₹100 के 10 नकली नोट बरामद किए हैं। इसके साथ ही, नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, जिनमें एक लैपटॉप, एक हाई-क्वालिटी प्रिंटर और विशेष कागज शामिल हैं, भी जब्त किए गए हैं। सूरजकुंड थाना पुलिस ने विनायक झा के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि बरामद किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और लैपटॉप की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी कहीं जाली नोटों की आपूर्ति की है और इस रैकेट में उसके साथ कोई और भी शामिल है या नहीं।
    user_आशीष कुमार मिश्रा
    आशीष कुमार मिश्रा
    Local News Reporter Chandausi, Sambhal•
    2 hrs ago
  • विधायक हरिओम वर्मा से एक सीधा सवाल पूछा गया है, जिसमें उनसे युवाओं के भविष्य और रोजगार के लिए उठाए गए ठोस कदमों के बारे में स्पष्टीकरण माँगा गया है। यह प्रश्न विशेष रूप से इस बात पर केंद्रित है कि इन महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान हेतु अब तक क्या ठोस प्रयास किए गए हैं।
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    विधायक हरिओम वर्मा से एक सीधा सवाल पूछा गया है, जिसमें उनसे युवाओं के भविष्य और रोजगार के लिए उठाए गए ठोस कदमों के बारे में स्पष्टीकरण माँगा गया है। यह प्रश्न विशेष रूप से इस बात पर केंद्रित है कि इन महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान हेतु अब तक क्या ठोस प्रयास किए गए हैं।
    user_देवेन्द्र प्रताप सिंह
    देवेन्द्र प्रताप सिंह
    Local News Reporter Sahawar, Kasganj•
    8 hrs ago
  • रविवार दोपहर करीब 2 बजे बदायूँ के कोतवाली क्षेत्र स्थित हलवाई चौक-चूना मंडी के पास एक गहरे नाले में 30 वर्षीय अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी और हड़कंप मच गया। यह खबर बदायूँ के लिए एक बड़ी खबर बन गई है। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। कोतवाली पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गई है, और मृतक युवक की शिनाख्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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    रविवार दोपहर करीब 2 बजे बदायूँ के कोतवाली क्षेत्र स्थित हलवाई चौक-चूना मंडी के पास एक गहरे नाले में 30 वर्षीय अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी और हड़कंप मच गया। यह खबर बदायूँ के लिए एक बड़ी खबर बन गई है।

सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। कोतवाली पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गई है, और मृतक युवक की शिनाख्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
    user_JOURNALIST REETESH PRATAP
    JOURNALIST REETESH PRATAP
    Local News Reporter बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जनपद संभल में ₹101 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 38 बीघा सरकारी जमीन को अवैध रूप से निजी भू-स्वामियों के नाम दर्ज कर बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। एक शिकायत के बाद हुई गहन जांच में पता चला कि यह बेशकीमती 'नवीन परती' भूमि, जो संभल-मुरादाबाद हाईवे पर चार जुड़े हुए प्लॉट नंबरों के रूप में स्थित है, का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। लगभग 60 साल बाद, डीडीसी कोर्ट के आदेश पर अब खतौनी से निजी खातेदारों के नाम हटा दिए गए हैं और भूमि को राज्य सरकार तथा ग्राम सभा के नाम दर्ज कर दिया गया है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने रविवार शाम को तहसील संभल के थाना रायसत्ती क्षेत्र के गांव तख्त गोसाईं का दौरा किया और गाटा संख्या 206, 207, 233, 242/378 और 279 में लगभग डेढ़ घंटे तक जांच की। जिलाधिकारी ने बताया कि यह भूमि वर्ष 1954 में नगर पालिका परिषद संभल को प्रबंधन के लिए दी गई थी। इसके 13 साल बाद, वर्ष 1967 में, नगर पालिका परिषद ने कथित तौर पर कुछ पट्टेदारों को इस जमीन का पट्टा आवंटित कर दिया था। प्रथम दृष्टया, नगर पालिका को प्रबंधन के लिए दी गई जमीन का पट्टा करने का अधिकार नहीं था, जिसके कारण यह पट्टा शुरू से ही शून्य था। इसके बाद यह जमीन पट्टेदारों के कब्जे में आ गई। वर्ष 1991 में, अपर तहसीलदार कोर्ट ने सईदउल्लाह सहित इन अवैध कब्जाधारियों को अवैध घोषित करते हुए उनकी बेदखली का आदेश दिया। वर्ष 1992 में अपर जिलाधिकारी कोर्ट में की गई अपील भी खारिज हो गई और कोर्ट ने कब्जाधारियों को अवैध मानते हुए इसे सरकारी जमीन घोषित किया था। बाद में, चकबंदी कोर्ट में दायर एक वाद के बाद, वर्ष 2005 में चकबंदी अधिकारी ने सुनवाई कर इसे ग्राम सभा की भूमि के रूप में यथावत रखने का आदेश दिया। हालांकि, वर्ष 2008 में तत्कालीन डीडीसी प्रेम सिंह खड़क ने अपने क्षेत्राधिकार से परे जाकर और गलत तथ्यों के आधार पर इस जमीन को निजी खातेदारों का बता दिया और उन्हें कब्जा दिए जाने के आदेश भी जारी कर दिए। 2008 के इस आदेश के खिलाफ नगर पालिका प्रबंधन ने हाईकोर्ट में अपील दायर करने का प्रयास किया, लेकिन वर्ष 2013 में तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता ने हाईकोर्ट में एक आवेदन दायर कर कहा कि नगर पालिका इस मामले में पैरवी करने की इच्छुक नहीं है। हाल ही में जब यह पूरा प्रकरण अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो 1954 से अब तक की पूरी जांच कराई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह 'नवीन परती' की जमीन है और इसका उपयोग गलत लोगों द्वारा व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया गया था। तत्काल संज्ञान लेते हुए एक टीम का गठन किया गया और डीडीसी कोर्ट में पुनर्स्थापना याचिका दायर की गई, जिसकी सुनवाई प्रतिदिन सुनिश्चित की गई। जिलाधिकारी के अनुसार, सुनवाई रोकने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कुछ लोगों द्वारा प्रयास भी किए गए, लेकिन अंततः डीडीसी कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में निर्णय सुनाया। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, खतौनी से उन खातेदारों के नाम तुरंत हटाकर राज्य सरकार और ग्राम सभा का नाम 'नवीन परती' के अंतर्गत दर्ज किया गया। अब इस मामले में तत्कालीन ईओ, उस समय के नगर पालिका के मानचित्र बनाने वाले कर्मी, वर्ष 2005 और 2008 के डीडीसी, बैनामा कराने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों और मूल पट्टेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। साथ ही, विभागीय कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।
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    जनपद संभल में ₹101 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 38 बीघा सरकारी जमीन को अवैध रूप से निजी भू-स्वामियों के नाम दर्ज कर बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। एक शिकायत के बाद हुई गहन जांच में पता चला कि यह बेशकीमती 'नवीन परती' भूमि, जो संभल-मुरादाबाद हाईवे पर चार जुड़े हुए प्लॉट नंबरों के रूप में स्थित है, का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। लगभग 60 साल बाद, डीडीसी कोर्ट के आदेश पर अब खतौनी से निजी खातेदारों के नाम हटा दिए गए हैं और भूमि को राज्य सरकार तथा ग्राम सभा के नाम दर्ज कर दिया गया है।

जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने रविवार शाम को तहसील संभल के थाना रायसत्ती क्षेत्र के गांव तख्त गोसाईं का दौरा किया और गाटा संख्या 206, 207, 233, 242/378 और 279 में लगभग डेढ़ घंटे तक जांच की। जिलाधिकारी ने बताया कि यह भूमि वर्ष 1954 में नगर पालिका परिषद संभल को प्रबंधन के लिए दी गई थी। इसके 13 साल बाद, वर्ष 1967 में, नगर पालिका परिषद ने कथित तौर पर कुछ पट्टेदारों को इस जमीन का पट्टा आवंटित कर दिया था। प्रथम दृष्टया, नगर पालिका को प्रबंधन के लिए दी गई जमीन का पट्टा करने का अधिकार नहीं था, जिसके कारण यह पट्टा शुरू से ही शून्य था। इसके बाद यह जमीन पट्टेदारों के कब्जे में आ गई। वर्ष 1991 में, अपर तहसीलदार कोर्ट ने सईदउल्लाह सहित इन अवैध कब्जाधारियों को अवैध घोषित करते हुए उनकी बेदखली का आदेश दिया। वर्ष 1992 में अपर जिलाधिकारी कोर्ट में की गई अपील भी खारिज हो गई और कोर्ट ने कब्जाधारियों को अवैध मानते हुए इसे सरकारी जमीन घोषित किया था। बाद में, चकबंदी कोर्ट में दायर एक वाद के बाद, वर्ष 2005 में चकबंदी अधिकारी ने सुनवाई कर इसे ग्राम सभा की भूमि के रूप में यथावत रखने का आदेश दिया। हालांकि, वर्ष 2008 में तत्कालीन डीडीसी प्रेम सिंह खड़क ने अपने क्षेत्राधिकार से परे जाकर और गलत तथ्यों के आधार पर इस जमीन को निजी खातेदारों का बता दिया और उन्हें कब्जा दिए जाने के आदेश भी जारी कर दिए। 2008 के इस आदेश के खिलाफ नगर पालिका प्रबंधन ने हाईकोर्ट में अपील दायर करने का प्रयास किया, लेकिन वर्ष 2013 में तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता ने हाईकोर्ट में एक आवेदन दायर कर कहा कि नगर पालिका इस मामले में पैरवी करने की इच्छुक नहीं है।

हाल ही में जब यह पूरा प्रकरण अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो 1954 से अब तक की पूरी जांच कराई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह 'नवीन परती' की जमीन है और इसका उपयोग गलत लोगों द्वारा व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया गया था। तत्काल संज्ञान लेते हुए एक टीम का गठन किया गया और डीडीसी कोर्ट में पुनर्स्थापना याचिका दायर की गई, जिसकी सुनवाई प्रतिदिन सुनिश्चित की गई। जिलाधिकारी के अनुसार, सुनवाई रोकने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कुछ लोगों द्वारा प्रयास भी किए गए, लेकिन अंततः डीडीसी कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में निर्णय सुनाया। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, खतौनी से उन खातेदारों के नाम तुरंत हटाकर राज्य सरकार और ग्राम सभा का नाम 'नवीन परती' के अंतर्गत दर्ज किया गया।

अब इस मामले में तत्कालीन ईओ, उस समय के नगर पालिका के मानचित्र बनाने वाले कर्मी, वर्ष 2005 और 2008 के डीडीसी, बैनामा कराने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों और मूल पट्टेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। साथ ही, विभागीय कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।
    user_Nitin Sagar
    Nitin Sagar
    Court reporter चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • नोएडा के सेक्टर-119 स्थित अरण्य सोसाइटी से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ 21वीं मंजिल पर एक फ्लैट में एयर कंडीशनर (AC) फटने के कारण भीषण आग लग गई है। इस अग्निकांड की चपेट में आसपास के अन्य फ्लैट भी आ गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुँच चुकी हैं और बचाव एवं राहत कार्य तेजी से जारी है। हालांकि, घटना से संबंधित पूरी जानकारी और आग से हुए नुकसान का सटीक आकलन अभी तक सामने आना बाकी है।
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    नोएडा के सेक्टर-119 स्थित अरण्य सोसाइटी से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ 21वीं मंजिल पर एक फ्लैट में एयर कंडीशनर (AC) फटने के कारण भीषण आग लग गई है। इस अग्निकांड की चपेट में आसपास के अन्य फ्लैट भी आ गए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुँच चुकी हैं और बचाव एवं राहत कार्य तेजी से जारी है। हालांकि, घटना से संबंधित पूरी जानकारी और आग से हुए नुकसान का सटीक आकलन अभी तक सामने आना बाकी है।
    user_Bhoodev Parsad
    Bhoodev Parsad
    बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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