UGC के नए नियमों के खिलाफ छात्र नेताओं का विरोध तेज, संयम जैन ने बताया ‘जनविरोधी काला कानून’ गोरमेंट कॉमर्स कॉलेज के छात्र नेता संयम जैन ने यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इसे छात्रों और समाज के हितों के खिलाफ बताया और इसे “काला कानून” करार दिया। संयम जैन ने अपने बयान में कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आज विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग आसीन हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष जैसे पदों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समाज में प्रतिनिधित्व बढ़ा है, ऐसे में असमानता के नाम पर नीतियों को लागू करना गंभीर बहस का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में सामान्य वर्ग के कई समुदाय खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित संस्थाओं से सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित नीति बनाने की मांग की। छात्र नेता ने देशभर के युवाओं, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि 30 जनवरी तक गांव, जिला और शहर स्तर पर अधिक से अधिक संख्या में ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया जाए, ताकि यूजीसी के इन नियमों को वापस लिया जा सके। संयम जैन ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी को एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए। फिलहाल इस मुद्दे पर छात्र संगठनों में लगातार चर्चा तेज होती जा रही है और आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन अभियान और व्यापक रूप लेने की संभावना है।
UGC के नए नियमों के खिलाफ छात्र नेताओं का विरोध तेज, संयम जैन ने बताया ‘जनविरोधी काला कानून’ गोरमेंट कॉमर्स कॉलेज के छात्र नेता संयम जैन ने यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इसे छात्रों और समाज के हितों के खिलाफ बताया और इसे “काला कानून” करार दिया। संयम जैन ने अपने बयान में कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आज विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग आसीन हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष जैसे पदों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समाज में प्रतिनिधित्व बढ़ा है, ऐसे में असमानता के नाम पर नीतियों को लागू करना गंभीर बहस का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में सामान्य वर्ग के कई समुदाय खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित संस्थाओं से सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित नीति बनाने की मांग की। छात्र नेता ने देशभर के युवाओं, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि 30 जनवरी तक गांव, जिला और शहर स्तर पर अधिक से अधिक संख्या में ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया जाए, ताकि यूजीसी के इन नियमों को वापस लिया जा सके। संयम जैन ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी को एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए। फिलहाल इस मुद्दे पर छात्र संगठनों में लगातार चर्चा तेज होती जा रही है और आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन अभियान और व्यापक रूप लेने की संभावना है।
- sabanam nisha jo maine apne bacchi ke liye awaaz utha rahi hun lad rahi hun kharche ka case kiy hai ya Allah hamen usmein kamyabi dena kamyab karna Allah aur mere sasural walon se meri aur meri bacchi ki taaja karna 🕋😥🤲1
- शहर के झालावाड़ रोड स्थित प्रसिद्ध सिटी मॉल में आज एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने लोन रिकवरी के लिए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बैंक ने मॉल के बेसमेंट में स्थित दुकान नंबर B-54, जो NANUS ADA (नानूस अड्डा) के नाम से संचालित थी, उसे अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के विधिक सलाहकार विनीत विजय ने जानकारी देते हुए बताया कि बैंक ने इस दुकान पर 65 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया था। पिछले काफी समय से दुकान मालिक द्वारा लोन की किस्तों का भुगतान नहीं किया जा रहा था। बैंक की ओर से इस संबंध में कई बार कानूनी नोटिस जारी कर बकाया राशि चुकाने का अवसर दिया गया, लेकिन मालिक की ओर से कोई ठोस जवाब या भुगतान नहीं मिला। न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई विधिक सलाहकार ने बताया कि लोन की वसूली न होने पर बैंक ने कानूनी रास्ता अपनाया। माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), कोटा की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के पक्ष में कब्जा लेने के आदेश जारी किए। कोर्ट के आदेशों की अनुपालना में आज बैंक की टीम भारी पुलिस जाप्ते के साथ सिटी मॉल पहुँची। वहाँ स्थित दुकान नानूस अड्डा को खाली करवाकर बैंक ने आधिकारिक रूप से अपना कब्जा ले लिया। बैंक अधिकारियों ने दुकान पर अपनी सील लगा दी है और अब इस संपत्ति की नीलामी के जरिए बकाया राशि वसूल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान मॉल में मौजूद अन्य दुकानदारों और ग्राहकों के बीच कौतूहल और हड़कंप का माहौल बना रहा।1
- कोटा। नगर निगम के राजस्व अनुभाग, अतिक्रमण अनुभाग तथा कोटा डेयरी व पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को जवाहर नगर सहित कोचिंग क्षेत्र में स्थित विभिन्न डेयरी बूथ पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान वहां अवैध रूप से बची जा रही सामग्री को जप्त किया गया। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि शहर में विभिन्न स्थानों पर स्थित डेयरी बूथ पर नियमानुसार सिर्फ कोटा डेयरी के उत्पाद ही बेचने की अनुमति है। लेकिन इन डेयरी बूथ पर अवैध रूप से अन्य सामग्री बेची जाने की शिकायतें निरंतर प्राप्त हो रही हैं। इस पर मंगलवार को जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने नगर निगम, कोटा डेयरी और पुलिस को निर्देश दिए थे कि संयुक्त टीम बनाकर डेयरी बूथ की जांच की जाए। आयुक्त मेहरा ने बताया कि निर्देशों की पालना में नगर निगम के उपायुक्त राजस्व धीरज कुमार सोनी के नेतृत्व में नगर निगम के अतिक्रमण अनुभाग, राजस्व अनुभाग तथा कोटा डेयरी व पुलिस को शामिल करते हुए एक टीम का गठन किया गया। औचक कार्यवाही करने के लिए यह टीम जवाहर नगर स्थित विभिन्न डेयरी बूथ पर पहुंची। वहां अधिकांश डेयरी बूथ बंद पड़े थे लेकिन जो भी डेयरी बूथ खुले मिले, वहां टीम ने सघन जांच की और कोटा डेयरी के उत्पादों के अतिरिक्त अन्य सभी उत्पादों को जप्त कर लिया गया। निगम की अचानक हुई इस कार्रवाई से डेयरी बूथ संचालकों में हड़कंप पहुंच गया। आयुक्त मेहरा ने बताया की कार्रवाई के दौरान डेयरी बूथ संचालकों की एनओसी की भी जांच की गई। जो लोग मौके पर एनओसी नहीं दिखा सके, उन्हें अगले दो दिनों में निगम कार्यालय में उपस्थित होकर एनओसी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त मेहरा ने बताया कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और अधिक बढ़ाया जाएगा। इस दौरान अवैध रूप से बेची जा रही सामग्री को जप्त करने के साथ-साथ अवैध रूप से संचालित डेयरी बूथ को भी स्थाई रूप से हटाया जाएगा।1
- ग्राम बेगाना में lewa खेत पर जाने का रास्ता खराब हो रहा है रास्ता जाने का1
- 20 मिनट का 'तांडव': ओलावृष्टि और बारिश से खेतों में बिछी चने की फसल बड़गांव। कस्बे में आज सुबह जब अचानक मौसम बदला और सुबह सवा 9 बजे के करीब शुरू हुई । बारिश के साथ तेज हवा चली व चने के आकार के ओले भी गिरे। महज 20 मिनट तक हुई मूसलाधार बारिश और उसके साथ गिरे चने के आकार के ओलों ने किसानों की लहलहाती उम्मीदों को मिट्टी में मिला दिया है। फूलों से लदी फसल हुई धराशायी इस समय चने की फसल अपनी सबसे महत्वपूर्ण अवस्था में थी।खेतों में चने के पौधों पर फूल आ रहे थे। लेकिन 20 मिनट की इस बेमौसम मार ने सब कुछ बदल कर रख दिया।ओलों की मार से चने के आकार के ओले गिरने से पौधों पर लगे कोमल फूल झड़ गए हैं, जिससे अब फलियाँ बनने की प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित होगी। तेज हवा का प्रकोप: बारिश के साथ चली तूफानी हवाओं के कारण भारी हो चुके पौधे जमीन पर आड़े पड़ गए हैं।1
- रामगंज मंडी में बागेश्वर धाम सरकार की कथा में जनता के विचार1
- कोटा : प्रदेश मे SIR के नाम पर मतदाता सूचीयो में से मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हेतु पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने आज प्रात करीब 11बजे नयापुरा कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। गुंजल ने कहा कि सरकार आमआदमी के लोकतांत्रिक अधिकारों पर डाका डाल रही हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि आमआदमी को अपने मताधिकार व लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर आना होगा।1
- sabanam nisha 😥💔🥀1
- Post by Ajit Meena1