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बेटी के विवाह में बारात ठहराने के लिए स्कूल की चाबी नहीं मिली, सुनिए ग्रामीण की गुहार बिहार के ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर सरकारी व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी सामने आई है, जहां बेटी के विवाह के दौरान एक व्यक्ति को बारात ठहराने के लिए सरकारी स्कूल की चाबी नहीं मिल सकी, जिससे वह सरकार पर भड़क उठा। गांवों में आम तौर पर सरकारी स्कूलों का उपयोग रात में बारात ठहराने के लिए किया जाता है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय व्यवस्था और समन्वय की कमी को उजागर कर दिया है। लोगों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में प्रशासन को बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना चाहिए ताकि सामाजिक आयोजनों में परेशानी न हो।
Bittu kumar
बेटी के विवाह में बारात ठहराने के लिए स्कूल की चाबी नहीं मिली, सुनिए ग्रामीण की गुहार बिहार के ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर सरकारी व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी सामने आई है, जहां बेटी के विवाह के दौरान एक व्यक्ति को बारात ठहराने के लिए सरकारी स्कूल की चाबी नहीं मिल सकी, जिससे वह सरकार पर भड़क उठा। गांवों में आम तौर पर सरकारी स्कूलों का उपयोग रात में बारात ठहराने के लिए किया जाता है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय व्यवस्था और समन्वय की कमी को उजागर कर दिया है। लोगों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में प्रशासन को बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना चाहिए ताकि सामाजिक आयोजनों में परेशानी न हो।
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- हाजिरी बनाकर स्कूल से गायब! नरकटियागंज के इस स्कूल में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाली बड़ी खबर सामने आई है, जहां स्कूल में बच्चों की पढ़ाई से ज्यादा हाजिरी का खेल चलता मिला। मामला उत्क्रमित मध्य विद्यालय कटघरवा का है, जहां ग्रामीणों की लगातार शिकायत के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार जांच के लिए पहुंचे। जांच के दौरान जो खुलासे हुए, उसने पूरे शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीईओ के निरीक्षण के समय शिक्षिका शहनाज प्रवीण स्कूल की हाजिरी रजिस्टर में मौजूद दर्ज थीं, लेकिन स्कूल परिसर से गायब मिलीं। जांच में यह भी सामने आया कि यह कोई एक दिन की लापरवाही नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही कथित आदत है। आरोप है कि शिक्षिका रोजाना स्कूल पहुंचकर पहले अपनी उपस्थिति दर्ज करती हैं और फिर स्कूल छोड़कर चली जाती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। विद्यालय के प्रधान शिक्षक राजन श्रीवास्तव ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि कई बार शिक्षिका की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए गए और हाजिरी काटने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार उनके पति स्कूल पहुंचकर हंगामा और धमकी देने लगते हैं। इस वजह से विद्यालय का माहौल भी लगातार प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों में भी इस मामले को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि स्कूल में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। वहीं ई-शिक्षाकोष पोर्टल की जांच में भी कई दिनों तक विलंब से हाजिरी दर्ज किए जाने की पुष्टि हुई है, जिससे मामले ने और तूल पकड़ लिया है। फिलहाल प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा कर दी है। वहीं इस मामले में शिक्षिका शहनाज प्रवीण के पति सुजीत निश्रा का कहना है कि अचानक तबीयत खराब होने के कारण शिक्षिका स्कूल से चली गई थीं और उन्होंने फुल डे का अवकाश ले लिया था। अब इस मामले में विभाग क्या कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
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- Post by Bhulan Kumar1
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- पश्चिम चंपारण में संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। तरनजोत सिंह ने अधिकारियों को बांध मरम्मति, राहत सामग्री, नाव निबंधन और बचाव संसाधनों की तैयारी समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है। पश्चिम चंपारण में संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। तरनजोत सिंह ने अधिकारियों को बांध मरम्मति, राहत सामग्री, नाव निबंधन और बचाव संसाधनों की तैयारी समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है।1