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प्रयागराज में बारिश का असर: गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी, छतनाग में सबसे ज्यादा 33 सेमी बढ़ा पानी प्रयागराज में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा और यमुना के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। गुरुवार 6 अगस्त सुबह 8 बजे बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में गंगा और यमुना के तीनों प्रमुख गेज स्टेशनों पर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी गंगा के छतनाग में 33 सेंटीमीटर हुई है। वहीं फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 28 सेंटीमीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 26 सेंटीमीटर बढ़ा है।

1 hr ago
user_Arvind singh kumar
Arvind singh kumar
Media house इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

प्रयागराज में बारिश का असर: गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी, छतनाग में सबसे ज्यादा 33 सेमी बढ़ा पानी प्रयागराज में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा और यमुना के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। गुरुवार 6 अगस्त सुबह 8 बजे बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में गंगा और यमुना के तीनों प्रमुख गेज स्टेशनों पर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी गंगा के छतनाग में 33 सेंटीमीटर हुई है। वहीं फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 28 सेंटीमीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 26 सेंटीमीटर बढ़ा है।

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  • *गांव की पीड़ा कैमरे में कैद, अब प्रशासन की परीक्षा — प्रधान, सचिव और जिम्मेदार व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल* *पहली ही बारिश में डूबा विकास! जगदीशपुर का रास्ता बना दलदल, वीडियो ने खोली ज़मीनी हकीकत* प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र की बारा तहसील अंतर्गत ग्राम सभा जगदीशपुर से सामने आई तस्वीरें किसी प्राकृतिक आपदा की नहीं, बल्कि विकास के उन दावों की हकीकत बयां कर रही हैं जो पहली ही बरसात में पानी- पानी होते दिखाई दे रहे हैं। हल्की बारिश के बाद गांव का प्रमुख आवागमन मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया। सड़क की पहचान तक मिट गई। चारों ओर कीचड़, पानी और फिसलन का ऐसा आलम है कि पैदल चलना भी किसी जोखिम से कम नहीं। बच्चे स्कूल जाएं तो कैसे, बुजुर्ग निकलें तो किस सहारे और रोजमर्रा के कामकाज के लिए ग्रामीण आखिर किस रास्ते से जाएं? यह सवाल अब पूरे गांव की जुबान पर है। मौके से सामने आया वीडियो स्वयं इस बात की गवाही दे रहा है कि बरसात की शुरुआत में ही हालात इतने भयावह हैं तो यदि लगातार मूसलाधार वर्षा हुई, तब इस गांव की तस्वीर कैसी होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि रास्ता जलभराव की चपेट में है और ग्रामीणों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो चुका है। यह केवल पानी भरने की घटना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित समस्या की जीवंत तस्वीर है, जो हर बारिश में गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ा देती है। जब यह मामला मीडिया के संज्ञान में आया तो प्रशासन का पक्ष जानने के लिए उपजिलाधिकारी बारा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी कारणवश उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद तहसीलदार बारा से वार्ता की गई। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शुक्रवार को स्वयं मौके का निरीक्षण कराया जाएगा और जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह नियमानुसार सुनिश्चित की जाएगी। इससे ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्या केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर भी समाधान की दिशा में कदम बढ़ेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्राम पंचायत व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। यदि यह समस्या वर्षों से चली आ रही है तो क्या ग्राम प्रधान ने समय रहते इसकी जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाई? यदि किसी स्तर पर चूक हुई तो ग्राम पंचायत सचिव ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन क्यों नहीं किया। क्या विकास योजनाओं की समीक्षा केवल कागजों तक सीमित रह गई? आखिर वह कौन-सी कड़ी है जहां से व्यवस्था कमजोर पड़ जाती है और उसका खामियाजा हर साल ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है? अब गांव के लोगों की निगाहें शुक्रवार पर टिकी हैं। सभी को इंतजार है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें, जिम्मेदारी तय करें और वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। मीडिया भी इस पूरे प्रकरण की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। शुक्रवार को मौके पर जो दिखाई देगा, जो सुना जाएगा और जिस स्तर पर कार्रवाई होगी, वही बिना किसी लाग-लपेट के जनता के सामने रखा जाएगा। क्योंकि कैमरा कभी झूठ नहीं बोलता और पहली ही बरसात में सामने आई यह तस्वीरें अपने आप में बहुत कुछ कह रही हैं।
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    *गांव की पीड़ा कैमरे में कैद, अब प्रशासन की परीक्षा — प्रधान, सचिव और जिम्मेदार व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल*

*पहली ही बारिश में डूबा विकास! जगदीशपुर का रास्ता बना दलदल, वीडियो ने खोली ज़मीनी हकीकत*
प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र की बारा तहसील अंतर्गत ग्राम सभा जगदीशपुर से सामने आई तस्वीरें किसी प्राकृतिक आपदा की नहीं, बल्कि विकास के उन दावों की हकीकत बयां कर रही हैं जो पहली ही बरसात में पानी- पानी होते दिखाई दे रहे हैं। हल्की बारिश के बाद गांव का प्रमुख आवागमन मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया। सड़क की पहचान तक मिट गई। चारों ओर कीचड़, पानी और फिसलन का ऐसा आलम है कि पैदल चलना भी किसी जोखिम से कम नहीं। बच्चे स्कूल जाएं तो कैसे, बुजुर्ग निकलें तो किस सहारे और रोजमर्रा के कामकाज के लिए ग्रामीण आखिर किस रास्ते से जाएं? यह सवाल अब पूरे गांव की जुबान पर है। मौके से सामने आया वीडियो स्वयं इस बात की गवाही दे रहा है कि बरसात की शुरुआत में ही हालात इतने भयावह हैं तो यदि लगातार मूसलाधार वर्षा हुई, तब इस गांव की तस्वीर कैसी होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि रास्ता जलभराव की चपेट में है और ग्रामीणों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो चुका है। यह केवल पानी भरने की घटना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित समस्या की जीवंत तस्वीर है, जो हर बारिश में गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ा देती है। जब यह मामला मीडिया के संज्ञान में आया तो प्रशासन का पक्ष जानने के लिए उपजिलाधिकारी बारा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी कारणवश उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद तहसीलदार बारा से वार्ता की गई। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शुक्रवार को स्वयं मौके का निरीक्षण कराया जाएगा और जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह नियमानुसार सुनिश्चित की जाएगी। इससे ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्या केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर भी समाधान की दिशा में कदम बढ़ेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्राम पंचायत व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। यदि यह समस्या वर्षों से चली आ रही है तो क्या ग्राम प्रधान ने समय रहते इसकी जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाई? यदि किसी स्तर पर चूक हुई तो ग्राम पंचायत सचिव ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन क्यों नहीं किया। क्या विकास योजनाओं की समीक्षा केवल कागजों तक सीमित रह गई? आखिर वह कौन-सी कड़ी है जहां से व्यवस्था कमजोर पड़ जाती है और उसका खामियाजा हर साल ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है? अब गांव के लोगों की निगाहें शुक्रवार पर टिकी हैं। सभी को इंतजार है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें, जिम्मेदारी तय करें और वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। मीडिया भी इस पूरे प्रकरण की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। शुक्रवार को मौके पर जो दिखाई देगा, जो सुना जाएगा और जिस स्तर पर कार्रवाई होगी, वही बिना किसी लाग-लपेट के जनता के सामने रखा जाएगा। क्योंकि कैमरा कभी झूठ नहीं बोलता और पहली ही बरसात में सामने आई यह तस्वीरें अपने आप में बहुत कुछ कह रही हैं।
    user_Manoj Kumar kesarwani
    Manoj Kumar kesarwani
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पहली ही बारिश में डूबा जगदीशपुर का रास्ता खुला विकास का पोल प्रयागराज तहसील बारा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा जगदीशपुर से सामने आया वीडियो विकास के दावों की पोल खोल रहा है। यह किसी प्राकृतिक आपदा की नहीं, बल्कि पहली ही बरसात में पानी-पानी हुए विकास की तस्वीर है।हल्की बारिश के बाद ही गांव का प्रमुख आवागमन मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है सड़क की पहचान तक मिट गई है मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम बारा का मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद तहसीलदार बारा से बात हुई।तो उन्होंने भरोसा दिलाया कि शुक्रवार को स्वयं मौके का निरीक्षण कराया जाएगा इधर गांव वालों को उम्मीद है कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्या फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी।
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    पहली ही बारिश में डूबा जगदीशपुर का रास्ता खुला विकास का पोल
प्रयागराज तहसील बारा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा जगदीशपुर से सामने आया वीडियो विकास के दावों की पोल खोल रहा है। यह किसी प्राकृतिक आपदा की नहीं, बल्कि पहली ही बरसात में पानी-पानी हुए विकास की तस्वीर है।हल्की बारिश के बाद ही गांव का प्रमुख आवागमन मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है सड़क की पहचान तक मिट गई है मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम बारा का मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद तहसीलदार बारा से बात हुई।तो उन्होंने भरोसा दिलाया कि शुक्रवार को स्वयं मौके का निरीक्षण कराया जाएगा इधर गांव वालों को उम्मीद है कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्या फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी।
    user_पुष्पराज सिंह
    पुष्पराज सिंह
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • प्रयागराज। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता कर राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्र संवाद' कार्यक्रम की जानकारी दी.... प्रयागराज। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता कर राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्र संवाद' कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं और छात्रों की समस्याओं, शिक्षा, रोजगार तथा भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। अजय राय ने बताया कि कांग्रेस छात्रों की आवाज़ को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिक से अधिक छात्रों से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि राहुल गांधी युवाओं के विचार सुनेंगे और उनके सवालों का जवाब भी देंगे।
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    प्रयागराज। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता कर राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्र संवाद' कार्यक्रम की जानकारी दी....
प्रयागराज। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता कर राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्र संवाद' कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं और छात्रों की समस्याओं, शिक्षा, रोजगार तथा भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। अजय राय ने बताया कि कांग्रेस छात्रों की आवाज़ को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिक से अधिक छात्रों से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि राहुल गांधी युवाओं के विचार सुनेंगे और उनके सवालों का जवाब भी देंगे।
    user_SHISHIR GUPTA
    SHISHIR GUPTA
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • प्रयागराज राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने पत्रकार वार्ता में कहा कि छात्र संवाद अपने निर्धारित तिथि और समय पर होगा प्रयागराज राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने पत्रकार वार्ता में कहा कि छात्र संवाद अपने निर्धारित तिथि और समय पर होगा
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    प्रयागराज
राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने पत्रकार वार्ता में कहा कि छात्र संवाद अपने निर्धारित तिथि और समय पर होगा
प्रयागराज राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने पत्रकार वार्ता में कहा कि छात्र संवाद अपने निर्धारित तिथि और समय पर होगा
    user_Parvez alam
    Parvez alam
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने पत्रकार वार्ता में कहा कि छात्र संवाद अपने निर्धारित तिथि और समय पर होगा
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    राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने पत्रकार वार्ता में कहा कि छात्र संवाद अपने निर्धारित तिथि और समय पर होगा
    user_सुधाकर सिंह पत्रकार
    सुधाकर सिंह पत्रकार
    Court reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • आठ बार फुंका ट्रांसफार्मर, अंधेरे में जीने को मजबूर ललई के लोग चार माह से बिजली संकट बरकरार, सर्पदंश की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत; 63 केवीए ट्रांसफार्मर लगाने की मांग (प्रयागराज यमुनागर)। बारा क्षेत्र के जारी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े ललई गांव में पिछले चार महीनों से बिजली व्यवस्था बदहाल है। करीब एक हजार की आबादी और 84 से अधिक बिजली कनेक्शनों वाले इस गांव में महज 25 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाए जाने से लगातार बिजली संकट बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिक भार के कारण पिछले चार महीनों में ट्रांसफार्मर आठ बार फुंक चुका है। कई बार नया ट्रांसफार्मर लगाने के कुछ ही घंटों बाद वह फिर खराब हो गया, जिससे पूरा गांव अंधेरे में डूब गया। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। रात में अंधेरा रहने के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। छात्र ललित कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले अंधेरे में उन्हें सर्प ने काट लिया था। समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में तीन अन्य लोग भी सर्पदंश का शिकार हो चुके हैं, हालांकि समय पर उपचार मिलने से सभी सुरक्षित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित जूनियर इंजीनियर से शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। हर बार 25 केवीए का ही ट्रांसफार्मर लगाया जाता है, जो बढ़े हुए बिजली भार को संभाल नहीं पाता और कुछ ही समय में फिर फुंक जाता है। गांव के सुनील कुमार, श्यामलाल, श्यामबाबू, सुरेश, अजय, संतोष, नेवाल, रमेश आदिवासी, आशुतोष कुमार, लाल बहादुर, अनिल, नेम सिंह, रामचंद्र, रमाकांत, रेशमा, अर्चना, चुन्नी बेगम, गीता आदिवासी, नीरज, प्रथम, विशाल, तमन्ना बेगम, सकीना, सिकंदर, प्रदीप, अनिल सिंह, पन्ना लाल चौहान, मोहम्मद आसिन, सिया कुमारी, रामकैलाश, सुनीता, आशिक और कुसुम कली समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने विभाग से तत्काल 63 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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    आठ बार फुंका ट्रांसफार्मर, अंधेरे में जीने को मजबूर ललई के लोग
चार माह से बिजली संकट बरकरार, सर्पदंश की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत; 63 केवीए ट्रांसफार्मर लगाने की मांग
(प्रयागराज यमुनागर)। बारा क्षेत्र के जारी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े ललई गांव में पिछले चार महीनों से बिजली व्यवस्था बदहाल है। करीब एक हजार की आबादी और 84 से अधिक बिजली कनेक्शनों वाले इस गांव में महज 25 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाए जाने से लगातार बिजली संकट बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिक भार के कारण पिछले चार महीनों में ट्रांसफार्मर आठ बार फुंक चुका है। कई बार नया ट्रांसफार्मर लगाने के कुछ ही घंटों बाद वह फिर खराब हो गया, जिससे पूरा गांव अंधेरे में डूब गया।
बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। रात में अंधेरा रहने के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। छात्र ललित कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले अंधेरे में उन्हें सर्प ने काट लिया था। समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में तीन अन्य लोग भी सर्पदंश का शिकार हो चुके हैं, हालांकि समय पर उपचार मिलने से सभी सुरक्षित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित जूनियर इंजीनियर से शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। हर बार 25 केवीए का ही ट्रांसफार्मर लगाया जाता है, जो बढ़े हुए बिजली भार को संभाल नहीं पाता और कुछ ही समय में फिर फुंक जाता है।
गांव के सुनील कुमार, श्यामलाल, श्यामबाबू, सुरेश, अजय, संतोष, नेवाल, रमेश आदिवासी, आशुतोष कुमार, लाल बहादुर, अनिल, नेम सिंह, रामचंद्र, रमाकांत, रेशमा, अर्चना, चुन्नी बेगम, गीता आदिवासी, नीरज, प्रथम, विशाल, तमन्ना बेगम, सकीना, सिकंदर, प्रदीप, अनिल सिंह, पन्ना लाल चौहान, मोहम्मद आसिन, सिया कुमारी, रामकैलाश, सुनीता, आशिक और कुसुम कली समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने विभाग से तत्काल 63 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
    user_Pradeep Kumar Vishwakarma
    Pradeep Kumar Vishwakarma
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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