प्रयागराज थाना नैनी क्षेत्र के धनुहा में 70 वर्षीय वृद्ध की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। सुबह जब वृद्ध सोकर नहीं उठा तो मृतक का बड़ा बेटा उसे जगाने के लिए पहुंचा। जहां उसके पिता की लाश खून से सनी चारपाई पर पड़ी थी। घटना के बाद परिवार में कोहरा मच गया। बेटे ने डायल 112 को दी गई। इसके बाद नैनी थाने की फोर्स, एसीपी करछना सहित डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जांच पड़ताल चलती रही। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हजारी लाल भारतीय 70 वर्षीय के रूप में हुई है। पुलिस पूरी घटना की जांच कर रही है। नैनी के धनुहा के रहने वाले हजारीलाल 70 वर्ष के पांच बेटे और दो बेटियां हैं। पांचों बेटे मजदूरी का काम करते हैं, जबकि हजारी लाल खुद घर से 50 मीटर दूर ठकुरी का पुरवा निवासी राजबहादुर निषाद ठेकेदार के बालू और गिट्टी की चौकीदारी करते थे। हजारी लाल पिछले 1 साल से यह काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वह रोज भोर में करीब पांच बजे सोकर उठ जाते थे। शुक्रवार की भोर में वह सोकर नहीं उठे। इसके बाद उनका बड़ा बेटा गंगा भारतीय उन्हें जागने के लिए पहुंच गया। उस दौरान उसने देखा कि उसके पिता की लाश खून से लतपथ चारपाई पर पड़ी थी। उनके सीने और चेहरे के साथ आंख पर किसी लोहे की वस्तु से वार किया गया था। घटनास्थल पर काफी भीड़ जुड़ गई। पुलिस ने भीड़ को संभाला और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज गया प्रयागराज से संवाददाता शकील खान
प्रयागराज थाना नैनी क्षेत्र के धनुहा में 70 वर्षीय वृद्ध की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। सुबह जब वृद्ध सोकर नहीं उठा तो मृतक का बड़ा बेटा उसे जगाने के लिए पहुंचा। जहां उसके पिता की लाश खून से सनी चारपाई पर पड़ी थी। घटना के बाद परिवार में कोहरा मच गया। बेटे ने डायल 112 को दी गई। इसके बाद नैनी थाने की फोर्स, एसीपी करछना सहित डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जांच पड़ताल चलती रही। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हजारी लाल भारतीय 70 वर्षीय के रूप में हुई है। पुलिस पूरी घटना की जांच कर रही है। नैनी के धनुहा के रहने वाले हजारीलाल 70 वर्ष के पांच बेटे और दो बेटियां हैं। पांचों बेटे मजदूरी का काम करते हैं, जबकि हजारी लाल खुद घर से 50 मीटर दूर ठकुरी का पुरवा निवासी राजबहादुर निषाद ठेकेदार के बालू और गिट्टी की चौकीदारी करते थे। हजारी लाल पिछले 1 साल से यह काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वह रोज भोर में करीब पांच बजे सोकर उठ जाते थे। शुक्रवार की भोर में वह सोकर नहीं उठे। इसके बाद उनका बड़ा बेटा गंगा भारतीय उन्हें जागने के लिए पहुंच गया। उस दौरान उसने देखा कि उसके पिता की लाश खून से लतपथ चारपाई पर पड़ी थी। उनके सीने और चेहरे के साथ आंख पर किसी लोहे की वस्तु से वार किया गया था। घटनास्थल पर काफी भीड़ जुड़ गई। पुलिस ने भीड़ को संभाला और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज गया प्रयागराज से संवाददाता शकील खान
- Post by Manish Susari संपादकस्थानीयsi न्यूज़1
- Post by Questions News1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- प्रयागराज जनपद के मेजा तहसील क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। चैत्र के महीने में जहां खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी थी और किसान कटाई की तैयारियों में जुटे थे, वहीं कुदरत की इस मार ने उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बर्बादी का मंजर मेजा के विभिन्न गांवों (जैसे उरुवा, सिरसा और मांडा से सटे इलाके) में बारिश के साथ चली तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल खेतों में ही बिछ गई है। विशेषज्ञों और अनुभवी किसानों का मानना है कि फसल के गिरने से दानों में नमी बढ़ जाती है, जिससे दाने काले पड़ने और सड़ने की आशंका रहती है। * कटाई में बाधा: जो फसलें कटने के लिए तैयार थीं, वे अब कीचड़ और नमी के कारण कंबाइन हार्वेस्टर से काटना असंभव हो गया है। * लागत की मार: बीज, खाद, सिंचाई और कड़ी धूप में की गई रखवाली के बाद जब मुनाफे का समय आया, तो प्रकृति के प्रकोप ने निवेश को भी संकट में डाल दिया है। * भूसे का संकट: बारिश के कारण गेहूं का डंठल काला पड़ रहा है, जिससे पशुओं के चारे (भूसे) की गुणवत्ता और मात्रा दोनों प्रभावित होगी। किसानों की मांग खेतों में भीगी हुई फसल को देखकर अन्नदाता की आंखों में आंसू हैं। मेजा के स्थानीय किसानों ने प्रशासन से राजस्व टीम द्वारा जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराने और उचित मुआवजे की मांग की है। > "हमने सोचा था कि फसल बेचकर कर्ज चुकाएंगे और घर के जरूरी काम निपटाएंगे, लेकिन अब तो लागत निकलना भी मुश्किल लग रहा है।" — एक स्थानीय किसान > निष्कर्ष: यह समय किसानों के लिए अत्यंत कठिन है। यदि सरकार और प्रशासन त्वरित कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और दैवीय आपदा राहत कोष से सहायता प्रदान नहीं करते हैं, तो क्षेत्र के किसानों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।2
- Post by AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS1
- चर्चित न्यूरोसर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा पर छेड़खानी का आरोप, FIR दर्ज। डॉ. कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि मैंने अपना धर्म निभाया, छात्रा के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद।1
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- Post by Questions News4