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बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ ही नवजीवन कॉलोनी की गली नंबर एक में आए दिन पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस समस्या पर न तो दरोगा और न ही सफाई कर्मचारी विशेष ध्यान देते हैं। शिकायत करने पर ये लोग अकड़ कर बात करते हैं और कहते हैं कि पहले शिकायत कर लो, उसके बाद ही सफाई की जाएगी। बताया गया है कि यह पानी पीछे एक नाले में जाता है, जो आगे चलकर कैची से मिलता है, लेकिन प्रॉपर सफाई न होने के कारण गली में लगातार जलभराव बना रहता है। इसके अतिरिक्त, नवजीवन कॉलोनी की गली नंबर एक में झुग्गी लाइन वालों द्वारा किए गए अतिक्रमण से भी यह परेशानी और बढ़ गई है। स्थानीय लोग इस साफ-सफाई की समस्या का जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं।
Sandhya bihare
बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ ही नवजीवन कॉलोनी की गली नंबर एक में आए दिन पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस समस्या पर न तो दरोगा और न ही सफाई कर्मचारी विशेष ध्यान देते हैं। शिकायत करने पर ये लोग अकड़ कर बात करते हैं और कहते हैं कि पहले शिकायत कर लो, उसके बाद ही सफाई की जाएगी। बताया गया है कि यह पानी पीछे एक नाले में जाता है, जो आगे चलकर कैची से मिलता है, लेकिन प्रॉपर सफाई न होने के कारण गली में लगातार जलभराव बना रहता है। इसके अतिरिक्त, नवजीवन कॉलोनी की गली नंबर एक में झुग्गी लाइन वालों द्वारा किए गए अतिक्रमण से भी यह परेशानी और बढ़ गई है। स्थानीय लोग इस साफ-सफाई की समस्या का जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- दतिया में वाहन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दतिया पुलिस ने एक अवैध कट्टाधारी बदमाश को धर दबोचा। बदमाश के पकड़े जाने के बाद, पुलिस ने उसका जुलूस भी निकाला।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज से ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान 2.0’ की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत, मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने नरेला विधानसभा के अन्ना नगर स्थित सिंदूर वाटिका में अपनी मां के नाम पर एक पौधा रोपा। इस दौरान मंत्री सारंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने का जिक्र करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश में विकास और कल्याण के नए आयाम जुड़े हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में अपना एक अलग स्थान बनाने में सफलता हासिल की है। सारंग ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने देश में सुशासन स्थापित करने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है और उन्होंने स्वयं को देश के हर सदस्य के रूप में काम किया है। मंत्री सारंग ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए बताया कि आज विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण का कार्य किया गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूरे देश में बड़ी संख्या में वृक्षारोपण के कार्य हो रहे हैं।1
- भोपाल स्थित कांग्रेस मुख्यालय परिसर से सामने आई तस्वीरों ने शहर में पानी की किल्लत और लोगों की जद्दोजहद पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इन तस्वीरों में लोग, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, पानी इकट्ठा करने के लिए बाल्टियां और कैन लेकर कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। कोई छोटा कैन संभाले हुए है तो कोई बड़ा डिब्बा, और सभी अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम पर पहुंच रही है, पानी की अहमियत बढ़ती जा रही है। ऐसे में, जब लोगों को पानी जुटाने के लिए इस तरह कतारों और इंतजार का सहारा लेना पड़ रहा है, तो ये तस्वीरें केवल एक दृश्य नहीं बल्कि शहर की एक बड़ी चुनौती की झलक पेश करती हैं। यह स्थिति राजधानी में विकास के बड़े-बड़े दावों पर प्रश्नचिह्न लगाती है, पूछती है कि क्या पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी जनता को संघर्ष करना पड़ेगा? ये तस्वीरें इस बात की पुष्टि करती हैं कि पानी की हर बूंद की कीमत वही समझता है, जिसे उसे पाने के लिए रोजाना मशक्कत करनी पड़ती है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस मुख्यालय परिसर से सामने आई तस्वीरों ने पानी की किल्लत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन तस्वीरों में लोग, छोटे कैन से लेकर बड़े डिब्बे तक संभाले, पानी की तलाश में कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह है कि इस जद्दोजहद का हिस्सा बने बच्चों की मौजूदगी भी साफ नजर आ रही है। गर्मी अपने चरम पर है और हर बीतते दिन के साथ पानी की अहमियत बढ़ती जा रही है। ऐसे में, जब राजधानी में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लोगों को पानी जैसी बुनियादी जरूरत को पूरा करने के लिए इस तरह कतारों में खड़ा होना पड़े और इंतजार करना पड़े, तो यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि शहर की एक बड़ी चुनौती की झलक है। ये तस्वीरें सवाल उठा रही हैं कि क्या पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए भी लोगों को संघर्ष करना पड़ेगा? पानी की हर बूंद की कीमत वही जानता है, जिसे उसे पाने के लिए हर दिन मशक्कत करनी पड़ती है।1
- भोपाल में कांग्रेस मुख्यालय परिसर से सामने आईं तस्वीरों ने पानी के लिए लोगों की जद्दोजहद को उजागर किया है, जो कई सवाल खड़े करती हैं। इन तस्वीरों में लोग छोटे कैन और बड़े डिब्बे संभाले हुए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। इस मशक्कत में बच्चों की मौजूदगी सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है, जो पानी जुटाने की इस कवायद का हिस्सा बने हुए हैं। यह दृश्य ऐसे समय में सामने आया है जब गर्मी अपने चरम पर है और पानी की अहमियत हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। इस तरह लोगों को पानी जुटाने के लिए कतारों और इंतजार का सहारा लेना पड़े, तो यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि शहर के सामने मौजूद एक बड़ी चुनौती की झलक है। ये तस्वीरें सवाल पूछती हैं कि राजधानी में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाने के बावजूद, क्या लोगों को पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा। पानी की हर बूंद की कीमत वही जानता है, जिसे उसे पाने के लिए रोज मशक्कत करनी पड़ती है, और ये तस्वीरें इसी दैनिक संघर्ष की कहानी बयां करती हैं।1
- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री तरुण चुघ और मध्यप्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी श्री रजनीश अग्रवाल ने आज भोपाल में विधानसभा पहुंचकर अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह और पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व भी उपस्थित रहा।1
- भोपाल के नेहरू नगर स्थित शनि महाराज नवग्रह मंदिर में शनि देव महाराज जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव के तहत पूर्ण आहुति का कार्यक्रम संपन्न हुआ, साथ ही घोड़े की नाल की अंगूठी का वितरण भी किया गया।3
- मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित बरकत उल्लाह यूनिवर्सिटी का नाम बदलने के कार्यपरिषद प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग को लेकर आज माननीय राज्यपाल महोदय और उच्च शिक्षा अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया है। यह विश्वविद्यालय महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जनाब बरकतुल्लाह भोपाली के नाम पर दशकों से स्थापित है, और इसके नाम में बदलाव के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया जा रहा है। विरोध करने वालों ने इसे देश की आज़ादी के लिए अहम योगदान देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का अपमान बताया है। साथ ही, इस मामले को संविधान के वायलेंस का बताते हुए, महामहिम राष्ट्रपति महोदय को भी एक पत्र लिखकर भेजा गया है। ज्ञापन सौंपने वालों को पूरी उम्मीद है कि मध्य प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव को तुरंत निरस्त करेगी।1
- मंडला जिले के बम्हनी बंजर थाना क्षेत्र के जहरमऊ गांव में एक व्यक्ति की बिजली के पोल में करंट लगने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने इस घटना के लिए बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि गांव के कई बिजली के पोलों में पहले भी करंट आने की शिकायतें की गई थीं, लेकिन बिजली विभाग ने इन चेतावनियों पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने तत्काल चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।1