मुरादाबाद की कॉलोनियों में, विशेषकर लाकड़ी रोड स्थित मैनाठेर में, कुत्ते और बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। बंदर आए दिन जमकर उत्पात मचाते हैं, बच्चों और राह चलते लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर देते हैं, जिससे कॉलोनी में घंटों अफरातफरी का माहौल बन जाता है। स्थानीय निवासी फिरोज आलम ने बताया कि बंदर केवल राहगीरों को ही नहीं, बल्कि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को भी निशाना बनाते हैं, जिसके डर से मजदूरों को अपना काम बीच में ही छोड़ना पड़ जाता है। इन बंदरों के आतंक के चलते घरों से फोन, कपड़े और अन्य कीमती चीजें चोरी हो जाती हैं, मौका मिलते ही बंदर उन्हें उठा ले जाते हैं। यहां तक कि गर्मी में छतों पर सोना भी दूभर हो गया है। कई लोग बंदर के काटने के बाद सीधे जिला अस्पताल पहुँचते हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, लाकड़ी रोड से सटी सहारा इंडिया की एक बड़ी खाली जमीन पड़ी है, जहाँ साल-छह महीने में कोई वाहन बंदरों को छोड़ता हुआ दिखाई देता है। मैनाठेर की आबादी पास होने के कारण ये बंदर मोहल्ले में चले आते हैं। लोगों का आरोप है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन नगर निगम और वन विभाग इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं और इस गंभीर स्थिति से बेखबर हैं। क्षेत्रीय निवासी अब मांग कर रहे हैं कि नगर निगम और वन विभाग को बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाकर इस बढ़ती हुई समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।
मुरादाबाद की कॉलोनियों में, विशेषकर लाकड़ी रोड स्थित मैनाठेर में, कुत्ते और बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। बंदर आए दिन जमकर उत्पात मचाते हैं, बच्चों और राह चलते लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर देते हैं, जिससे कॉलोनी में घंटों अफरातफरी का माहौल बन जाता है। स्थानीय निवासी फिरोज आलम ने बताया कि बंदर केवल राहगीरों को ही नहीं, बल्कि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को भी निशाना बनाते हैं, जिसके डर से मजदूरों को अपना काम बीच
में ही छोड़ना पड़ जाता है। इन बंदरों के आतंक के चलते घरों से फोन, कपड़े और अन्य कीमती चीजें चोरी हो जाती हैं, मौका मिलते ही बंदर उन्हें उठा ले जाते हैं। यहां तक कि गर्मी में छतों पर सोना भी दूभर हो गया है। कई लोग बंदर के काटने के बाद सीधे जिला अस्पताल पहुँचते हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, लाकड़ी रोड से सटी सहारा इंडिया की एक बड़ी खाली जमीन पड़ी है, जहाँ साल-छह महीने में कोई वाहन बंदरों
को छोड़ता हुआ दिखाई देता है। मैनाठेर की आबादी पास होने के कारण ये बंदर मोहल्ले में चले आते हैं। लोगों का आरोप है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन नगर निगम और वन विभाग इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं और इस गंभीर स्थिति से बेखबर हैं। क्षेत्रीय निवासी अब मांग कर रहे हैं कि नगर निगम और वन विभाग को बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाकर इस बढ़ती हुई समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।
- उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है कि आगामी 1 जून से बिजली की दरों में बढ़ोतरी होने वाली है। प्रदेश के लोगों को अब बिजली के बिलों पर 10 फीसदी तक अधिक भुगतान करना होगा, जिससे उन्हें सीधा 'बिजली का झटका' लगेगा।1
- स्थानीय लोगों को नल से आने वाले पानी की खराब गुणवत्ता से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नल में आ रहा पानी बेहद पीला, गंदा और खराब है, जिसमें से पीने लायक बदबू आती है। इस कारण यह पानी पीने के बिल्कुल लायक नहीं है। यह समस्या बहुत समय से बनी हुई है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।1
- संभल जिले के गुन्नौर जुनावई थाना क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक परिवार की खुशियाँ छीन ली गईं। गांव नंदपुर के निकट हाईवे पर एक तेज रफ्तार कैंटर और बाइक की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, धनारी थाना क्षेत्र के दिनौरा गांव निवासी मुनाजिर पुत्र मस्शु अपने साथी आलमशेर के साथ बाइक से जुनावई जा रहे थे। रास्ते में जैसे ही वे नंदपुर गांव के पास पहुँचे, सामने से आ रहे तेज रफ्तार कैंटर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भीषण था कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, जहाँ डॉक्टरों ने मुनाजिर को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल आलमशेर की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को नाजुक बताया है। पुलिस ने मृतक मुनाजिर के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, साथ ही दुर्घटना में शामिल कैंटर को भी अपने कब्जे में लेकर मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही मुनाजिर के परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में भी शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुँच रहे हैं। पुलिस ने बताया है कि दुर्घटना के कारणों की गहराई से जाँच की जा रही है और जाँच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।4
- संभल जिले के मंडलयी गांव का यह मामला है, जहाँ बाईपास से होकर गांव में आने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। गांव की नालियां टूटी हुई हैं और सड़क पर हमेशा पानी जमा रहता है। इस बदहाल स्थिति के कारण गांव के निवासियों को लगातार बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी झलक वीडियो में भी साफ देखी जा सकती है।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर कचहरी परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक बंदर ने दो लाख रुपये से भरा एक बैग छीन लिया। यह रुपये बैनामा करवाने के लिए लाए गए थे। बंदर इस बैग को लेकर एक नीम के पेड़ पर चढ़ गया। पेड़ पर बैठकर बंदर ने बैग फाड़ दिया और खाने की तलाश में 500-500 रुपये के नोट नीचे फेंकने लगा। पेड़ से नोटों की बारिश होते देख लोग हैरान रह गए और उन्हें बटोरने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों की मदद से 1 लाख 98 हजार रुपये बरामद किए। बरामद की गई यह रकम संबंधित व्यक्ति को सौंप दी गई।1
- एक बच्चे को पटककर जान लेने वाला व्यक्ति पुलिस एनकाउंटर में शामिल होने के बाद पानी मांगता हुआ दिखाई दिया। पुलिस मुठभेड़ के उपरांत इस व्यक्ति को पानी मांगते हुए देखा गया, जिसने पहले एक बच्चे की जान ली थी।1