Shuru
Apke Nagar Ki App…
संभल जिले के मंडलयी गांव का यह मामला है, जहाँ बाईपास से होकर गांव में आने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। गांव की नालियां टूटी हुई हैं और सड़क पर हमेशा पानी जमा रहता है। इस बदहाल स्थिति के कारण गांव के निवासियों को लगातार बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी झलक वीडियो में भी साफ देखी जा सकती है।
Firoz saifi
संभल जिले के मंडलयी गांव का यह मामला है, जहाँ बाईपास से होकर गांव में आने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। गांव की नालियां टूटी हुई हैं और सड़क पर हमेशा पानी जमा रहता है। इस बदहाल स्थिति के कारण गांव के निवासियों को लगातार बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी झलक वीडियो में भी साफ देखी जा सकती है।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- संभल जिले के मंडलयी गांव का यह मामला है, जहाँ बाईपास से होकर गांव में आने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। गांव की नालियां टूटी हुई हैं और सड़क पर हमेशा पानी जमा रहता है। इस बदहाल स्थिति के कारण गांव के निवासियों को लगातार बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी झलक वीडियो में भी साफ देखी जा सकती है।1
- आज संभल जिले में घंगोर बारिश और घमासान आँधी तूफ़ान का प्रकोप देखा गया।1
- संभल जनपद में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देशन में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया गया। इस अभियान में जनपद के सभी उपजिला अधिकारी और तहसीलदारों ने हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार की सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना है। इस पहल के तहत, गुन्नौर उपजिला अधिकारी विकास चंद्र ने अपनी राजस्व टीम के साथ गांव नगला डुमाइल में विभिन्न गाटा संख्याओं से संबंधित लगभग 80 बीघा तालाब की भूमि को सफलतापूर्वक कब्जा मुक्त कराया। इसी प्रकार, चंदौसी उपजिला अधिकारी नीतू रानी के मार्गदर्शन में चंदौसी तहसीलदार सत्येंद्र चाहर और राजस्व व विकास विभाग की टीम ने गांव मिर्जापुर में बंजर भूमि, तालाब की भूमि और चकमार्ग की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर ग्राम प्रधान को सौंप दिया। वहीं, संभल तहसील की उपजिला अधिकारी निधि पटेल के निर्देशन में तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और नायब तहसीलदार दीपक जुरैल ने ग्राम फतेहपुर उत्तमा में 2.5 हेक्टर झील की सरकारी भूमि को चिन्हित कर उसे कब्जा मुक्त कराया और विकास विभाग को सुपुर्द कर दिया। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सरकारी भूमि, तालाब, चक मार्ग और नदी से कब्जा हटाने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी कीमत पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- संभल जिले के सालारपुर में एक साधारण गड्ढे में एक बच्चे ने अपनी जान गंवा दी।1
- स्थानीय लोगों को नल से आने वाले पानी की खराब गुणवत्ता से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नल में आ रहा पानी बेहद पीला, गंदा और खराब है, जिसमें से पीने लायक बदबू आती है। इस कारण यह पानी पीने के बिल्कुल लायक नहीं है। यह समस्या बहुत समय से बनी हुई है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।1
- ududuehevgssjsbhdududhdbrhdhdhduddhdhhddhdhhrbrhdhdhdhdhdheeisksnrrb sjjsheheegwfwggavsgagahavsvsgsydudijfbfhrdudiebduudebdhdhdjeiururrurjrjjrjrjrrjjrrjjrrjrjruydvsvegdtdh3hridjevdydiwejeu48fuyv4v5gs7eibrgrdkkkjhhgftrrt1
- संभल जिले के पंवासा ब्लॉक की ऐंचोली ग्राम पंचायत में सरकारी योजनाओं में लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त जांच में लाखों रुपये के गबन की पुष्टि होने पर जिलाधिकारी ने पांच तत्कालीन ग्राम सचिवों को तत्काल निलंबित कर दिया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, ऐंचोली ग्राम पंचायत में ग्राम निधि, मनरेगा और ओडीएफ प्लस योजनाओं के तहत कुल 5 लाख 23 हजार रुपये की वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई थी। इस मामले में प्रशासन ने पूर्व ग्राम प्रधान रघुनाथ से 2 लाख 61 हजार रुपये और संबंधित सचिवों से भी इतनी ही राशि की वसूली के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, निलंबित सचिवों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है, और चार अन्य सचिवों की भूमिका की भी गहन जांच कराई जा रही है। प्रशासन की इस कठोर कार्रवाई से पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है, और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश गया है।1
- संभल जिले में गंगा नदी से रेत के अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में खनन करने वाली फर्म पर ग्यारह लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि तेरह वाहनों को सीज किया गया है। इसके साथ ही, खनन कार्य में शामिल सत्ताईस लोगों को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार किया गया है। जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी), परिवहन महकमे की टीम और थाना पुलिस ने शनिवार को असदपुर पहुँचकर उस स्थान पर कार्रवाई की, जहाँ गंगा रेत का अवैध खनन हो रहा था। आरोप है कि खनन आवंटित स्थान की जगह किसी अन्य जगह पर किया जा रहा था। अवैध परिवहन और शांतिभंग की आशंका के मद्देनजर खनन महकमे ने फर्म पर ग्यारह लाख रुपये का जुर्माना लगाया। रेत का परिवहन कर रहे पाँच वाहनों का एआरटीओ ने चालान किया, और कुल तेरह वाहनों को सीज कर पुलिस लाइन में खड़ा कर दिया गया है। गिरफ्तार किए गए सत्ताईस लोगों को भी शांतिभंग की आशंका में पकड़ा गया है।3