संभल जनपद में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देशन में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया गया। इस अभियान में जनपद के सभी उपजिला अधिकारी और तहसीलदारों ने हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार की सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना है। इस पहल के तहत, गुन्नौर उपजिला अधिकारी विकास चंद्र ने अपनी राजस्व टीम के साथ गांव नगला डुमाइल में विभिन्न गाटा संख्याओं से संबंधित लगभग 80 बीघा तालाब की भूमि को सफलतापूर्वक कब्जा मुक्त कराया। इसी प्रकार, चंदौसी उपजिला अधिकारी नीतू रानी के मार्गदर्शन में चंदौसी तहसीलदार सत्येंद्र चाहर और राजस्व व विकास विभाग की टीम ने गांव मिर्जापुर में बंजर भूमि, तालाब की भूमि और चकमार्ग की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर ग्राम प्रधान को सौंप दिया। वहीं, संभल तहसील की उपजिला अधिकारी निधि पटेल के निर्देशन में तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और नायब तहसीलदार दीपक जुरैल ने ग्राम फतेहपुर उत्तमा में 2.5 हेक्टर झील की सरकारी भूमि को चिन्हित कर उसे कब्जा मुक्त कराया और विकास विभाग को सुपुर्द कर दिया। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सरकारी भूमि, तालाब, चक मार्ग और नदी से कब्जा हटाने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी कीमत पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संभल जनपद में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देशन में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया गया। इस अभियान में जनपद के सभी उपजिला अधिकारी और तहसीलदारों ने हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार की सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना है। इस पहल के तहत, गुन्नौर उपजिला अधिकारी विकास चंद्र ने अपनी राजस्व टीम के साथ गांव नगला डुमाइल में विभिन्न गाटा संख्याओं से संबंधित लगभग 80 बीघा तालाब की भूमि को सफलतापूर्वक कब्जा मुक्त कराया। इसी प्रकार, चंदौसी उपजिला अधिकारी नीतू रानी के मार्गदर्शन में चंदौसी तहसीलदार सत्येंद्र चाहर और राजस्व व विकास विभाग की टीम ने गांव मिर्जापुर में बंजर भूमि, तालाब की भूमि और चकमार्ग की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर ग्राम प्रधान को सौंप दिया। वहीं, संभल तहसील की उपजिला अधिकारी निधि पटेल के निर्देशन में तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और नायब तहसीलदार दीपक जुरैल ने ग्राम फतेहपुर उत्तमा में 2.5 हेक्टर झील की सरकारी भूमि को चिन्हित कर उसे कब्जा मुक्त कराया और विकास विभाग को सुपुर्द कर दिया। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सरकारी भूमि, तालाब, चक मार्ग और नदी से कब्जा हटाने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी कीमत पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- आज संभल जिले में घंगोर बारिश और घमासान आँधी तूफ़ान का प्रकोप देखा गया।1
- संभल जनपद में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देशन में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया गया। इस अभियान में जनपद के सभी उपजिला अधिकारी और तहसीलदारों ने हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार की सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना है। इस पहल के तहत, गुन्नौर उपजिला अधिकारी विकास चंद्र ने अपनी राजस्व टीम के साथ गांव नगला डुमाइल में विभिन्न गाटा संख्याओं से संबंधित लगभग 80 बीघा तालाब की भूमि को सफलतापूर्वक कब्जा मुक्त कराया। इसी प्रकार, चंदौसी उपजिला अधिकारी नीतू रानी के मार्गदर्शन में चंदौसी तहसीलदार सत्येंद्र चाहर और राजस्व व विकास विभाग की टीम ने गांव मिर्जापुर में बंजर भूमि, तालाब की भूमि और चकमार्ग की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर ग्राम प्रधान को सौंप दिया। वहीं, संभल तहसील की उपजिला अधिकारी निधि पटेल के निर्देशन में तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और नायब तहसीलदार दीपक जुरैल ने ग्राम फतेहपुर उत्तमा में 2.5 हेक्टर झील की सरकारी भूमि को चिन्हित कर उसे कब्जा मुक्त कराया और विकास विभाग को सुपुर्द कर दिया। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सरकारी भूमि, तालाब, चक मार्ग और नदी से कब्जा हटाने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी कीमत पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- संभल जिले के सालारपुर में एक साधारण गड्ढे में एक बच्चे ने अपनी जान गंवा दी।1
- स्थानीय लोगों को नल से आने वाले पानी की खराब गुणवत्ता से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नल में आ रहा पानी बेहद पीला, गंदा और खराब है, जिसमें से पीने लायक बदबू आती है। इस कारण यह पानी पीने के बिल्कुल लायक नहीं है। यह समस्या बहुत समय से बनी हुई है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।1
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- संभल जिले के पंवासा ब्लॉक की ऐंचोली ग्राम पंचायत में सरकारी योजनाओं में लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त जांच में लाखों रुपये के गबन की पुष्टि होने पर जिलाधिकारी ने पांच तत्कालीन ग्राम सचिवों को तत्काल निलंबित कर दिया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, ऐंचोली ग्राम पंचायत में ग्राम निधि, मनरेगा और ओडीएफ प्लस योजनाओं के तहत कुल 5 लाख 23 हजार रुपये की वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई थी। इस मामले में प्रशासन ने पूर्व ग्राम प्रधान रघुनाथ से 2 लाख 61 हजार रुपये और संबंधित सचिवों से भी इतनी ही राशि की वसूली के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, निलंबित सचिवों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है, और चार अन्य सचिवों की भूमिका की भी गहन जांच कराई जा रही है। प्रशासन की इस कठोर कार्रवाई से पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है, और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश गया है।1
- संभल जिले के धनारी थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब धनारी बस स्टैंड के पास स्थित जंगल में जामुन के पेड़ से एक युवक का शव लटका हुआ पाया गया। इस घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तुरंत शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान धनारी थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर पीपलवाला गांव निवासी गोपाल पुत्र रिशिपाल के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि गोपाल शनिवार शाम को यह कहकर घर से निकला था कि उसे किसी का फोन आया है और वह थोड़ी देर में वापस आ जाएगा। हालांकि, देर रात तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। रविवार सुबह ग्रामीणों ने जंगल में जामुन के पेड़ से शव लटका देखा, जिसके बाद पुलिस और परिजनों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे परिवार वालों ने शव की पहचान गोपाल के रूप में की, जिसके बाद उनमें चीख-पुकार मच गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना धनारी पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने आशंका जताई है कि युवक की हत्या कर उसके शव को पेड़ से लटकाया गया है, जबकि पुलिस प्रथम दृष्टया इस मामले को आत्महत्या मानकर जांच कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के परिणामों के आधार पर ही की जाएगी। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और ग्रामीण जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की मांग कर रहे हैं।1