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प्रेस विज्ञप्ति बाढ़ पीड़ितों की मदद में बाधा डालने का आरोप, आदर्श संग्राम पार्टी ने लखनऊ प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा महिला प्रत्याशियों से दुर्व्यवहार, राहत सामग्री रोकने और मोबाइल से फोटो मिटाने के आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग लखनऊ, 10 अक्टूबर 2026। आदर्श संग्राम पार्टी ने फजुल्लागंज क्षेत्र में गोमती नदी की बाढ़ से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान लखनऊ प्रशासन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी द्वारा बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए चलाए जा रहे राहत अभियान में प्रशासनिक स्तर पर बाधाएं उत्पन्न की गईं और पार्टी के प्रत्याशियों तथा कार्यकर्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। पार्टी के अनुसार, 10 अक्टूबर को बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पार्टी के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी अपनी-अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे थे। राहत अभियान के लिए लगभग ढाई ट्रैक्टर के बराबर सामग्री एकत्र की गई थी, जिसमें पीने का पानी, खाद्य सामग्री, पका हुआ भोजन तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं। पार्टी का कहना है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से दो नावें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद राहत सामग्री नावों पर लादी गई, लेकिन पार्टी के झंडे, टोपी और पहचान संबंधी सामग्री दिखाई देने के बाद वितरण कार्य रोक दिए जाने का आरोप है। पार्टी के अनुसार, नावों के संचालन में भी बार-बार बाधाएं आईं, जिससे राहत सामग्री को बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाने में देरी हुई और टीम को प्रभावित क्षेत्र के भीतर तक जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। महिला प्रत्याशियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप आदर्श संग्राम पार्टी ने आरोप लगाया कि राहत अभियान के दौरान उसकी महिला प्रत्याशियों के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया। पार्टी के अनुसार, लखनऊ पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की प्रत्याशी श्रीमती स्मिता पांडेय के हाथ से कथित तौर पर मोबाइल फोन जबरन लिया गया और उसमें मौजूद तस्वीरें मिटा दी गईं। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र की महिला प्रत्याशी श्रीमती अंजना भारती के साथ भी कथित रूप से धक्का-मुक्की और परेशान किए जाने की शिकायत की गई है। पार्टी का आरोप है कि इस दौरान उन्हें इस तरह खींचने की कोशिश की गई कि वह गिरते-गिरते बचीं। पार्टी ने बख्शी का तालाब क्षेत्र के अपने प्रत्याशी अनिकेत रावत , उत्तरी विधानसभा से विक्रांत मोहन श्रीवास्तव और कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना आवश्यक है। क्या राहत वितरण में राजनीतिक भेदभाव हुआ? पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने आरोप लगाया कि जब अन्य संगठनों के लोग अपने-अपने बैनर, टी-शर्ट और पहचान के साथ राहत सामग्री लेकर प्रभावित क्षेत्रों में जा रहे थे, तब आदर्श संग्राम पार्टी की टीम को रोका गया। पार्टी ने विशेष रूप से भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनों और सेवा भारती के नाम से राहत कार्य कर रहे लोगों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि यदि अन्य संगठनों को राहत पहुंचाने की अनुमति थी, तो उनकी पार्टी के साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया? आदर्श संग्राम पार्टी का कहना है कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता किसी राजनीतिक दल का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी है। राहत वितरण में किसी भी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के विपरीत होगा। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि नावों की व्यवस्था में लगातार समस्याएं उत्पन्न हुईं और नाविक के हट जाने सहित कई बाधाओं के कारण शाम तक राहत वितरण प्रभावित रहा। परिणामस्वरूप, टीम को उन स्थानों तक पहुंचने में कठिनाई हुई जहां लोगों को सहायता की आवश्यकता बताई जा रही थी। पार्टी के अनुसार, मौके पर मौजूद एनडीआरएफ के कुछ जवानों ने भी आगे के क्षेत्रों में ऐसे लोगों के होने की जानकारी दी, जिन तक राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही थी। पार्टी का दावा है कि वह केवल सूखी खाद्य सामग्री ही नहीं, बल्कि पानी, पका हुआ भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी लेकर पहुंची थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती का कड़ा विरोध घटना के दौरान आदर्श संग्राम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने अधिकारियों के कथित व्यवहार और राहत कार्य में बाधा पहुंचाए जाने का विरोध किया। पार्टी के अनुसार, मौके पर अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई। गौतम भारती ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय प्रशासन का पहला कर्तव्य पीड़ित नागरिकों तक राहत पहुंचाना है। यदि किसी राजनीतिक दल या सामाजिक संगठन को राहत वितरण की अनुमति, सुरक्षा अथवा अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में कोई नियम लागू होता है, तो उसे सभी संगठनों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के राहत अभियान को रोकने के पीछे राजनीतिक दबाव की आशंका है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि वरिष्ठ राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर संपर्क किए जाने की जानकारी उसे मिली है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और शासन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। आरटीआई, न्यायालय और निष्पक्ष जांच की मांग आदर्श संग्राम पार्टी ने घोषणा की है कि वह इस पूरे प्रकरण में सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत संबंधित अभिलेखों और आदेशों की जानकारी मांगेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। पार्टी की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं— 1. राहत सामग्री वितरण रोके जाने के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 2. संबंधित अधिकारियों के निर्देशों, नाव उपलब्ध कराने के आश्वासन और राहत कार्य रोकने से जुड़े अभिलेखों की जांच की जाए। 3. महिला प्रत्याशियों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा मोबाइल फोन से तस्वीरें मिटाए जाने के आरोपों की जांच कराई जाए। 4. घटनास्थल के उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। 5. सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को समान नियमों के तहत बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने की अनुमति दी जाए। 6. जिन बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंच सकी है, वहां तत्काल सहायता सुनिश्चित की जाए। 7. जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। “आपदा में राजनीति नहीं, पीड़ितों की सेवा प्राथमिकता होनी चाहिए” गौतम भारती ने कहा कि आदर्श संग्राम पार्टी जनता की सेवा के उद्देश्य से राजनीति करती है और बाढ़ पीड़ितों की सहायता करना उसका मानवीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं को यदि राजनीतिक पहचान के कारण रोका गया है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को केवल अपने संगठन के अधिकारों का प्रश्न नहीं मानती, बल्कि इसे आपदा के समय नागरिकों तक सहायता पहुंचाने, प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी दलों को समान अवसर देने से जुड़ा विषय मानती है। आदर्श संग्राम पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह इस प्रकरण से संबंधित वीडियो, तस्वीरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपनी शिकायत आगे बढ़ाएगी। पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी राहत कार्य को बाधित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को बिना किसी भेदभाव के भोजन, पानी और आवश्यक सहायता उपलब्ध हो। जारीकर्ता: आदर्श संग्राम पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष — गौतम भारती लखनऊ, उत्तर प्रदेश 9807700439

5 hrs ago
user_Sanjay Rawat समाज सेवा
Sanjay Rawat समाज सेवा
उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago

प्रेस विज्ञप्ति बाढ़ पीड़ितों की मदद में बाधा डालने का आरोप, आदर्श संग्राम पार्टी ने लखनऊ प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा महिला प्रत्याशियों से दुर्व्यवहार, राहत सामग्री रोकने और मोबाइल से फोटो मिटाने के आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग लखनऊ, 10 अक्टूबर 2026। आदर्श संग्राम पार्टी ने फजुल्लागंज क्षेत्र में गोमती नदी की बाढ़ से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान लखनऊ प्रशासन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी द्वारा बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए चलाए जा रहे राहत अभियान में प्रशासनिक स्तर पर बाधाएं उत्पन्न की गईं और पार्टी के प्रत्याशियों तथा कार्यकर्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। पार्टी के अनुसार, 10 अक्टूबर को बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पार्टी के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी अपनी-अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे थे। राहत अभियान के लिए लगभग ढाई ट्रैक्टर के बराबर सामग्री एकत्र की गई थी, जिसमें पीने का पानी, खाद्य सामग्री, पका हुआ भोजन तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं। पार्टी का कहना है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से दो नावें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद राहत सामग्री नावों पर लादी गई, लेकिन पार्टी के झंडे, टोपी और पहचान संबंधी सामग्री दिखाई देने के बाद वितरण कार्य रोक दिए जाने का आरोप है। पार्टी के अनुसार, नावों के संचालन में भी बार-बार बाधाएं आईं, जिससे राहत सामग्री को बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाने में देरी हुई और टीम को प्रभावित क्षेत्र के भीतर तक जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। महिला प्रत्याशियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप आदर्श संग्राम पार्टी ने आरोप लगाया कि राहत अभियान के दौरान उसकी महिला प्रत्याशियों के साथ

भी अनुचित व्यवहार किया गया। पार्टी के अनुसार, लखनऊ पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की प्रत्याशी श्रीमती स्मिता पांडेय के हाथ से कथित तौर पर मोबाइल फोन जबरन लिया गया और उसमें मौजूद तस्वीरें मिटा दी गईं। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र की महिला प्रत्याशी श्रीमती अंजना भारती के साथ भी कथित रूप से धक्का-मुक्की और परेशान किए जाने की शिकायत की गई है। पार्टी का आरोप है कि इस दौरान उन्हें इस तरह खींचने की कोशिश की गई कि वह गिरते-गिरते बचीं। पार्टी ने बख्शी का तालाब क्षेत्र के अपने प्रत्याशी अनिकेत रावत , उत्तरी विधानसभा से विक्रांत मोहन श्रीवास्तव और कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना आवश्यक है। क्या राहत वितरण में राजनीतिक भेदभाव हुआ? पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने आरोप लगाया कि जब अन्य संगठनों के लोग अपने-अपने बैनर, टी-शर्ट और पहचान के साथ राहत सामग्री लेकर प्रभावित क्षेत्रों में जा रहे थे, तब आदर्श संग्राम पार्टी की टीम को रोका गया। पार्टी ने विशेष रूप से भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनों और सेवा भारती के नाम से राहत कार्य कर रहे लोगों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि यदि अन्य संगठनों को राहत पहुंचाने की अनुमति थी, तो उनकी पार्टी के साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया? आदर्श संग्राम पार्टी का कहना है कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता किसी राजनीतिक दल का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी है। राहत वितरण में किसी भी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के विपरीत होगा। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि नावों की व्यवस्था में लगातार समस्याएं उत्पन्न हुईं और नाविक के हट जाने सहित कई बाधाओं के कारण शाम तक राहत वितरण प्रभावित

रहा। परिणामस्वरूप, टीम को उन स्थानों तक पहुंचने में कठिनाई हुई जहां लोगों को सहायता की आवश्यकता बताई जा रही थी। पार्टी के अनुसार, मौके पर मौजूद एनडीआरएफ के कुछ जवानों ने भी आगे के क्षेत्रों में ऐसे लोगों के होने की जानकारी दी, जिन तक राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही थी। पार्टी का दावा है कि वह केवल सूखी खाद्य सामग्री ही नहीं, बल्कि पानी, पका हुआ भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी लेकर पहुंची थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती का कड़ा विरोध घटना के दौरान आदर्श संग्राम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने अधिकारियों के कथित व्यवहार और राहत कार्य में बाधा पहुंचाए जाने का विरोध किया। पार्टी के अनुसार, मौके पर अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई। गौतम भारती ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय प्रशासन का पहला कर्तव्य पीड़ित नागरिकों तक राहत पहुंचाना है। यदि किसी राजनीतिक दल या सामाजिक संगठन को राहत वितरण की अनुमति, सुरक्षा अथवा अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में कोई नियम लागू होता है, तो उसे सभी संगठनों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के राहत अभियान को रोकने के पीछे राजनीतिक दबाव की आशंका है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि वरिष्ठ राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर संपर्क किए जाने की जानकारी उसे मिली है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और शासन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। आरटीआई, न्यायालय और निष्पक्ष जांच की मांग आदर्श संग्राम पार्टी ने घोषणा की है कि वह इस पूरे प्रकरण में सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत संबंधित अभिलेखों और आदेशों की जानकारी मांगेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। पार्टी की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं— 1. राहत सामग्री वितरण रोके जाने के कारणों की निष्पक्ष

जांच कराई जाए। 2. संबंधित अधिकारियों के निर्देशों, नाव उपलब्ध कराने के आश्वासन और राहत कार्य रोकने से जुड़े अभिलेखों की जांच की जाए। 3. महिला प्रत्याशियों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा मोबाइल फोन से तस्वीरें मिटाए जाने के आरोपों की जांच कराई जाए। 4. घटनास्थल के उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। 5. सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को समान नियमों के तहत बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने की अनुमति दी जाए। 6. जिन बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंच सकी है, वहां तत्काल सहायता सुनिश्चित की जाए। 7. जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। “आपदा में राजनीति नहीं, पीड़ितों की सेवा प्राथमिकता होनी चाहिए” गौतम भारती ने कहा कि आदर्श संग्राम पार्टी जनता की सेवा के उद्देश्य से राजनीति करती है और बाढ़ पीड़ितों की सहायता करना उसका मानवीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं को यदि राजनीतिक पहचान के कारण रोका गया है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को केवल अपने संगठन के अधिकारों का प्रश्न नहीं मानती, बल्कि इसे आपदा के समय नागरिकों तक सहायता पहुंचाने, प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी दलों को समान अवसर देने से जुड़ा विषय मानती है। आदर्श संग्राम पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह इस प्रकरण से संबंधित वीडियो, तस्वीरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपनी शिकायत आगे बढ़ाएगी। पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी राहत कार्य को बाधित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को बिना किसी भेदभाव के भोजन, पानी और आवश्यक सहायता उपलब्ध हो। जारीकर्ता: आदर्श संग्राम पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष — गौतम भारती लखनऊ, उत्तर प्रदेश 9807700439

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  • Post by Ramakant
    1
    Post by Ramakant
    user_Ramakant
    Ramakant
    Farmer उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उन्नाव में तालाब के पास युवक का शव मिला, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, पेड़ से लटक रही थी रस्सी ख़बर उन्नाव से है जहां उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के गोपी खेड़ा गांव में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे 23 वर्षीय युवक का शव गांव के बाहर तालाब के पास पड़ा मिला। घटनास्थल पर एक पेड़ से रस्सी लटक रही थी। शव मिलने की सूचना से गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के गोपी खेड़ा गांव में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे 23 वर्षीय युवक का शव गांव के बाहर तालाब के पास पड़ा मिला। घटनास्थल पर एक पेड़ से रस्सी लटक रही थी। शव मिलने की सूचना से गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
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    उन्नाव में तालाब के पास युवक का शव मिला, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, पेड़ से लटक रही थी रस्सी
ख़बर उन्नाव से है जहां उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के गोपी खेड़ा गांव में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे 23 वर्षीय युवक का शव गांव के बाहर तालाब के पास पड़ा मिला। घटनास्थल पर एक पेड़ से रस्सी लटक रही थी। शव मिलने की सूचना से गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के गोपी खेड़ा गांव में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे 23 वर्षीय युवक का शव गांव के बाहर तालाब के पास पड़ा मिला। घटनास्थल पर एक पेड़ से रस्सी लटक रही थी। शव मिलने की सूचना से गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
    user_Idrish 7tv समाचार (सच के साथ)
    Idrish 7tv समाचार (सच के साथ)
    Local News Reporter उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अफ्रीकी सिंगर निकला माता रानी का भक्त! भजन गाकर बटोरी सुर्खियां, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज अफ्रीकी सिंगर निकला माता रानी का भक्त! भजन गाकर बटोरी सुर्खियां, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज अफ्रीकी सिंगर की आवाज में गूंजा माता रानी का जयकारा, भक्ति गीत ने लोगों का खींचा ध्यान! खबर: माता रानी की भक्ति की चर्चा इन दिनों एक अफ्रीकी सिंगर को लेकर हो रही है। माता रानी के प्रति श्रद्धा और भक्ति से जुड़ा उनका गीत लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। उनकी गायकी और भक्ति के अंदाज को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। संगीत और भक्ति की कोई सीमा नहीं होती। मां दुर्गा के प्रति आस्था रखने वाले भक्त दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं। ऐसे में एक अफ्रीकी सिंगर का माता रानी के भजन से जुड़ना लोगों के लिए आकर्षण का विषय बन रहा है। जय माता दी! 🙏🌺
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अफ्रीकी सिंगर की आवाज में गूंजा माता रानी का जयकारा, भक्ति गीत ने लोगों का खींचा ध्यान!
खबर: माता रानी की भक्ति की चर्चा इन दिनों एक अफ्रीकी सिंगर को लेकर हो रही है। माता रानी के प्रति श्रद्धा और भक्ति से जुड़ा उनका गीत लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। उनकी गायकी और भक्ति के अंदाज को लेकर चर्चाएं हो रही हैं।
संगीत और भक्ति की कोई सीमा नहीं होती। मां दुर्गा के प्रति आस्था रखने वाले भक्त दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं। ऐसे में एक अफ्रीकी सिंगर का माता रानी के भजन से जुड़ना लोगों के लिए आकर्षण का विषय बन रहा है।
जय माता दी! 🙏🌺
    user_Deepak Kumar
    Deepak Kumar
    Camera repair shop उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • प्रेस विज्ञप्ति बाढ़ पीड़ितों की मदद में बाधा डालने का आरोप, आदर्श संग्राम पार्टी ने लखनऊ प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा महिला प्रत्याशियों से दुर्व्यवहार, राहत सामग्री रोकने और मोबाइल से फोटो मिटाने के आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग लखनऊ, 10 अक्टूबर 2026। आदर्श संग्राम पार्टी ने फजुल्लागंज क्षेत्र में गोमती नदी की बाढ़ से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान लखनऊ प्रशासन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी द्वारा बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए चलाए जा रहे राहत अभियान में प्रशासनिक स्तर पर बाधाएं उत्पन्न की गईं और पार्टी के प्रत्याशियों तथा कार्यकर्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। पार्टी के अनुसार, 10 अक्टूबर को बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पार्टी के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी अपनी-अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे थे। राहत अभियान के लिए लगभग ढाई ट्रैक्टर के बराबर सामग्री एकत्र की गई थी, जिसमें पीने का पानी, खाद्य सामग्री, पका हुआ भोजन तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं। पार्टी का कहना है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से दो नावें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद राहत सामग्री नावों पर लादी गई, लेकिन पार्टी के झंडे, टोपी और पहचान संबंधी सामग्री दिखाई देने के बाद वितरण कार्य रोक दिए जाने का आरोप है। पार्टी के अनुसार, नावों के संचालन में भी बार-बार बाधाएं आईं, जिससे राहत सामग्री को बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाने में देरी हुई और टीम को प्रभावित क्षेत्र के भीतर तक जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। महिला प्रत्याशियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप आदर्श संग्राम पार्टी ने आरोप लगाया कि राहत अभियान के दौरान उसकी महिला प्रत्याशियों के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया। पार्टी के अनुसार, लखनऊ पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की प्रत्याशी श्रीमती स्मिता पांडेय के हाथ से कथित तौर पर मोबाइल फोन जबरन लिया गया और उसमें मौजूद तस्वीरें मिटा दी गईं। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र की महिला प्रत्याशी श्रीमती अंजना भारती के साथ भी कथित रूप से धक्का-मुक्की और परेशान किए जाने की शिकायत की गई है। पार्टी का आरोप है कि इस दौरान उन्हें इस तरह खींचने की कोशिश की गई कि वह गिरते-गिरते बचीं। पार्टी ने बख्शी का तालाब क्षेत्र के अपने प्रत्याशी अनिकेत रावत , उत्तरी विधानसभा से विक्रांत मोहन श्रीवास्तव और कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना आवश्यक है। क्या राहत वितरण में राजनीतिक भेदभाव हुआ? पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने आरोप लगाया कि जब अन्य संगठनों के लोग अपने-अपने बैनर, टी-शर्ट और पहचान के साथ राहत सामग्री लेकर प्रभावित क्षेत्रों में जा रहे थे, तब आदर्श संग्राम पार्टी की टीम को रोका गया। पार्टी ने विशेष रूप से भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनों और सेवा भारती के नाम से राहत कार्य कर रहे लोगों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि यदि अन्य संगठनों को राहत पहुंचाने की अनुमति थी, तो उनकी पार्टी के साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया? आदर्श संग्राम पार्टी का कहना है कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता किसी राजनीतिक दल का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी है। राहत वितरण में किसी भी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के विपरीत होगा। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि नावों की व्यवस्था में लगातार समस्याएं उत्पन्न हुईं और नाविक के हट जाने सहित कई बाधाओं के कारण शाम तक राहत वितरण प्रभावित रहा। परिणामस्वरूप, टीम को उन स्थानों तक पहुंचने में कठिनाई हुई जहां लोगों को सहायता की आवश्यकता बताई जा रही थी। पार्टी के अनुसार, मौके पर मौजूद एनडीआरएफ के कुछ जवानों ने भी आगे के क्षेत्रों में ऐसे लोगों के होने की जानकारी दी, जिन तक राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही थी। पार्टी का दावा है कि वह केवल सूखी खाद्य सामग्री ही नहीं, बल्कि पानी, पका हुआ भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी लेकर पहुंची थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती का कड़ा विरोध घटना के दौरान आदर्श संग्राम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने अधिकारियों के कथित व्यवहार और राहत कार्य में बाधा पहुंचाए जाने का विरोध किया। पार्टी के अनुसार, मौके पर अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई। गौतम भारती ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय प्रशासन का पहला कर्तव्य पीड़ित नागरिकों तक राहत पहुंचाना है। यदि किसी राजनीतिक दल या सामाजिक संगठन को राहत वितरण की अनुमति, सुरक्षा अथवा अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में कोई नियम लागू होता है, तो उसे सभी संगठनों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के राहत अभियान को रोकने के पीछे राजनीतिक दबाव की आशंका है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि वरिष्ठ राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर संपर्क किए जाने की जानकारी उसे मिली है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और शासन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। आरटीआई, न्यायालय और निष्पक्ष जांच की मांग आदर्श संग्राम पार्टी ने घोषणा की है कि वह इस पूरे प्रकरण में सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत संबंधित अभिलेखों और आदेशों की जानकारी मांगेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। पार्टी की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं— 1. राहत सामग्री वितरण रोके जाने के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 2. संबंधित अधिकारियों के निर्देशों, नाव उपलब्ध कराने के आश्वासन और राहत कार्य रोकने से जुड़े अभिलेखों की जांच की जाए। 3. महिला प्रत्याशियों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा मोबाइल फोन से तस्वीरें मिटाए जाने के आरोपों की जांच कराई जाए। 4. घटनास्थल के उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। 5. सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को समान नियमों के तहत बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने की अनुमति दी जाए। 6. जिन बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंच सकी है, वहां तत्काल सहायता सुनिश्चित की जाए। 7. जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। “आपदा में राजनीति नहीं, पीड़ितों की सेवा प्राथमिकता होनी चाहिए” गौतम भारती ने कहा कि आदर्श संग्राम पार्टी जनता की सेवा के उद्देश्य से राजनीति करती है और बाढ़ पीड़ितों की सहायता करना उसका मानवीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं को यदि राजनीतिक पहचान के कारण रोका गया है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को केवल अपने संगठन के अधिकारों का प्रश्न नहीं मानती, बल्कि इसे आपदा के समय नागरिकों तक सहायता पहुंचाने, प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी दलों को समान अवसर देने से जुड़ा विषय मानती है। आदर्श संग्राम पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह इस प्रकरण से संबंधित वीडियो, तस्वीरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपनी शिकायत आगे बढ़ाएगी। पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी राहत कार्य को बाधित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को बिना किसी भेदभाव के भोजन, पानी और आवश्यक सहायता उपलब्ध हो। जारीकर्ता: आदर्श संग्राम पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष — गौतम भारती लखनऊ, उत्तर प्रदेश 9807700439
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    प्रेस विज्ञप्ति

बाढ़ पीड़ितों की मदद में बाधा डालने का आरोप, आदर्श संग्राम पार्टी ने लखनऊ प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

महिला प्रत्याशियों से दुर्व्यवहार, राहत सामग्री रोकने और मोबाइल से फोटो मिटाने के आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग
लखनऊ, 10 अक्टूबर 2026।
आदर्श संग्राम पार्टी ने फजुल्लागंज क्षेत्र में गोमती नदी की बाढ़ से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान लखनऊ प्रशासन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी द्वारा बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए चलाए जा रहे राहत अभियान में प्रशासनिक स्तर पर बाधाएं उत्पन्न की गईं और पार्टी के प्रत्याशियों तथा कार्यकर्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार किया गया।
पार्टी के अनुसार, 10 अक्टूबर को बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पार्टी के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी अपनी-अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे थे। राहत अभियान के लिए लगभग ढाई ट्रैक्टर के बराबर सामग्री एकत्र की गई थी, जिसमें पीने का पानी, खाद्य सामग्री, पका हुआ भोजन तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं।
पार्टी का कहना है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से दो नावें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद राहत सामग्री नावों पर लादी गई, लेकिन पार्टी के झंडे, टोपी और पहचान संबंधी सामग्री दिखाई देने के बाद वितरण कार्य रोक दिए जाने का आरोप है। पार्टी के अनुसार, नावों के संचालन में भी बार-बार बाधाएं आईं, जिससे राहत सामग्री को बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाने में देरी हुई और टीम को प्रभावित क्षेत्र के भीतर तक जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
महिला प्रत्याशियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप
आदर्श संग्राम पार्टी ने आरोप लगाया कि राहत अभियान के दौरान उसकी महिला प्रत्याशियों के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया।
पार्टी के अनुसार, लखनऊ पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की प्रत्याशी श्रीमती स्मिता पांडेय के हाथ से कथित तौर पर मोबाइल फोन जबरन लिया गया और उसमें मौजूद तस्वीरें मिटा दी गईं। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र की महिला प्रत्याशी श्रीमती अंजना भारती के साथ भी कथित रूप से धक्का-मुक्की और परेशान किए जाने की शिकायत की गई है। पार्टी का आरोप है कि इस दौरान उन्हें इस तरह खींचने की कोशिश की गई कि वह गिरते-गिरते बचीं।
पार्टी ने बख्शी का तालाब क्षेत्र के अपने प्रत्याशी अनिकेत रावत , उत्तरी विधानसभा से विक्रांत मोहन श्रीवास्तव और कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना आवश्यक है।
क्या राहत वितरण में राजनीतिक भेदभाव हुआ?
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने आरोप लगाया कि जब अन्य संगठनों के लोग अपने-अपने बैनर, टी-शर्ट और पहचान के साथ राहत सामग्री लेकर प्रभावित क्षेत्रों में जा रहे थे, तब आदर्श संग्राम पार्टी की टीम को रोका गया। पार्टी ने विशेष रूप से भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनों और सेवा भारती के नाम से राहत कार्य कर रहे लोगों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि यदि अन्य संगठनों को राहत पहुंचाने की अनुमति थी, तो उनकी पार्टी के साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया?
आदर्श संग्राम पार्टी का कहना है कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता किसी राजनीतिक दल का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी है। राहत वितरण में किसी भी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के विपरीत होगा।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि नावों की व्यवस्था में लगातार समस्याएं उत्पन्न हुईं और नाविक के हट जाने सहित कई बाधाओं के कारण शाम तक राहत वितरण प्रभावित रहा। परिणामस्वरूप, टीम को उन स्थानों तक पहुंचने में कठिनाई हुई जहां लोगों को सहायता की आवश्यकता बताई जा रही थी।
पार्टी के अनुसार, मौके पर मौजूद एनडीआरएफ के कुछ जवानों ने भी आगे के क्षेत्रों में ऐसे लोगों के होने की जानकारी दी, जिन तक राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही थी। पार्टी का दावा है कि वह केवल सूखी खाद्य सामग्री ही नहीं, बल्कि पानी, पका हुआ भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी लेकर पहुंची थी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती का कड़ा विरोध
घटना के दौरान आदर्श संग्राम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने अधिकारियों के कथित व्यवहार और राहत कार्य में बाधा पहुंचाए जाने का विरोध किया। पार्टी के अनुसार, मौके पर अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई।
गौतम भारती ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय प्रशासन का पहला कर्तव्य पीड़ित नागरिकों तक राहत पहुंचाना है। यदि किसी राजनीतिक दल या सामाजिक संगठन को राहत वितरण की अनुमति, सुरक्षा अथवा अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में कोई नियम लागू होता है, तो उसे सभी संगठनों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के राहत अभियान को रोकने के पीछे राजनीतिक दबाव की आशंका है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि वरिष्ठ राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर संपर्क किए जाने की जानकारी उसे मिली है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और शासन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
आरटीआई, न्यायालय और निष्पक्ष जांच की मांग
आदर्श संग्राम पार्टी ने घोषणा की है कि वह इस पूरे प्रकरण में सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत संबंधित अभिलेखों और आदेशों की जानकारी मांगेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
पार्टी की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं—
1. राहत सामग्री वितरण रोके जाने के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. संबंधित अधिकारियों के निर्देशों, नाव उपलब्ध कराने के आश्वासन और राहत कार्य रोकने से जुड़े अभिलेखों की जांच की जाए।
3. महिला प्रत्याशियों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा मोबाइल फोन से तस्वीरें मिटाए जाने के आरोपों की जांच कराई जाए।
4. घटनास्थल के उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए।
5. सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को समान नियमों के तहत बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने की अनुमति दी जाए।
6. जिन बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंच सकी है, वहां तत्काल सहायता सुनिश्चित की जाए।
7. जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
“आपदा में राजनीति नहीं, पीड़ितों की सेवा प्राथमिकता होनी चाहिए”
गौतम भारती ने कहा कि आदर्श संग्राम पार्टी जनता की सेवा के उद्देश्य से राजनीति करती है और बाढ़ पीड़ितों की सहायता करना उसका मानवीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं को यदि राजनीतिक पहचान के कारण रोका गया है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को केवल अपने संगठन के अधिकारों का प्रश्न नहीं मानती, बल्कि इसे आपदा के समय नागरिकों तक सहायता पहुंचाने, प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी दलों को समान अवसर देने से जुड़ा विषय मानती है।
आदर्श संग्राम पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह इस प्रकरण से संबंधित वीडियो, तस्वीरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपनी शिकायत आगे बढ़ाएगी। पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी राहत कार्य को बाधित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को बिना किसी भेदभाव के भोजन, पानी और आवश्यक सहायता उपलब्ध हो।
जारीकर्ता:
आदर्श संग्राम पार्टी
राष्ट्रीय अध्यक्ष — गौतम भारती
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
9807700439
    user_Sanjay Rawat समाज सेवा
    Sanjay Rawat समाज सेवा
    उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • *‼️बस्तर में किसानों की हुंकार! कर्जमाफी से फसल मुआवजे तक, कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसान।‼️* *➡️ जगदलपुर में कर्जमाफी, फसल मुआवजे और मकान व पशुधन क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। विराम अब देखना होगा, किसानों की मांगों पर शासन-प्रशासन क्या कदम उठाता है!...* *स्वागत जिंदगी से ब्यूरो चीफ हेमू साय के साथ संवाददाता कमल साय की रिपोर्ट।*
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    *‼️बस्तर में किसानों की हुंकार! कर्जमाफी से फसल मुआवजे तक, कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसान।‼️*

*➡️ जगदलपुर में कर्जमाफी, फसल मुआवजे और मकान व पशुधन क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। विराम अब देखना होगा, किसानों की मांगों पर शासन-प्रशासन क्या कदम उठाता है!...*
*स्वागत जिंदगी से ब्यूरो चीफ हेमू साय के साथ संवाददाता कमल साय की रिपोर्ट।*
    user_Shyam ji gupta
    Shyam ji gupta
    Media Consultant उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • *लेखपाल से कानूनगो बने अधिकारी का कार्यालय वायरल, पुरानी तहसील में AC और तख्त का वीडियो आया सामने* उन्नाव सदर तहसील से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुरानी तहसील स्थित में सरकारी नियमों के विपरीत सुविधाओं का आरोप लग रहा है। कमरे में विंडो AC लगा हुआ है, स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना वैध विद्युत कनेक्शन के लगाया गया है। . कार्यालय के अंदर तख्त/चारपाई पर गद्दा और चादर बिछी हुई है, जो सरकारी कार्यालय में आराम के उपयोग का संकेत दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सदर तहसील के कई लेखपाल अपना कार्यालय नई तहसील छोड़कर पुरानी तहसील में चला रहे हैं। इससे किसानों और फरियादियों को भटकना पड़ता है। आरोप है कि लेखपाल से प्रमोट होकर कानूनगो बने अधिकारी का रुतबा उप जिलाधिकारी कार्यालय से भी ज्यादा दिख रहा है। जिम्मेदार अधिकारी कृपया ध्यान दे।
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    *लेखपाल से कानूनगो बने अधिकारी का कार्यालय वायरल, पुरानी तहसील में AC और तख्त का वीडियो आया सामने*
उन्नाव सदर तहसील से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुरानी तहसील स्थित में सरकारी नियमों के विपरीत सुविधाओं का आरोप लग रहा है।
कमरे में विंडो AC लगा हुआ है, स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना वैध विद्युत कनेक्शन के लगाया गया है।
. कार्यालय के अंदर तख्त/चारपाई पर गद्दा और चादर बिछी हुई है, जो सरकारी कार्यालय में आराम के उपयोग का संकेत दे रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार सदर तहसील के कई लेखपाल अपना कार्यालय नई तहसील छोड़कर पुरानी तहसील में चला रहे हैं। इससे किसानों और फरियादियों को भटकना पड़ता है। आरोप है कि लेखपाल से प्रमोट होकर कानूनगो बने अधिकारी का रुतबा उप जिलाधिकारी कार्यालय से भी ज्यादा दिख रहा है।
जिम्मेदार अधिकारी कृपया ध्यान दे।
    user_Thakur Amit Partap Singh
    Thakur Amit Partap Singh
    Local News Reporter Unnao, Uttar Pradesh•
    13 hrs ago
  • Post by Ramakant
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    Post by Ramakant
    user_Ramakant
    Ramakant
    Farmer उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दिल्ली पुलिस पर महिला प्रदर्शनकारी से बर्बरता का आरोप, मानवाधिकार आयोगों की चुप्पी पर सवाल। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिल्ली पुलिस के पुरुष सिपाहियों द्वारा एक महिला प्रदर्शनकारी को जबरन पकड़कर घसीटने और बर्बरता करने का दावा किया गया है। यह घटना 10 अक्टूबर की बताई जा रही है। आरोप है कि पुलिस ने संविधान की कसम खाने के बावजूद नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया और महिला के साथ शारीरिक बर्बरता की, जो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के खिलाफ है। सवाल उठ रहा है कि जब देश और दुनिया में मानवाधिकारों की बात होती है, तो राष्ट्रीय महिला आयोग और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस मामले में चुप क्यों हैं? क्या उनकी कोई मजबूरी है? घटना की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। #DelhiPoliceBrutality #WomenSafetyIndia #HumanRightsViolation #JusticeForWomen #NationalCommissionForWomen सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिल्ली पुलिस के पुरुष सिपाहियों द्वारा एक महिला प्रदर्शनकारी को जबरन पकड़कर घसीटने और बर्बरता करने का दावा किया गया है। यह घटना 10 अक्टूबर की बताई जा रही है। आरोप है कि पुलिस ने संविधान की कसम खाने के बावजूद नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया और महिला के साथ शारीरिक बर्बरता की, जो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के खिलाफ है। सवाल उठ रहा है कि जब देश और दुनिया में मानवाधिकारों की बात होती है, तो राष्ट्रीय महिला आयोग और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस मामले में चुप क्यों हैं? क्या उनकी कोई मजबूरी है? घटना की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। #DelhiPoliceBrutality #WomenSafetyIndia #HumanRightsViolation #JusticeForWomen #NationalCommissionForWomen
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    दिल्ली पुलिस पर महिला प्रदर्शनकारी से बर्बरता का आरोप, मानवाधिकार आयोगों की चुप्पी पर सवाल।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिल्ली पुलिस के पुरुष सिपाहियों द्वारा एक महिला प्रदर्शनकारी को जबरन पकड़कर घसीटने और बर्बरता करने का दावा किया गया है। यह घटना 10 अक्टूबर की बताई जा रही है। आरोप है कि पुलिस ने संविधान की कसम खाने के बावजूद नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया और महिला के साथ शारीरिक बर्बरता की, जो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के खिलाफ है। सवाल उठ रहा है कि जब देश और दुनिया में मानवाधिकारों की बात होती है, तो राष्ट्रीय महिला आयोग और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस मामले में चुप क्यों हैं? क्या उनकी कोई मजबूरी है? घटना की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
#DelhiPoliceBrutality #WomenSafetyIndia #HumanRightsViolation #JusticeForWomen #NationalCommissionForWomen
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिल्ली पुलिस के पुरुष सिपाहियों द्वारा एक महिला प्रदर्शनकारी को जबरन पकड़कर घसीटने और बर्बरता करने का दावा किया गया है। यह घटना 10 अक्टूबर की बताई जा रही है। आरोप है कि पुलिस ने संविधान की कसम खाने के बावजूद नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया और महिला के साथ शारीरिक बर्बरता की, जो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के खिलाफ है। सवाल उठ रहा है कि जब देश और दुनिया में मानवाधिकारों की बात होती है, तो राष्ट्रीय महिला आयोग और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस मामले में चुप क्यों हैं? क्या उनकी कोई मजबूरी है? घटना की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
#DelhiPoliceBrutality #WomenSafetyIndia #HumanRightsViolation #JusticeForWomen #NationalCommissionForWomen
    user_Rohit Bhai Hindustani
    Rohit Bhai Hindustani
    Court reporter उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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