*गुमला-रांची मार्ग पर DTO का चला चाबुक: नागफेनी में सघन जांच, ₹1.82 लाख का जुर्माना, 'फटफटिया' साइलेंसर और ओवरलोडिंग पर बड़ी कार्रवाई* गुमला (16 फरवरी, 2026): गुमला जिले में सड़क सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब आर-पार के मूड में कार्रवाई शुरू कर दी है। *उपायुक्त श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर आज सोमवार को जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल ने गुमला-रांची मुख्य मार्ग पर नागफेनी के समीप एक व्यापक वाहन जाँच अभियान चलाया।* इस सघन अभियान में कुल *₹1,82,000 (एक लाख बयासी* *हजार रुपये)* का भारी-भरकम जुर्माना वसूला गया, जिसने नियम तोड़ने वाले चालकों में हड़कंप मचा दिया। *'फटफटिया' बाइकर्स पर गिरी गाज: साइलेंसर निकलवाकर वसूला जुर्माना* आज की जाँच का सबसे प्रमुख आकर्षण उन मनचले बाइक चालकों पर कार्रवाई रही, जिन्होंने अपनी *मोटरसाइकिलों के साइलेंसर को मॉडिफाई करवा रखा था।* *कानफोड़ू आवाज पर रोक: ऐसी बाइक्स जो 'फट-फट' की तेज आवाज या कानफोड़ू ध्वनि प्रदूषण (Blast sound) कर रही थीं, उन्हें तुरंत रोका गया।* *ऑन-स्पॉट एक्शन: DTO ने न केवल इन बाइकों पर जुर्माना लगाया, बल्कि मौके पर ही मैकेनिक को बुलाकर या खुद टीम की मदद से उन मॉडिफाइड साइलेंसरों को गाड़ी से निकलवा दिया।* *अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कंपनी फिटेड साइलेंसर के साथ छेड़छाड़ कर ध्वनि प्रदूषण फैलाना और दहशत का माहौल बनाना अब गुमला की सड़कों पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।* *ओवरलोडिंग पर कड़ा प्रहार* जांच अभियान के दायरे में बड़ी *गाड़ियां और मालवाहक वाहन भी रहे।* *क्षमता से अधिक माल लोड* *(Overloading) करके चलने वाले हाईवा और ट्रकों पर भारी जुर्माना लगाया गया।* *DTO ने चालकों को सख्त चेतावनी दी कि ओवरलोडिंग से न केवल सड़कें टूटती हैं, बल्कि यह बड़ी दुर्घटनाओं का मुख्य कारण भी है।* *हेलमेट और दस्तावेजों की अनिवार्यता* *अभियान के दौरान दोपहिया वाहनों की भी बारीकी से जाँच की गई। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई* करते हुए डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा, "जिले में हर दिन सड़क हादसों में होने वाली मौतों का मुख्य कारण सुरक्षा मानकों, विशेषकर हेलमेट का उपयोग न करना है। लोग अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं, इसलिए सख्ती जरूरी है।" *इसके अलावा, वाहनों के दस्तावेजों (लाइसेंस, परमिट, बीमा, फिटनेस) की भी जाँच की गई। नंबर प्लेट छुपाकर चलने वाले और एक्स्ट्रा LED लाइट लगाने वाले वाहन भी रडार पर रहे।* *आज की जाँच में बिना हेलमेट के दोपहिया चालकों और बिना सीट बेल्ट (Seat Belt) के चार पहिया वाहन चालकों पर समान रूप से सख्ती बरती गई।* *DTO का संदेश: "दुर्घटना और बाद की परेशानी, दोनों से बचें"* *जिला परिवहन पदाधिकारी ने जाँच के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया:* "जाँच अभियान का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं है। हेलमेट और सीट बेल्ट आपको दुर्घटना में जान जाने से बचाते हैं, जबकि आपके पास मौजूद पर्याप्त दस्तावेज (बीमा, परमिट आदि) दुर्घटना के बाद होने वाली कानूनी और आर्थिक परेशानियों से आपके परिवार को बचाते हैं।"
*गुमला-रांची मार्ग पर DTO का चला चाबुक: नागफेनी में सघन जांच, ₹1.82 लाख का जुर्माना, 'फटफटिया' साइलेंसर और ओवरलोडिंग पर बड़ी कार्रवाई* गुमला (16 फरवरी, 2026): गुमला जिले में सड़क सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब आर-पार के मूड में कार्रवाई शुरू कर दी है। *उपायुक्त श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर आज सोमवार को जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल ने गुमला-रांची मुख्य मार्ग पर नागफेनी के समीप एक व्यापक वाहन जाँच अभियान चलाया।* इस सघन अभियान में कुल *₹1,82,000 (एक लाख बयासी* *हजार रुपये)* का भारी-भरकम जुर्माना वसूला गया, जिसने नियम तोड़ने वाले चालकों में हड़कंप मचा दिया। *'फटफटिया' बाइकर्स पर गिरी गाज: साइलेंसर निकलवाकर वसूला जुर्माना* आज की जाँच का सबसे प्रमुख आकर्षण उन मनचले बाइक चालकों पर कार्रवाई रही, जिन्होंने अपनी *मोटरसाइकिलों के साइलेंसर को मॉडिफाई करवा रखा था।* *कानफोड़ू आवाज पर रोक: ऐसी बाइक्स जो 'फट-फट' की तेज आवाज या कानफोड़ू ध्वनि प्रदूषण (Blast sound) कर रही थीं, उन्हें तुरंत रोका गया।* *ऑन-स्पॉट एक्शन: DTO ने न केवल इन बाइकों पर जुर्माना लगाया, बल्कि मौके पर ही मैकेनिक को बुलाकर या खुद टीम की मदद से उन मॉडिफाइड साइलेंसरों को गाड़ी से निकलवा दिया।* *अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कंपनी फिटेड साइलेंसर के साथ छेड़छाड़ कर ध्वनि प्रदूषण फैलाना और दहशत का माहौल बनाना अब गुमला की सड़कों पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।* *ओवरलोडिंग पर कड़ा प्रहार* जांच अभियान के दायरे में बड़ी *गाड़ियां और मालवाहक वाहन भी रहे।* *क्षमता से अधिक माल लोड* *(Overloading) करके चलने वाले हाईवा और ट्रकों पर भारी जुर्माना लगाया गया।* *DTO ने चालकों को सख्त चेतावनी दी कि ओवरलोडिंग से न केवल सड़कें टूटती हैं, बल्कि यह बड़ी दुर्घटनाओं का मुख्य कारण भी है।* *हेलमेट और दस्तावेजों की अनिवार्यता* *अभियान के दौरान दोपहिया वाहनों की भी बारीकी से जाँच की गई। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई* करते हुए डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा, "जिले में हर दिन सड़क हादसों में होने वाली मौतों का मुख्य कारण सुरक्षा मानकों, विशेषकर हेलमेट का उपयोग न करना है। लोग अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं, इसलिए सख्ती जरूरी है।" *इसके अलावा, वाहनों के दस्तावेजों (लाइसेंस, परमिट, बीमा, फिटनेस) की भी जाँच की गई। नंबर प्लेट छुपाकर चलने वाले और एक्स्ट्रा LED लाइट लगाने वाले वाहन भी रडार पर रहे।* *आज की जाँच में बिना हेलमेट के दोपहिया चालकों और बिना सीट बेल्ट (Seat Belt) के चार पहिया वाहन चालकों पर समान रूप से सख्ती बरती गई।* *DTO का संदेश: "दुर्घटना और बाद की परेशानी, दोनों से बचें"* *जिला परिवहन पदाधिकारी ने जाँच के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया:* "जाँच अभियान का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं है। हेलमेट और सीट बेल्ट आपको दुर्घटना में जान जाने से बचाते हैं, जबकि आपके पास मौजूद पर्याप्त दस्तावेज (बीमा, परमिट आदि) दुर्घटना के बाद होने वाली कानूनी और आर्थिक परेशानियों से आपके परिवार को बचाते हैं।"
- आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में 25% आरक्षित सीटों पर नामांकन हेतु अपील गुमला: निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के अंतर्गत जिले के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें पड़ोस के अभिवंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस प्रावधान के तहत शैक्षणिक सत्र हेतु निम्नलिखित विद्यालयों में नामांकन लिया जाना है: * सरस्वती विद्या मंदिर, गुमला * सरस्वती शिशु मंदिर, गुमल * सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, भरनो * डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, गुमला * संत मेरी स्कूल, कुदा, कामडारा * चंचल सिग्नेस स्कूल, अरमई * सरस्वती शिशु मंदिर, भलमंदा * सोलिटियर एजुकेशनल अकादमी, मकरा * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, टोंगों, चैनपुर * मॉट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया, * किशोर मोहन लाल साहू, सरस्वती शिशु मंदिर, कयम्बा, पालकोट * रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्यालय, कुदरा, सिसई * कार्तिक उरांव आदिवासी बाल विद्यालय, निजमा बधराईटोली * संत अन्ना मध्य विद्यालय, दाउदनगर पुग्गु * नोट्रेडेम स्कूल, गुमला * जटया मध्य विद्यालय, बुरहू * संत जेवियर्स स्कूल, गुमला * विकास चिल्ड्रेन एकेडमी, विशुनपुर अधिनियम के प्रावधान के अनुसार ‘पड़ोस’ से आशय विद्यालय से 01 किलोमीटर की परिधि के अंतर्गत निवास करने वाले बच्चों से है। यदि 01 किलोमीटर की परिधि में पर्याप्त संख्या में बच्चे उपलब्ध नहीं होते हैं, तो विद्यालय की विस्तारित सीमा 06 किलोमीटर की परिधि तक निवास करने वाले बच्चों का नामांकन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक, गुमला ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएँ तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर आवेदन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आरटीई अधिनियम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का यह एक सशक्त माध्यम है। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे संबंधित विद्यालय अथवा प्रखंड शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें एवं अपने बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें।1
- Post by आदिवासी जोहार1
- सेन्हा में मां दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा समारोह..🚩🙏🏻 #durga #durgapuja #election #ranchi #shortvideo1
- Post by Niraj kumar Sahu3
- आकांक्षी प्रखंड डुमरी के औरापाट गांव में मशरूम आजीविका परियोजना के तहत उत्पादन शुरू हो गया है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह परिवारों को दिए गए प्रशिक्षण और किट का अब सकारात्मक परिणाम दिखने लगा है। कई इकाइयों में ऑयस्टर मशरूम तैयार होने लगे हैं, जिससे ग्रामीणों में उत्साह है। प्रथम चरण में गांव के पैंतालीस परिवारों को मशरूम किट प्रदान कर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया था। कम लागत और सीमित स्थान में खेती कर बेहतर आय अर्जित करने की जानकारी दी गई थी। अब उत्पादन शुरू होने से परिवारों को आय का नया स्रोत मिलने लगा है। जानकारी देते हुए शाम पांच बजे बताया गया कि योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से डुमरी प्रखंड के कुल पांच सौ पीवीटीजी एवं जनजातीय परिवारों को जोड़ा जाएगा। लाभुकों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि उत्पादन की गुणवत्ता बनी रहे। साथ ही तैयार मशरूम का बाय-बैक भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें उचित मूल्य मिल सकेगा। आने वाले समय में मशरूम प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन की दिशा में भी पहल की जाएगी, जिससे ग्रामीणों की आय में और वृद्धि होने की उम्मीद है।4
- गुमला: आगामी 2 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली कक्षा 8वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर गुमला जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के नेतृत्व में जिले में विद्यार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए अभिनव पहल की गई है।जिला स्तर से प्रतिदिन शिक्षकों की कोर टीम द्वारा महत्वपूर्ण एवं संभावित प्रश्न तैयार कराते हुए प्रखंड एवं संकुल के माध्यम से सभी विद्यालयों को भेजे जा रहे हैं। विद्यालयों में इन प्रश्नों का डमी OMR शीट पर भी अभ्यास कराया जा रहा है, जिससे बच्चों को वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव मिल रहा है तथा उन्हें OMR शीट में उत्तर देने की सावधानियों से भी परिचित कराया जा रहा है । प्रतिदिन लघु टेस्ट लेकर तत्काल मूल्यांकन किए जाने से बच्चों की त्रुटियों का तुरंत आकलन हो पा रहा है। इससे समय रहते सुधार संभव हो रहा है और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस हेतु उनकी पहचान कर विशेष अतिरिक्त कक्षाएं संचालित किए जा रहे हैं। जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने बताया कि सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण हेतु जिला स्तर से इसकी सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। शिक्षकों की एक कोर टीम प्रतिदिन मेहनत कर विषयवार महत्वपूर्ण प्रश्न तैयार कर रही है, जिसे सभी प्रखंडों के माध्यम से विद्यालयों तक पहुंचाया जा रहा है। सभी प्रखंडों के BPO, BRP एवं CRP सक्रिय रूप से मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा विद्यालयों के प्रधानाध्यापक नियमित रूप से अभ्यास सुनिश्चित करा रहे हैं।कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने बताया कि यह नवाचार उनकी परीक्षा तैयारी में काफी सहायक साबित हो रहा है तथा नियमित अभ्यास से उन्हें प्रश्नों के पैटर्न को समझने और OMR भरने में आत्मविश्वास मिल रहा है।4
- गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार गुमला जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लगातार माइकिंग कर आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पटेल चौक, थाना चौक, उर्मी चौक, समाहरणालय चौक एवं टावर चौक सहित अन्य व्यस्त स्थानों पर माइक लगवाकर सड़क सुरक्षा संबंधी संदेशों का प्रसारण किया जा रहा है। वहां से गुजरने वाले राहगीरों, वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को सीट बेल्ट लगाने, दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए केवल विधिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उक्त अभियान जिला परिवहन विभाग की सड़क सुरक्षा टीम द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जैयवासवल के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। टीम द्वारा नियमित रूप से विभिन्न स्थलों पर निरीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले के सभी नागरिकों से आग्रह है कि सड़क पर सावधानी बरतें, यातायात नियमों का पालन करें तथा “सुरक्षित सड़क – सुरक्षित जीवन” के संकल्प को साकार करने में अपना सहयोग प्रदान करें।4
- सड़क सुरक्षा को लेकर गुमला जिला प्रशासन का विशेष जागरूकता अभियान जारी गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार गुमला जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लगातार माइकिंग कर आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पटेल चौक, थाना चौक, उर्मी चौक, समाहरणालय चौक एवं टावर चौक सहित अन्य व्यस्त स्थानों पर माइक लगवाकर सड़क सुरक्षा संबंधी संदेशों का प्रसारण किया जा रहा है। वहां से गुजरने वाले राहगीरों, वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को सीट बेल्ट लगाने, दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए केवल विधिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उक्त अभियान जिला परिवहन विभाग की सड़क सुरक्षा टीम द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जैयवासवल के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। टीम द्वारा नियमित रूप से विभिन्न स्थलों पर निरीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले के सभी नागरिकों से आग्रह है कि सड़क पर सावधानी बरतें, यातायात नियमों का पालन करें तथा “सुरक्षित सड़क – सुरक्षित जीवन” के संकल्प को साकार करने में अपना सहयोग प्रदान करें।3